प्रधानमंत्री की रैली में प्रत्याशी त्रिवेंद्र रावत की नींद की झपकी सोशल मीडिया में बनी चर्चा का विषय, लोग ले रहे मजे…

Narendra Modi

नवीन समाचार, देहरादून, 12 अप्रैल 2024 (Trivendra Rawats nap during PM Modis address)। गुरुवार को ऋषिकेश में आईडीपीएल के मैदान में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान हरिद्वार क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आयी नींद की झपकी की क्लिप सोशल मीडिया में बहुत तेजी … Read more

तो चार विधायकों के साथ भाजपा में जाने वाले थे हरीश रावत, तब मिला बेटे को टिकट… !

(Politics-Harish Rawat came in Support of Brahmin (Harish Rawat Sting Case-CBI notices to 3 Leaders) Harish Rawat

-हरिद्वार से निर्दलीय सांसद प्रत्याशी उमेश कुमार ने दावा नवीन समाचार, हरिद्वार, 7 अप्रैल 2024 (So Harish Rawat was about to join BJP-Says Umesh)। उत्तराखंड में लोक सभा चुनाव में सर्वाधिक रोचक संघर्ष हरिद्वार में हो रहा है। यहां तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरीश रावत व डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की प्रतिष्ठा सीधे तौर … Read more

जमरानी बांध (Jamrani Dam) : मिली केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति से 2584.10 करोड़ की मंजूरी

Jamrani Dam

Safalta : सेंट जोसफ के बालकों व बाल विद्या मंदिर की बालिकाओं ने जीती पहली टीटी प्रतियोगिता…

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Safalta

पूर्व मुख्यमंत्री से संबंधित एक वीडियो से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल…

नवीन समाचार, देहरादून, 19 अगस्त 2022। सोशल मीडिया पर एक ‘ब्रेकिंग न्यूज’ स्टाइल के वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के भाजपा के 20 विधायकों को तोड़कर कांग्रेस के साथ मिलकर प्रदेश में सरकार बनाने की बात कही गई है। इससे उत्तराखंड की राजनीति में एक हलचल सी उत्पन्न हो गई है। हालांकि इसे भाजपा … Read more

उत्तराखंड को धनतेरस पर केंद्र सरकार से मिला 84.59 करोड़ रुपए का तोहफा

नवीन समाचार, देहरादून, 13 नवम्बर 2020। दीपावली-धनतेरस के मौके पर केन्द्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को बड़ा तोहफा मिला है। कुम्भ मेले के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अनुरोध पर उत्तराखंड को 84.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
हरिद्वार कुंभ मेले में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों के लिए 79.12 करोड़ रुपये, पेयजल निगम को 2.55 करोड़ रुपये एवं उत्तराखंड जल संस्थान को 2.92 करोड़ रुपये की धनराशि इसमें शामिल है। स्वच्छ गंगा मिशन के तहत हरिद्वार कुंभ मेले में स्वच्छता के साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्य योजना के क्रियान्वयन में इस धनराशि की स्वीकृति से गति मिलेगी तथा कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को इससे लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन से सम्बन्धित कार्यों के अंतर्गत केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा के तहत विभिन्न कार्यों के लिए सहायता का अनुरोध किया था, जिसके तहत यह धनराशि राज्य को प्राप्त हुई है। इसके साथ ही आगामी कुम्भ मेले के दृष्टिगत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ऋषिकेश क्षेत्र में त्रिवेणी घाट पर सरस्वती नाले की टेपिंग किये जाने के कारण क्षतिग्रस्त घाट एवं प्लेट फार्म पुनर्निर्माण के लिये एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जलोत्सरण योजना में सीवर लाइनों को बदलने एवं मैन हॉल चेम्बरों के पुनर्निर्माण आदि के लिए भी 4.87 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि मेलाधिकारी कुम्भ मेले के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी।

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नवीन समाचार, देहरादून, 23 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर आ रही है। जी हां उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। पत्रकारों से बातचीत में हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने अपने फैसले से पार्टी आलाकमान को अवगत करा दिया है। हरक सिंह रावत ने कहा भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार को उन्होंने पहले ही अवगत करा दिया था कि वह 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।हरक सिंह रावत ने कहा कि वह राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं वे जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते थे और करते रहेंगे। जनता उनके लिए सर्वोपरि है।

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नवीन समाचार, गैरसैंण, 6 मार्च 2020.। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर कुछ-कुछ स्थिति साफ कर दी है। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने माना कि मंत्रिमंडल के विस्तार की जरूरत महसूस होने लगी है। 18 मार्च को सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान विधानसभा चुनाव के वक्त जारी किए गए दृष्टिपत्र के लगभग 75 प्रतिशत वादे पूरी कर चुकी है। उन्होने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने का सरकार का फैसला पहाड़ी क्षेत्र के दूरस्थ गांवों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन की अवधारणा ही यही थी कि गैरसैंण को केंद्र बिंदु मानते हुए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल का संतुलित विकास हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब विशेषज्ञों से गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने का ब्लू प्रिंट तैयार कराएगी, जिसमें यह ध्यान रखा जाएगा कि प्रशासनिक व्यय कम से कम हो और विकास कार्यों में बजट का सदुपयोग हो। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसमें बड़े बजट की आवश्यकता है, लिहाजा सरकार प्राथमिकताएं तय करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने पर कांग्रेस के विरोध को जनभावना के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य निर्माण के बाद कांग्रेस ने उत्तराखंड में 10 साल तक राज किया है जबकि भाजपा अभी तक कुल मिलाकर आठ साल ही सत्ता में रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गैरसैंण के नाम पर सिर्फ राजनीति की है जबकि हमने इस पर निर्णय लेकर शहीदों के सपने और जनभावनाओं का सम्मान किया है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 20 जनवरी 2020। उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो सकता है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल के विस्तार पर हरी झंडी मिल गई है। आगे इस संबंध में सोमवार को बैठक भी होने जा रही है। वहीं, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी पार्टी के भीतर से उठ रही आवाज के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत खुलकर जताई है। भगत ने कहा कि मंत्री पद भरना हालांकि मुख्यमंत्री के विवेकाधिकार का मामला है, मगर इतने समय तक मंत्री पदों को खाली रखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा है कि वह दिल्ली जा रहे हैं और रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एवं आगे राष्ट्रीय अध्यक्ष से शिष्टाचार भेंट के दौरान भी राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री पदों को भरे जाने के संबंध में चर्चा कर सकते हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 17 जनवरी 2020। उत्तराखंड में पौने तीन वर्ष से लटके प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की यूं तो कई बार अटकलें लगीं, किंतु अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार अगले सप्ताह अथवा बहुत से बहुत देर हुई तब भी जनवरी माह में ही हो जाएगा। साथ ही यह भी चर्चाएं हैं कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार अभी नहीं होता है तो इससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना और अधिक बढ़ जाएगी।

राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार अभी होने या न होने के पीछे जो फैक्टर काम कर रहे हैं, वह यह कि झारखंड व महाराष्ट्र आदि राज्यों में मिली हार के बाद केंद्र सरकार पार्टी की राज्य सरकारों के कामकाज पर नये स्तर से आंकलन कर रही है। राज्य सरकारों द्वार विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट को ‘क्रॉस चेक’ किया जा रहा है, साथ ही भाजपा सरकारों की जनता में छवि को भी फिर से आंका जा रहा है। इस कसौटी पर यदि सरकार खरी उतरती है, तभी उसे आगे विस्तार दिया जा सकता है। सुधार के लिए कुछ समय भी दिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में ही अभी मंत्रिमंडल विस्तार कर पार्टी में नये विधायकों को मंत्री पद देकर सरकार में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया जा सकता है। लेकिन यदि केंद्रीय नेतृत्व को यह विकल्प उतना कारगर नहीं लगता तो ऐसी स्थिति में सरकार का चेहरा-छवि बदलने यानी बड़ी सर्जरी का विकल्प भी अपनाया जा सकता है, ताकि अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी पुरानी छवि का चोला उतारकर नये चेहरे के साथ चुनाव मैदान में जाए। इधर अभी मंत्रिमंडल विस्तार होने की स्थिति में बलवंत सिंह भौंर्याल, सुरेंद्र जीना, चंद्रा पंत, मुन्ना सिंह चौहान व महेंद्र भट्ट के नामों की चर्चा तेज हो गई है।

यह भी पढ़ें : सीएम आज जा रहे हैं दिल्ली, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें हुईं और तेज

-कुमाऊं के 5 जिलों के इन विधायकों की खुल सकती है लॉटरी..

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 10 पार्टी कार्यकर्ताओं को राज्य मंत्री स्तर के दायित्व और 13 मंडी परिषदों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां कर देने और हाल में सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित विस्तार के बारे में संकेत दिये जाने के बाद एक बार फिर लगभग दो दर्जन दावेदारों में मंत्री पद पाने की उम्मीद जग गयी है। इधर बृहस्पतिवार देर शाम मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो रहे हैं। उनका शुक्रवार को दिल्ली में उत्तराखंड से जुड़ी विकास योजनाओं को लेकर कई मंत्रियों से मुलाकात तथा आगे 18 जनवरी को या फिर 20 जनवरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात प्रस्तावित है। वह पार्टी अध्यक्ष से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान शीर्ष नेताओं से मंत्रिमंडल विस्तार पर भी बात एवं फैसला हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि करीब पौने तीन साल पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में जबरदस्त बहुमत से सत्ता में आयी भाजपा सरकार में केवल दस सदस्यीय मंत्रिमंडल को ही शपथ दिलायी गयी थी जबकि उत्तराखंड में अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त ये दो स्थान उसके बाद कभी भरे ही नहीं गये। पिछले साल जून में प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्रालय सहित कई अहम विभाग संभाल रहे प्रकाश पंत का निधन हो जाने के बाद मंत्रिमंडल के रिक्त पदों की संख्या बढ़कर तीन हो गयी। पंत के अचानक निधन के बाद मंत्रिमंडल के रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया लेकिन शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को संसदीय कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दिये जाने के बाद इन चर्चाओं ने भी दम तोड़ दिया। हालांकि इस बारे में अटकलों ने फिर से जोर पकड़ लिया है। हाल में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े स्थानों को भरे जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि हर मंत्री बहुत सारे विभागों की जिम्मेदारी संभालने के कारण बहुत बोझ उठा रहा है। मंत्रिमंडल में रिक्त तीन स्थानों के लिये करीब दो दर्जन दावेदारों के नाम चर्चाओं में चल रहे हैं। पूर्व में मंत्री रह चुके पांच विधायकों को उनके अनुभव के चलते सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। इनमें हरबंस कपूर, बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत, बलवंत सिंह भौर्याल और खजान दास हैं। इनके अलावा विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह जीना, हरभजन सिंह चीमा तथा पुष्कर सिंह धामी को भी मंत्री पद की दौड़ में माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर तीनों रिक्त पदों को भरा जायेगा तो क्षेत्रीय संतुलन भी एक निर्णायक कारक होगा। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मंत्रिमंडल में शामिल नौ मंत्रियों में से छह गढ़वाल क्षेत्र के होने तथा कुमाऊं मंडल के पांचों पर्वतीय जिलों से कोई प्रतिनिधित्व न होने के कारण अब कुमाऊ के इन जिलों के विधायकों-बिशन सिंह चुफाल, बलवंत सिंह भौर्याल व सुरेंद्र जीना का दावा ज्यादा मजबूत हो सकता है। इधर बंशीधर भगत के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद उनका मंत्री बनने का दावा कमजोर हो गया है 

ह भी पढ़ें : सांसद सड़क पर हादसे का शिकार होने के बावजूद रुके नहीं, और किया नई सड़कों का शिलान्यास

ओखलकांडा विकास खंड में 10.07 करोड़ की लागत से होगा 16.33 सड़क का निर्माण
Ajay Bhattनवीन समाचार, भीमताल, 26 दिसंबर 2019। क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने बृहस्पतिवार को रास्ते में हुए हादसे के बावजूद ओखलकाडा ब्लाक के दूरस्थ क्षेत्र ग्राम सभा बासकोटी तोक पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में पीएमजीएसवाई योजना के अंतर्गत 10 करोड़ 7 लाख रुपए से स्वीकृत पतलिया-जस्यूडा के बीच 3.58 किमी तथा ढोलीगांव-धैना के बीच 12.75 किमी यानी कुल 16.33 किमी सड़क का वैदिक मंत्रो के बीच शिलान्यास किया। साथ ही भीडापानी, लूगड, भटेलिया, धैना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार से पैरवी करने की बात भी कही।

