नवीन समाचार, हरिद्वार, 12 अप्रैल 2026 (Haridwar-21 Devotees Stranded-Island)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार (Haridwar) जनपद अंतर्गत सप्तऋषि (Saptarishi) क्षेत्र में रविवार (Sunday) को गंगा (Ganga) नदी का जलस्तर (Water Level) अचानक बढ़ने से एक भीषण दुर्घटना (Accident) होते-होते टल गयी। नदी के मध्य बने टापू (Island) पर स्नान कर रहे 21 श्रद्धालुओं की जीवन रक्षा के लिए प्रशासन (Administration) और पुलिस (Police) ने एक वृहद संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान (Joint Search and Rescue Operation) चलाया। राहत की बात यह रही कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के उपरांत भी सभी 21 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित कबीर कुटीर (Kabir Kutir) घाट पर रविवार प्रातः लगभग 10:40 बजे यह संकट की स्थिति उत्पन्न हुई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (District Disaster Management Officer) मीरा रावत (Meera Rawat) ने बताया कि नियंत्रण कक्ष (Control Room) को सूचना प्राप्त हुई थी कि गंगा की मुख्य धारा के बीच बने टापू पर कई लोग फंस गये हैं। सूचना मिलते ही जल पुलिस (Water Police), पीएसी (PAC), फ्लड कंपनी (Flood Company) और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) की टीमों को तत्काल सक्रिय कर घटना स्थल पर भेजा गया।
टापू पर फंसे यात्रियों की अटकी सांसें और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सप्तऋषि के चौकी प्रभारी (Chowki Incharge) अपनी टीम, चेतक (Chetak) कर्मियों और जल पुलिस के साथ नौका (Boat) एवं आवश्यक आपदा राहत उपकरणों के साथ त्वरित गति से मौके पर पहुँचे। बताया जा रहा है कि ऊपरी क्षेत्रों से जल छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी का बहाव अत्यंत तीव्र हो गया। टापू पर स्नान कर रहे श्रद्धालु स्वयं को चारों ओर से जल से घिरा पाकर स्तब्ध रह गये और उनका सुरक्षित किनारे तक पहुँचना असंभव हो गया।
दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के श्रद्धालु हुए सुरक्षित
इस साहसिक खोज एवं बचाव अभियान के अंतर्गत 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बालकों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया। ये सभी श्रद्धालु दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana) और राजस्थान (Rajasthan) के निवासी हैं, जो अवकाश के अवसर पर हरिद्वार भ्रमण हेतु आये थे। सुरक्षित बचाये गये यात्रियों ने प्रशासन की कार्यकुशलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। पुलिस की तत्परता और बिना समय गंवाए आरम्भ किये गये रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) ने 21 परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा परामर्श और भविष्य की चुनौतियां
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police) एवं नगर पुलिस अधीक्षक (SP City) अभय सिंह (Abhay Singh) ने इस घटना के पश्चात सार्वजनिक अपील (Public Appeal) जारी की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और जल के वेग का विशेष ध्यान रखें। नदी के बीच बने अस्थाई टापुओं या गहरे स्थानों पर जाने का दुस्साहस जानलेवा सिद्ध हो सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनिश्चित मौसम और जलविद्युत परियोजनाओं से जल छोड़े जाने के कारण नदी की स्थिति क्षण भर में परिवर्तित हो सकती है।
पर्यटन प्रबंधन और सुरक्षा नीति पर बल
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन अब घाटों पर निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ करने की योजना (Plan) बना रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश रोकने और चेतावनी पट्टिकाओं (Warning Boards) के प्रभावी उपयोग पर बल दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से केवल सुरक्षित और चिह्नित घाटों पर ही स्नान करने की अपेक्षा की है ताकि धार्मिक यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाया जा सके।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
