EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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स्थित माणा कैंप के पास शुक्रवार को भीषण हिमस्खलन हुआ। इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे 55 मजदूर बर्फ में दब गये थे। इनमें से 46 सुरक्षित हैं, जबकि आठ की मौत हो गई। रविवार को लापता सभी चार श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए हैं। जबकि चार श्रमिकों के शव शनिवार को बरामद हो गए थे। रविवार को एक अन्य घायल को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल श्रमिक शनिवार को रेफर किया गया था। इसके साथ ही तीन दिनों से चला आ रहा रेस्क्यू अभियान भी समाप्त हो गया।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleमृतकों में यह शामिल हिमस्खलन में फंसे मजदूरों की खोज जारीआईटीबीपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कियाक्षेत्र में संचार सेवा ठप, वायु सेना से मांगी मददबर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलेंबीआरओ कैंप को नुकसानमुख्यमंत्री ने की मजदूरों की सुरक्षा की प्रार्थनारैणी आपदा की दिलाई याद (Big accident in Uttarakhand-Avalanche in Chamoli)राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र द्वारा जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर में भारी वर्षा एवं बर्फबारी के दृष्टिगत जिलाधिकारियों को जारी किए गए आवश्यक दिशा-निर्देश :Like this:Relatedमृतकों में यह शामिल मृतकों में मोहिंदर पाल (42 वर्षीय) पुत्र देशराज निवासी कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, हरमेश चंद (31 वर्षीय) पुत्र ज्ञान चंद निवासी ऊना हिमाचल प्रदेश, आलोक यादव निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश, मंजीत यादव पुत्र शंभू निवासी सरवन, उत्तर प्रदेश, जितेंद्र सिंह (26 वर्षीय) पुत्र कुलवंत सिंह, बिलासपुर, उत्तर प्रदेश, अशोक (28 वर्षीय) पुत्र रामपाल निवासी फतेहपुर उत्तर प्रदेश, अनिल (21 वर्षीय) पुत्र इश्वरी दत्त निवासी रुद्रपुर उधम सिंह नगर उत्तराखंड व अरविंद निवासी देहरादून उत्तराखंड शामिल हैं।यह भी पढ़ें : दो बच्चों की मां का भतीजे ने चुराया दिल, प्रेम विवाह कर दोनों घर चलाने बन गए 'बंटी-बबली' जैसे चोर और….दुर्घटना का विवरण शुक्रवार सुबह लगभग 7:15 बजे माणा गांव के निकट बीआरओ के एक शिविर पर हिमस्खलन हुआ। इस शिविर में 57 श्रमिक मौजूद थे, जो माणा से माणा दर्रा तक सड़क चौड़ीकरण और पक्कीकरण के कार्य में लगे थे। हिमस्खलन के कारण श्रमिक बर्फ में दब गए।बचाव अभियान की प्रगतिघटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 50 श्रमिकों को बर्फ से बाहर निकाला गया है, जिनमें से चार की मृत्यु हो चुकी है। पांच श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज जारी है।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। मौसम की चुनौतियाँबचाव कार्य में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण कठिनाइयाँ आ रही हैं। क्षेत्र में छह फीट तक बर्फ जमा है, जिससे बचाव दलों को मार्ग अवरुद्ध होने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में नई समस्या बने नीले ड्रम, ‘देशी गीजर’ बनाकर हो रही बिजली चोरी, रुड़की ऊर्जा निगम की कार्रवाई में 148 नीले ड्रम बरामद...प्रशासन की प्रतिक्रियाउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने भगवान बद्री विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना की है।क्षेत्र की संवेदनशीलताहिमालयी क्षेत्र अपनी पारिस्थितिक संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है और यहाँ ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के कारण हिमस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। 2022 में, उत्तराखंड में एक हिमस्खलन में 27 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई थी, जबकि 2021 में एक ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ में 200 से अधिक लोग मारे गए थे।प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम धामी से फ़ोन पर बात कर जनपद चमोली के माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया।हिमस्खलन में फंसे मजदूरों की खोज जारीपुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमस्खलन की चपेट में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मजदूर आए हैं। ये सब बीआरओ की कार्यदायी संस्था के मजदूर हैं। बताया जा रहा है कि बर्फबारी के बीच आज सुबह कुबेर पर्वत से कंटेनर के ऊपर हिमस्खलन हो गया। जिसमें सो रहे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के 57 मजदूर इसकी चपेट में आ गए।आईटीबीपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कियाभारी बर्फबारी के चलते आईटीबीपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है। आईटीबीपी के जवान माणा गांव में वापस अपने कैंप में लौट गए है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिस स्थान पर हिमस्खलन हुआ है वहां करीब आठ फीट तक बर्फ जम गई है। मौसम सामान्य होने पर फिर से रेस्क्यू चलाया जाएगा।