इस मौके पर सासंद भट्ट ने कहा कि गॉव-गॉव को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़कर विकास की धारा को गांवो तक पहुंचाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई द्वारा प्रधान मंत्री ग्राम सडक योजना चलाई गयी थी। उन्होने कहा कि सरकार जनता के साथ है उनकी समस्याओ का प्राथमिकता से निदान किया जायेगा। क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैडा ने ताया कि भारत सरकार से विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई के अर्तगत 9 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होने सांसद के समक्ष भीमताल में नवीन मंडी खोलने की मांग रखी ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को उनके उपज का बेहतर दाम मिल सके। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख ओखलकांडा कमलेश कैडा, धारी ब्लाक आशा रानी, प्रधान नारायण राम, कमल किशोर पाण्डे, अमित कुमार,नरेश कुमार, गीता कान्डपाल, पंजक बोरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य जीवन चन्द्र पुजारी, बिशन परगाई, निलाम्बर, अध्यक्ष दुग्ध संघ मुकेश बोरा, कुन्दन सिंह चुलवाल, देवन्द्र सिंह बिष्ट, दीवना सिंह मेहरा, देवेन्द्र असगोला, किशन सिंह बिष्ट सहित उपजिलाधिकरी विजय नाथ शुल्क, अधिशासीय अभियंता लो.नि.वि एबी कान्डपाल, पीएमजीएसवाई मीना भट्ट, समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल स्वरूप, आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : बर्फबारी की कड़ाके की ठंड के बीच पांच किमी पैदल चलकर काबीना मंत्री यशपाल व विधायक संजीव ने ग्रामीणों को दिए 42 लाख के तोहफे

Yashpal Sanjiv Aryaनवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2019। प्रदेश के परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य सोमवार को बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड के बीच क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य व अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा आदि के साथ लगभग 5 किमी पैदल चल कर विकास खंड कोटाबाग के दुर्गम क्षेत्र बगड़ मल्ला पहंुच कर क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं व राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 12.86 लाख की लागत से निर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। साथ ही तुषारपानी से मेहरोड़ा इंटर कॉलेज तक सडक निर्माण हेतु 15 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। वहीं क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने राइंका बगड मे स्कूल फर्नीचर खरीदने, दोनियाखान-घुघु चौकी तक सडक सुधार तथा ओडियार-पिनौनिया-करेलीखेत सडक सुधारीकरण हेतु 4-4 लाख तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगड में कम्प्यूटर एवं एलईडी तथा चाहरदीवारी के लिए 1-1 लाख रुपये विधायक निधि से देने की घोषणा की। साथ ही बताया कि विधायक निधि से 4 लाख रूपये देने की घोषणा की। साथ ही बगड मे 25 केवीए का ट्रान्सफार्मर स्थापित करने तथा क्षेत्र पेयजल योजनाओं हेतु 30 लाख की धनराशि स्वीकृत होने की जानकारी दी।
इस दौरान श्री आर्य ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण गंगोला राजकीय इंटर कॉलेज बगड़ का निरीक्षण किया व विद्यार्थियों को जीवन मे सफलता अर्जित करने हेतु मूल मंत्र दिए। इस दौरान उन्होंने डेढ वर्ष पहले भवन निर्माण हेतु एससीपी मद से आवंटित 14 लाख व जिला योजना से 16 लाख की उपलब्ध धनराशि के बावजूद भी कार्य अभी तक कार्य पूर्ण न होने पर नाराजगी व्यक्त की, तथा संबंधित विभागों से आपसी तालमेल से अप्रेल 2020 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान आयोजित जनसम्पर्क कार्यक्रम में उन्होंने जनता की दर्जनों समस्याओ को सुनकर शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पूजा अरोरा, शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष इंद्र सिह, पूर्व बीडीसी सदस्य हरीश मेहरा, गणेश मेहरा, हेम नैनवाल, दया पोखरिया, सौड़ की प्रधान जीवंती देवी, घुघु के प्रधान मोहन अधिकारी, कृपाल मेहरा, रमेश राम, खुशाल हल्सी, यशपाल आदि मौजूद रहे। संचालन कल्पना बिनवाल ने किया।

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-प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में 240 छात्र-छात्राओं के रहने की क्षमता के तीन छात्रावासों के लोकार्पण अवसर पर कहा

dhan singh rawat

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2019। प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत ने कहा कि 25 जुलाई तक राज्य के सभी कॉलेजों में सभी तरह के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के करीब एक हजार यानी 100 फीसद रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इन नियुक्तियों में सवर्ण, अनुसूचित जाति, जनजाति आदि के आरक्षण का बैकलॉग भी पूरा कर लिया जाएगा। पूछे जाने पर उन्होंने कुमाऊं विवि में अवैध रूप से की गई नियुक्तियों पर जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही। इस दौरान श्री रावत ने कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के नैनीताल व भीमताल परिसरों कुलपति प्रो. केएस राणा के साथ गुरुवार को 240 छात्र-छात्राओं के रहने की क्षमता के डीएसबी परिसर के केनफील्ड स्थित केसी पंत छात्रावास तथा भीमताल स्थित कल्पना चावला बालिका छात्रावास व बाबू जगजीवन राम छात्रावास का लोकार्पण किया एवं इन छात्रावासों का दौरा कर निरीक्षण भी किया।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 को उत्तराखंड सरकार लागू कर रही है। इसके तहत एक विवि को एक यूनिट माना जाएगा। इसके बाद वर्षों से खाली पड़े पदों पर मानकों के तहत आने वाले बेरोजगार नेट तथा पीएचडी शोधार्थियों को 25 जुलाई से विज्ञापित होने वाले राज्य के सभी विवि में करीब एक हजार पदो पर नियुक्ति मिल जाएगी। उन्होने कहा कि राज्य में त्रिवेंद्र रावत सरकार के आने के बाद प्रदेश के 104 राजकीय सहित 19 सरकार सहायतित कॉलेजों में प्राचार्यों की कमी को पूरा करने के लिए पिछले सवा दो वर्ष में 15 बार डीपीसी की जा चुकी है। इसके बाद राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य व 93 फीसद पदों पर शिक्षक हैं। बताया कि राजकीय कॉलेजों में रिक्त 877 असिस्टेंट प्रोफेसरों के रिक्त पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। इनमें से 14 विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को लोक सेवा आयोग की ओर से भर भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विहीन कॉलेज के प्राचार्य को अधिकार दिया गया है कि यूजीसी के मानकों को पूरा करने वाले बेरोजगारों को 25 हजार रुपए के मानदेय पर संविदा पर तैनाती दे सकते हैं। विकास कार्यों के लिए कुमाऊं विवि को रूसा के तहत 40 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें 18 करोड़ रुपये का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि 22 करोड़ की डीपीआर विवि से मांगी गई है। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर पर छात्रों के बहुमत के आधार पर ही सेमेस्टर सिस्टम में बदलाव संभव है। इस मौके पर कुल सचिव डा.. महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, वार्डन डॉ. प्रकाश चन्याल, डॉ. संतोष कुमार, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एचसी चंदोला, प्रो. पीएस बिष्ट, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. एचसीएस बिष्ट आदि रहे।

मंत्री का दावा 6000 छात्रों वाले पिथौरागढ़ महाविद्यालय में 102 सहायक प्राध्यापक व 1.1 लाख किताबें

