नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 15 अप्रैल 2026 (14 Year Old Minor became mother)। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ (Pithoragarh) से बाल विवाह और नाबालिग उम्र में मातृत्व का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और कानून दोनों को झकझोर कर रख दिया है। मुनस्यारी (Munsyari) क्षेत्र की रहने वाली महज 14 वर्षीय एक किशोरी ने जिला अस्पताल में ‘सीजेरियन ऑपरेशन’ (Cesarean Operation) के माध्यम से एक बेटे को जन्म दिया है। पुलिस ने किशोरी को इस अवांछित स्थिति में पहुंचाने वाले आरोपित कथित पति के विरुद्ध पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में अभियोग दर्ज कर लिया है।
स्कूल में प्रेम, 13 की उम्र में मंदिर में विवाह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित किशोरी और आरोपित युवक दोनों मूल रूप से मुनस्यारी के निवासी हैं। दोनों की मुलाकात स्कूल में हुई थी। किशोरी के पारिवारिक हालात अत्यंत संवेदनशील थे; उसके माता-पिता वर्षों पहले अलग हो गए थे और वह अपनी सौतेली मां के साथ रह रही थी। पिछले वर्ष, जब किशोरी की उम्र महज 13 वर्ष थी, दोनों ने एक मंदिर में गुप्त रूप से विवाह कर लिया। विवाह के पश्चात युवक किशोरी को अपने साथ पुणे (Maharashtra) ले गया, जहाँ वह एक निजी कंपनी में कार्य करने लगा।
प्रसव पीड़ा के बाद हुआ मामले का खुलासा
पुणे में रहने के दौरान ही किशोरी गर्भवती हो गई। प्रसव पीड़ा होने पर उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय लेकर आए। किशोरी की कम उम्र को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचित किया। किशोरी की जान खतरे में देख, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एल.एस. खाती ने ‘अभिभावक’ की भूमिका निभाते हुए ऑपरेशन के लिए आवश्यक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद मंगलवार को सफल प्रसव हुआ।
कानूनी कार्यवाही और संरक्षण
बाल कल्याण समिति और पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है:
अभियोग दर्ज: आरोपित युवक (जो वर्तमान में पुणे में है) के खिलाफ मुनस्यारी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 87 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।
भविष्य की सुरक्षा: अध्यक्ष एल.एस. खाती ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किशोरी और नवजात को ‘स्पेशल एडॉप्शन’ (Special Adoption) एजेंसी में सुरक्षित रखा जाएगा। 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक किशोरी की देखभाल सरकारी संस्था द्वारा की जाएगी।
किशोरी के पिता पुणे में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य करते हैं, जबकि उसकी मां परिवार छोड़ चुकी है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।













