सुबह का सुखद समाचार: इन गर्मियों में एक नए रूट से प्रकृति के अनछुवे नजारे लेते हुए सैलानी आ सकेंगे नैनीताल

-नैनीताल आने के लिए बल्दियाखान से बेल-बसानी होते हुए फतेहपुर-हल्द्वानी को जोड़ने वाला मार्ग मई तक खोलने की चल रही है तैयारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2023। (This summer, tourists will be able to come to Nainital by taking a new route to enjoy the untouched views of nature) जी हां, यदि सब कुछ ठीक व योजनाबद्ध तरीके से हुआ कि इन गर्मियों में नैनीताल आने वाले सैलानी एक नए रूट से प्रकृति के अब तक अनछुवे नजारे लेते हुए भी विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, सरोवरनगरी नैनीताल आ सकेंगे। इससे उन्हें नैनीताल आने का एक नया अनुभव तो होगा ही, नैनीताल आने के लिए दो की जगह तीन मार्ग हो जाएंगे और इससे खासकर गर्मियों में नैनीताल आने के लिए रास्ते में लगने वाले जाम में भी कमी आएगी। यह भी पढ़ें : नैनीताल: नगर में फिर चोरी…
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से नैनीताल से हल्द्वानी जाने के लिए पटवाडांगर से बेल-बसानी होते हुए हल्द्वानी के निकट फतेहपुर को जोड़ने के लिए नाईसेला, देवीधुरा होते हुए पीएमजीएसवाई यानी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 33 किलोमीटर लंबी सड़क बन रही है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि इस सड़क के 11 किमी हिस्से पर डामरीकरण का काम चल रहा था। इसमें से तीन किमी का काम पूरा हो चुका है। 8 किमी का शेष है। कोशिश है कि मई के पहले हफ्ते तक इस मार्ग को वाहनों के आवागमन के लिए खोल ही दिया जाएगा। यह भी पढ़ें : नैनीताल: माता-पिता घर में लड़ने में व्यस्त थे, तभी 10 साल का मासूम अकेले पहुंचा थाने, बोला-पुलिस अंकल….
यह मार्ग खुलता है तो मैदानी इलाकों से नैनीताल पहुंचने के लिए रानीबाग व कालाढुंगी से आने वाले मार्गों के बाद यह तीसरा रास्ता होगा। हालांकि इस सड़क से नैनीताल पहुंचने के लिए रानीबाग-ज्योलीकोट वाली सड़क के मुकाबले 10 किमी अधिक दूरी तय करनी होगी। पर हल्द्वानी, काठगोदाम, रानीबाग आदि में लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलने की उम्मीद है। यह भी पढ़ें : नैनीताल: विद्यालय प्रबंधन के उत्पीड़न से कर्मचारी ने पिया सेनेटाइजर, विद्यालय कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की धमकी
उल्लेखनीय है कि इस सड़क का 23 किमी हिस्सा करीब 9 वर्ष पहले से कट चुका था। जबकि बेल से देवीधूरा के बीच की 10 किमी सड़क पर डामरीकरण एवं बचे हुए पुल के निर्माण के लिए अंतिम स्वीकृति एवं 5 करोड़ 22 लाख रुपए की धनराशि 2021 में अवमुक्त हुई थी। यही बचा कार्य अब अगले माह तक पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बन जाने से यात्रियों को अन्यत्र भेजने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।