नैनीताल। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ में किताब तथा शिक्षकों के लिए किए जा रहे आंदोलन पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। बताया कि पिथौरागढ़ महाविालय में 102 असिस्टेंट प्रोफेसर तैनात हैं। देश के किसी भी ऐसे संस्थान में इतने शिक्षक तैनात नहीं हैं। छह हजार छात्र संख्या वाले इस कॉलेज में एक लाख दस हजार किताबें हैं। इसके बाद भी यदि किताबों की कमी है तो सरकार उनकी व्यवस्था करेगी। साथ ही शिक्षकों की कमी भी पूरी की जाएगी। इस दौरान कुमाऊं विवि के कार्य परिषद सदस्य कैलाश जोशी ने डा. रावत को एक ज्ञापन सोंपकर पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं की मांग के अनुरूप नये संस्करणों की अच्छी किताबें उपलब्ध कराने व शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग युक्त ज्ञापन दिया। कहा कि प्रदेश के हर डिग्री कॉलेज में अच्छी पुस्तकों की कमी को देखते हुए शिक्षा बजट को बढ़ाया जाना चाहिए। बताया कि बीते वर्ष शुरू किए गए पुस्तकदान अभियान में एक लाख किताबें एकत्रित की गई हैं, जिन्हें 15 कॉलेजों में सोंपा जा रहा है। हर बच्चे को 10 किताबंे दी जा रही हैं।

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-35 कार्यों के लिए स्वीकृत किये 397 लाख, नैनीताल विधानसभा में 6 कार्यों के लिए भी मिले 70 लाख

sanjiv arya
संजीव आर्य

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मार्च 2019। उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश भर में अल्पसंख्यक विकास निधि योजना के अंतर्गत देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर जिलों से संबंधित 35 कार्यों के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह के द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार योजना की मूल्यांकन-अनुश्रवण समिति द्वारा संस्तुत 48 कार्यों के सापेक्ष 397.02 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय व व्यय की स्वीकृति हेतु वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिये 300 लाख तथा बैंक खाते से 97.02 लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इनमें नैनीताल विधानसभा के 6 कार्य भी शामिल हैं। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि जिला व मंडल मुख्यालय में अल्पसंख्यक विकास निधि योजना से विभिन्न कार्यों के लिए 70 लाख रुपये अवमुक्त किये गये हैं। इनमें नगर के मल्लीताल में गुरुद्वारा परिसर में टिन शेड निर्माण के लिए 5.54 लाख, मुख्य मार्ग से सूखाताल की मजार तक पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2.64 लाख, कृष्णापुर क्षेत्र से सटे देवता गांव की पहाड़ियों पर स्थित कब्रिस्तान के पैदल मार्ग निर्माण के लिए 18.35 लाख, कृष्णापुर में हीी स्थित इमामबाड़े के पास सड़क एवं दीवार के पुर्ननिर्माण के लिए 26.41 लाख, बारापत्थर स्थित इसाई कब्रिस्तान में सीसी मार्ग, दीवारों एवं विश्राम गृह के निर्माण के लिए 11.69 लाख एवं नैनीताल विधानसभा के डीविटो हाईस्कूल, भवाली-नैनीताल में कम्प्यूटर एवं पुस्तकालयों में किताबों की खरीद के लिए 4.24 लाख रुपये अवमुक्त किये गये हैं। विधायक आर्य ने इस हेतु मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एवं काबीना मंत्री यशपाल आर्य का आभार जताया है।

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Koshyari Kaidaनवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2019। प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य व क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने मंगलवार को संयुक्त रूप से निकटवर्ती भवाली के लिए लगभग 9 करोड की योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें भवाली नगर में रोडवेज डिपो में मल्टीस्टोरी कार पार्किग के लिए 4.5 करोड, फरसौली रोडवेज डिपो कार्यशाला हेतु 3.65 करोड व टम्टयूडा रेहड क्षेत्र मे पेयजल लाइन विस्तारीकरण हेतु 35 लाख एवं विभिन्न क्षेत्रो मे जनमिलन केन्द्र एवं सडक निर्माण हेतु 34 लाख रूपये की योजनाओं का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एव सांसद भगत सिह कोश्यारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आयुष्मान भारत व प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनाओं की जानकारी दी। वहीं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कार्यों में समयबद्वता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की ताकीद की। उन्होंने श्री नन्दादेवी सांस्कृतिक मंच भवाली के लिए टिन सेड व प्रांगण में सीसी कराने का भरोसा भी दिलाया। वहीं क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने प्रस्तावित मल्टीस्टोरी पार्किग मंे 120 वाहनो की पार्किग दो हाईटैक शौचालय व परिवहन विभाग के कर्मचारियों हेतु 6 कक्ष भी बनाने की जानकारी दी। बताया कि क्षेत्र मे 8 करोड रूपये की लागत से 33 केवीए का सब स्टेशन तथा टम्टयूडा रेहड क्षेत्र मे पेयजल लाइन विस्तारीकरण हेतु 35 लाख रूपये की योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा ने योजनाओं के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सूचना विभाग के पंजीकृत दल कुमाऊं सास्कृतिक कला समिति एवं मां सरस्वती कला समिति के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओ की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रकाश आर्य, देवेन्द्र ढैला, ममता विष्ट, किशन अधिकारी, मुकेश कुमार, पूजा भारती, विनोद तिवारी,सुनील मेहता, मोहन विष्ट,घनश्याम सिह विष्ट, मनोज तिवारी, नजमा खान,विजय आर्य, कंचन बेलवाल, मुकेश गुररानी, जुगल मठपाल, शरद पांडे, संजय जोशी, ललित भट्ट, हरीश भट्ट, लच्छी बेलवाल, संयुक्त मजिस्टेट अभिषेक रूहेेला, महाप्रबन्धक परिवहन दीपक जैन, रीजनल मैनेजर यशपाल,अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान बीसी पाल, संतोष कुमार उपाध्याय के अलावा बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : एक जिला पंचायत सदस्य पर मेहरबान हुई उत्तराखंड सरकार, स्वीकृत हुए 58 करोड़

