संविधान की पांचवी अनुसूचि में शामिल होने और राज्यवासियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से बदल सकती है उत्तराखंड की तस्वीर…
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2025 (Uttarakhand needs Fifth Schedule and ST Status)। राज्य की सांस्कृतिक पहचान बनाये रखते हुए समग्र विकास के लिये उत्तराखंड को संविधान की पांचवी अनुसूचि में शामिल करने और इसके लिये राज्य के मूल निवासी कुमाउनी व गढ़वाली लोगों को अनुसचित जाति का दर्जा दिये जाने की आवश्यकता है। यह … Read more