बड़ी कार्रवाई : उत्तराखंड में अब राजकीय आवासों पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने 94 आवास किए गए ध्वस्त, जानें पूरा मामला

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

-राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों के बाद हुई कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त किए गए 94 आवास

नवीन समाचार, कालागढ़, 9 मार्च 2025 (Bulldozer Action in Kalagarh Uttarakhand on Govt)उत्तराखंड के कालागढ़ में स्थित की केंद्रीय कॉलोनी में लंबे समय से खाली पड़े राजकीय आवासों को ध्वस्त करने के लिए शनिवार को प्रशासन ने तीन बुलडोजर लगाए। कार्रवाई के दौरान पूरी कॉलोनी छावनी में तब्दील रही। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में एक-एक कर आवासों को ध्वस्त किया गया।

एनजीटी के आदेशों के अनुसार कार्रवाई

(Bulldozer Action in Kalagarh Uttarakhand on Govt)उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी ने बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 8 जनवरी को दिए गए आदेशों के तहत की जानी थी, लेकिन मामला उत्तराखंड उच्च न्यायालय पहुंचने के कारण इसमें देरी हुई। अब न्यायालय के आदेशों के अनुसार कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। रामगंगा बांध परियोजना की अनउपयुक्त भूमि को खाली कराकर वन विभाग को सौंपा जा रहा है। इस क्रम में 97 खाली पड़े आवासों को ध्वस्त करने की योजना बनाई गई थी।

मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल

ध्वस्तीकरण के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी अनिल गर्बयाल के निर्देशन में कोटद्वार के उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, लैंसडौन की उप जिलाधिकारी शालिनी मौर्य, कोटद्वार की तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, पौड़ी सदर के पुलिस क्षेत्राधिकारी त्रिवेंद्र सिंह राणा, कोटद्वार के पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार वोरा, रामगंगा बांध परियोजना के सहायक अभियंता रोहित ढाका व विजय सिंह, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर, वन क्षेत्राधिकारी मनीष कुमार, राजस्व विभाग के अधिकारी, पीएसी की डेड कंपनी, आईआरबी की एक कंपनी तथा कोटद्वार एवं अन्य थानों की पुलिस बल तैनात रही।

जनता को रखा गया दूर

कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आम जनता को स्थल से दूर रखा गया। पुलिस ने इलाके में कड़ी निगरानी रखते हुए लोगों को कार्रवाई स्थल पर जाने से रोक दिया।

94 आवास किए गए ध्वस्त, तीन को छोड़ा गया

प्रशासन ने शनिवार को दिनभर चली इस कार्रवाई में कुल 94 आवासों को ध्वस्त करने का दावा किया है, जबकि सूची में 97 आवासों का उल्लेख था। उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी के अनुसार दो मकानों की छतें समीप स्थित धार्मिक स्थल से जुड़ी थीं, जिस कारण उन्हें नहीं गिराया गया। इसके अलावा एक मकान में उन 213 परिवारों में से एक परिवार रहता था, जिन्हें एनजीटी के आदेश में शामिल किया गया था, इसलिए उसे भी छोड़ दिया गया।

यह भी पढ़ें :  भूमि धोखाधड़ी पर कुमाऊँ पुलिस का कड़ा कदम, सभी एसआईटी भंग, लगभग 10 करोड़ रुपयों की ठगी के आरोपित धनंजय गिरी के प्रकरण में विवेचक निलंबित

कुछ मकानों को पहुंची आंशिक क्षति

कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति के पदाधिकारियों परशुराम, राजेश्वर अग्रवाल, मेराज खान व योगेश कुमार सैनी आदि ने प्रशासन से शिकायत की कि ध्वस्तीकरण के दौरान आधा दर्जन मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है, जिनमें लोग रह रहे थे। इस पर प्रशासन ने आश्वासन दिया कि क्षति की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

आवासों की भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी

रामगंगा बांध परियोजना की भूमि को वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने बताया कि जल्द ही यह स्थान पूरी तरह से वन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। (Bulldozer Action in Kalagarh Uttarakhand on Govt)

यह भी पढ़ें :  👉🚗उत्तराखंड में सभी बाहरी वाहनों पर 15 फरवरी से 15 प्रवेश द्वारों से FASTag से स्वतः होगी ग्रीन सेस की वसूली...

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे थ्रेड्स चैनल से, व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, टेलीग्राम से, एक्स से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

(Bulldozer Action in Kalagarh Uttarakhand on Govt, Pauri News, Kalagarh News, Uttarakhand News, Bulldozer Action, Big action, Now bulldozers run on government residences in Uttarakhand, administration demolished 94 houses, know the whole matter, Government Housing Demolition, Kalagarh, Uttarakhand News, Police Deployment, NGT Orders, High Court Orders, Ramganga Dam Project, Eviction Drive, Administrative Action, Police Force, Encroachment Removal, Forest Department, Public Safety, Land Transfer,) 

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार

‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार' एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

Articles: 4614