नैनीताल, 9 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड क्रिकेट टीम ने सोमवार को विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में लगातार सातवीं जीत हासिल की। सोमवार को गुजरात के नाडियाड में उत्तराखंड ने अरुणाचल प्रदेश की टीम को 108 रनों के अंतर से हरा दिया। बावजूद इसके दुर्भाग्यवश उत्तराखंड की टीम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी।
सोमवार को अपने अंतिम लीग मैच में उत्तराखंड की टीम ने अरुणाचल के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। आज उत्तराखण्ड की शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही और पिछले मैच में दोहरा शतक लगाने वाले करणवीर कौशल 22 रन बनाकर जल्दी ही आउट हो गए। एक समय उत्तराखण्ड की टीम 90 रन पर छह विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी। परन्तु 7 वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे उत्तराखण्ड के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज सौरभ रावत और एम रंगराजन के बीच सातवें विकेट के लिए 100 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की बदौलत अंत में उत्तराखंड ने 49.4 ओवरों में 264 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर दिया। सौरभ रावत ने 64 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली जबकि रंगराजन ने 50रन बनाकर उनका बढ़िया साथ निभाया। 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अरुणाचल की टीम उत्तराखण्ड की शानदार गेंदबाजी के आगे संघर्ष करती नजर आई। और निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट खोकर 156 रन ही बना सकी। उत्तराखंड की ओर से कप्तान रजत भाटिया ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट चटकाए. जबकि एम. रंगराजन व मयंक मिश्रा ने दो-दो और दीपक धपोला व सनी राणा ने एक-एक विकेट अपने नाम किये। इस तरह उत्तराखण्ड ने अपने आखिरी लीग मैच में अरुणाचल प्रदेश की टीम को 108 रनों के बड़े अंतर से हरा कर टूर्नामेंट ने लगातार सातवीं जीत दर्ज की।
उल्लेखनीय है कि प्लेट ग्रुप से केवल एक ही टीम को विजय हजारे ट्रॉफी के मेन ग्रुप में क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करना था। प्लेट ग्रुप में बिहार और उत्तराखंड ने लीग चरण में आठ-आठ मुकाबले खेले। दोनों ही टीमों ने अपने सात-सात मुकाबले जीते। परन्तु बिहार का एक मुकाबला रद्द हो जाने के चलते उनको दो अंक मिले। जिसके कारण बिहार को आठ में से सात मैच जीतने के बाद कुल 30 अंक मिले। जबकि उत्तराखंड की टीम को आठ में से सात मैच जीतने के बाद कुल 28 अंक मिले। उत्तराखण्ड की टीम अपने पहले मुकाबले में बिहार से हार गई थी। इस कारण बिहार की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही।
पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट खेलने उतरी टीम उत्तराखण्ड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। इसके अलावा टूर्नामेंट में कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। उत्तराखंड की टीम मंगलवार को वापस देहरादून पहुंचेगी। पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर लौट रही टीम उत्तराखण्ड का क्रिकेट प्रेमियों द्वारा जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर जबरदस्त स्वागत किया जायेगा।

यह भी पढ़ें : देर आयद-दुरुस्त आयद, इतिहास में पहली बार दोहरा शतक और जीत का छक्का, शीर्ष रैंक पर भी पहुंचा

