केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को समर्पित किए उत्तराखंड के 6 पुलों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में बने 63 पुल

-बीआरओ ने किया है निर्माण, उत्तराखंड में 1928.74 लाख रुपए की लागत से बने छह पुलों का हुआ लोकार्पण नवीन समाचार, रामनगर, 28 जून 2021। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिह ने सोमवार को लेह से देश में बीआरओ द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में बनाये गये 63 पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। … Read more

गंगा दशहरा पर गंगा पर हुआ वेबिनार, बताया देश की 43 फीसदी जनसंख्या गंगा से सीधे प्रभावित होती है

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2021। सोमवार को गंगा दशहरा के पर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के शोध एवं प्रसार निदेशालय, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, कूटा, डॉ. वाईपीएस पांगती फॉउंडेशन, एसएमडीसी नैनीताल, इग्नू के द्वारा ‘गंगा रिजूविनेशन अवर हेरिटैज’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का संचालन करते हुए विश्वविद्यालय … Read more

संचार के द्विपद, बहुपद, अधिनायकवादी, उदारवादी, सामाजिक उत्तरदायित्व युक्त, कम्युनिस्ट व एजेंडा सेटिंग सिद्धांत

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

संचार के द्विपद एवं बहुपद सिद्धांत डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। संचार अथवा जनसंचार की प्रक्रिया केवल वक्ता एवं श्रोता अथवा श्रोताओं के समूह पर स्वतंत्र रूप से निर्भर नहीं रहती है, वरन इन कारकों की अंर्तक्रिया या परस्पर संवाद भी संचार की प्रक्रिया पर प्रभाव डालती है। जनसंचार माध्यमों के प्रभावों को … Read more

कोरोना से सात गुने से अधिक जानलेवा साबित हुआ ब्लैक फंगस, मौतों की संख्या अर्धशतक पार

नवीन समाचार, देहरादून, 11 जून 2021। उत्तराखंड में ब्लैक फंगस कोरोना से अधिक जानलेवा साबित हो रहा है। राज्य में कोरोना संक्रमण से मृत्यु दर जहां दो प्रतिशत से कुछही अधिक है, वहीं ब्लैक फंगस से मृत्यु दर जहां 15.73 प्रतिशत हो गई है। राज्य में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को … Read more

ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में नैनीताल, हल्द्वानी, काठगोदाम, झारखंड व उड़ीसा के बच्चे छाये…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जून 2021। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राणी उद्यान नैनीताल द्वारा आयोजित कराई गई ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए हैं। घोषित किए गए परिणामों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल हुए करीब 250 प्रतिभागियों में से कक्षा दो से पांच से ग्रुप 1 में आर्यमान बिड़ला हल्द्वानी के प्रबल रौतेला को प्रथम, सिंथिया स्कूल हल्द्वानी के पंकज सिंह को द्वितीय, संजना सोरागी को तृतीय व बीएसएसवी मल्लीताल के हर्षित अधिकारी को सांत्वना, कक्षा 6 से 8 से ग्रुप 2 में निर्मला कॉन्वेंट काठगोदाम की रिद्धि जोशी को प्रथम, सेंट मेरी नैनीताल की संस्कृति पांडे को द्वितीय, यूनिवर्सल स्कूल हल्द्वानी की सिमरन को तृतीय व डीएवी पब्लिक स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा को संात्वना तथा कक्षा 9 से 12 के ग्रुप 3 के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल जमशेदपुर झारखंड के आयुष कुमार झा को प्रथम, बुवी जगबंधु स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा की आइशा पांडा को द्वितीय, सिंथिया पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की अंजली ढैला को तृतीय व सेंट मेरी नैनीताल की पावनी शर्मा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : अब ‘आधी गोद’ भी लिये जा सकेंगे नैनीताल जू के पशु-पक्षी, रेड पांडा के विदेशी संबंध बनाने की योजना…

