नवीन समाचार, देहरादून, 15 अप्रैल 2026 (More than 2 lakh Crore Projects in UK)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के नेतृत्व में उत्तराखंड ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास मॉडल का चमकता उदाहरण बनकर उभरा है। देहरादून में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे (Delhi-Dehradun Economic Corridor) के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश और प्रदेश के अवसंरचना (Infrastructure) विकास की जो तस्वीर पेश की, वह अभूतपूर्व है। आप यह भी जरूर पढ़ना चाहेंगे : उत्तराखंड की नई ‘भाग्य रेखा’: पीएम मोदी का 28वां दौरा और पहला ऐतिहासिक रोड शो; एक्सप्रेस-वे संग मिली ₹12,000 करोड़ की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर पर स्पष्ट कहा कि 2014 से पूर्व देश में अवसंरचना पर वार्षिक व्यय ₹2 लाख करोड़ से कम था, वहीं आज यह छह गुना बढ़कर ₹12 लाख करोड़ प्रति वर्ष से अधिक हो गया है, और अकेले उत्तराखंड में वर्तमान में ₹2.25 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं गतिमान हैं, जो राज्य की आर्थिकी और जनजीवन की दिशा बदलने का सामर्थ्य रखती हैं।
उन्होंने ₹12,000 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात भी कल राज्य को सौंपी हैं। जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने इस अवसर पर बताया कि अब तक राज्य में ₹1.30 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम हो चुका है। उत्तराखंड आगामी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का विवरण निम्नवत है:
| प्रोजेक्ट का नाम | लागत (करोड़ में) | लक्ष्य तिथि |
| देहरादून-बल्लूपुर फोरलेन मार्ग | ₹1,650 | मई 2026 |
| हरिद्वार फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास (फेज-1) | ₹1,600 | अक्टूबर 2026 |
| रुद्रपुर फोरलेन बाईपास (21 किमी) | ₹1,050 | अक्टूबर 2026 |
| काशीपुर फोरलेन बाईपास (15 किमी) | ₹936 | दिसंबर 2026 |
| जोशीमठ से मलारी टू-लेन मार्ग | ₹630 | दिसंबर 2026 |
| ऋषिकेश बाईपास (अति महत्वपूर्ण) | ₹1,100 | स्वीकृत |
| देहरादून-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड | ₹716 | अप्रैल 2027 |
| जौलीग्रांट से ऋषिकेश फोरलेन | ₹745 | अप्रैल 2028 |
| टनकपुर-पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग | ₹5,200 | निर्माणाधीन |
कनेक्टिविटी के तीन स्तंभ: सड़क, रेल और हवाई सेवाएं
प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को चारधाम की तरह पवित्र और सुगम बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
1. सड़कों का जाल (Roadways):
चारधाम ऑल वेदर रोड: ₹16,200 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा सुरक्षित और बारहों महीने सुगम होगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे: ₹1,200 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से देहरादून और दिल्ली के बीच की दूरी महज ढाई घंटे रह गई है।
प्रमुख बाईपास योजनाएं: सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश और रुद्रपुर बाईपास जैसी परियोजनाएं यातायात के दबाव को कम करने के लिए अलग-अलग चरणों में हैं।
2. रेल नेटवर्क का विस्तार (Railways):
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है, जो पहाड़ों में रेल पहुँचने के दशक पुराने सपने को सच करेगी।
टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन: कुमाऊं क्षेत्र के लिए इस महत्वपूर्ण लाइन को मंजूरी मिलने से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँच आसान होगी।
अमृत भारत स्टेशन: राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है।
3. हवाई और हेली कनेक्टिविटी (Aviation):
जौलीग्रांट (देहरादून), पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार कार्य पूर्ण हो चुका है।
उड़ान योजना: प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 क्रियाशील हैं। 2022 तक राज्य में केवल 2 हेलीपोर्ट और 60 हेलीपैड थे, जो अब बढ़कर क्रमशः 7 और 118 हो गए हैं।
पर्वतमाला और धार्मिक पर्यटन: ‘मानसखंड’ से ‘केदारखंड’ तक
सरकार का विशेष फोकस रोपवे नेटवर्क और धार्मिक स्थलों के कायाकल्प पर है:
रोपवे नेटवर्क: ‘पर्वतमाला परियोजना’ के तहत गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का कार्य शुरू हो गया है। इसके अलावा रानीबाग-नैनीताल और ऋषिकेश-नीलकंठ जैसे कई अन्य रोपवे प्रस्तावित हैं।
धाम पुनर्विकास: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। कुमाऊं क्षेत्र के लिए ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
साहसिक पर्यटन: ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य की नीव
अवसंरचना केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ी है:
स्वास्थ्य: किच्छा में एम्स (AIIMS) सैटेलाइट सेंटर और ऋषिकेश एम्स में हेली-एम्बुलेंस सेवा से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को नया जीवनदान मिल रहा है।
शिक्षा: राज्य के 226 विद्यालयों को ‘पीएम श्री’ (PM Shri) योजना के तहत आधुनिक शिक्षण वातावरण से लैस किया जा रहा है।
जल और उद्योग: जमरानी, सौंग और लखवाड़ बांध परियोजनाओं से सिंचाई और पेयजल की समस्या का समाधान होगा। वहीं, उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, भारत अब ‘रफ्ता-रफ्ता’ नहीं बल्कि ‘रफ्तार’ के साथ आगे बढ़ रहा है और उत्तराखंड इस नई गति का मुख्य केंद्र बन गया है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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