नांदेड़-गुजरात, 6 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड का क्रिकेट में पदार्पण अपनी स्थापना के 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुआ है, लेकिन जब हुआ है तो जिस विजय हजारे ट्रॉफी से उत्तराखंड ने घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया है, उसमें ऐसा कुछ कर डाला है जैसा इस ट्रॉफी के इतिहास में अब तक कभी कोई नहीं कर पाया है। उत्तराखंड के ओपनर बल्लेबाज करणवीर कौशल ने शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी मे 200 रन बनाकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास मे दोहरा शतक लगाने वाले करणवीर कौशल देश के पहले क्रिकेटर बन गए हैं। इसके साथ ही मौजूद सत्र में अब तक सात मैचों में तीन शतक लगाने वाले करनवीर इकलौते बल्लेबाज भी बन गए हैं।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित शर्मा और दोहरा शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी घरेलू क्रिकेट में यह नहीं कर पाये हैं। इससे पहले विजय हजारे ट्रॉफी मे सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भारतीय टीम के उप कप्तान आजिंक्य रहाणे के नाम था। उन्होंने मुम्बई के लिए खेलते हुए 2007-08 मे महाराष्ट्र के खिलाफ 187 रन बनाये थे।
इसके साथ ही करणवीर के रिकॉर्ड दोहरे शतक की बदौलत उत्तराखंड ने विजय हजारे ट्रॉफी में पहले मैच में हारने के बाद लगातार छह जीतों से जीत का छक्का लगा दिया है। अपने सातवें मैच में उत्तराखंड ने सिक्किम को 199 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ उत्तराखंड अंक तालिका में बिहार को पछाड़कर पहले स्थान पर पहुंच गया है, जिसके साथ अब उसे अपना अगला मैच खेलना है।
शनिवार को नांदेड, गुजरात के गोकुलभाई सोमाभाई पटेल स्टेडियम में सिक्किम के खिलाफ प्लेट ग्रुप के मुकाबले में करणवीर कौशल ने 202 रन की आतिशी पारी खेलकर यह इतिहास रचा। करणवीर ने इस मैच में पहली 38 गेंदों मे पहले 50 रन बनाए, और 100 रन तक पहुचने के लिए महज 33 गेंदें ही और खेलीं। शतक बनाने के बाद भी करनवीर अधिक आक्रामक होते चले गये, और अगली 30 गेंदों मे उन्होंने 150 का आंकड़ा छुआ और फिर अगली 31 गैंदों में 200 रन बनाने का रिकार्ड ही बना डाला। आखिर वे अपनी टीम को 300 का आंकड़ा पार कराकर कुल 135 गेंदों मे 202 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी 202 रनों की पारी के दौरान कुल 18 चौकों और 9 छक्कों के साथ 126 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से बनाये है।
उल्लेखनीय है कि इस मैच में टॉस जीतकर सिक्किम ने उत्तराखंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। उत्तराखंड के ओपनर करणवीर कौशल और विनीत सक्सेना ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 296 रनों की पारी खेली। विनीत ने दूसरे छोर पर धैर्यपूर्ण और सयंम भरी पारी खेलते हुए 133 गेंदों में 100 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सौरभ चौहान और वीआर जेठी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 366 तक पहुंचाया। सौरभ चौहान ने 20 गेंदों में 26 और जेठी ने 12 गेंदों में 18 रन बनाए। सिक्किम के लिए दोनों विकेट मंडुप भूटिया ने चटकाए। जवाब में उत्तराखंड के लिए दीपक धपोला ने सिक्किम को लगातार तीन झटके देकर सिक्किम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने बिबेक (1), पलजोर (0) और आशीष थापा (0) को पवेलियन भेजा। सिक्किम की टीम ने 7.2 ओवर में 29 रन पर अपने तीन विकेट खो दिए। मयंक मिश्रा ने बिजय (15) को आउट कर सिक्किम को चौथा झटका दिया। 41 रन पर चार विकेट गिरने के बाद ली योंग लेप्चा और पदम ने बेहद संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। लेप्चा ने 104 गेंदों में 65 और पदम ने 102 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। निलेश लमिछाने 14 रन बनाकर नाबाद लौटे। सिक्किम ने 50 ओवर में छह विकेट खोकर 167 रन बनाए। उत्तराखंड की लिए दीपक ने तीन, वीआर जेठी ने दो और मयंक मिश्रा ने एक विकेट लिया।

यह भी पढ़ें : दूसरे मैच में पोंडिचेरी पर बड़ी जीत से लगाए उम्मीदों को पंख

उत्तराखंड की क्रिकेट टीम ने अपने पदार्पण के लगातार दूसरे भी को भी यादगार बना दिया। 20 सितंबर को जहां उत्तराखंड ने (विजय हज़ारे ट्रॉफी में) पहला मैच खेला (भले बिहार से मैच हार गया हो), वहीं अगले ही दिन 21 सितंबर को उसने पोंडिचेरी को 65 रनों के बड़े अंतर से हराकर राज्य के क्रिकेट प्रेमियों कि उम्मीदों को पंख लगा दिये हैं।