Nainital Zooनवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। नैनीताल प्राणी उद्यान में रहने वाले पशु-पक्षिओं को अब उनके नियत अंगीकरण शुल्क की आधा धनराशि जमा करके आधा भी अंगीकृत किया जा सकेगा। शुक्रवार को चिड़ियाघर प्रबंधन सोसाइटी की आईएएस अधिकारी आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में वन्य जन्तु अंगीकरण योजना में परिवर्तन कर अब यह प्रावधान किया गया। बताया गया है कि अंगीकरण शुल्क अधिक होने के कारण कई लोग चाहकर भी पशु-पक्षियों को अंगीकृत नहीं कर पाते थे, इसलिए प्राविधान में परिवर्तन किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद अधिक लोग पशु-पक्षिओं को अंगीकृत करने क अलए आगे आएंगे और नैनीताल प्राणि उद्यान की आय में वृद्धि होगी व पशु-पक्षियों की बेहतर देखभाल हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त बैठक मे ‘जू सोसाइटी’ में प्राप्त आय व व्यय में सामंजस्य रखने को कहा गया। नैनीताल जू में निर्माणाधीन इण्टरप्रिटेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। महत्वपूर्ण वन्य जीव जैसे रेड पाण्डा के अर्न्तराष्ट्रीय विनिमय विधिवत अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् किया जा सकता है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा लिये गये निर्णयों पर सहमति दी गयी। अंत में अध्यक्ष ने प्राणी उद्यान का भ्रमण किया, तथा प्राणी उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव एवं सफाई व्यवस्था, जू कर्मचारियों के कठिन परिश्रम की प्रशंसा की। इसके साथ ही हल्द्वानी स्थित अंतर्राष्ट्रीय जू की शासकीय निकाय की वार्षिक बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठकों में डा. विवेक पांडे, डा. तेजस्विनी अरविंद पाटिल, डा. पराग मधुकर धकाते, नितीश मणि त्रिपाठी, बीजू लाल टीआर, सुनील कुमार मीणा, एसएस जंगपांगी, दिनेश चंद्र साह, पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी व ममता चंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

रेड पांडा के दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनिमय पर भी हुई चर्चा

red panda
बड़े हो गए हें रेड पांडा के बच्चे (04.10.2015)

नैनीताल। बैठक में बताया गया है कि नैनीताल जू में रेड पांडा के जोड़े दो-तीन बार प्रजनन कर चुके हैं, तथा उनकी पर्याप्त संख्या हो गयी है। आगे इनके दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन के लिए इन्हें बाहरी साथी उपलब्ध कराने जरूरी हैं, क्योंकि भारत में नैनीताल के अलावा दार्जिलिंग के चिड़ियाघर में ही दार्जिलिंग में ही रेड पांडा हैं एवं यहां दार्जिलिंग से ही इन्हें लाया गया है, इस प्रकार दोनों जगह मौजूद रेड पांडा एक ही रक्त संबंध के हैं। लिहाजा कहा गया कि विधिवत अनुमति प्राप्त करके ही इनका अंतर्राष्ट्रीय विनिमय किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : वन विभाग ने पथरीले पहाड़ पर उगाया ‘हिमालयन बॉटनिकल गार्डन’

तत्कालीन वन वर्धनिक उत्तराखंड मनोज चंद्रन ने 350 हेक्टेयर क्षेत्रफल को केवल 90.5 लाख रुपए से किया सबसे बड़े जीवंत जैव संग्रहालय के रूप में
नवीन जोशी, नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में बीते एक दशक में एक ऐसा नया पर्यटन स्थल विकसित हो गया है, जो कभी पथरीला पहाड़ हुआ करता है, और यहां के मजबूत पत्थरों से नगर में अंग्रेजी दौर में घरों-बंगलों का निर्माण किया जाता था। इस पथरीले पहाड़ पर वन विभाग ने बीते करीब 12-13 वर्षों में प्रदेश का अपनी तरह का इकलौता व अनूठा जीवंत जैव विविधता से समृद्ध संग्रहालय-हरबेरियम ‘उगा’ दिया है, जिसमें इतनी अधिक खाशियतें हैं कि नगर के दूर होने के बावजूद इन्हें देखने के लिए हर वर्ष लाखों सैलानी भी यहां आ रहे हैं।

Read more

प्रभारी मंत्री बंशीधर से अस्पताल संचालक ने लड़ाई जुबान, कहा, वह अपराधी नहीं जो खड़े कर किया जा रहा है जवाब तलब….

