Crime

नैनीताल में कार का शीशा तोड़कर सामान चोरी…

      नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2022। नैनीताल काफी हद तक अपराधों व चोरी जैसी घटनाओं से सुरक्षित शहर माना जाता है। दूसरे यहां वाहनों को अपने घर के पास खड़े करने या पार्किंग की सुविधाएं सीमित हैं, इसलिए लोग वाहनों को सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं और कई बार उनमें कीमती सामान भी […]

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नागेशं दारूका वने… ज्योर्तिलिंग जागेश्वर : यहीं से शुरू हुई थी शिवलिंग की पूजा, यहाँ होते हैं शिव के बाल स्वरुप की पूजा

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवत्व की बात कही जाती है। प्रदेश के अनेक धर्म स्थलों में एक भगवान शिव के प्रथम ज्योर्तिलिंग जागेश्वर के बारे में स्कंद पुराण के मानसखंड में कहा गया है-‘मा वैद्यनाथ मनुषा व्रजंतु, काशीपुरी शंकर बल्ल्भावां। मायानगयां मनुजा न यान्तु, जागीश्वराख्यं तू हरं […]

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कुमाऊं का लोक पर्व ही नहीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक ऋतु पर्व भी है घुघुतिया-उत्तरायणी, रक्तहीन क्रांति का गवाह भी रहा है यह दिन

       1921 में इसी त्योहार के दौरान बागेश्वर में हुई प्रदेश की अनूठी रक्तहीन क्रांति, कुली बेगार प्रथा से मिली थी निजात घुघुतिया के नाम से है पहचान, काले कौआ कह कर न्यौते जाते हैं कौए और परोसे जाते हैं पकवान नवीन जोशी, नैनीताल। दुनिया को रोशनी के साथ ऊष्मा और ऊर्जा के रूप में […]

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नैनीताल की रामलीला की एक विशेषता यह भी, यहां 41 वर्षों से रामकाज कर रहे हैं भीम व विमल

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2021। नैनीताल की रामलीला की कई अनूठी विशिष्टताएं हैं। इन्हीं में दो व्यक्तियों भीम सिंह कार्की व विमल चौधरी का जिक्र करना भी जरूरी है। भीम सिंह पिछले 41 वर्षों से मल्लीताल की रामलीला में रूप सज्जा का कार्य संभाल रहे हैं, जबकि करीब इतना ही […]

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सुखद समाचार: कुमाऊं की दानवीर जसुली दीदी की 170 वर्ष पुरानी विरासत का होने लगा संरक्षण…

      -सुयालबाड़ी स्थित धर्मशाला का 34 लाख रुपए से किया जा रहा है सौंदर्यीकरण डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 7 सितंबर 2021। जसुली शौक्याणी, जसुली दीदी व जसुली बुड़ी के नाम से विख्यात कुमाऊं की महान दानवीर महिला स्व. जसुली दताल की जनपद के सुयालबाड़ी में स्थित ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन स्थल के रूप में […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

       देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य को गहरी आध्यात्मिकता के साथ मानो उसी […]