नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2026 (Jyolikot-Contaminated Drinking Water)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद के निकटवर्ती ज्योलीकोट (Jyolikot) और आसपास के गांवों में दूषित पेयजल से जुड़ी बीमारियों का संकट गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पीलिया, डायरिया, टाइफाइड, उल्टी, बुखार और पेट संबंधी बीमारियों से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं तथा प्रतिदिन कई रोगी चिकित्सालयों में पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप बढ़ने से आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (Nainital-Haldwani National Highway) 109 पर ज्योलीकोट में धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दूषित पेयजल और लगातार बढ़ रही बीमारियों को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया और जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे (Himanshu Pandey) और मनोज चनियाल (Manoj Chaniyal) भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे। ग्रामीणों की मांग है कि पेयजल स्रोतों की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाए, दूषित जलापूर्ति रोकी जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक उपचार तथा राहत उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान आक्रोशित लोगों की जल संस्थान के अधिकारियों से झड़प भी हुई।
पीलिया और डायरिया के प्रकोप के बीच ज्योलीकोट क्षेत्र में तीन दिन बंद रहेंगे विद्यालय
नैनीताल। भीमताल विकासखंड के ज्योलीकोट और आसपास के गांवों में पीलिया तथा डायरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए छात्रहित में क्षेत्र के कई विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक से तीन सितंबर तक तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है। क्षेत्र में कई विद्यार्थियों के बीमार होने के बाद ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अवकाश की मांग की थी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी के आदेश के अनुसार राजकीय इंटर कॉलेज ज्योलीकोट, राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भल्यूटी, बेलुवाखान और गांजा, हिमालयन एकेडमी ज्योलीकोट तथा संत एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल ज्योलीकोट में एक से तीन सितंबर तक शिक्षण कार्य बंद रहेगा। ज्योलीकोट, भल्यूटी और बेलुवाखान के आंगनबाड़ी केंद्र भी इस अवधि में बंद रहेंगे। आदेश ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट के पत्र तथा मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लॉक प्रमुख के निर्देश पर घर-घर जाकर पेयजल टैंकों में हाइपो डालकर पानी को शुद्ध करने का कार्य भी किया जा रहा है।
क्षेत्रों की 50 प्रतिशत आबादी प्रभावित
उल्लेखनीय है कि नैनीताल के तल्लीताल (Tallital) के निचले क्षेत्र कृष्णापुर (Krishnapur) और दुर्गापुर (Durgapur) से लगे वीरभट्टी (Veerbhattti), गांजा (Ganja), छीड़ा मल्ला (Chhida Malla), बगरीखोड़ (Bagarikhod), छीड़ा तल्ला (Chhida Talla) सहित आसपास के गांवों में पहले भी बड़ी संख्या में लोग दूषित पेयजल से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों के अनुसार इन क्षेत्रों की लगभग 50 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में प्रभावित हुई थी।
बीती 13 अगस्त को क्षेत्र में स्थित एक बड़े निजी विद्यालय के विद्यार्थियों में पीलिया से संबंधित बीमारी के मामले सामने आने के बाद विद्यालय बंद करना पड़ा था और इसके साथ ही क्षेत्र की पेयजल समस्या भी प्रमुखता से सामने आई थी। इसके बाद मामले को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा शुरू हुई और सुधार कार्य किए गए।
पेयजल की जांच में सीवर की गंदगी मिलने की बात आई सामने
ग्रामीणों के अनुसार जल संस्थान (Jal Sansthan) ने पानी की गुणवत्ता की जांच की थी, जिसमें पेयजल में सीवेज (Sewage) यानी सीवर लाइन से रिसकर गंदगी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग की ओर से विद्यालय में सीवर लाइन के उपचार की व्यवस्था शुरू कराई गई तथा सीवर और पेयजल की लाइनों की जांच कर उन्हें अलग-अलग करने की कार्रवाई की गई।
जबकि अब ज्योलीकोट और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार लोगों के बीमार होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। ज्योलीकोट, वर्गोंमोंट (Vargomont), गांजा, छीड़ा (Chheeda), वीरभट्टी, कृष्णापुर, सड़ियाताल (Sariyatal), तल्ला बेलुवाखान (Talla Beluwakhan), मल्ला बेलुवाखान (Malla Beluwakhan) और देवलडूंगा (Devaldunga) सहित कई क्षेत्रों से पेयजल जनित बीमारियों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की आपूर्ति मुख्य रूप से दुर्गापुर जल स्रोत से होती है। उनका आरोप है कि इस जल स्रोत के समीप सीवर टैंक में रिसाव की समस्या है और इसके कारण पेयजल के दूषित होने की आशंका बनी हुई है।
सात वर्षीय रुद्र बरेली के चिकित्सालय में भर्ती
धरना-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अपने परिवारों के बीमार सदस्यों की जानकारी देते हुए स्थिति की गंभीरता बताई। ग्रामीणों के अनुसार ज्योलीकोट निवासी सात वर्षीय रुद्र (Rudra) को बरेली (Bareilly) के श्रीराम मूर्ति अस्पताल (Shri Ram Murti Hospital) में भर्ती कराना पड़ा है। परिजनों का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण उसे यकृत (Liver) से संबंधित गंभीर बीमारी हुई है।
धरनास्थल पर बैठीं ज्योलीकोट निवासी खिलावती (Khilawati) ने बताया कि उनके दो बच्चों-17 वर्षीय अस्मित (Asmit) और 20 वर्षीय वंशिका (Vanshika) को शुक्रवार को पेट संबंधी बीमारी और संक्रमण के कारण बीडी पांडे जिला चिकित्सालय (B.D. Pandey District Hospital) में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें ड्रिप लगाई जा रही है।
देव जोशी आईसीयू में भर्ती, एसजीपीटी 13 हजार होने का दावा
ग्रामीणों के अनुसार इनके अतिरिक्त ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय देव जोशी (Dev Joshi) हल्द्वानी (Haldwani) के एक निजी चिकित्सालय के आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने उनका एसजीपीटी (SGPT) स्तर 13 हजार होने की बात कही है। वहीं वीरभट्टी निवासी 20 वर्षीय प्रियंका आर्या (Priyanka Arya) भी पेट संबंधी बीमारी से पीड़ित रहीं और बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में छह दिन भर्ती रहने के बाद घर पहुंची हैं।
उनके पिता विनोद चंद आर्या (Vinod Chand Arya) ने बताया कि 19 वर्षीय हर्षवर्धन (Harshvardhan) भी पीलिया से पीड़ित है। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। प्रियंका करीब एक सप्ताह और हर्षवर्धन दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पीलिया, टाइफाइड, उल्टी, बुखार और दस्त जैसी पेयजल जनित बीमारियों ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है।
सोमवार को 110 लोगों ने अस्पताल पहुंचकर कराई जांच
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार को खुले अस्पताल में कुल 110 लोगों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं चिकित्सकों को बताईं और जांच कराई। 19 वर्षीय निहारिका (Niharika) और उनकी 40 वर्षीय मां शीतल (Sheetal) के अलावा भावेश (Bhavesh), अस्मित और राहुल (Rahul) के आईसीयू में भर्ती होने की जानकारी भी ग्रामीणों ने दी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