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2021। राज्य के पीपीडी मोड में चल रहे रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में दल-बल के साथ छापा मारने पहुंचे जनपद के कोविड प्रभारी मंत्री बंशीधर भगत को मंगलवार को चिकित्सालय के संचालक डॉ. दीपक गोयल जुबान लड़ाते हुए अड़ गए। इससे माहौल गरमा गया। संचालक ने यहां तक कह दिया, … Read more

मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश के 26 वन गांवों को बिजली, पानी, सड़क के साथ ही ग्राम प्रधानों को मुहर भी देने का दावा

-जिम कार्बेट पार्क में अब 50-50 महिला नेचर गाइड व जिप्सी चालकें भी होंगी -10 हजार स्थानीय युवा कौशल विकास कर प्राप्त करेंगे स्वरोजगार नवीन समाचार, रामनगर, 21 मार्च 2021। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने रविवार को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस … Read more

पत्रकारिता : संकल्पना, प्रकृति और कार्यक्षेत्र, महिला पत्रकार, पत्रकारिता की उत्पत्ति का संक्षिप्त इतिहास, प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार, वृद्धि और विकास

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। जब भी हम पत्रकारिता की बात करते हैं, तो बात करते ही सर्वप्रथम हमारे मुंह से पहला स्वर निकलता है-‘पत्र’। पत्र शब्द सामान्य तौर पर प्रिंट पत्रकारिता का आभास कराता है, किंतु इस शब्द में ही मूलतः ‘पत्रकार’ शब्द से व्युत्पन्न ‘कारिता’ प्रत्यय जोड़ने से जो ‘पत्रकारिता’ शब्द … Read more

‘हमारा सभासद-हमारा साथी’, आज वार्ड-15 की सभासद पर ‘आज़ाद के तीर’

‘नवीन समाचार’ में हम ‘आजाद के तीर’ स्तंभ में ‘हमारा सभासद-हमारा साथी’ नाम से एक नई श्रृंखला शुरू कर रहे हैं। क्योंकि सभासद ही नगर की जनता का सबसे करीबी जनप्रतिनिधि होता है। इस श्रृंखला में नगर पालिका परिषद, नैनीताल के समस्त सभासदों की जुबानी, उनके द्वारा अपने क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में किए … Read more

नैनीताल : प्रधानाचार्य अमनदीप संधू को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत

-अब सात जनवरी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में सभी पक्षों को सुनते हुए याचिका पर फिर से सुनवाई होने की उम्मीद बनी नवीन समाचार, नैनीताल, 05 जनवरी 2020। सर्वोच्च न्यायालय ने नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में प्रधानाचार्य अमनदीप संधू को बड़ी राहत दे दी है। श्री संधू ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष याचिका … Read more

नैनीताल विंटर कार्निवाल पर बड़ा समाचार

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसम्बर 2020। जनपद नैनीताल में आगामी 26 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक आयोजित होने वाला विंटर कार्निवाल स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुये नैनीताल महोत्सव समिति के सचिव जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद कुमार गौड़ ने बताया है कि विंटर कार्निवाल 2020 के आयोजन हेतु आयोजन समिति के तकनीकी … Read more

मल्लीताल व्यापार मंडल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने निकाला विजय जुलूस, पहले ही तय हो गया किस दिन हो जाएंगे कार्यमुक्त..

