EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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तक पहले कभी सामने नहीं आया प्रमाण सामने आया है। यहाँ एक विद्यालय में पढ़ाने के लिए तो छोड़िए, परीक्षा संपन्न कराने के लिए भी विद्यालय में तैनात दो में से एक भी शिक्षक परीक्षा कराने के लिए उपस्थित नहीं था। ऐसे में शिक्षकों की उपस्थिति के बिना ही 18 छात्र-छात्राओं ने गणित व कला विषय की परीक्षा दी। अब शिक्षा विभाग लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही और परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की बात कर रहा है। मामले में डीएम ने लापरवाही पर एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।यह भी पढ़ें : नैनीताल में फर्जी गाइड ने पर्यटक की कार लेकर की क्षतिग्रस्त, मालरोड पर पेड़ और डस्टबिन से टकराकर हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)प्राप्त जानकारी के अनुसार टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल नेल्डा में इन दिनों अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। यहाँ बीते बुधवार को छठी से आठवीं कक्षा तक छात्र-छात्राओं की गणित और कला विषय की परीक्षा होनी थी, लेकिन कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचा। ऐसे में बच्चे स्वयं प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बांटकर परीक्षा देने लगे और प्रश्नपत्र हल करने के बाद बच्चे घर भी लौट गए, पर शिक्षकों ने फिर भी विद्यालय पहुंचना जरूरी नहीं समझा।शिक्षक स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सालय चले गए थेबताया गया है कि इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक प्रमोद रावत और एक महिला शिक्षक बीरू देवी तैनात हैं। प्रधानाध्यापक से अनुपस्थित रहने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अचानक खराब होने के कारण वे चिकित्सालय चले गए थे। वहीं, बीरू देवी जूनियर हाईस्कूल समणगांव से स्थानांतरण के बाद नेल्डा में अपनी उपस्थिति दे चुकी हैं, लेकिन सेवा समणगांव में ही दे रही हैं। इस संबंध में नेल्डा के ग्राम पंचायत प्रमुख मनोहर लाल ने कहा कि जूनियर हाईस्कूल नेल्डा में दो शिक्षक होते हुए भी बच्चों को बिना शिक्षकों के परीक्षा देनी पड़ी। यह शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए। शिक्षक की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण तलब किया गया (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)वहीं जाखणीधार की खंड शिक्षा अधिकारी मोनिका बम ने कहा कि जानकारी मिली है कि विद्यालय में कोई भी शिक्षक नहीं था। हमने पास ही के प्राथमिक विद्यालय से एक शिक्षक को नेल्डा भेजा था, लेकिन वे भी परीक्षा कराने नहीं पहुंचे। उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी। मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) वीके ढौंडियाल ने भी ली है और कहा है कि अगर सचमुच ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही है और इसकी जांच कराई जाएगी।यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : गौलापार के होटल में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले, फेसबुक लाइव वीडियो में 4 करोड़ रुपये के भूमि विवाद और उत्पीड़न के आरोपअर्धवार्षिक परीक्षा का मजाक बनाकर रख दिया, प्रश्न पत्र नहीं आ रहे प्रदेश में गत 21 अक्टूबर से माध्यमिक विद्यालयों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में चल रही अर्धवार्षिक परीक्षाओं का मजाक बना दिया है। कई विद्यालयों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंच रहे तो कई में शेड्यूल के अनुसार प्रश्नपत्र नहीं भेजे जा रहे। वहीं कई विद्यालयों में शिक्षा विभाग प्रश्नपत्र की पीडीएफ भेजता है।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। इसके बाद शिक्षक उसे डाउनलोड कर फोटोकॉपी करवा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को परीक्षा कक्ष के बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। एक विद्यालय में मानचित्र आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए मानचित्र तक नहीं दिए गए, जिन्हें अन्यत्र से मंगवाकर बांटा गया। कई शिक्षक खुद ही प्रश्नपत्र बनाकर और फोटोकॉपी कर परीक्षा ले रहे हैं। (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)यह भी पढ़ें : नैनी झील में नौकायन के दौरान महिला ने झील में छलांग लगाई, नाव चालकों की सतर्कता से बची जानआज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे थ्रेड्स चैनल से, व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, टेलीग्राम से, एक्स से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..। (Students