PC Gorkhaनवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2019। सितारे बुलंद हों तो नैनीताल जनपद के बेतालघाट विकासखंड अंतर्गत अमेल जिला पंचायत क्षेत्र के सदस्य प्रताप गोरखा की तरह। गोरखा के क्षेत्र पर राज्य सरकार शुक्रवार को ऐसी मेहरबान हुई कि शासन ने विश्व बेंक से वित्त पोषित यूडीआरपी यानी उत्तराखंड डिसासटेर रिफाईनेंसिंग प्रोग्राम के तहत क्षेत्र में तिवारीगाव-घंघरेटी, बेतालघाट-रोपा, अमेल-खैराली और तल्लीसेठी-सिमतया के बीच चार झूला पुलों के निर्माण के लिए 58 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिये हैं। गोरखा ने इसके लिए नैनीताल विधायक संजीव आर्य का आभार जताया है।
उन्होंने बताया कि इन चार पुलों के लिए विकास खंड बेतालघाट में जनता के द्वारा पुलों के निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया गया साथ ही विधायक संजीव आर्य को ज्ञापन दिये गये थे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारो ने इस हेतु ईमान्दारी से पहल नही की। उल्टे कई पुलों का तो दो-दो बार शिलान्यास तक कर दिया गया। ऐसे में जनता अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगी थी। बताया कि प्रत्येक पुल की लागत 14.50 करोड़ रुपये आनी है।

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-सांसद-विधायक ने राइंका जीतुवापीपल व भतरोंजखान को सांसद-विधायक निधि से दिये पांच लाख

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बेतालघाट के राइंका जीतुवापीपल में 15 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण करते सांसद, मंत्री व विधायक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जनवरी 2019। किस्मत हो तो बेतालघाट वासियों जैसी। जनपद के दूरस्थ विकास खंड बेतालघाट के दूरस्थ गांव जीतुवापीपल स्थित राजकीय इंटर कालेज में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद भगत सिह कोश्यारी, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य व क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने 15.25 करोड रुपये की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास कर तोहफे दिये। इस मौके पर जनता मिलन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें दर्जनों शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया। इस दौरान सांसद कोश्यारी ने राइंका जीतुवापीपल के मैदान के समतलीकरण हेतु सांसद निधि से 3 लाख रुपये एवं विधायक संजीव आर्य ने स्कूल मे फर्नीचर केे लिए एक लाख रुपये तथा स्कूल में पर्याप्त संख्या मे कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही राइंका भतरौजखान में फर्नीचर के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये और स्कूल में पेयजल कनेक्शन देने की घोषणा भी की।

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बेतालघाट के राइंका जीतुवापीपल में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सांसद, मंत्री व विधायक।

इस मौके पर ग्रामवासियो को सम्बोधित करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद कोश्यारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा, सडक, बिजली एवं स्वास्थ के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किये जा रहे है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत लाइन बिछवाने की कठिनाई वाले स्थानों पर सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को 1 लाख तक का ऋण मात्र 2 फीसद ब्याज पर दिया जा रहा है। वहीं परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कहा कि जनता द्वारा दिये गये विश्वास व भरोसे पर खरा उतरने के लिए दिन रात कोशिश कर रहे हैं। उन्होने ग्रामीणों को शिक्षित होने तथा बच्चों से पूरी मेहनत, लगन से पढाई करने तथा खेल मे भी अभिरूचि के अनुसार प्रतिभाग करने का आह्वाहन किया।येगीै। उन्होनेे कहा जनता ने जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर कार्य करने और सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पीसी गोरखा, धीरज जोशी, क्षेपं सदस्य रोहित अग्रवाल ,प्रधान राजेंद्र सिह, चंद्रशेखर, व खुशाल के अलावा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज साह, प्रताप बोरा, दलीप नेगी, दिवान राम, मंजू पंत, राजेंद्र कैडा, डा. कुलवंत जलाल, तारा भंडारी, दीप, एस लाल, हेमा पांडे, एलडी पंत व नवीन कश्मीरा के अलावा एसडीएम प्रमोद कुमार सहित बडी संख्या मे महिलायें बच्चे व ग्रामीण उपस्थित रहे।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण

Rashtriya Sahara 17 May 2018 1
पूर्व समाचार : विधायक संजीव आर्य ने बेतालघाट के लिये खोली तिजोरी (राष्ट्रीय सहारा, 17 मई 2018)

नैनीताल। जीतुवापीपल में आयोजित कार्यक्रम में पेयजल निगम द्वारा निर्मित तौराड़ पेयजल योजना लागत 31 लाख 60 हजार रूपये, जलागम विभाग द्वारा ग्राम पंचायत सौनली तोक में पाइप लाइन हेतु 7 लाख एवं सौनली तोक मे पेयजल योजना हेतु 4 लाख एवं सौनली तोक में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 5 लाख सहित कुल 47 लाख 60 हजार रुपये की योजनाओं का लोकापर्ण किया गया। साथ ही तल्लीपाली-मल्लीपाली सूखा मोटर मार्ग लागत 173.86 लाख, बिनकोट चंद्रकोट मोटर मार्ग लागत 1045.97 लाख, कालाखेत से दिग्थरी मोटर मार्ग लागत 205.78 लाख, ग्राम सुनस्यारी में सामुदायिक भवन निर्माण 12.95 हजार, ग्राम तौराड़ मोटर मार्ग निर्माण लागत 2.68 लाख, गा्रम ढोलगांव मे पैदल मार्ग निर्माण हेतु 8.53 लाख एवं सुनस्यारी मे सीसी मार्ग हेतु 2.84 लाख सहित कुल 14 करोड 53 लाख रूपये की योजनाओं का शुभारम्भ किया गया।

-हरीश ताल के लिए सांसद कोश्यारी ने किया सड़क का शिलान्यास, 22.68 करोड़ रुपये से होगा निर्माण

Harish Tal
हरीशताल
Koshyari Kaida
हरीशताल-स्यूड़ा मोटर मार्ग का शिलान्यास करते सांसद कोश्यारी, साथ में विधायक व अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जनवरी 2019। झीलों के जनपद का एक अनछुवा ताल अब दुनिया के सामने होगा। बुधवार को स्थानीय सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिह कोश्यारी ने स्थानीय विधायक विधायक राम सिंह कैडा व ब्लाक प्रमुख आनन्द आर्य की मौजूदगी में 21वीं सदी में भी सड़क से कोसों दूर प्रकृति की अनुपम खूबसूरती को सहेजे हरीशताल को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 22 करोड 68 लाख की लागत से बनने वाले स्यूड़ा-कौन्ता-ककोड़-हरीशताल मोटर मार्ग का शिलान्यास किया।
इस मौके पर श्री कोश्यारी ने अपने संबोधन में सडक को विकास की आत्मा बताते हुए कहा कि भारत सरकार ने हर व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री सडक योजना के अन्तर्गत हर गांव को पहुच मार्गों तथा सडकों को जोड़ने का अभियान चलाया है। स्यूडा-हरीशताल मोटर मार्ग की मांग दशकोें पुरानी मांग थी। इस सडक के निर्माण से कौन्ता, पटरानी, ककोड़, आम तथा हरीशताल ग्रामों की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। क्षेत्र के काश्तकारों को अपनी उपज को बाजार तक लाने मे सुविधा होगी। उन्होंने केंद्र सरकार की उज्जवला एवं आयुष्मान भारत योजनाओं की भी जानकारी दी एवं लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। विधायक रामसिह कैडा ने इस मोटरमार्ग के लिए सांसद कोश्यारी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में चंपावत के जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिह अधिकारी, नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज साह, चतुर सिह बोरा, आलम नदगली, योगेश रजवार, प्रेम विष्ट, सुरेश मेवाडी, रघुवर सम्भल, ध्रुव रौतेला, भरत सिह, गंगा सिह, भान सिंह सम्भल, शंकर कोरंगा, उमेश पलडिया, सुरेश जोशी, हरेंद्र बोरा, सज्जन साह, मनोज जोशी, ललित चिलवाल, गोपाल अधिकारी, दीवान राम, केडी रूवाली व खीम सिह के अलावा पीएमजीएसवाई के एसई जेएस ह्यांकी व ईई आरसी पंत सहित बडी संख्या मे क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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-सांसद-विधायक ने राइंका जीतुवापीपल व भतरोंजखान को सांसद-विधायक निधि से दिये पांच लाख

