डबल धमाल : उत्तराखंड के अनुज व आर्यन की कप्तानी में खेलेंगे सचिन के बेटे अर्जुन

Anuj Rawat
अनुज रावत

-देश की अंडर-19 क्रिकेट टीम की कमान नैनीताल के अनुज व आर्यन को 

उत्तराखंड के लिए बृहस्पतिवार 7 जून को चयनकर्ताओं-आशीष कपूर, ज्ञानेंद्र पांडे और राकेश पारिख द्वारा चयनित अंडर-19 क्रिकेट टीम के चयन से दोहरी खुशखबरी मिली है। केवल एक नहीं उत्तराखंड के दो और संयोग से दोनों विकेटकीपर बल्लेबाज खिलाड़ियों को अंडर-19 के दो अलग-अलग फॉर्मेट में कप्तान के रूप में टीम की कमान देकर भरोसा जताया गया है। उल्लेखनीय है कि (भले ही खुद को न मानें पर) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के निवासी विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी भी क्रिकेट के सभी प्रारूपों में, जबकि पिथौरागढ़ जिले के निवासी उन्मुक्त चंद अंडर-19 विश्व कप में देश की टीम का नेतृत्व कर चुके हैं।

Aryan juyal
आर्यन जुयाल

चार दिवसीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की कप्तानी नैनीताल-उत्तराखंड के रामनगर निवासी अनुज रावत को, जबकि वन-डे टीम की कप्तानी भी नैनीताल जिले के ही हल्द्वानी निवासी आर्यन जुयाल को सौंपी गईं हैं।खास बात यह है क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के पुत्र अर्जुन तेंदुलकर भी इन्हीं उत्तराखंडी क्रिकेटरों के नेतृत्व में अंडर-19 टीम के जरिये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में पदार्पण करेंगे।

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177 साल के नैनीताल में कुमाउनी रेस्टोरेंट की कमी हुई पूरी

-पूरी तरह कुमाउनी थीम पर स्थापित किया गया है 1938 में स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट

-अब यहां लीजिये कुमाउनी थाली के साथ ही पहाड़ी शिकार सहित अनेक पहाड़ी जड़ी-बूटी युक्त व्यंजनों का भी स्वाद

नवीन जोशी, नैनीताल। 1841 में अपनी बसासत से ही अंग्रेजी रंग में रंगी ‘छोटी बिलायत’ भी कहलाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल में अंग्रेजी व्यंजनों के साथ ही चायनीज, तिब्बती, स्पेनिश, इलैलियन सहित अनेक विदेशी व्यंजनों के रेस्टारेंट मौजूद हैं और कई रेस्टारेंट दक्षिण भारतीय, बंगाली तथा गुजराती थालियां भी परोसते हैं, किंतु यदि सैलानी कुमाऊं मंडल के इस मुख्यालय में कुमाउनी व्यंजन खाना चाहें तो उन्हें कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड के पर्यटक आवास गृह में रहना व वहां के रेस्टारेंट में खाना होता है, अथवा टी-स्टॉल तरह के छोटे रेस्टोरेंटों में आलू के गुटके, छोले व रायते जैसे कुछ कुमाउनी व्यंजनों से ही गुजारा करना पड़ता है। लेकिन अब सही मायनों में 177 साल की सरोवरनगरी को एक पूरी तरह कुमाउनी रंग में रंगा व कुमाउनी लजीज व्यंजन परोसने वाला रेस्टोरेंट मिल गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन से जुड़े नगर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता व व्यवसायी रुचिर साह ने 1938 में अपने दादा द्वारा स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट को कुमाउनी रंग में रंग डाला है। 

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हाईकोर्ट ने सही ठहराया एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का फैसला, पर प्रकाशकों को भी दी यह राहत 

नैनीताल,13 अप्रैल 2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर चले आ रहे विवाद में राज्य सरकार को फिलहाल बड़ी राहत दे दी है। न्यायालय ने सरकार के आईसीएसई से संबद्ध विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के आदेश को सही माना है। इसके इतर न्यायालय ने इस मामले से जुड़े 15 फरवरी, 6 मार्च व 9 मार्च को जारी शासनादेशों पर रोक लगा कर पुस्तक प्रकाशकों को भी कुछ राहत दे दी है। जबकि निजी स्कूल संचालक एवं प्रकाशकों को अपनी पुस्तक लागू करने के लिए पुस्तकों की सूची, कीमत राज्य सरकार एवं एनसीईआरटी को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की सुनवाई की अगली तिथि तीन मई तय कर दी है।

