EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में श्रीमद् भगवत गीता के श्लोकों के पाठ को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जोड़ना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब श्रीमद् भगवत गीता और रामायण को राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा में भी शामिल कर लिया गया है।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में सूचना के अधिकार के तहत ऐतिहासिक आदेश, अब अधीनस्थ न्यायपालिका के न्यायाधीशों के विरुद्ध शिकायतों और कार्रवाई की जानकारी देनी होगी शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव-श्लोक पाठ और व्याख्या के निर्देशराज्य सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग पहले ही शिक्षकों को यह दिशा-निर्देश जारी कर चुका था कि वे समय-समय पर श्रीमद् भगवत गीता के श्लोकों की व्याख्या करें। विद्यार्थियों को यह भी बताया जाए कि गीता के सिद्धांत किस प्रकार नैतिकता, व्यवहार, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और भावनात्मक संतुलन विकसित करते हैं। अब मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर स्वयं इसकी घोषणा कर इसे औपचारिक रूप से सार्वजनिक किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को समझने और संतुलित ढंग से जीने का मार्गदर्शन है।पाठ्यचर्या में गीता और रामायण-अगले शिक्षा सत्र से लागू होने की तैयारीमाध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती के अनुसार राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा की सिफारिश के अनुरूप पाठ्य पुस्तकों को अगले शिक्षा सत्र से लागू किए जाने का प्रस्ताव है। उनका कहना है कि श्रीमद् भगवत गीता में मनोविज्ञान, व्यवहार विज्ञान, तर्कशास्त्र और नैतिक दर्शन के ऐसे सिद्धांत निहित हैं, जो धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण से संपूर्ण मानवता के लिए उपयोगी हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में कर्तव्यनिष्ठा, तनाव प्रबंधन और विवेकपूर्ण जीवन दृष्टि विकसित होगी।शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक प्रभाव-क्या बदलेगा आगेशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गीता के श्लोकों का नियमित पाठ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक दृष्टिकोण को मजबूत कर सकता है। वहीं कुछ लोगों के मन में यह प्रश्न भी है कि इसे कक्षा-कक्ष में किस रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि सभी वर्गों के छात्र इससे जुड़ सकें। सरकार का कहना है कि यह पहल किसी धार्मिक आग्रह के बजाय मूल्य आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में है। मुख्यमंत्री धामी इससे पहले गौतम बुद्ध नगर के नोएडा स्टेडियम में आयोजित महाकौथिग कार्यक्रम में भी यह कह चुके हैं कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना है कि राज्य के बाहर रहने वाले उत्तराखंडी भी इस सांस्कृतिक पहचान के सच्चे प्रतिनिधि हैं।यह भी पढ़ें : नैनी झील में नौकायन के दौरान महिला ने झील में छलांग लगाई, नाव चालकों की सतर्कता से बची जानइस समाचार को लेकर आपके क्या विचार हैं। अपनी राय नीचे कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के 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रुपये के भूमि विवाद और उत्पीड़न के आरोपTags (Bhagavad Gita Recitation in School): Bhagavad Gita Recitation in School, Bhagavad Gita Mandatory In Uttarakhand Schools, Uttarakhand Education Policy Update, State Curriculum Framework Gita Ramayana, Pushkar Singh Dhami Education Decision, Moral Value Education India, Uttarakhand School News Hindi, Cultural Education Policy Uttarakhand, Katarmal Sun Temple Almora News, Google Discover Uttarakhand News, #UttarakhandEducation #BhagavadGitaInSchools #StateCurriculum #IndianCultureEducation #UttarakhandNewsShare this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationनैनीताल में पौष माह के प्रथम रविवार से ही हो गई होली की शुरुवात, श्री राम सेवक सभा के तत्वावधान में हुआ निर्वाण की होली का पारंपरिक शुभारंभ उत्तराखंड को ‘विकसित भारत–जी राम जी ग्रामीण रोजगार योजना’ से मिलेंगे 125 दिन के कानूनी 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