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। मल्लीताल व्यापार मंडल के लिए रविवार को हुए चुनाव के परिणाम देर रात्रि करीब सवा 11 बजे घोषित किए गए। घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर निवर्तमान एवं पिछले दो दशक से इस पद पर बरकरार किसन नेगी, महामंत्री पद पर चौंकाते हुए त्रिभुवन फर्त्याल, महिला उपाध्यक्ष के … Read more

प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में लखनऊ डायेसिस भी कूदी, दूसरे प्रतिष्ठित विद्यालय पर भी उठाए सवाल

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में अब लखनऊ डायेसिस भी कूद गई है। लखनऊ डायेसिस ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इंटरवेंशन यायिका दाखिल कर उनका पक्ष भी सुने जाने का अनुरोध किया है। साथ ही पत्रकार वार्ता में इस प्रतिष्ठित विद्यालय के साथ ही आगरा डायेसिस एवं उसके … Read more

नैनीताल-हल्द्वानी के युवाओं ने हल्द्वानी में खोला विज्ञापन-मार्केटिंग का संपूर्ण समाधान

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। हल्द्वानी में गैस गोदाम चौराहा पर आधुनिकतम फ्लेक्स प्रिंटिंग मशीन, लेजर कटिंग मशीन व डिजिटल प्रिंटिंग मशीन युक्त हर तरह के फ्लेक्सी विज्ञापन एवं मार्केटिंग की सुविधाओं युक्त संस्थान अनुपम सलूशन-एलएलपी खुल गया है। बुधवार को प्रदेश के काबीना मंत्री यशपाल आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने नैनीताल … Read more

देश के लिए जान लुटाने वाले सेनानियों के आश्रितों को मात्र 4 हजार की कुटुंब पेंशन हास्यास्पद

-अपनी समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त से मिले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित

swatntrata sangram senani ashrit
मंडलायुक्त को ज्ञापन सोंपते अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के सदस्य।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2021। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का एक शिष्टमंडल बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के बैनर तले कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत से मिला। सदस्यों ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को वर्ष 2018 से उत्तराखंड सरकार के द्वारा चार हजार रुपए की कुटुंब पेंशन दिए जाने का प्राविधान किया गया है।

हास्यास्पद है कि यह पेंशन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सभी आश्रितों में बंटनी है। यानी यदि किसी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 4 आश्रित हों तो सबको 1-1 हजार रुपए या 8 आश्रित होने पर 500-500 रुपए पेंशन मिलेगी। इसके बावजूद कई शर्ताें के कारण यह पेंशन भी पात्रों को नहीं मिल पा रही है।

इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रथम पीढ़ी के आश्रितों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भांति सुविधाएं एवं द्वितीय पीढ़ी के आश्रितों को भी प्रथम पीढ़ी के आश्रितों की भांति सुविधाएं देने, पूर्व में हो चुकी घोषणा के अनुरूप कुटुंब पेंशन की धनराशि 4 हजार को बढ़ाकर 10 हजार करने का शासनादेश जारी करने, बस के साथ रेलयात्रा की सुविधा भी देने, शिक्षा व नौकरी में 3 की जगह 5 फीसद आरक्षण दने, उत्तराधिकारी की बेटी की बेटियों को भी भी विवाह हेतु 50 हजार रुपए की धनराशि अनुदान स्वरूप देने तथा भूमिहीन उत्तराधिकारियों को शासनादेश के अनुरूप 100 वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क आवंटित करने की मागें भी उठाई गई।

शिष्टमंडल में संगठन की संयोजक अनुपम उपाध्याय, जिलाध्यक्ष उमेश जोशी, महिला अध्यक्ष डॉ. सरिता कैड़ा, महिला उपाध्यक्ष बीना उप्रेती, पवन बिष्ट, आनंद जोशी व आकांक्षा उप्रेती आदि शामिल रहे।