शुक्रवार को संयुक्त विद्यालय प्रबंधन समिति यूएस नगर, निशा एजुकेशन, नॉलेज र्वल्ड/प्रिसीपल प्रोगेसिव स्कूल एसोसिएशन, ऊधमसिंह नगर एसोसिएशन आफ इंडिपेंडेंट स्कूल, जंसवत एजुकेशन ट्रस्ट, प्रा. स्कूल एसोसिएशन एवं चिल्ड्रन एसोसिएशन समेत सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने सरकार को फिलहाल राहत दे दी है। न्यायालय ने अंतिरम आदेश जारी कर सरकार के फैसले के कुछ बिंदुओं पर मुहर लगा दी है। न्यायालय ने साफ कर दिया है कि यदि कोई प्रकाशक या निजी स्कूल अपनी पुस्तकों को लागू करना चाहता है तो इनको सूची, कीमत की जानकारी राज्य सरकार एवं एनसीईआरटी को देगा। 

पब्लिक स्कूलों की एनसीईआरटी की किताबों के खिलाफ याचिका निस्तारित, हड़ताल भी वापस

नैनीताल (4 अप्रैल 2018) उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन की एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता के खिलाफ दायर याचिका को पब्लिक स्कूलों द्वारा प्रस्तावित 7 दिवसीय हड़ताल वापस लेने के शपथ पत्र देने के बाद निस्तारित कर दिया है।

इस प्रकार हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन की एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता के खिलाफ मामला समाप्त हो गया है।

अलबत्ता राज्य में एनसीईआरटी की किताबों के लागू रहने के बारे में एक अन्य मामला अब भी उच्च न्यायालय में लंबित है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होनी है।

पूर्व समाचार : उच्च न्यायालय ने स्कूल एसोसिएशन से पूछा किसने दिया शिक्षा के मूल अधिकार को बाधित करने का अधिकार

नैनीताल (31 मार्च 2018) उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन द्वारा एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता को लेकर की जा रही 7 दिवसीय हड़ताल के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले में स्कूल एशोसिएशन को दस्ती समन जारी कर पूछा है कि उन्हें शिक्षा के मूल अधिकार को बाधित करने का अधिकार किसने दिया है। साथ ही सरकार से भी 4 अप्रैल तक जवाब मांगते हुए इसी दिन सुनवाई की अगली तिथि घोषित कर दी है।
मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी नवीन कपिल व दिनेश चंदोला ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सरकार के सरकारी व अर्ध सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य रूप से लागू करना का आदेश शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने का एक सराहनीय कदम है। परंतु पब्लिक स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं के द्वारा अपने लाभ को लेकर इस आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। याचिका में पब्लिक स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ एस्मा लगाने की मांग भी की गयी है।

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अब शमी पर उत्तराखंड में आई नयी आफत

ट्रक से टकराई मोहम्मद शमी की कार, सिर में लगी चोट देहरादून, 25 मार्च 2018। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए बीते कुछ दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। शमी की पत्नी ने उन पर व्याभिचार से लेकर मैच फिक्सिंग तक के आरोप लगाए थे। इधर, रविवार को उत्तराखंड में हुई … Read more

बिना सूचना राजभवन रोड पर दोपहिया वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू कर माल रोड पर स्वयं दबाव बढ़वा रही नैनीताल पुलिस, नाराजगी…

नैनीताल, 27 अगस्त 2018। नैनीताल पुलिस ने सोमवार सुबह 8 बजे से राजभवन-कलक्ट्रेट रोड पर दोपहिया वाहनों के लिए भी वन-वे यातायात व्यवस्थाा लागू करा दी। गौरतलब है कि इसकी कोई भी ‘विशिष्ट सूचना’ न ही जनपद के एसएसपी द्वारा सोशल मीडिया में वायरल मैसेज में की गयी है, न एएसपी द्वारा एक दिन पूर्व … Read more

मोदी के इस ‘दिवास्वप्न’ को साकार करने में जुटा यह ‘नरेंद्र’

मोदी के आह्वान पर खोजा ‘सहखेती’ का ‘नरेंद्र पैटर्न’

Narendra Pattern
नरेंद्र मेहरा के खेत में किसानों व विभागीय अधिकारियों के साथ कुमाऊं मंडल के संयुक्त निदेशक कृषि आत्मा परियोजना के अधिकारियों को प्रचार-प्रसार हेतु निर्देशित करते हुए।
  • खाद्य फसलों की मेढ़ों पर सब्जियों की जगह सब्जियों की मेढ़ों पर गेहूं उगाने का किया है सफल प्रयोग
  • पूर्व में ‘नरेंद्र-09’ प्रजाति की गेहूं की प्रजाति खोजकर उत्तराखंड के प्रगतिशील किसान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हो चुके हैं गौलापार के नरेंद्र मेहरा

