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अब ‘काफल पाको चैता’ नहीं कहना पड़ेगा ‘काफल पाको फागुन’

      -करीब डेढ़ माह पहले ही पका काफल, वनस्पति विज्ञानी मौसमी परिवर्तन को कारण बता रहे नवीन समाचार, नैनीताल, 05 मार्च 2021। कुमाऊं के सुप्रसिद्ध लोकगीत ‘बेड़ू पाको बारों मासा, ओ नरैंण काफल पाको चैता’ में वर्णित चैत यानी चैत्र माह के आखिर में पकना शुरू करने वाला और वास्तव में मई-जून की गर्मियों में शीतलता […]