नैनीताल : जिलाधिकारी की आरटीआई के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई, प्रधान सहायक को चेतावनी व स्थानांतरण, वरिष्ठ सहायक को दंड

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जनवरी 2026 (DM Nainital Action-Emplyyees)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के सीधे-सरल नजर आने वाले जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की बेलगाम कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई सामने आई है। कार्यालय से जुड़े दो अलग-अलग प्रकरणों में जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम और शासकीय सेवा नियमों का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
एक ओर आरटीआई के कथित दुरुपयोग के मामले में प्रधान सहायक को चेतावनी देते हुए जिला मुख्यालय से स्थानांतरण किया गया, वहीं दूसरी ओर स्थानांतरण आदेश के विरोध में अनुशासनहीन आचरण के प्रकरण में एक वरिष्ठ सहायक पर विभागीय दंड लगाया गया। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक अनुशासन बल्कि शासकीय कार्यप्रणाली की मर्यादा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आरटीआई और शासकीय अनुशासन के संदर्भ में प्रशासन का रुख
आरटीआई के कथित दुरुपयोग का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम के उस प्रकरण को गंभीर माना, जिसमें उन्होंने अपने ही कार्यालय से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत विभिन्न पटलों से अत्यधिक मात्रा में सूचना मांगी। इस सूचना को लोक सूचना अधिकारी ने सीमित मानव संसाधनों के बावजूद कई दिनों की मेहनत के बाद लगभग तीन हजार पृष्ठों में संकलित कर निःशुल्क उपलब्ध कराया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी द्वारा बिना किसी वैध कारण के सूचना प्राप्त करने से इनकार किया गया, जिससे कार्यालयी समय, श्रम और संसाधनों का अनावश्यक अपव्यय हुआ।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला
जारी आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि आरटीआई अधिनियम पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का साधन है, न कि शासकीय तंत्र को बाधित करने का माध्यम। प्रशासन के अनुसार एक लोक सेवक से सामान्य नागरिक की तुलना में अधिक जिम्मेदार और संयमित आचरण की अपेक्षा की जाती है। अपने ही कार्यालय से व्यापक सूचना मांगकर उसे प्राप्त न करना उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रतिकूल माना गया। इसी आधार पर प्रधान सहायक की औपचारिक भर्त्सना करते हुए भविष्य के लिए कठोर चेतावनी दी गई और प्रशासनिक आधार पर उनका जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया।
स्थानांतरण के विरोध और अनुशासनहीनता का दूसरा प्रकरण
इसी क्रम में राजस्व विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि गैड़ा ने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासकीय निर्णय की आलोचना करते हुए कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी के साथ शासकीय कार्यवृत्त में दुराशयपूर्वक छेड़छाड़ की। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई की गई।
दंड और आगे का संदेश
जिलाधिकारी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कार्मिक द्वारा सेवा मामलों में बाह्य दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया, जो एक लोक सेवक से अपेक्षित आचरण के विपरीत है। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए वरिष्ठ सहायक की भर्त्सना की गई और उनकी दो वार्षिक वेतन वृद्धियां दो वर्षों के लिए रोकी गईं। प्रशासन का कहना है कि शासकीय सेवकों से नियम, मर्यादा और अनुशासन का पालन अनिवार्य है, ताकि जनहित से जुड़े कार्य बिना बाधा के पूरे हो सकें।
इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। क्या आरटीआई का विवेकपूर्ण उपयोग और शासकीय अनुशासन का कड़ाई से पालन भविष्य में कार्यसंस्कृति को बेहतर बना पाएगा, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।











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