Defence Minister Rajnath Singh says, "An unfortunate avalanche has occurred in the Mana area of Joshimath (Uttarakhand) today impacting the GREF camp of BRO. Spoke to CM Shri Pushkar Singh Dhami regarding the situation. The administration is providing all possible assistance to… pic.twitter.com/8Y9wgPtCHw— ANI (@ANI) February 28, 2025क्षेत्र में संचार सेवा ठप, वायु सेना से मांगी मददक्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण संचार सेवा ठप हो गयी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा और माणा पास के बीच हिमस्खलन की सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू कर दिया गया। सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें खोज एवं बचाव अभियान में लगी हैं। वायु सेना से भी सहायता मांगी गयी है।उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी, DG ITBP और DG NDRF से बात की। हादसे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है।स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। NDRF की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर…— Amit Shah (@AmitShah) February 28, 2025बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलेंबदरीनाथ मार्ग का हनुमान चट्टी से आगे का हिस्सा बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गया है, जिससे एनडीआरएफ की टीम माणा कैंप तक नहीं पहुंच पाई है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, औली, गोरसों, नीती और माणा घाटी में भारी बर्फ जमा हो चुकी है।यह भी पढ़ें : पति प्रताड़ित करता था तो कैसे साथ गुजार दिए 11 साल ? न्यायालय ने आरोपित फौजी पति को किया दहेज उत्पीड़न के आरोपों से दोषमुक्त....बीआरओ कैंप को नुकसानउत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि माणा में सीमा सड़क संगठन के कैंप के पास हुए हिमस्खलन में निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर दब गये हैं। इनमें से 10 को बचा लिया गया है और गंभीर रूप से घायल मजदूरों को सेना कैंप में चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। अन्य को निकालने के प्रयास जारी हैं।मुख्यमंत्री ने की मजदूरों की सुरक्षा की प्रार्थनामुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली में हुए हिमस्खलन पर चिंता व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित मजदूरों को हर संभव सहायता उपलब्ध करायेगी। साथ ही उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा और शीघ्र बचाव की प्रार्थना की। (Big accident in Uttarakhand-Avalanche in Chamoli, Chamoli News, Uttarakhand News, Big accident in Uttarakhand, Avalanche in Chamoli)रैणी आपदा की दिलाई याद (Big accident in Uttarakhand-Avalanche in Chamoli)चमोली में हुए इस हिमस्खलन ने वर्ष 2021 में रैणी गांव में हुई आपदा की याद दिला दी, जब ग्लेशियर टूटने के कारण ऋषिगंगा में आयी बाढ़ से 206 लोगों की मृत्यु हो गयी थी और कई आज भी लापता हैं। (Big accident in Uttarakhand-Avalanche in Chamoli, Chamoli News, Uttarakhand News, Big accident in Uttarakhand, Avalanche in Chamoli)राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र द्वारा जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर में भारी वर्षा एवं बर्फबारी के दृष्टिगत जिलाधिकारियों को जारी किए गए आवश्यक दिशा-निर्देश : आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे थ्रेड्स चैनल से, व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, टेलीग्राम से, एक्स से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..। (Big accident in Uttarakhand-Avalanche in Chamoli, Chamoli News, Uttarakhand News, Big accident in Uttarakhand, Avalanche in Chamoli, Avalanche in Mana Village, Crisis on Border Roads Organisation camp, 57 workers buried in snow, Chamoli, Glacier Burst, Uttarakhand, Mana Pass, BRO Camp, Indian Army, ITBP, Avalanche, Rescue Operation, Disaster Management, Border Road Organization, Badrinath, NDRF, Snowfall, Natural Disaster, Police, Avalanche, Uttarakhand, Chamoli, Mana Village, BRO, Border Roads Organization, Rescue Operation, Indian Army, ITBP, NDRF, SDRF, Glacier Burst, Natural Disaster, Climate Change, Himalayan Region, Worker Safety, Infrastructure Development,) Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationनैनीताल के रेस्टोरेंट में फिर बासी बिरयानी परोसे जाने का आरोप, खाद्य विभाग ने लिए नमूने सचिवालय में नौकरी के नाम पर 26.55 लाख की धोखाधड़ी: महिला प्रधान सहायक गिरफ्तार