gave Exam without Teachers in New Tehri, Tehri News, New Tehri News, Jakhanidhar News, Nelda News, Education system, government schools, exams, teachers absence, negligence, students examination, Tehri, Pauri, Teachers did not come to conduct exams, let alone teach, students themselves distributed question papers and answer sheets and took the exam, in many places exams are being conducted without question papers,)Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigation17 वर्षीय किशोर की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: समलैंगिक संबंधों के कारण की गई निर्मम हत्या ऑनलाइन गेम-लूडो में 50 हजार रुपये हारने के बाद दो छोटे बच्चों की माँ ने पति को किया फोन, और पंखे पर लटकी मिली
नवीन समाचार, नई टिहरी, 26 अक्टूबर 2024 (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का शायद सबसे बड़ा, अब तक पहले कभी सामने नहीं आया प्रमाण सामने आया है। यहाँ एक विद्यालय में पढ़ाने के लिए तो छोड़िए, परीक्षा संपन्न कराने के लिए भी विद्यालय में तैनात दो में से एक भी शिक्षक परीक्षा कराने के लिए उपस्थित नहीं था। ऐसे में शिक्षकों की उपस्थिति के बिना ही 18 छात्र-छात्राओं ने गणित व कला विषय की परीक्षा दी। अब शिक्षा विभाग लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही और परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की बात कर रहा है। मामले में डीएम ने लापरवाही पर एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।यह भी पढ़ें : नैनीताल में फर्जी गाइड ने पर्यटक की कार लेकर की क्षतिग्रस्त, मालरोड पर पेड़ और डस्टबिन से टकराकर हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)प्राप्त जानकारी के अनुसार टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल नेल्डा में इन दिनों अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। यहाँ बीते बुधवार को छठी से आठवीं कक्षा तक छात्र-छात्राओं की गणित और कला विषय की परीक्षा होनी थी, लेकिन कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचा। ऐसे में बच्चे स्वयं प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बांटकर परीक्षा देने लगे और प्रश्नपत्र हल करने के बाद बच्चे घर भी लौट गए, पर शिक्षकों ने फिर भी विद्यालय पहुंचना जरूरी नहीं समझा।शिक्षक स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सालय चले गए थेबताया गया है कि इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक प्रमोद रावत और एक महिला शिक्षक बीरू देवी तैनात हैं। प्रधानाध्यापक से अनुपस्थित रहने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अचानक खराब होने के कारण वे चिकित्सालय चले गए थे। वहीं, बीरू देवी जूनियर हाईस्कूल समणगांव से स्थानांतरण के बाद नेल्डा में अपनी उपस्थिति दे चुकी हैं, लेकिन सेवा समणगांव में ही दे रही हैं। इस संबंध में नेल्डा के ग्राम पंचायत प्रमुख मनोहर लाल ने कहा कि जूनियर हाईस्कूल नेल्डा में दो शिक्षक होते हुए भी बच्चों को बिना शिक्षकों के परीक्षा देनी पड़ी। यह शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए। शिक्षक की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण तलब किया गया (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)वहीं जाखणीधार की खंड शिक्षा अधिकारी मोनिका बम ने कहा कि जानकारी मिली है कि विद्यालय में कोई भी शिक्षक नहीं था। हमने पास ही के प्राथमिक विद्यालय से एक शिक्षक को नेल्डा भेजा था, लेकिन वे भी परीक्षा कराने नहीं पहुंचे। उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी। मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) वीके ढौंडियाल ने भी ली है और कहा है कि अगर सचमुच ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही है और इसकी जांच कराई जाएगी।यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : गौलापार के होटल में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले, फेसबुक लाइव वीडियो में 4 करोड़ रुपये के भूमि विवाद और उत्पीड़न के आरोपअर्धवार्षिक परीक्षा का मजाक बनाकर रख दिया, प्रश्न पत्र नहीं आ रहे प्रदेश में गत 21 अक्टूबर से माध्यमिक विद्यालयों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में चल रही अर्धवार्षिक परीक्षाओं का मजाक बना दिया है। कई विद्यालयों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंच रहे तो कई में शेड्यूल के अनुसार प्रश्नपत्र नहीं भेजे जा रहे। वहीं कई विद्यालयों में शिक्षा विभाग प्रश्नपत्र की पीडीएफ भेजता है।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित 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