नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2026 (Nainital Court News Interim Bail Rejected)।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री से जुड़े एक गंभीर मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने फर्जी बैनामा प्रकरण में गवाह बने दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला न केवल दस्तावेजी धोखाधड़ी का है, बल्कि सुनियोजित तरीके से भूमिधरों की पहचान बदलकर जमीन हड़पने की कोशिश का भी है, जिससे ग्रामीणों और भूमि सुरक्षा से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ी है।
सुनियोजित फर्जीवाड़े का खुलासा, गवाह भी साजिश में शामिल
मामले के अनुसार, ग्राम बसगांव, पट्टी देवदारू की भूमि सुरक्षा समिति के सदस्यों ने 6 जुलाई 2025 को थाना भवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्रामसभा बसगांव की खाता संख्या 28 व 54 की भूमि, जो माल कागजातों में जयकिशन जोशी और मुरलीधर जोशी पुत्रगण हरि दत्त जोशी के नाम दर्ज थी, को साजिश के तहत बेचा गया।
फर्जी भूमिधरों के नाम पर 13 नाली भूमि की बिक्री
जांच में सामने आया कि सह-अभियुक्त हरीश पांडे, भगवन्त कुमार और क्रेता मोहन सिंह ने मिलकर 16 अगस्त 2024 को असली भूमिधरों की जगह फर्जी व्यक्तियों—शंकर सिंह और खीम सिंह (निवासी देघाट, अल्मोड़ा) को भूमिधर दिखाकर 13 नाली 7 मुठ्ठी भूमि की रजिस्ट्री कर दी। इतना ही नहीं, शेष भूमि के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी भी हरीश चन्द्र पांडे के नाम तैयार कर दी गई।
सर्विलांस और दस्तावेजों से खुला पूरा खेल
विवेचनाधिकारी ने फर्जी रजिस्ट्री, इकरारनामा और सर्विलांस के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। इससे पहले भी फर्जी विक्रेताओं की जमानत याचिकाएं न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।
गवाहों पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने तर्क दिया कि आरोपित प्रकाश चन्द्र भट्ट और ललित चन्द्र भट्ट ने फर्जी विक्रेताओं की पहचान कर उन्हें रजिस्ट्री में प्रमाणित किया और खुद गवाह बने। जबकि वे न तो विक्रेताओं को जानते थे, न ही उनका कोई संबंध था। इसके बावजूद अवैध लाभ के उद्देश्य से उन्होंने हस्ताक्षर कर साजिश को अंजाम दिया।
उम्र और पहचान पर भी उठे सवाल
अभियोजन ने यह भी बताया कि असली भूमिधरों जयकिशन और मुरलीधर की वर्तमान आयु यदि जीवित हों तो 115–120 वर्ष के आसपास हो सकती है, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है।
न्यायालय का सख्त रुख, समाज पर प्रभाव को माना अहम
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशान्त जोशी ने मामले की गंभीरता, सुनियोजित धोखाधड़ी और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह निर्णय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3) और 338 के तहत लिया गया।
इस फैसले से साफ संकेत मिला है कि जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और दस्तावेजी धोखाधड़ी के मामलों में न्यायालय सख्ती बरत रहा है। आगे इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और जांच के आधार पर कार्रवाई और तेज हो सकती है।
यदि आपके क्षेत्र में भी जमीन से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां दिखें, तो प्रशासन को सूचित करें—जागरूकता ही सुरक्षा है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Nainital Court News Interim Bail Rejected):
Nainital land fraud case, fake registry Uttarakhand, Bhowali police case, land scam Nainital 2026, Uttarakhand court news, property fraud India, fake power of attorney case, land ownership dispute Uttarakhand, court rejects anticipatory bail, BNS sections fraud case,
Hashtags: #NainitalNews #Uttarakhand #LandFraud #FakeRegistry #CourtOrder #Bhowali #PropertyScam #LegalNews #NavinSamachar #BreakingNews
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।