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बेतालघाट के राइंका जीतुवापीपल में 15 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण करते सांसद, मंत्री व विधायक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जनवरी 2019। किस्मत हो तो बेतालघाट वासियों जैसी। जनपद के दूरस्थ विकास खंड बेतालघाट के दूरस्थ गांव जीतुवापीपल स्थित राजकीय इंटर कालेज में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद भगत सिह कोश्यारी, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य व क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने 15.25 करोड रुपये की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास कर तोहफे दिये। इस मौके पर जनता मिलन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें दर्जनों शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया। इस दौरान सांसद कोश्यारी ने राइंका जीतुवापीपल के मैदान के समतलीकरण हेतु सांसद निधि से 3 लाख रुपये एवं विधायक संजीव आर्य ने स्कूल मे फर्नीचर केे लिए एक लाख रुपये तथा स्कूल में पर्याप्त संख्या मे कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही राइंका भतरौजखान में फर्नीचर के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये और स्कूल में पेयजल कनेक्शन देने की घोषणा भी की।

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बेतालघाट के राइंका जीतुवापीपल में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सांसद, मंत्री व विधायक।

इस मौके पर ग्रामवासियो को सम्बोधित करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद कोश्यारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा, सडक, बिजली एवं स्वास्थ के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किये जा रहे है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत लाइन बिछवाने की कठिनाई वाले स्थानों पर सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को 1 लाख तक का ऋण मात्र 2 फीसद ब्याज पर दिया जा रहा है। वहीं परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कहा कि जनता द्वारा दिये गये विश्वास व भरोसे पर खरा उतरने के लिए दिन रात कोशिश कर रहे हैं। उन्होने ग्रामीणों को शिक्षित होने तथा बच्चों से पूरी मेहनत, लगन से पढाई करने तथा खेल मे भी अभिरूचि के अनुसार प्रतिभाग करने का आह्वाहन किया।येगीै। उन्होनेे कहा जनता ने जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर कार्य करने और सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पीसी गोरखा, धीरज जोशी, क्षेपं सदस्य रोहित अग्रवाल ,प्रधान राजेंद्र सिह, चंद्रशेखर, व खुशाल के अलावा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज साह, प्रताप बोरा, दलीप नेगी, दिवान राम, मंजू पंत, राजेंद्र कैडा, डा. कुलवंत जलाल, तारा भंडारी, दीप, एस लाल, हेमा पांडे, एलडी पंत व नवीन कश्मीरा के अलावा एसडीएम प्रमोद कुमार सहित बडी संख्या मे महिलायें बच्चे व ग्रामीण उपस्थित रहे।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण

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पूर्व समाचार : विधायक संजीव आर्य ने बेतालघाट के लिये खोली तिजोरी (राष्ट्रीय सहारा, 17 मई 2018)

नैनीताल। जीतुवापीपल में आयोजित कार्यक्रम में पेयजल निगम द्वारा निर्मित तौराड़ पेयजल योजना लागत 31 लाख 60 हजार रूपये, जलागम विभाग द्वारा ग्राम पंचायत सौनली तोक में पाइप लाइन हेतु 7 लाख एवं सौनली तोक मे पेयजल योजना हेतु 4 लाख एवं सौनली तोक में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 5 लाख सहित कुल 47 लाख 60 हजार रुपये की योजनाओं का लोकापर्ण किया गया। साथ ही तल्लीपाली-मल्लीपाली सूखा मोटर मार्ग लागत 173.86 लाख, बिनकोट चंद्रकोट मोटर मार्ग लागत 1045.97 लाख, कालाखेत से दिग्थरी मोटर मार्ग लागत 205.78 लाख, ग्राम सुनस्यारी में सामुदायिक भवन निर्माण 12.95 हजार, ग्राम तौराड़ मोटर मार्ग निर्माण लागत 2.68 लाख, गा्रम ढोलगांव मे पैदल मार्ग निर्माण हेतु 8.53 लाख एवं सुनस्यारी मे सीसी मार्ग हेतु 2.84 लाख सहित कुल 14 करोड 53 लाख रूपये की योजनाओं का शुभारम्भ किया गया।

यह भी पढ़े : इस वर्ष को ‘रोजगार वर्ष’ के रूप में मना हर विभाग में नौकरियां खोलेगी त्रिवेंद्र सरकार

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18 वर्ष के युवा शताब्दी मतदाताओं को सम्मानित करते उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत।

-प्रदेश के सभी करीब 3 लाख कॉलेज छात्र-छात्राओं का निःशुल्क 2-2 लाख रुपए का बीमा कराएगी राज्य सरकार, ऐसा करने वाला पहला राज्य होगा उत्तराखंड
-प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने भाजयुमो के ‘लीड अप इंडिया’ कार्यक्रम में ‘शताब्दी मतदाताओ’ को सम्मानित करते किया दावा
नैनीताल। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार मौजूदा अगले वर्ष 2019 में होने वाले लोक सभा चुनावों के लिए चुनावी मोड में आने जा रही है।  इस वर्ष सरकार युवाओं को रोजगार देकर पार्टी की ओर आकर्षित करने व उनके भरोसे को बनाए रखने पर जोर देगी। इस कोशिश में सरकार का फोकस युवाओं के साथ आरक्षित वर्ग को साधना भी होगा।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने मुख्यालय में दो महत्वपूर्ण दावे किये। पहला, प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार मौजूदा वर्ष 2018 को ‘रोजगार वर्ष’ के रूप में मना रही है। इस वर्ष सरकार प्रदेश के सभी विभागों में करीब 6000 रिक्त पदों पर नियुक्तियां निकालेगी। इन नियुक्तियों में आरक्षण का पूरा खयाल रखा जाएगा। दूसरा, राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के परिसरों में अध्ययनरत करीब 3 लाख छात्र-छात्राओं का राज्य सरकार 2-2 लाख का निःशुल्क बीमा कराएगी। हालांकि उन्होंने साफ नहीं किया, परंतु माना जा रहा है कि यह बीमा, ग्रुप दुर्घटना बीमा होगा। इतनी बड़ी संख्या में बीमा होने के कारण ऐसे बीमों की प्रीमियम प्रति व्यक्ति के हिसाब से कम ही होती है।

