नवीन समाचार, देहरादून, 14 फरवरी 2026 (SSC-MTS Exam Cheating)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) में एक और भर्ती परीक्षा-कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission–SSC) की एमटीएस (MTS) भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का संगठित गिरोह (Organised Network) उजागर हुआ है। महादेव डिजिटल जोन (Mahadev Digital Zone) परीक्षा केंद्र पर गुप्त तहखाने से कथित रूप से प्रॉक्सी सर्वर (Proxy Server) और दूरस्थ अभिगम (Remote Access) के माध्यम से अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने की व्यवस्था पकड़ी गई, जिसके बाद विशेष कार्य बल (Special Task Force–STF) ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस कार्रवाई में सामने आए तथ्यों ने ऑनलाइन परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे परीक्षा प्रणाली में सेंध लगी और इसका असर भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर क्या पड़ेगा—यह अब जांच का मुख्य विषय बन गया है।
गुप्त तहखाने से चल रहा था पूरा नेटवर्क
प्रारंभिक जांच के अनुसार परीक्षा केंद्र परिसर में एक गुप्त भूमिगत कक्ष (Underground Room) बनाकर प्रॉक्सी सर्वर स्थापित किया गया था। आरोप है कि इसी सेटअप से लगभग 100 कंप्यूटर प्रणालियों के आईपी पतों (IP Address) को नियंत्रित किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि जो अभ्यर्थी बड़ी धनराशि देता था, उसकी ऑनलाइन परीक्षा के दौरान दूरस्थ अभिगम (Remote Access) के जरिये प्रश्न हल कराए जाते थे। यह भी आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी के सर्वर में पहले ही अनधिकृत प्रवेश कर लिया गया था, जिसकी तकनीकी जांच जारी है।बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य पास कराने के 10 लाख रुपये लेते थे।
STF की संयुक्त कार्रवाई में दो गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ (Uttar Pradesh STF) की मेरठ इकाई तथा उत्तराखंड (Uttarakhand) एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) (देवरिया, यूपी)और भास्कर नैथानी (Bhaskar Naithani) (देहरादून, उत्तराखंड) नाम के दो व्यक्तियों को देहरादून के कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान कंप्यूटर प्रणाली, नेटवर्क उपकरण तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपितों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
क्यों गंभीर है यह मामला
यह प्रकरण केवल एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सर्वर स्तर पर सेंधमारी की पुष्टि होती है तो यह राष्ट्रीय स्तर की भर्ती परीक्षाओं की साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के लिए बड़ी चेतावनी है।
ऑनलाइन भर्ती परीक्षाएं सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में यदि तकनीक का दुरुपयोग बढ़ता है तो योग्य अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं और पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
क्या है एमटीएस (MTS) भर्ती परीक्षा
एमटीएस (MTS – Multi-Tasking Staff) भर्ती परीक्षा भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में समूह ‘ग’ (Group-C) के गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा मुख्य रूप से कर्मचारी चयन आयोग (SSC – Staff Selection Commission) द्वारा कराई जाती है।
एमटीएस का मतलब क्या होता है
एमटीएस यानी मल्टी-टास्किंग स्टाफ ऐसे कर्मचारी होते हैं जो कार्यालयों में सहायक प्रकृति के कई प्रकार के कार्य संभालते हैं। इन्हें पहले चपरासी या सहायक श्रेणी की नौकरियों के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब इनका कार्यक्षेत्र अधिक व्यवस्थित और औपचारिक है।
किन पदों पर होती है भर्ती
एमटीएस के अंतर्गत आमतौर पर ये कार्य शामिल होते हैं:
कार्यालय सहायक कार्य
फाइल और दस्तावेज ले जाना
रिकॉर्ड रूम का काम
डाक वितरण
साफ-सफाई व सामान्य रखरखाव
विभागीय सहायक कार्य
कुछ भर्तियों में हवलदार (Havaldar – CBIC/CBN) पद भी इसी परीक्षा के माध्यम से भरे जाते हैं।
कौन करााता है परीक्षा
आयोजित संस्था: कर्मचारी चयन आयोग (SSC)
स्तर: अखिल भारतीय
नौकरी का प्रकार: केंद्र सरकार की स्थायी नौकरी
सेवा स्थान: पूरे भारत में कहीं भी
शैक्षिक योग्यता
न्यूनतम योग्यता: 10वीं उत्तीर्ण (Matriculation)
मान्यता प्राप्त बोर्ड से होना अनिवार्य
आयु सीमा (सामान्यतः)
न्यूनतम: 18 वर्ष
अधिकतम: 25 या 27 वर्ष (पद के अनुसार)
आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलती है।
चयन प्रक्रिया कैसे होती है
एमटीएस भर्ती आमतौर पर इन चरणों में होती है:
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer Based Examination – CBE)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, अंग्रेजी/हिंदी
शारीरिक दक्षता परीक्षा (केवल हवलदार पद के लिए)
दस्तावेज सत्यापन (Document Verification)
ध्यान दें: एमटीएस पद के लिए सामान्यतः इंटरव्यू नहीं होता।
वेतन और लाभ
एमटीएस कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिलता है:
वेतन स्तर: पे लेवल-1
प्रारंभिक मूल वेतन: लगभग ₹18,000 प्रति माह
साथ में महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, पेंशन आदि लाभ
क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षा
10वीं पास युवाओं के लिए केंद्र सरकार में प्रवेश का बड़ा अवसर
स्थायी नौकरी और सामाजिक सुरक्षा
देशभर के लाखों अभ्यर्थी हर वर्ष शामिल होते हैं
पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन का दावा
इसी कारण जब भी एमटीएस परीक्षा में अनियमितता या नकल का मामला सामने आता है, तो यह लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन जाता है।
आगे क्या कार्रवाई हो सकती है
जब्त उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच होगी।
संदिग्ध अभ्यर्थियों के परीक्षा अभिलेखों का मिलान किया जाएगा।
परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जवाब मांगा जा सकता है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कड़ी कार्रवाई संभव है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की परतें खुलने के साथ गिरफ्तारी का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि कहीं यह नेटवर्क अन्य राज्यों में संचालित परीक्षाओं से भी जुड़ा तो नहीं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