2017-18 की इंटर उत्तीर्ण बालिकाओं को सिर्फ 5000 कन्याधन, अन्य को 51 हजार
नैनीताल। वार्ता के दौरान समस्या रखे जाने पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने जिला कार्यक्रम अधिकारी वे वार्ता कर स्पष्ट किया कि 2017 व 2018 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को केवल 5000 रुपए ही नंदा गौरा कन्याधन योजना के तहत मिलेगा, जबकि इससे पूर्व व बाद के वर्षों की बालिकाओं को 51 हजार रुपए कन्याधन दिया जा रहा है। माना गया कि यह इन बालिकाओं के साथ अन्याय जैसा है।

यह भी पढ़ें : जीवन के आखिरी पड़ाव में भी अपनी ही सरकार से निराश-हताश आपातकाल के पीड़ित…

-सोते हुए घर से गिरफ्तार किये गये, यातनाएं झेलीं, फिर भी अपनी सरकार ने भी नहीं दिया सम्मान-मान्यता
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2020। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच लगे आपातकाल के भारतीय लोकतंत्र के सर्वाधिक काले इतिहास दौर की भेंट चढ़ने वालों के जख्म हर वर्ष 25 जून को हरे हो जाते हैं। सरोवरनगरी के भी दो ऐसे वयोवृद्ध लोग हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या होते न केवल अपनी आंखों से देखा, वरन इसके भुक्तभोगी भी बने। पुलिस द्वारा रात्रि में सोते हुए पकड़े गए। दो रात हवालात में रखकर पीटे गए। जेल जाने पर जमानत के लिए आवेदन किया तो न्यायालयों में भी व्याप्त हो चला भ्रष्टाचार झेला। किसी तरह जमानत मिली तो जमानती भी इसलिए नहीं मिले कि संबंध होने के आरोप में कहीं पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार न कर ले। इसी कारण ना ही गिरफ्तार होने पर घर वालों की और ना ही जेल से छूटने के बाद उनकी कुशल क्षेम पूछने ही कोई परिचित-पड़ोसी आया। इसी कारण लंबे समय तक लोग उनकी दुकान पर भी नहीं आते थे। इतनी परेशानियां झेलीं तो स्वप्न देखते थे कि कभी अपनी सरकार भी आएगी। अपनी सरकार आई और है भी, लेकिन उसने भी ठुकरा दिया। कभी ताम्रपत्र देने की बात हुई। कभी लोकतंत्र सेनानी घोषित करने का ख्वाब दिखाया। लेकिन नतीजा सिफर। फलस्वरूप लोकतंत्र के ये सेनानी आज भी उन स्थितियों से उबर नहीं पा रहे हैं। अपनी ही सरकार में भी हताश-निराश हैं।

यह कहानी मुख्यालय निवासी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे भुवन चंद्र हरबोला एवं आरएसएस के कामेश्वर प्रसाद काला की है। हरबोला को 16 नवंबर 1975 को किराये के घर में सोते हुए हल्की पूछताछ के नाम पर मल्लीताल कोतवाली के गब्बर सिंह कहे जाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी ने की थी। उन्हें एक रात मल्लीताल और एक रात तल्लीताल थाने में रखा गया और 18 नवंबर को हल्द्वानी जेल भेजा गया, जबकि काला 1 दिसंबर को हल्द्वानी में सरकार विरोधी एक रैली के दौरान गिरफ्तार हुए। दोनों संघ के स्वयं सेवक थे। इसलिए सरकार उनके पीछे लगी थी। संघ के बड़े अधिकारियों ने उन्हें जल्दी जमानत ले लेने की सलाह दी, ताकि वे संघ की शाखाएं लगाने जैसी अपनी गतिविधियों को जारी रख सकें। इसलिए दोनों करीब एक सप्ताह जेल में रहकर जमानत पर बाहर आ गये। लेकिन न्यायालय में मुकदमा 21 मार्च 1977 को जनता पार्टी की सरकार आने तक चलता रहा। 1977 के चुनाव में देश के साथ नैनीताल लोक सभा में भी इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी को भारतीय लोकदल के  एक गुमनाम से चेहरे भारत भूषण ने पटखनी दे दी थी। श्री काला बताते हैं, जेल से आने पर भी कोई उनके घर की सीढ़ियां चढ़ने को तैयार नहीं था, क्योंकि लोग डरते थे कि उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। वहीं हरबोला बताते हैं जेल से छूटने के बाद भी पुलिस-प्रशासन उन्हें फिर से किसी तरह अंदर करने की जुगत में था। इसलिए वे एक दिन अपने भाई के साथ नैनीताल की बिड़ला चुंगी से होते हुए पैदल जंगल के रास्ते रातीघाट होते हुए जनपद से बाहर निकल गये थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जेल में गये गिने-चुने लोग ही बचे हैं, फिर भी सरकार की मंशा उन्हें किसी तरह की मान्यता-सम्मान देने की नहीं है। इससे वे निराश और हताश हैं।