नवीन जोशी, नैनीताल। जब कृषि प्रधान देश भारत में किसानों का जिक्र केवल किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के लिए आ रहा हो, किसान खेती छोड़ शहरों में मेहनत-मज़दूरी करने जा रहे हों,  खेतों में सीमेंट-कंक्रीट की अट्टालिकाएं खरपतवारों की तरह उग रही हों, और प्रधानमंत्री मोदी इसके उलट देश के किसानों की आय दोगुनी करने की ‘उलटबांशी’ बजा रहे हों, ऐसे में उनका एक हमनाम किसान उनके इस ‘दिवास्वप्न’ को साकार करने में जुटा है।

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किसानों की आय दोगुनी करने को देश के हर जिले में बनेंगी कृषि परिषदें 

Mamta Jain
आईसीएसए की निदेशक ममता जैन।
  • यूपी के लखीमपुर से हुई है शुरुआत, शीघ्र नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में खुल सकती है उत्तराखंड की पहली जिला कृषि परिषद
  • पहले चरण में हर राज्य में एक एवं आगे 3-4 वर्षों में देश के 500 जनपदों में जिला कृषि परिषदें स्थापित करने की है केंद्र सरकार की योजना

नवीन जोशी, नैनीताल। केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं बना रही है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देश के हर जिले में महत्वाकांक्षी योजना के तहत डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर काउंसिल यानी जिला कृषि परिषद स्थापित करने का खाका बनाया गया है। यह कृषि परिषदें जिलों की निचली इकाइयों में स्थापित होकर किसानों और कृषि से संबंधित कृषि, लघु कृषि, उद्यान, सिंचाई, लघु सिचाई, बैंकों,  मंडी परिषदों आदि विभिन्न विभागों-इकाइयों के साथ मिलकर जिला स्तर पर योजनाओं का लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करेंगी। यह परिषदें सीधे केंद्रीय कृषि मंत्रालय से जुड़ी होंगी, लिहाजा इनके जरिए किसान सरकारों की विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ प्राप्त करने के साथ ही अपनी समस्याएं, अधिकारियों-विभागों से सहयोग न मिलने जैसी शिकायतें भी मंत्रालय तक पहुंचा सकेंगे।

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अलविदा भारतीय फिल्मोद्योग की ‘नगीना’ पाँच फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त पहली सुपरस्टार अदाकारा ‘जूली’, ‘चांदनी’, ‘चालबाज’..

Srideviअलविदा भारतीय फिल्मोद्योग की ‘नगीना’ पाँच फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त पहली सुपरस्टार अदाकारा ‘जूली’, ‘चांदनी’, ‘चालबाज’, ‘चांद का टुकड़ा’, ‘चंद्रमुखी’, ‘रूप की रानी’, ‘अक्लमंद’, ‘शेरनी’, ‘मॉम’ पद्मश्री श्रीदेवी बोनी कपूर अयप्पन !

आप 24 फरवरी 2018 की रात्रि ‘सुहागन’ रहते हुए अपने चाहने वालों को ‘मिस्टर इंडिया’ सी दुनिया से ओझल होकर हमेशा के लिए ‘जुदाई’-‘सदमा’ दे गयी हैं। आपको दिल की गहराइयों से असीम अश्रुपूरित श्रद्धांजलि !!!

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एडीएम हरबीर सिंह ने संभाला जिला विकास प्राधिकरण सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार

नैनीताल, 9 2018। जनपद के अपर जिलाधिकारी हरबीर सिंह ने शुक्रवार को नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया। वे दिन में प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे और कामकाज निपटाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के सचिव के रूप में मिले दायित्व का ईमानदारी से निर्वाह किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि श्री सिंह इससे पूर्व जनवरी माह से दो बार इस पद का दायित्व पहले भी संभाल चुके हैं, किंतु तत्कालीन नाटकीय परिस्थितियों में वे इस पद पर कार्य आगे बढ़ा नहीं पाए। अब उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि उनका कार्यकाल ‘निशंक’ होगा।

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कुमाऊं के ब्लॉग व न्यूज पोर्टलों का इतिहास

(इस पोस्ट में यदि कुछ तथ्यात्मक सुधार अपेक्षित हों तो जरूर टिप्पणी के माध्यम से या ईमेल saharanavinjoshi@gmail.com के जरिये सुझाएँ )

कुमाऊं के ब्लॉग :

