नवीन समाचार, नई दिल्ली, 13 मार्च 2026 (Gas Booking After 45 Days in Remote)। रसोई गैस (Liquefied Petroleum Gas – LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक नया महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। देश में बढ़ती गैस की मांग, अफवाहों और घबराहट में हो रही अधिक बुकिंग को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने सिलेंडर बुकिंग और आपूर्ति व्यवस्था में बड़े परिवर्तन किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) की नई बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतराल अनिवार्य होगा, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम आपूर्ति संतुलन बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई व्यवस्था से गैस आपूर्ति प्रबंधन पर जोर

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने संसद (Parliament of India) में जानकारी दी कि हाल के दिनों में कई स्थानों पर वास्तविक कमी से अधिक “घबराहट में बुकिंग” (Panic Booking) देखी जा रही है। इसके कारण आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन पैदा हो रहा है। आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी पढ़ना चाहेंगे : गैस संकट के बीच समाधान खोजने में जुटा नैनीताल, कोयला व इंडक्शन जैसे विकल्प अपनाने की कोशिश
सरकार के अनुसार इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए “मांग प्रबंधन” (Demand Management) की नीति लागू की गई है। इसके तहत:
शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग संभव होगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यह अंतराल 45 दिन निर्धारित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इससे वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति बेहतर तरीके से पहुंच सकेगी।
डिलीवरी के लिए अब अनिवार्य होगा प्रमाणीकरण कोड
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (Delivery Authentication Code – DAC) प्रणाली को और सख्त करने का निर्णय लिया है। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी तभी मान्य होगी जब उपभोक्ता के मोबाइल पर आए एक बार उपयोग होने वाले कोड (One Time Password – OTP) से उसकी पुष्टि की जाएगी।
यह व्यवस्था अभी लगभग 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर लागू है, जिसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गलत आपूर्ति, फर्जी डिलीवरी और हेरफेर पर नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी।
व्यावसायिक गैस पर भी नई सीमा
सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies – OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (Indian Oil Corporation – IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum Corporation Limited – HPCL) और भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum Corporation Limited – BPCL) को निर्देश दिया है कि वे व्यावसायिक गैस (Commercial LPG) की मासिक मांग का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित करें।
इसका उद्देश्य होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होने वाली जमाखोरी तथा काला बाजारी पर नियंत्रण लगाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम आतिथ्य क्षेत्र (Hospitality Sector) को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि अवैध बिक्री रोकने के लिए उठाया गया है।
उत्पादन और आयात बढ़ाने के प्रयास
सरकार के अनुसार देश में एलपीजी उत्पादन (LPG Production) बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों (Refineries) को अधिकतम उत्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच दिनों में गैस उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही अतिरिक्त गैस आयात (LPG Import) की प्रक्रिया भी तेज की गई है ताकि गरीब और वंचित परिवारों की रसोई प्रभावित न हो। चिकित्सालयों (Hospitals) और शिक्षण संस्थानों (Educational Institutions) को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निगरानी के लिए बनाई गई समिति
नई व्यवस्था की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें इंडियन ऑयल (Indian Oil Corporation), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
यह समिति राज्य प्रशासन और रेस्टोरेंट संगठनों के साथ समन्वय कर वितरण प्रणाली की निगरानी करेगी। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी और मिलावट निरोधक प्रकोष्ठ (Anti Adulteration Cell) भी वितरक स्तर पर निगरानी कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संकट का भी असर
सरकार ने बताया कि भारत अपनी कुल एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। इसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) मार्ग से होती है। ईरान (Iran), इजरायल (Israel) और अमेरिका (United States) के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग में बाधा की स्थिति उत्पन्न हुई है।
हालांकि सरकार का कहना है कि भारत ने अब गैस आयात के स्रोतों को विविध बनाया है और अमेरिका (USA), नॉर्वे (Norway), कनाडा (Canada), अल्जीरिया (Algeria) और रूस (Russia) से भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में कीमत कम
सरकार के अनुसार भारत में बिना सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 913 रुपये में उपलब्ध है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार इसकी कीमत लगभग 987 रुपये हो सकती थी। सरकार प्रति सिलेंडर लगभग 74 रुपये का भार स्वयं वहन कर रही है।
तुलना करें तो पाकिस्तान (Pakistan) में गैस सिलेंडर लगभग 1046 रुपये, श्रीलंका (Sri Lanka) में लगभग 1242 रुपये और नेपाल (Nepal) में लगभग 1208 रुपये का है।
क्या उपभोक्ताओं को सच में चिंता करनी चाहिए?
सरकार का कहना है कि देश में गैस की वास्तविक कमी नहीं है। समस्या मुख्यतः अफवाहों और घबराहट में हो रही बुकिंग के कारण उत्पन्न हुई है। इसी कारण मांग प्रबंधन के उपाय लागू किए गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपभोक्ता संयम बनाए रखें और अनावश्यक बुकिंग से बचें तो गैस आपूर्ति प्रणाली सामान्य रूप से चलती रहेगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