उत्तराखंड सरकार की योजना का लाभ नहीं मिला

नैनीताल। विगत वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधमसिंह नगर के हिस्से के निवासी मिले। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये। इनमें हरबोला और काला भी शामिल रहे, लेकिन निर्धारित से कम अवधि जेल में रहने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला।

कोश्यारी, त्रिपाठी, शर्मा सहित उत्तराखंड के 325 सेनानी गये आपातकाल में जेल

नैनीताल। आपातकाल में उत्तराखंड के 325 लोगों को डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ एवं मीसा यानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ के जेलों में ठूंसा गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधायक अधिवक्ता गोविंद सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूरन चंद्र शर्मा, उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्य व विधायक विपिन चंद्र त्रिपाठी जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।

सर्वाधिक 116 सेनानी ठूंसे गये हल्द्वानी जेल में

नैनीताल। आपातकाल के दौरान उत्तराखंड के जिन 325 लोगों को जेलों में ठूंसा गया, उनमें से सर्वाधिक 116 को नैनीताल जिले के हल्द्वानी उप कारागार में, 81 को नैनीताल जिला कारागार में, 52 को देहरादून की जेल में, 39 को अल्मोड़ा जिला जेल में, 29 को रुड़की जेल में और चार को टिहरी जेल में डाला गया था।

यह भी पढ़ें : आपातकाल के लोकतंत्र सेनानीः उम्र के आखिरी दौर में 7 को मिला लाभ, 4 के मामले लंबित

-नैनीताल जनपद से पहले 9 लोगों ने किया था आवेदन, इनमें से 7 को 1 वर्ष की पेंशन जारी, 2 के मामले में फिर से मांगी गयी है जांच रिपोर्ट, 2 नये आवेदन भी आये
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने 1975-77 के दौर में लगे आपातकाल के दौर में जेलों में ठूंस दिये गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ की सुध लेने में देर से ही सही लेकिन पहल कर दी है। कमोबेश बिना कारण झेली गयी उन भयावह यातनाओं को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा हुई है, जिसके बाद जनपद में जीवित बचे 10 में से 9 लोकतंत्र सेनानियों ने यह दर्जा व पेंशन हासिल करने के लिए आवेदन किया था। अलबत्ता, नैनीताल के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भुवन चंद्र हरबोला एवं वयोवृद्ध आरएसएस नेता कामेश्वर प्रसाद काला को छोड़कर शेष 7 लोगों को बीते माह पेंशन स्वीकृत होने के साथ ही 1 वर्ष की एकमुश्त जारी हो गयी है। वहीं इधर 2 नए लोगों ने भी बीते माह आवेदन कर दिये हैं। नैनीताल मुख्यालय निवासी इन दो लोकतंत्र सेनानियों के बारे में शासन ने फिर से जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी है।

उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच देश में लगे आपातकाल के दौर में देश भर के साथ उत्तराखंड राज्य के लोगों को भी तत्कालीन इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के आंखों में वैचारिक तौर पर खटकने भर से जेलों में ठूंस दिया गया था। इधर इस वर्ष राज्य सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधम सिंह नगर के हिस्से के निवासी हैं। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये हैं।

Read more