भीमताल के पूर्व पालिकाध्यक्ष भाजपा नेता राजेश नेगी व अन्य के विरुद्ध दर्ज धोखाधड़ी के अभियोग की विवेचना पुनः उच्च-स्तर के पुलिस अधिकारी को करने के आदेश

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-न्यायालय ने पुलिस की विवेचना को अस्वीकार किया, न्यायालय के आदेश से भीमताल पुलिस और भीमताल के बिल्डरों व संपत्ति कारोबारियों में हड़कंप

-बोहरागांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार की भूमि को धोखाधड़ी से दिल्ली के होटल व्यवसायी को बेचने का मामला (Order to Re-Investigate Bhimtal Chairman Rajesh)

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2025। नैनीताल की न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश आयशा फरहीन के न्यायालय ने भीमताल में जालसाजी और धोखाधड़ी से भूमि विक्रय के एक चर्चित आपराधिक प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए इस अभियोग में नामजद भाजपा नेता एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेश सिंह नेगी, प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डर इंद्र सिंह बिष्ट और अन्य के विरुद्ध थाना भीमताल में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 09/2022 भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 के अंतर्गत दर्ज अभियोग की विवेचना थाना भीमताल के भारसाधक अधिकारी से स्वयं करने अथवा पूर्व विवेचक से उच्च स्तर के विवेचनाधिकारी से कराए जाने के आदेश पारित किए हैं।

क्या है मामला

(Order to Re-Investigate Bhimtal Chairman Rajesh)बोहरागांव (भीमताल) निवासी भास्कर चंद्र बृजवासी द्वारा नगर पालिका भीमताल के पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेश सिंह नेगी, प्रॉपर्टी डीलर और बिल्डर इंद्र सिंह बिष्ट तथा अन्य के विरुद्ध भूमि की धोखाधड़ी और जालसाजी से फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में 28 फरवरी 2022 को थाना भीमताल में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया था।

नामजद आरोपितों के प्रभावशाली होने के कारण भीमताल पुलिस ने पहले इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। तत्पश्चात तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देश पर पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली प्रमोद शाह की जांच के बाद 28 फरवरी 2022 को भाजपा नेता और पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेश सिंह नेगी, प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डर इंद्र सिंह बिष्ट और अन्य के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत की थी अंतिम रिपोर्ट

नामजद आरोपितों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस इस मामले को लगातार दबाती रही और अंततः आरोपितों के पक्ष में न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई। जबकि इसी भूमि को 2010 से पूर्व धोखाधड़ी से दिल्ली निवासी होटल व्यवसायी के नाम हस्तांतरित किया गया था। इस पर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

न्यायालय ने पुलिस की विवेचना को किया खारिज

न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा की गई विवेचना को खारिज करते हुए निर्देश दिए कि इस मामले की संबंधित थाने के प्रभारी स्वयं या पूर्व विवेचक से किसी उच्चतर अधिकारी से पुनः उच्च-स्तरीय अधिकारी द्वारा विवेचना की जाए, जिससे वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। न्यायालय के इस आदेश के बाद भीमताल पुलिस और स्थानीय संपत्ति कारोबारियों में हलचल मच गई है।

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आगे की प्रक्रिया

अब पुलिस को इस मामले की नए सिरे से विवेचना करनी होगी और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध साक्ष्य संकलित करने होंगे। (Order to Re-Investigate Bhimtal Chairman Rajesh)

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