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। ब्लॉगिंग को नये मीडिया का मुख्य आधार कहा जाता है, और वेब पत्रकारिता की शुरुआत सोशल मीडिया से भी पहले ब्लॉगिंग से ही मानी जाती है। निस्संदेह देश में आलोक कुमार के हिन्दी ब्लॉग ‘नौ दो ग्यारह’ से 21 अप्रैल 2003 को हिंदी ब्लॉगिंग की शुरुआत होने के बाद से ही ब्लॉगिंग साफ तौर पर पत्रकारिता से सीधे जुड़े होने के बजाय ब्लॉगरों की मनोभावनाओं-अभिव्यक्तियों को उजागर करने का माध्यम ही रही। शुरुआत में देश के बड़े शहरों व विदेशों में रहे लोगों ने ही ब्लॉगिंग की शुरुआत की, क्योंकि वहां उन्हें वहां के निवासी अपनी भाषाओं में ब्लॉगिंग करते नजर आते थे। जबकि भारत में ब्लॉगिंग में उस दौर में इंटरनेट के साथ ही हिंदी में लिखने के लिए हिन्दी फांट की समस्या और उसके लेखन की विधियां तथा लोगों के बीच तकनीकी जानकारी का अभाव जैसी बड़ी बाधाएं थीं। इस दौरान अल्मोड़ा के अक्टूबर 2004 से ब्लोगर पर सक्रिय प्रशांत जोशी ने अंग्रेजी में Almoraboy’s Pensieve, Maya Thomas WeddingSweet Memoirs नाम से अंग्रेजी में कुमाऊं में ट्रेकिंग व अन्य विषयों पर ब्लॉग शुरू किये।

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12 फरवरी को महर्षि दयानंद के जन्म दिवस पर विशेषः उत्तराखंड में यहाँ है महर्षि दयानंद के आर्य समाज का देश का पहला मंदिर

  • आर्य समाज की 1875 में स्थापना से पूर्व 1874 में महर्षि दयानंद से प्रभावित नगर के लोगों ने नगर में बनाई थी ‘सत्य धर्म प्रकाशिनी सभा’, और की थी आर्य समाज मंदिर की स्थापना
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देश का सबसे पुराना नैनीताल के तल्लीताल स्थित प्राचीन आर्य समाज मंदिर।

नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों द्वारा ‘छोटी बिलायत’ के रूप में 1841 में बसायी गयी सरोवरनगरी नैनीताल के 1845 में ही देश की प्रारंभिक नगर पालिका के रूप में स्थापित होने, यहीं से उत्तराखंड में देशी (हिंदी-उर्दू) पत्रकारिता की 1868 में शुरुआत ‘समय विनोद’ नाम के पाक्षिक समाचार पत्र से होने सहित अनेकानेक खूबियां तो जगजाहिर हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि नैनीताल में ही देश का पहला आर्य समाज मंदिर 1874 में आर्य समाज की स्थापना से भी पूर्व से नगर के तल्लीताल में स्थापित हुआ था। इसे आजादी के बाद 1941 से नगर के पहले भारतीय नगर पालिका अध्यक्ष रहे रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट तथा कुमाऊं के आयुक्त आरबी शिवदासानी के प्रयासों से इसे मल्लीताल के वर्तमान स्थल पर स्थानांतरित किया गया।

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पंतनगर विवि की इस गलती से हजारों युवाओं की सांसें अटकीं

Pantnagar Univदेश के प्रतिष्ठित पंतनगर विश्वविद्यालय की एक लापरवाही से उत्तराखंड सहित देश भर के हजारों युवाओं की सांसें अटक गयी हैं। पंतनगर विवि ने आगामी तीन जून को स्नातक एवं एमसीए की परीक्षा की तिथि नियत कर दी है, जबकि इसी दिन देश के एक अन्य प्रतिष्ठित जिपमर यानी जवाहर लाल नेहरू मेडिकल इंस्टीट्यूट की प्रवेश परीक्षा पहले से तय है। हास्यास्पद एवं पंतनगर विवि के स्तर के विवि के लिए चिंताजनक बात यह भी है कि पंतनगर विवि के कुलपति को इस बात की जानकारी ही नहीं है, और जानकारी दिये जाने पर छात्रों के समक्ष बनी इस बड़ी दुविधा की स्थिति को लेकर कोई संवेदनशीलता नजर नहीं आ रही है। बताया गया है कि जिपमर की परीक्षा में करीब 3 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। जबकि दो परीक्षाओं का एक ही दिन होना इतना गंभीर विषय है कि प्रभावित हो रहे दुविधाग्रस्त छात्र मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश के कुलाधिपति राज्यपाल तक से गुहार लगा रहे हैं।

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