नवीन समाचार, देहरादून, 14 अप्रैल 2026 (IFS Sanjiv Chaturvedi donated Allowances)। पूरे देश में पारदर्शिता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनसेवा की मिसाल पेश करने वाले उत्तराखंड (Uttarakhand) कैडर के भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service – IFS) के वरिष्ठ अधिकारी संजीव चतुर्वेदी (Sanjiv Chaturvedi) ने अब प्रशासनिक सेवा में दानवीर अधिकारी के रूप में अनूठी मिसाल पेश की है। अपनी बेबाकी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति के लिए विख्यात चतुर्वेदी ने अपने आधिकारिक दौरों के लिए देय 3 लाख रुपये से अधिक के दैनिक भत्तों (Daily Allowance – DA) की राशि का परित्याग करते हुए उसे सीधे ‘उत्तराखंड मुख्यमंत्री राहत कोष’ (Chief Minister Relief Fund) में दान करने का निर्णय लिया है।
4 अप्रैल 2026 को वन विभाग के प्रमुख (HoFF) को लिखे अपने औपचारिक पत्र में 2002 बैच के इस आईएफ़एस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2016 से 2025 के मध्य किए गए 447 दिनों के आधिकारिक भ्रमण हेतु उन्हें नियमानुसार यह राशि प्राप्त होनी थी, लेकिन उन्होंने जनहित में इसका दावा न करने का संकल्प लिया है।
दुर्गम क्षेत्रों में सेवा को ही माना अपना पुरस्कार
संजीव चतुर्वेदी ने अपने पत्र में भावुक होते हुए लिखा कि देवभूमि उत्तराखंड की सेवा और यहाँ की दुर्लभ वनस्पतियों व वन्यजीवों के संरक्षण से मिलने वाली आत्म-संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के अत्यंत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में पदयात्राएं और वैज्ञानिक अध्ययन किए हैं:
प्रमुख क्षेत्र: मिलम ग्लेशियर (Milam Glacier), हर की दून, माणा पास, नीती घाटी, पंचाचूली बेस कैंप और फूलों की घाटी (Valley of Flowers)।
संरक्षण कार्य: उन्होंने राज्य में 25 वनस्पति संरक्षण केंद्रों की स्थापना की और अतीस, जटामासी व गोल्डन हिमालयन स्पाइक जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों के पुनर्जीवन पर कार्य किया।
वन्यजीव: हिमालयन मार्मोट, किंग कोबरा और उड़न गिलहरी जैसी प्रजातियों के संरक्षण हेतु उनके द्वारा तैयार की गई कार्ययोजनाओं की सराहना शासन स्तर पर भी की गई है।
त्याग और ईमानदारी की लंबी पृष्ठभूमि
यह पहला अवसर नहीं है जब संजीव चतुर्वेदी ने अपनी आय या पुरस्कार राशि समाज को समर्पित की हो। उनकी जीवनशैली और सिद्धांतों की झलक उनके पूर्व के निर्णयों में भी स्पष्ट दिखाई देती है:
मैग्सेसे पुरस्कार (2015): रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के रूप में प्राप्त लगभग 19.85 लाख रुपये की पूरी राशि उन्होंने एम्स (AIIMS) दिल्ली में गरीब मरीजों के उपचार हेतु दान कर दी थी।
शहीद कल्याण कोष: वर्ष 2019 में एक विधिक मामले में प्राप्त मध्यस्थता शुल्क की 2.5 लाख रुपये की राशि उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों को समर्पित की।
भ्रष्टाचार विरोधी पुरस्कार: मंजूनाथ षडक्षरी पुरस्कार की राशि भी उन्होंने एक जरूरतमंद परिवार को दान कर दी थी।
प्रशासनिक सेवा के लिए रोल मॉडल
संजीव चतुर्वेदी की पहचान एक ऐसे ‘व्हिसलब्लोअर’ (Whistleblower) अधिकारी की रही है जिन्होंने हरियाणा के वन घोटालों से लेकर एम्स दिल्ली में भ्रष्टाचार के 200 से अधिक मामलों को उजागर किया। भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष के कारण उन्हें अपने करियर में 12 से अधिक बार स्थानांतरण (Transfer) का दंश झेलना पड़ा, किंतु उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, उनके या उनके परिवार के नाम पर कोई अचल संपत्ति (Immovable Property) दर्ज नहीं है, जो उनकी सादगी और शुचिता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने भी समय-समय पर उनके संरक्षण कार्यों और सेवा भाव की प्रशंसा की है। संजीव चतुर्वेदी का यह नवीनतम कदम न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए एक प्रेरणास्रोत है कि कर्तव्य निष्ठा के साथ किया गया त्याग ही वास्तविक गौरव है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (IFS Sanjiv Chaturvedi donated Allowances) :
IFS Sanjiv Chaturvedi donated Allowances, Uttarakhand News, Dehradun News, Hindi News, IFS Sanjiv Chaturvedi Donation News 2026, Sanjiv Chaturvedi Magsaysay Awardee Uttarakhand, Chief Minister Relief Fund Donation IFS, Corruption Cases AIIMS Sanjiv Chaturvedi, Sanjiv Chaturvedi Transfer History Haryana, Biodiversity Conservation Uttarakhand IFS, Rare Himalayan Plants Protection Sanjiv Chaturvedi, Honest Bureaucrats India Role Models, Forest Department Uttarakhand Senior Officers, Sanjiv Chaturvedi Property Record News, Indian Forest Service Ethical Leadership, #PublicServiceEthicsIndia #IFSOfficerIntegrity #EnvironmentalConservationPolicy #RamanMagsaysayAwardees #AntiCorruptionGovernance #UttarakhandCivilServices #HimalayanEcologyProtection #PublicFundDonationRules #BureaucraticAccountabilityStandards #WhistleblowerProtectionIndia,
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।