राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती, कुमाऊं की काशी-बागेश्वर

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

तीर्थराज बागेश्वर: पौराणिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक आंदोलनों की साक्षी भूमि डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी  2026 (Bageshwar)। बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र है। नीलेश्वर और भीलेश्वर पर्वतों की उपत्यका में सरयू, गोमती और लुप्त मानी जाने वाली सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर स्थित यह … Read more

कुमाऊं का लोक पर्व ही नहीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक ऋतु पर्व भी है घुघुतिया-उत्तरायणी, रक्तहीन क्रांति का गवाह भी रहा है यह दिन

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1921 में इसी त्योहार के दौरान बागेश्वर में हुई प्रदेश की अनूठी रक्तहीन क्रांति, कुली बेगार प्रथा से मिली थी निजात घुघुतिया के नाम से है पहचान, काले कौआ कह कर न्यौते जाते हैं कौए और परोसे जाते हैं पकवान डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल (Ghughutiya-Uttarayani)। दुनिया को रोशनी के साथ ऊष्मा और ऊर्जा के रूप … Read more