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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2026 (Padma Awards 2026-UK)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जुड़ी साहित्यिक चेतना के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। पद्म पुरस्कार-2026 (Padma Award 2026) की घोषणा के साथ ही हिन्दी साहित्य, पत्रकारिता और हिन्दी-सेवा के क्षेत्र में आजीवन योगदान देने वाले कैलाश चन्द्र पन्त का नाम राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व्यक्तित्वों की सूची में शामिल हो गया है। यह सम्मान उन लोगों के लिए आश्वस्ति है, जो बिना शोर-शराबे के समाज, भाषा और विचार के लिए निरंतर काम करते रहे हैं।
कैलाश चन्द्र पन्त को यह सम्मान ऐसे समय में मिल रहा है, जब सरकार ने उन 45 गुमनाम नायकों को सामने लाने का प्रयास किया है, जिन्होंने साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में दशकों तक सतत कार्य किया। पद्म पुरस्कार गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाते हैं और यह सम्मान राष्ट्र की ओर से दी जाने वाली सर्वोच्च नागरिक मान्यताओं में शामिल है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा की गई पद्म पुरस्कार सूची में की गई है, जिसमें देशभर से कुल 131 विभूतियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जा रहा है।

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Toggle🏅 पद्म पुरस्कार-2026 प्राप्त करने वाले कैलाश चन्द्र पन्त कौन हैं ?
हिन्दी सेवा, पत्रकारिता और संस्थागत निर्माण का समर्पित जीवन
90 वर्षीय कैलाश चन्द्र पन्त का जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्य प्रदेश के महू (इन्दौर) में हुआ, जबकि उनका पैतृक गांव उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद का खन्तोली गांव है। उन्होंने एम.ए. (हिन्दी) तथा साहित्याचार्य की उपाधि प्राप्त की और प्रारम्भिक जीवन में व्याख्याता, प्राचार्य और पत्रकार के रूप में कार्य किया।
उनके जीवन का निर्णायक मोड़ तब आया, जब उन्होंने सुरक्षित नौकरी छोड़कर स्वतंत्र पत्रकारिता का मार्ग चुना। इसके बाद साप्ताहिक ‘जनधर्म’ का 22 वर्षों तक नियमित प्रकाशन किया, जो सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विमर्श का सशक्त मंच बना। उनकी निर्भीक संपादकीय शैली ने उन्हें हिन्दी पत्रकारिता में अलग पहचान दिलाई।
लेखन के साथ-साथ उन्होंने हिन्दी साहित्य के लिए स्थायी संस्थागत ढांचा खड़ा करने का कार्य भी किया। भोपाल में हिन्दी भवन के निर्माण, साहित्यकार निवास, व्याख्यानमालाओं और उनके दस्तावेजीकरण की पहल को हिन्दी साहित्य जगत में ऐतिहासिक योगदान माना जाता है। ‘कौन किसका आदमी’, ‘धुँध के आर-पार’, ‘सत्ता, साहित्य और समाज’ जैसी कृतियों के साथ-साथ उनके लगभग 800 आलेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर वे राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा से जुड़े रहे और ‘हम भारतीय’ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में भी कार्य किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने विश्व हिन्दी सम्मेलनों और विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
👤 प्रारम्भिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
जन्म तिथि : 26 अप्रैल 1936
जन्म स्थान : महू, इन्दौर (मध्य प्रदेश)
पैतृक गाँव : खन्तोली, जनपद बागेश्वर, उत्तराखंड
‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:
3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।
आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है।
‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद।

