नवीन समाचार, नई दिल्ली, 3 मार्च 2026 (EPFO Interest Rates for 2025-26)। देश के निजी क्षेत्र के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation – EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रखने का निर्णय लिया है। लगातार दूसरे वर्ष दर अपरिवर्तित रहने से सात करोड़ से अधिक खाताधारकों के सेवानिवृत्ति कोष पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में निर्णय
समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Press Trust of India – PTI) से प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustees – CBT) की 239वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया (Dr. Mansukh Mandaviya) ने की।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड संगठन का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है, जो कोष के प्रबंधन, निवेश और वितरण की निगरानी करता है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम अनुमोदन के लिए वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) को भेजा जाएगा। सरकार की पुष्टि के बाद यह दर लागू होगी और खातों में ब्याज जमा किया जाएगा।
स्वचालित दावा निपटान की पहल
बैठक में एक महत्वपूर्ण पायलट परियोजना को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत 1,000 रुपये या उससे कम शेष राशि वाले निष्क्रिय खातों में स्वचालित दावा निपटान (Automatic Claim Settlement) शुरू किया जाएगा। इस पहल में लगभग 5.68 करोड़ रुपये की राशि वाले 1.33 लाख से अधिक खाते शामिल होंगे।
यह कदम लंबित दावों के शीघ्र निस्तारण और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या इससे छोटे खाताधारकों को त्वरित राहत मिलेगी? यह आगामी महीनों में स्पष्ट होगा।
पिछले वर्षों का परिप्रेक्ष्य
वित्त वर्ष 2024-25 में भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत रखी गई थी।
वित्त वर्ष 2023-24 में दर 8.25 प्रतिशत की गई थी, जो 2022-23 के 8.15 प्रतिशत से अधिक थी।
इस निर्णय से कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति योजना, दीर्घकालिक निवेश और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार स्थिर ब्याज दर से भविष्य निधि कोष की स्थिरता और निवेश रणनीति पर भरोसा बना रहता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
कर्मचारी भविष्य निधि देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है। निजी क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारी अपनी मासिक आय का हिस्सा इस कोष में जमा करते हैं। ब्याज दर में बदलाव से उनके दीर्घकालिक प्रतिफल, पेंशन योजना और आर्थिक नियोजन पर सीधा असर पड़ता है।
अब सभी की निगाहें वित्त मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति पर हैं, जिसके बाद 2025-26 की ब्याज दर आधिकारिक रूप से खातों में परिलक्षित होगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