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यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री को ‘चोर-उचक्के’ कहने वाली शिक्षिका ने अब बताया ‘पिता तुल्य’, मांगी मांफी

पिछले सप्ताह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जनता दरबार में ‘चोर-उचक्के’ तक कह जाने वाली निलंबित शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा ने अब मुख्यमंत्री को ‘पिता तुल्य’ बताया है, और उनसे माफी मांग ली है। सोशल मीडिया पर आये एक वीडियो में उत्तरा कहती सुनी जा रही हैं कि वह ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गयी थीं। क्योंकि वह पिछले 25 वर्षों से अपने घर से बाहर हैं। इधर 2015 में उनके पति का निधन हुआ, जिसके बाद से उनके बच्चों का घर पर कोई सहारा नहीं है। इसलिए ही वह अपना स्थानांतरण चाह रही थीं। और मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गयी थीं। वहां इतने वर्षों से अंदर भरा हुआ गुस्सा बाहर निकल गया। उन्होंने पिता तुल्य अभिभावक के समक्ष अपनी शिकायत गुस्से के रूप में की। मुझसे जो गलती हुई है, उसे वह क्षमा करें। मेरे साथ शिक्षा विभाग के कारण काफी बुरा हुआ है।

शिक्षिका उत्तरा पंत के व्यवहार में अचानक आया यह परिवर्तन सोमवार को शिक्षा निदेशक आरके कुंवर एवं मंगलवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे से मिलने के बाद और इस मामले में बुरी तरह से घिरी राज्य सरकार के ‘डैमेज कंट्रोल’ का परिणाम माना जा रहा है। इससे सरकार व सत्तारूढ़ भाजपा को तो जरूर राहत मिलेगी, परंतु अपने राजनीतिक हितों के लिए उसे बिन मांगे समर्थन देने जुटे और सरकार को घेर रहे विपक्ष की किरकिरी होनी भी तय है।
इधर मुख्यमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने के बाद राष्ट्रीय मीडिया में भी छा चुकी और गत दिवस हाईकोर्ट की शरण में भी जाने की बात कहने वाली उत्तरा पंत को मंगलवार को टीवी के ‘बिग बॉश’ शो से भी फोन आने की खबर है।

यह भी पढ़ें: तब भी कुछ यही हुआ था: त्रिवेंद्र रावत-उत्तरा, हरीश रावत-उमा प्रकरण कुछ अलग हैं क्या ?

