बड़ी कार्रवाई : उत्तराखंड में अब राजकीय आवासों पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने 94 आवास किए गए ध्वस्त, जानें पूरा मामला

JCB Buldozar Bulldozer

-राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों के बाद हुई कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त किए गए 94 आवास नवीन समाचार, कालागढ़, 9 मार्च 2025 (Bulldozer Action in Kalagarh Uttarakhand on Govt)। उत्तराखंड के कालागढ़ में स्थित की केंद्रीय कॉलोनी में लंबे समय से खाली पड़े राजकीय आवासों को ध्वस्त करने के लिए शनिवार को … Read more

उत्तराखंड में राजस्थान के मंत्री के घर व फ्लोर मिल पर आईटी का छापा

नवीन समाचार, किच्छा, 7 सितंबर 2022। राजस्थान की गहलोत सरकार में उच्च शिक्षा व गृह राज्यमंत्री और कोटपुतली से विधायक राजेंद्र सिंह यादव के राजस्थान के साथ उत्तराखंड के किच्छा स्थित घर और फ्लोर मिल पर आयकर विभाग का छापा पड़ा है। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे आयकर विभाग की टीम चार-पांच वाहनों से … Read more

उत्तराखंड के कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ने के लिए इस बड़ी कोशिश में है सरकार

-इस हेतु प्रयासरत वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कंडी मार्ग बन कर रहेगी, बरसात पूर्व व बाद वन्य जीवों के आवागमन पर राष्ट्रीय वन्य जीव संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है सर्वे, सितंबर तक आ जाएगी सर्वे रिपोर्ट
Roadनैनीताल, 2 जुलाई 2018। उत्तराखंड के कुमाऊं व गढ़वाल मंडलों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार एक बड़ी कोशिश में है। राज्य बनने के 18 वर्ष होने तक भी राज्य के कुमाऊं मंडल वासियों को राज्य की राजधानी जाने के लिए यूपी के रास्ते जाना पड़ता है। जबकि लालढांग-चिलरखाल-कालागढ़-रामनगर के रास्ते पहले से मौजूद पथरीली कंडी रोड को पक्का करने का विकल्प मौजूद है। लेकिन राज्य में कई सरकारें व मुख्यमंत्री आने-जाने के बावजूद इस दिशा में कार्य नहीं हो पाया है। अब राज्य वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत इस हेतु प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। सोमवार को उन्होंने नैनीताल में कहा कि कंडी रोड हर हालत में ‘ग्रीन रोड’ के रूप में बन कर रहेगी, चाहे इसके लिए एनजीटी अथवा सुप्रीम कोर्ट में भी क्यों ना जाना पड़े। बताया कि मार्ग पर वन्य जीवों के आवागमन को देखने के लिए बरसात से पूर्व एक सर्वे करा लिया गया है, आगे बरसात के बाद भी एक और सर्वे कराया जाएगा। उम्मीद है कि इन सर्वे की रिपोर्ट सितंबर माह तक आ जाएगी। इससे तय होगा कि कहां सड़क जमीन पर, जमीन के नीचे या ऊंचाई में बनानी है। बताया कि पहली बार सर्वे में सड़क विभाग के साथ ही राष्ट्रीय वन्य जीव संस्थान को भी साथ में रखा गया है, ताकि बाद में किसी तरह की समस्या न आये। कहा कि सड़क इस तरह बनेगी कि वन्य जीवों का प्राकृतिक आवागमन भी प्रभावित नहीं होगा, और उनकी सुरक्षा भी बनी रहेगी।

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