खड़गे की टिप्पणी के विरोध में नैनीताल में भाजपा का प्रदर्शन, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा ब्रो’ पोस्टर बना आकर्षण
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अक्टूबर 2026 (Modi kahin Nahin Jayega Broooo)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) की विवादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party—BJP) के नैनीताल नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने मल्लीताल के पंत पार्क में प्रदर्शन कर खड़गे का पुतला दहन किया। इस दौरान ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा ब्रो’ लिखा पोस्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा और व्यक्तिगत सम्मान बनाये रखने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदर्शन का आयोजन ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रोहित बहादुर थापा और अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष संजोग सिंह के सहयोग से किया गया। नितिन कार्की ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और व्यक्तिगत सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
बिहार में दिये गये बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बिहार के पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की थी। कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि ‘मोदी नहीं जाएगा’। इसके जवाब में खड़गे ने ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ कहा। इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी किये जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किये।
बाद में संबंधित व्यक्ति ने अपनी बात का आशय अलग बताते हुए कहा कि उसकी बात का केवल एक हिस्सा सुना गया और उसे गलत समझा गया। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। नैनीताल में आयोजित प्रदर्शन भी इसी विरोध का हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा, जिला उपाध्यक्ष दयाकिशन पोखरिया, मंडल महामंत्री हरीश राणा, उपाध्यक्ष विक्रम राठौर, सभासद ललिता दफौटी, गजाला कमाल और भगवत रावत, भारत मेहरा, कमल जोशी, जीवंती भट्ट, अमिता साह, अरविंद पड़ियार, शैलेंद्र बर्गली, हेमंत बेदी, मयंक पंत, युवराज करायत, ऋतिक गोस्वामी, गौरव हार्पर, हेमलता पांडे, रश्मि सिराला और राहुल जोशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
30 और 31 अक्टूबर को नैनीताल में होगा 11वां हिमालयन इकोज महोत्सव, एक दिन का प्रवेश शुल्क 500 रुपये
नैनीताल (Nainital) में हिमालय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, साहित्य और प्राकृतिक विरासत को समझने का अवसर एक बार फिर मिलने जा रहा है। हिमालयन इकोज (Himalayan Echoes) महोत्सव का 11वां संस्करण 30 और 31 अक्टूबर को मल्लीताल स्थित एबट्सफोर्ड एस्टेट (Abbotsford Estate) में आयोजित होगा। दो दिवसीय आयोजन में भारत सहित नेपाल, भूटान, स्विट्जरलैंड, रूस और फ्रांस से जुड़े लेखक, वक्ता और विशेषज्ञ पर्वतीय जीवन, साहित्य, कला, पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक विरासत पर विचार साझा करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महोत्सव की संस्थापक जान्हवी प्रसाद (Janhavi Prasada) ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों की संस्कृति और जीवनशैली को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations—ICCR) और उत्तराखंड पर्यटन विभाग (Uttarakhand Tourism Department) के सहयोग से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में साहित्य, कला, पर्यावरण और खानपान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
पहाड़ों के खानपान, लोक संगीत और धार्मिक परंपराओं पर होगी चर्चा
महोत्सव में पर्वतीय क्षेत्रों के मौसम, खानपान, लोक संस्कृति, लोक संगीत और देवी-देवताओं से जुड़ी परंपराओं पर विशेष सत्र आयोजित किये जाएंगे। पर्वतीय जीवन और धार्मिक मान्यताओं से संबंधित पुस्तकों तथा स्थानीय ज्ञान पर भी विचार-विमर्श होगा।
आयोजकों के अनुसार भारत, नेपाल और भूटान सहित विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाने का उद्देश्य उनकी सांस्कृतिक विविधता और साझा अनुभवों को सामने लाना है। इससे हिमालय की परंपराओं के साथ बदलते पर्यावरण और पर्वतीय समुदायों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा का अवसर मिलेगा।
महोत्सव में लेखक अमीश त्रिपाठी (Amish Tripathi) सहित साहित्य, इतिहास, कला और पर्यावरण से जुड़े अनेक वक्ताओं के शामिल होने की जानकारी है। कार्यक्रम में अलग-अलग देशों से आने वाले प्रतिभागी अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।
प्रतिदिन 500 रुपये, दोनों दिनों का संयुक्त प्रवेश 800 रुपये
जान्हवी प्रसाद के अनुसार महोत्सव में शामिल होने के लिए सामान्य प्रवेश शुल्क प्रतिदिन 500 रुपये निर्धारित किया गया है। दोनों दिनों के लिए संयुक्त प्रवेश टिकट 800 रुपये में उपलब्ध होगा।
महोत्सव स्थल पर स्थानीय कुमाऊंनी उत्पादों के स्टॉल, पुस्तकों की प्रदर्शनी और खानपान से संबंधित स्टॉल भी लगाये जाएंगे। आतिथ्य और भोजन से जुड़े प्रतिष्ठानों की भागीदारी से दर्शकों को स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों को जानने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि हिमालयन इकोज केवल साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्वतीय संस्कृति, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के अनुभवों को समझने का साझा मंच भी है। नैनीताल में आयोजित होने वाला यह महोत्सव स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
