नवीन समाचार, नैनीताल, 7 नवंबर 2026 (Dr Narayan Singh Jantwal Passed Away)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) के पूर्व विधायक और उत्तराखंड क्रांति दल (Uttarakhand Kranti Dal-UKD) के वरिष्ठ नेता डॉ. नारायण सिंह जंतवाल (Dr. Narayan Singh Jantwal) का 66 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे डॉ. जंतवाल नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली (Delhi) गए थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। दिल्ली में उपचार के दौरान शनिवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन से नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं (Kumaon) और उत्तराखंड के राज्य आंदोलनकारियों, राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों में शोक छा गया है। वह अपने पीछे पत्नी सावित्री जंतवाल (Savitri Jantwal), कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University) के इतिहास विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर, और दो बेटियां छोड़ गए हैं।
राज्य आंदोलन से विधानसभा तक रहा संघर्षपूर्ण सफर
डॉ. नारायण सिंह जंतवाल (Dr. Narayan Singh Jantwal) उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के सक्रिय नेतृत्वकर्ताओं में शामिल रहे। उत्तराखंड क्रांति दल (Uttarakhand Kranti Dal) के संस्थापक सदस्यों में शामिल जंतवाल ने अलग राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल विधानसभा क्षेत्र (Nainital Assembly Constituency) से जीत दर्ज की और विधायक बने। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वह कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University) के डीएसबी परिसर (DSB Campus) में छात्रसंघ के उपसचिव, सचिव और अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने छात्र महासंघ के अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला। उत्तराखंड क्रांति दल में उन्होंने केंद्रीय अध्यक्ष और बाद में संरक्षक के रूप में संगठन का नेतृत्व किया।
विधायक रहते हुए उन्होंने नैनीताल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, सिंचाई तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। राजनीति के साथ उनका विधिक क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा। उन्होंने एमए (MA), एलएलबी (LLB) और पीएचडी (PhD) की शिक्षा प्राप्त की थी तथा अधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया।
जल-जंगल-जमीन और पहाड़ के अधिकारों के लिए रहे मुखर
डॉ. जंतवाल ने ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ आंदोलन (No Drugs, Give Employment Movement), वनाधिकार आंदोलन (Forest Rights Movement) सहित उत्तराखंड के अनेक जन आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की। जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पहाड़ के विकास को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहे।
स्थायी राजधानी गैरसैंण (Gairsain), मूल निवास (Domicile), भू-कानून (Land Law), पलायन (Migration) और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे उनके राजनीतिक संघर्ष के प्रमुख विषय रहे। उनका प्रयास रहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ यहां के लोगों को मिले और पहाड़ के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
हाल ही में उत्तराखंड क्रांति दल (Uttarakhand Kranti Dal) की ओर से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने सहित विभिन्न क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर निकाली गई यात्रा में भी वह शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण (Gairsain), चौखुटिया (Chaukhutia) और द्वाराहाट (Dwarahat) सहित विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पार्टी के मुद्दों को उठाया।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने जताया शोक
डॉ. जंतवाल के निधन पर पूर्व सांसद महेंद्र पाल (Mahendra Pal), पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी (Mukesh Joshi), दर्जा मंत्री शांति मेहरा (Shanti Mehra), नैनीताल विधायक सरिता आर्य (Sarita Arya) और पूर्व विधायक संजीव आर्य (Sanjeev Arya) सहित अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक व्यक्तित्वों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने उनके निधन को उत्तराखंड और राज्य के जन आंदोलनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (Kumaun University Teachers Association-KUTA) ने भी डॉ. जंतवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन की ओर से डॉ. ललित तिवारी (Dr. Lalit Tiwari), डॉ. नीलू (Dr. Neelu), डॉ. दीपक (Dr. Deepak), डॉ. युगल (Dr. Yugal), डॉ. संतोष (Dr. Santosh), डॉ. कुबेर गिनती (Dr. Kuber Ginti), डॉ. अनिल बिष्ट (Dr. Anil Bisht), डॉ. दीपिका गोस्वामी (Dr. Deepika Goswami) और डॉ. अशोक कुमार (Dr. Ashok Kumar) ने दुख व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के प्रकोष्ठ (Alumni Cell) की ओर से डॉ. बीएस कालाकोटी (Dr. B S Kalakoti), डॉ. एसएस सामंत (Dr. S S Samant), डॉ. जीसी जोशी (Dr. G C Joshi), ज्योति कांडपाल (Jyoti Kandpal), डॉ. मीना पांडे (Dr. Meena Pandey) और डॉ. भुवन आर्य (Dr. Bhuvan Arya) ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
नगर कांग्रेस (Nagar Congress) परिवार ने भी डॉ. जंतवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली (Delhi) से नैनीताल (Nainital) लाया जा रहा है।
डॉ. जंतवाल के निधन से उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में एक ऐसी आवाज का अवसान हुआ है, जिसने राज्य निर्माण के बाद भी पहाड़ की अस्मिता, प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय अधिकार और रोजगार जैसे बुनियादी सवालों को लगातार राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बनाए रखा।
पूर्व सभासद निर्मला चंद्रा के पति राजेश चंद्रा का निधन
नैनीताल (Nainital) की पूर्व सभासद निर्मला चंद्रा (Nirmala Chandra) के पति राजेश चंद्रा (Rajesh Chandra) का शुक्रवार को निधन हो गया। वह नगर के अम्तुल्स पब्लिक स्कूल (Amutul’s Public School) में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनके हृदय की शल्य चिकित्सा भी हुई थी। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया।
राजेश चंद्रा अपने पीछे पत्नी निर्मला चंद्रा और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिजनों, परिचितों और विद्यालय से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त है।
दो दिन पूर्व राज्य आंदोलनकारी लक्ष्मी नारायण लोहनी का भी हुआ था आकस्मिक निधन
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व राज्य आंदोलनकारी एवं नगर के नयना देवी मंदिर में पूजा के कार्य करने वाले लक्ष्मी नारायण लोहनी का भी आकस्मिक निधन हो गया था। इस पर इस दीपावली पर नगर में लगातार ऐसी दुःखद घटनाओं से शोक का माहौल है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Dr Narayan Singh Jantwal Passed Away, Narayan Singh Jantwal Death, Former Nainital MLA, Uttarakhand Kranti Dal Leader, Uttarakhand Statehood Movement, Nainital Political News, Jal Jangal Zameen Movement, Nasha Nahi Rojgar Do Movement, Forest Rights Movement Uttarakhand, Gairsain Permanent Capital, Uttarakhand Regional Politics, Kumaun University KUTA, Savitri Jantwal, Nainital Former MLA Death, Uttarakhand State Movement Leader, Nainital Latest News, #NarayanSinghJantwal, #Nainital, #Uttarakhand, #UttarakhandKrantiDal, #KumaunUniversity, #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