उत्तराखंड के चौथे विधानसभा चुनावों के बाद जब त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, तो हमने ‘नवीन समाचार’ में सुर्खी लगाई थी, ‘फिर रावत सरकार’। हमारी सुर्खी के मायने शायद तब इतने ही समझ आये हों कि इससे पूर्व उत्तराखंड में हरीश चंद्र सिंह रावत की सरकार थी और अब त्रिवेंद्र रावत की सरकार बन रही है। ‘फिर रावत सरकार’ पिछले मुख्यमंत्री हरीश रावत का चुनावी नारा भी था। लेकिन हमारा इशारा केवल जाति नाम ‘रावत’ और चुनावी नारे तक ही सीमित नहीं था, बल्कि जो आगे दिखाई दे रहा था, उसकी ओर भी था। अब रावत सरकार के करीब सवा वर्ष के कार्यकाल के बाद, खासकर शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा के सीएम त्रिवेंद्र रावत के जनता दरबार में हुए हंगामे और उनके निलंबन आदेशों के साथ यह बात सही साबित होती दिख रही है।
थोड़ा सा याददाश्त पर जोर दें, तो एक और ऐसी ही घटना याद आ जाएगी। यह संयोग ही है कि ऐसी ही वह घटना पिछली हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में नवंबर 2016 में हल्द्वानी के एफटीआई मैदान में उनके ही पुत्र आनंद रावत द्वारा आयोजित कुमाउनी क्विज प्रतियोगिता के दौरान भी घटी थी। उत्तरा की ही ‘नाम-जाति राशि की’ बिंदूखत्ता निवासी अशासकीय विद्यालय में 13 वर्षों से मात्र 5 हजार रुपए के वेतन पर कार्यरत शिक्षिका उमा पांडे अपने स्कूल को सरकारी ग्रांट न मिलने को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत के कदमों पर फूट-फूट कर रोई थी और मुख्यमंत्री हरीश रावत हंसते रहे थे। शिक्षिका को बमुश्किल पुलिस की मदद से कार्यक्रम स्थल से बाहर किया गया था। आज भी उत्तरा पंत बहुगुणा को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के जनता दरबार से पुलिस के द्वारा बाहर किया गया। कस्टडी में लेने के आदेश हुए, सो अलग।
इससे कुछ बातें साफ होती हैं। सरकार मुख्यमंत्री हरीश रावत की हो, अथवा त्रिवेंद्र रावत की, उसमें महिलाओं क्या किसी भी जरूरतमंद के लिए कोई संवेदनशीलता नहीं होती है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति स्वयं को राजा मानता है। भले ही वह राजशाही की तरह पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रधानमंत्री बनने का अधिकार लेकर पैदा हुए राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री बनाये गये हरीश रावत हों, अथवा स्वयं को ‘प्रधान सेवक’ कहने वाले नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री बनाये गये त्रिवेंद्र रावत।
वहीं केवल ताजा घटना की ही बात करें तो महिला-विधवा शिक्षिका उत्तरा पंत द्वारा मुख्यमंत्री के लिए सार्वजनिक तौर पर ‘चोर-उचक्के’ जैसे शब्दों के प्रयोग को कत्तई सही नहीं ठहराया जा सकता। खासकर एक महिला शिक्षिका होते, जिसका दर्जा गुरु के रूप में देवताओं से भी ऊपर तथा एक महिला और मां के रूप में समन्वित तौर पर साक्षात ‘गुर्रुब्रह्मा’ की ब्रह्माणी यानी माता सरस्वती के समान होता है, और उनसे समाज को सही शब्दों के साथ सही दिशा देने की अपेक्षा रहती है। वहीं सरकारी नौकरी कर रहे उम्रदराज सैनिक और सैन्य अधिकारी अपना घर बार छोड़ सियाचिन व लद्दाख में भी नौकरी कर रहे हैं। सो परिवार भी देखने और नौकरी भी करने की महिला शिक्षिका की चाह भी सही नहीं ठहराई जा सकती।
अलबत्ता, मुख्यमंत्री रावत ने उन्हें उनके निवेदन पर प्राथमिक शिक्षा विभाग में ‘जिला कैडर’ होने की याद दिलायी, जिसके तहत जिलों से बाहर अंर्तजिला स्थानांतरण होने पर शिक्षकों को अपनी वरिष्ठता खोनी पड़ती है। पता नहीं शिक्षिका उत्तरा पंत अपनी नौकरी के आखिरी पड़ाव में अंर्तजिला स्थानांतरण किये जाने पर अपनी 25 वर्ष की वरिष्ठता खोने को तैयार हैं अथवा नहीं। मुख्यमंत्री रावत की धर्मपत्नी सुनीता रावत ने अपनी आठ वर्ष की सेवा के बाद ही पौड़ी से देहरादून जिले को अंर्तजिला स्थानांतरण करा लिया था। शायद वरिष्ठता भी खोई हो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने उन्हें सरकारी नौकरी शुरू करने से पहले नियमों के पालन करने के लिए स्वीकार की जाने वाली सेवा नियमावली भी याद दिलाई, यहां तक सब ठीक मान भी लिया जाये तो भी यह मानना पड़ेगा कि मुख्यमंत्री रावत ने इस घटना के साथ एक राजनीतिज्ञ के लिए अपेक्षित धैर्य खोकर स्वयं की बुद्धिमत्ता और संवेदनशीलता (या कि मूर्खता और संवेदनहीनता) का सैकड़ों कैमरों के बीच स्वयं नग्न प्रदर्शन कर दिया है। उनकी स्थिति कालीदास की तरह नजर आ रही है, जिन्हें काफी समय से विद्वान बना कर रखा गया था, लेकिन आज वे ‘उट्र-उट्र’ कर बैठे हैं।
इस संबंध में एक और घटना याद हो आती है। नैनीताल क्लब के खचाखच भरे सभागार में मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में स्थानीय विधायक संजीव आर्य एक समस्या रखते हैं। वे कहते हैं, ‘हमारी कई सड़कें स्वीकृत हैं। धन भी उपलब्ध है। लेकिन उनकी विधानसभा के साथ ही पूरे प्रदेश में सड़कों के बदले किये जाने वाले प्रतिपूरक वृक्षारोपण के लिए वन भूमि उपलब्ध नहीं है। अलबत्ता प्रदेश में सिविल सोयम की काफी भूमि निरुपयोगी पड़ी है। मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि वे वन भूमि की जगह सिविल सोयम की भूमि पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण कराने की अनुमति प्रदान करने हेतु कुछ करें।’ उनके बाद मुख्यमंत्री का आधा भाषण 20 रुपए में बनने वाली एक ऐसी करिश्माई बोतल पर चलता है, जिसका रिस्पना नदी की सफाई में प्रयोग किया जा रहा है, और जिसे हर घर में तैयार किया जा सकता है और इससे हर कहीं गंदगी से पटे नालों को ‘खुशबूदार’ बनाया जा सकता है। यह अलग बात है कि वह करिश्माई बोतल आज तक कहीं नजर नहीं आई। अलबत्ता वे विधायक की बात पर कहते हैं, ‘मैं घोषणाएं नहीं करता हूं। लेकिन विधायक जी कह रहे हैं तो यहां-वहां से, सड़कों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा करता हूं।’ यानी विधायक आर्य की वन-सिविल सोयम भूमि की बात कहीं हवा में ही उड़ गयी, अथवा उनकी समझ में ही नहीं आयी।
यह ठीक है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की छवि आमतौर पर शालीन राजनीतिज्ञ की मानी जाती है। वे हरीश रावत की तरह, केवल कुछ चुनिंदा चाटुकारों से घिरे और उन्हें छोड़कर अन्य के खिलाफ मौका ढूंढ-ढ़ूंढकर जहर उगलने वाले अधिक वाचाल व तिकड़मी राजनीतिज्ञ नहीं हैं, जो घर के भीतर उगाये जाने वाले पवित्र हरेले को कुछ सौ रुपए के ईनाम के लिए गांव के चौराहे पर सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाने और वह मामूली इनाम भी सबको न पहुंचा पाने जैसी योजनाएं लाते हैं। कभी रिक्शे-नाव में सफर करने तथा बाजार में पकोड़े खाने, काफल पार्टी करने के साथ ही आंखों पर दूरबीन लगाकर केदारनाथ जाने व भजन-कीर्तन करने में भी शुद्ध नौटंकी करते हैं। वहीं करीब छः महीने के कार्यकाल के बाद भी त्रिवेन्द्र रावत सरकार के काम तो धरातल पर कुछ दिखाई नहीं दे रहे हैं, अलबत्ता मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत हरीश रावत की तरह ही हमेशा ‘प्लेन’ से नहीं कभी आम आदमी की तरह ‘ट्रेन’ से भी सफर कर लेते हैं। सुबह देहरादून से हल्द्वानी आते हैं, और दिन भर काम निपटाकर शाम तक लौट जाते हैं। लेकिन राज्य और राज्य की जनता के हितों के मोर्चे पर बरती जाने वाली संवेदनशीलता के मोर्चे पर वे कहीं से भी वे अपनी सरकार के कार्यों की तरह हरीश रावत से श्रेष्ठ नहीं दीखते। (नवीन जोशी, , 28 जून 2018)

पूर्व आलेख : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 : फिर रावत की, पर ‘डबल इंजन’ सरकार

आखिर 17 की किशोर वय और चौथी विधानसभा में ही उत्तराखंड को 9वां (बदलते हुए 10वां) मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के रूप में मिलना तय हो गया है। पिछले सीएम हरीश रावत का ‘फिर रावत सरकार’ का नारा भी एक अर्थ में ‘त्रिवेन्द्र रावत’ की सरकार आने के साथ सही साबित हुआ है। लिहाजा, प्रदेश में लगातार दूसरी बार ‘रावत सरकार’ ही होगी, अलबत्ता दुआ करनी होगी कि यह वाली रावत सरकार पिछली (हरीश रावत वाली) रावत सरकार जैसी ‘राज्य को काट-पीट कर खा जाओ’ और ‘सब कुछ अपनी जेब में भरो’ वाली नहीं होगी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वादे के अनुरूप ‘डबल इंजन’ वाली सरकार होगी। मालूम हो कि राज्य में भाजपा ने उत्तराखंड में करिश्माई प्रदर्शन करते हुए 70 में से 57 सीटें हासिल की हैं, जबकि पिछले बार 2012 में उससे एक सीट अधिक जीतने वाली कांग्रेस 11 सीट पर आकर सिमट गयी है।

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