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नैनीताल : शुरू होगा रामलीला स्टेज का सौंदर्यीकरण, रजा क्लब में शिफ्ट होगी मंडी

       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जून 2022। व्यवसायियों के ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान न शुरू किए जाने के अनुरोध के बाद अब मुख्यालय में मल्लीताल रामलीला स्टेज में सौंदर्यीकरण के कार्य शुरू होने जा रहे हैं। इस कार्य हेतु बुधवार को एसडीएम प्रतीक जैन ने नगर पालिका के ईओ अशोक […]

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पत्नी का धर्म परिवर्तन कराया, अब पति पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव ! मिल रहे तरह-तरह के प्रलोभन !

      नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 19 जून 2022। पिथौरागढ़ जनपद के डीडीहाट में जीआइसी वार्ड में रहने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने किराए पर रहने वाले केरल निवासी व्यक्ति पर उसकी पत्नी का धर्म परिवर्तन कराने और अब उस पर भी धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। डीडीहाट के जीआइसी वार्ड निवासी […]

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ग्रामीण महिलाओं को बार-बार उपयोग किए जाने वाले सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2022। नगर के आशा फाउंडेशन संस्था की ओर से रविवार को जिला मुख्यालय के निकटवर्ती ग्राम खमारी में महिलाओं को उनके स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई, स्तन, बच्चेदान व मुंह के कैंसर तथा सेनेटरी पैड के प्रयोग आदि के प्रति जागरूक किया गया। संस्था की अध्यक्ष आशा शर्मा […]

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पाषाण देवी शक्तिपीठ: जहां घी, दूध का भोग करती हैं सिंदूर सजीं मां वैष्णवी

       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। उत्तराखंड को देवभूमि इसीलिए कहा जाता है, कि यहां के कण-कण में देवों कावास है। बदरी, केदार सहित चार धामों और गंगा, यमुना की इसी धरती में शिवके धाम कैलाश का द्वार है, और यहीं शिवा यानी माता पार्वती का मायका हिमालय भी है। […]

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महाशिवरात्रि पर विशेष : यहाँ भी है एक कैलास, यहाँ भी कैलास की तरह खुले में पार्थिव लिंग स्वरूप में विराजते हैं महादेव

      -देखने में कैलास पर्वत की तरह ही  है ‘छोटा कैलास’ पर्वत -बड़ी मान्यता है भीमताल विकास खंड की ग्राम सभा पिनरौ में स्थित शिव के इस धाम की -पर्वतीय क्षेत्रों से अधिक यूपी के मैदानी क्षेत्रों से पहुंचते हैं श्रद्धालु, महाशिवरात्रि पर लगता है बड़ा मेला डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। देवों के […]

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नागेशं दारूका वने… ज्योर्तिलिंग जागेश्वर : यहीं से शुरू हुई थी शिवलिंग की पूजा, यहाँ होते हैं शिव के बाल स्वरुप की पूजा

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवत्व की बात कही जाती है। प्रदेश के अनेक धर्म स्थलों में एक भगवान शिव के प्रथम ज्योर्तिलिंग जागेश्वर के बारे में स्कंद पुराण के मानसखंड में कहा गया है-‘मा वैद्यनाथ मनुषा व्रजंतु, काशीपुरी शंकर बल्ल्भावां। मायानगयां मनुजा न यान्तु, जागीश्वराख्यं तू हरं […]

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नैनीताल की रामलीला की एक विशेषता यह भी, यहां 41 वर्षों से रामकाज कर रहे हैं भीम व विमल

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2021। नैनीताल की रामलीला की कई अनूठी विशिष्टताएं हैं। इन्हीं में दो व्यक्तियों भीम सिंह कार्की व विमल चौधरी का जिक्र करना भी जरूरी है। भीम सिंह पिछले 41 वर्षों से मल्लीताल की रामलीला में रूप सज्जा का कार्य संभाल रहे हैं, जबकि करीब इतना ही […]

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नैनीताल के हरदा बाबा-अमेरिका के बाबा हरिदास

       सरोवरनगरी नैनीताल का साधु-संतों से सदियों से, वस्तुतः अपनी स्थापना से ही अटूट रिस्ता रहा है। इस नगर का पौराणिक नाम ‘त्रिऋषि सरोवर’ ही इसलिये है, क्योंकि इसकी स्थापना सप्तऋषियों में गिने जाने वाले तीन ऋषियों (लंकापति रावण के पितामह महर्षि पुलस्त्य के साथ ब्रह्मा पुत्र अत्रि व पुलह) ने की थी। आगे भी […]

ऐपण : उत्तराखण्ड की लोक चित्रकला

       प्रमोद प्रसाद, इतिहास विद्यार्थी, नैनीताल। ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है। यह चित्रकला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र से सम्बन्धित है। ऐपण शब्द संस्कृत के शब्द अर्पण से व्युत्पादित है। ऐपण का वास्तविक अर्थ है लिखायी या […]

राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती, कुमाऊं की काशी-बागेश्वर

      पौराणिक काल से ऋषि-मुनियों की स्वयं देवाधिदेव महादेव को हिमालय पुत्री पार्वती के साथ धरती पर उतरने के लिए मजबूर करने वाले तप की स्थली बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है। नीलेश्वर और भीलेश्वर नाम के दो पर्वतों की उपत्यका में सरयू, गोमती व विलुप्त मानी जाने वाली सरस्वती नदी […]

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प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्टूबर 2021। हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। आइए आज हम आपको इस शक्तिपीठ के दर्शनों को लिए चलते हैं। दूनागिरि पहुंचने के लिए अल्मोड़ा से 65 किमी, रानीखेत से 38 किमी […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

       देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य को गहरी आध्यात्मिकता के साथ मानो उसी […]

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सच्चा न्याय दिलाने वाली माता कोटगाड़ी: जहां कालिया नाग को भी मिला था अभयदान

      डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल। कण-कण में देवत्व के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड में कोटगाड़ी (कोकिला देवी) नाम की एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में कोर्ट सहित हर दर से मायूस हो चुके लोग आकर अथवा बिना आए, कहीं से भी उनका नाम लेकर न्याय की गुहार लगाते (स्थानीय भाषा में विरोधी के खिलाफ ‘घात’ […]

भद्रकालीः जहां वैष्णो देवी की तरह त्रि-पिंडी स्वरूप में साथ विराजती हैं माता सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली

      ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। कहते हैं आदि-अनादि काल में सृष्टि की रचना के समय आदि शक्ति ने त्रिदेवों-ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ उनकी शक्तियों-सृष्टि का पालन व ज्ञान प्रदान करने वाली ब्रह्माणी यानी माता सरस्वती, पालन करने वाली वैष्णवी यानी माता लक्ष्मी और बुरी शक्तियों […]