बड़ा समाचार : अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर एसआइटी ने साफ की स्थिति, बताया किस वीआईपी का आया था नाम, साथ ही स्वीकारा-अंकिता पर ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का बनाया गया था दबाव

नवीन समाचार, देहरादून, 6 जनवरी 2026 (VIP Disclosed in Ankita Case)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर स्थिति स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सोशल मीडिया पर अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा लाइव आकर पूर्व विधायक से जुड़े ऑडियो प्रसारित करने के बाद जहां प्रदेशभर में उबाल है और सीबीआई जांच की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं विशेष जांच दल ने साफ किया है कि अब तक की जांच में हत्याकांड में एक कथित वीआईपी का नाम सामने आया था। उससे पूछताछ भी की गई, लेकिन उस की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं।
एसआइटी की जांच में सामने आए तथ्य
अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद गठित विशेष जांच दल के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार-शेखर सुयाल ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर पड़ताल की गई थी, लेकिन उसके विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। उन्होंने बताया कि यह बात जांच में जरूर सामने आई थी कि रिसोर्ट में किसी वीआईपी के आने की संभावना जतायी जा रही थी और अंकिता पर कथित रूप से विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था। हालांकि अंकिता ने इस दबाव को स्वीकार नहीं किया। जांच एजेंसी के अनुसार यही घटनाक्रम आगे चलकर हत्या का कारण बना, लेकिन किसी वीआईपी की प्रत्यक्ष भूमिका प्रमाणित नहीं हो सकी।
चैट और गवाहों के आधार पर जांच
एसआइटी के अनुसार अंकिता की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जब गहन जांच की गई तो हत्या का अनावरण हुआ और पांच घंटे के भीतर तीनों हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान अंकिता और उसके मित्र के बीच हुई चैट में वीआईपी का उल्लेख मिला था। इस कारण इस पहलू की विस्तार से जांच की गई। रिसोर्ट के कर्मचारियों, अंकिता के मित्र और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान की पहचान कर जांच की गई, लेकिन उसके विरुद्ध भी कोई प्रमाण नहीं मिले। धर्मेंद्र ने जांच में बताया था कि वह भूमि खरीद के उद्देश्य से क्षेत्र में आया था और एक स्थानीय परिचित उसे भोजन के लिए रिसोर्ट लेकर गया था।
ताज़ा सोशल मीडिया विवाद के बाद अलग जांच समिति गठित
अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर लाइव आकर पूर्व विधायक से जुड़े ऑडियो प्रसारित करने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने अलग से जांच समिति का गठन किया है। उर्मिला सनावर को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पुलिस के समक्ष उपस्थित न होने पर उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में लगी हुई हैं। उर्मिला ने ऑनलाइन माध्यम से पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।
भाजपा की शिकायत और दर्ज अभियोग
साजिश और छवि धूमिल करने का आरोप
उत्तराखंड भाजपा प्रभारी एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र के पूर्व विधायक सुरेश राठौर, अभिनेत्री उर्मिला सनावर सहित अन्य के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने सुनियोजित ढंग से फर्जी और मनगढ़ंत ऑडियो-वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। इन सामग्रियों के माध्यम से भाजपा, उसके वरिष्ठ नेताओं और स्वयं शिकायतकर्ता की सामाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
राजनीतिक दुर्भावना का दावा
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वायरल ऑडियो-वीडियो को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर दिखाया गया और भाजपा नेताओं का नाम लेकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। आरोप है कि यह पूरी गतिविधि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल और कुछ अन्य व्यक्तियों की कथित मिलीभगत से की गई, जिसका उद्देश्य प्रदेश और अन्य राज्यों में अशांति फैलाना और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ना है।
आगे की स्थिति
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा यह नया घटनाक्रम एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर रहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोपों और आधिकारिक जांच निष्कर्षों के बीच संतुलन कैसे बनेगा। एसआइटी के निष्कर्ष, दर्ज अभियोग और चल रही जांच आने वाले समय में इस प्रकरण की दिशा तय करेंगे।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (VIP Disclosed in Ankita Case):
VIP Disclosed in Ankita Case, Ankita Bhandari Murder Case Latest Update, SIT Report On VIP Angle, Dehradun Protest CBI Inquiry Demand, Uttarakhand High Profile Case News, Ankita Bhandari Case Political Controversy, Social Media Audio Video Case Uttarakhand, BJP Complaint Against Allegations, Non Bailable Warrant Urmila Sanawar, Justice For Ankita Uttarakhand, Haridwar Dehradun Police Investigation, #AnkitaBhandariCase #UttarakhandNews #DehradunNews #SITInvestigation #PoliticalControversy #HindiNews #JusticeForAnkita
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।











3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।