पिता : स्व. लीलाधर पन्त
माता : स्व. हरिप्रिया पन्त
यद्यपि उनका जन्म मध्य प्रदेश में हुआ, लेकिन उनकी सांस्कृतिक और वैचारिक जड़ें उत्तराखंड से जुड़ी रहीं।
🎓 शिक्षा
प्राथमिक शिक्षा : पब्लिक बॉयज प्राइमरी स्कूल, महू
मैट्रिक : केबीईपी मेमोरियल हाईस्कूल, महू
एमए (हिन्दी) : क्रिश्चियन कॉलेज, इन्दौर
उपाधि : साहित्याचार्य
📰 पत्रकारिता और साहित्य का सफर
कैलाश चन्द्र पन्त के जीवन का निर्णायक मोड़ तब आया, जब उन्होंने सरकारी और संस्थागत नौकरी छोड़कर स्वतंत्र पत्रकारिता का मार्ग चुना।
🔹 प्रमुख पत्रकारिता दायित्व
यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी, इन्दौर में व्याख्याता (1957–59)
पंचायतराज प्रशिक्षण केन्द्र, भोपाल के प्राचार्य (1963–71)
दैनिक इन्दौर समाचार में संवाददाता
दैनिक नवभारत और दैनिक नवप्रभात, भोपाल में सह-संपादक
मासिक “शिक्षा प्रदीप” के संपादक
साप्ताहिक जनधर्म (1977–1998) का 22 वर्षों तक निरंतर प्रकाशन
द्वैमासिक पत्रिका अक्षरा, भोपाल के संपादक
उनकी बेबाक, वैचारिक और निर्भीक संपादकीय शैली उनकी विशिष्ट पहचान बनी।
📚 साहित्यिक योगदान
🔹 प्रमुख कृतियाँ
कौन किसका आदमी
धुँध के आर-पार
शब्द का विचार-पक्ष
सत्ता, साहित्य और समाज
शैलेश मटियानी : सृजन यात्रा (संपादन)
इसके अतिरिक्त साहित्यिक, सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लगभग 800 आलेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
🏛️ हिन्दी भवन और संस्थागत निर्माण
कैलाश चन्द्र पन्त का योगदान केवल लेखन तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने हिन्दी भवन, भोपाल के निर्माण और विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभाई—
समिति कार्यालय, वाचनालय और आवासीय कक्षों का निर्माण
साहित्यकार निवास का निर्माण, जिसमें 12 सुसज्जित कक्ष
पावस, बसंत और शरद व्याख्यानमालाओं की शुरुआत
व्याख्यानों का दस्तावेजीकरण और प्रकाशन की नई परम्परा
यह हिन्दी साहित्य जगत के लिए दीर्घकालिक संस्थागत धरोहर बन चुकी है।
🌍 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय योगदान
राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के सहायक मंत्री
‘हम भारतीय’ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक
भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में फिलीपीन्स, नेपाल, इस्राइल, इंडोनेशिया
विश्व हिन्दी सम्मेलन में ट्रिनिडाड-टोबैगो, लंदन, सूरिनाम में सहभागिता
अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन, ह्यूस्टन (अमेरिका) में भागीदारी
🏆 सम्मान और पहचान
देश के 18 प्रतिष्ठित मंचों द्वारा ‘दादाश्री’ सम्मान
सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रतिष्ठा
अब पद्म पुरस्कार-2026 से सम्मानित
✨ क्यों मिला पद्म पुरस्कार
कैलाश चन्द्र पन्त को यह सम्मान इसलिए मिला क्योंकि—
उन्होंने हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता को विचार और मूल्य दिए
सत्ता से स्वतंत्र रहकर समाज की आवाज़ बने
भाषा, संस्कृति और जनचेतना के लिए आजीवन साधना की
संस्थाएं बनाईं, परंपराएं शुरू कीं और नई पीढ़ी को मंच दिया
कैलाश चन्द्र पन्त को पद्म पुरस्कार-2026 दिया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सम्मान केवल साहित्यिक कृतियों के लिए नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और समाज के लिए आजीवन साधना की स्वीकृति है। यह निर्णय नई पीढ़ी के लिए भी संदेश है कि विचार, भाषा और जनसेवा का कार्य समय के साथ राष्ट्रीय पहचान बन सकता है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची :
- कैलाश चंद्र पंत
- खेम राज सुंद्रियाल
- कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी
- कुमारस्वामी थंगराज
- महेंद्र कुमार मिश्रा
- मीर हाजीभाई कासमभाई
- मोहन नागर
- नरेश चंद्र देव वर्मा
- नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला
- नूरुद्दीन अहमद
- ओथुवर तिरुथनी स्वामीनाथन
- पद्मा गुरमेत
- पोखिला लेक्थेपी
- पुन्नियामूर्ति नटेसन
- आर. कृष्णन
- रघुपत सिंह
- रघुवीर तुकाराम खेड़कर
- राजस्थापति कलियप्पा गौंडर
- रामा रेड्डी मामिडि
- रामचंद्र गोदबोले और सुनीता गोदबोले
- एस. जी. सुशीला मां
- संगयूसांग एस. पोंगेनेर
- शफी शौक
- श्रीरंग देवबा लाड
- श्याम सुंदर
- सिमांचल पात्रो
- सुरेश हनगावादी
- टगा राम भील
- टेची गुबिन
- तिरुवरूर बख्तवत्सलम
- विश्व बंधु
- म्नम जत्रा सिंह
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














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