शुक्रवार को घरेलू क्रिकेट में पदार्पण कर रही उत्तराखण्ड की क्रिकेट टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी में पॉन्डिचेरी को 65 रनों से मात देेेकर पहली जीत दर्ज कर ली है। आज उत्तराखण्ड की टीम पहले मैच में बिहार में मिली हार से सीख लेते हुए मैदान पर उतरी। मैच में उत्तराखंड की शुरुआत खराब रही। उत्तराखण्ड का पहला विकेट विनीत सक्सेना के रूप में मात्र 2 रन पर गिर गया था लेकिन टीम ने संयम का परिचय देकर मैच को अपनी तरफ किया। करनवीर कौशल और वैभव भट्ट ने दूसरे विकेट के लिए 172 रन जोड़ विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी। करनवीर ने शानदार 114 गैदों में 101 रनों की पारी खेली, वहीं वैभव भट्ट ने 73 रन बनाए। इस शानदार शुरूआत के बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने टीम के रन रेट को कम होने नहीं दिया। रंगराजन के नाबाद 36  रन और सौरभ रावत ने मात्र 20 गेंदों में 35 रनों के बदौलत उत्तराखण्ड ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 291 रन बनाए। बल्लेबाजी में विनीत ने शून्य, रजत भाटिया ने 10, वैभव सिंह ने 12, दीपक धपोला ने 1 और डीके शर्मा ने 7 रन बनाए।

वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी पॉन्डिचेरी ने धमाकेदार शुरूआत की। पहले चार ओवर में सलामी बल्लेबाज रोहित और गोविंद राजन ने 41 रन जोड़ दिए। रोहित 23 रन बनाकर डीके शर्मा का शिकार बने। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए अभिषेक नायर और गोविंद राजन के बीच दूसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी हुई लेकिन नायर चोटिल हो गए और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा। नायर के बाहर जाते ही मुकाबला उत्तराखण्ड की तरफ हो गया। इसके बाद पारस डोगरा दो रन बनाकर रन आउट हो गए। उस वक्त टीम का स्कोर 127 रन था। पारस के आउट होने के बाद पॉन्डिचेरी के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और पूरी टीम 45.2 ओवर में 226 रनों पर सिमट गई। बाद में रिटायर हर्ट हुए अभिषेक नायर मैदान पर वापस आए लेकिन टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाने में नाकाम रहे। अभिषेक ने  94 रनों की पारी खेली। उत्तराखण्ड की ओर से गेंदबाजी में  सन्नी ने 4, दीपक धपोला ने 2 तथा रंगराजन और मंयक मिश्रा ने 1 -1 विकेट लिये।

यह भी पढ़ें : मैच हारकर भी इतिहास में दर्ज किया 20 सितम्बर का दिन

आखिर आज वो पल आ ही गया जिसका उत्तराखंड के क्रिकेट खिलाड़ी और खेलप्रेमी पिछले 18 सालों से इन्तेजार कर रहे थे। उत्तराखंड भले अपना पहला मैच हार गया हो, पर उत्तराखंड के क्रिकेट इतिहास में 20 सितम्बर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। क्यूंकि आज प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ी पहली बार बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर आये। आज उत्तराखंड की टीम ने बिहार से विजय हजारे ट्रॉफी के लिए गुजरात के शास्त्री मैदान में सुबह 9 बजे से अपना पदार्पण मैच खेला।

बिहार के साथ खेले जा रहे इस पहले घरेलू एक दिवसीय मैच में उत्तराखंड का प्रदर्शन पहला मैच होने के नाचे इस पर संतोषजनक कहा जा सकता है। उत्तराखंड ने पहले खेलते हुए 50 ओवरों के मैच में 43.2 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर कुल 160 रन बनाये हैं। उत्तराखंड के लिए अच्छी बात यह रही कि उसके ओपनर बल्लेबाज विनीत सक्सेना ने आखिर तक खेलते हुए 127 गैंदों में 4 चौकों के साथ 57 रन, जबकि आठवें नंबर पर खेलने आये गैंदबाज डी धपोला ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 46 गैंदों में 82.61 की औसत से 2 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 38 रन बनाए। इनके अलावा वैभव ने 16, ओपर करनवीर कुकसाल ने 13 तथा मयंक मिश्रा ने 11 रन बनाये हैं, जबकि कप्तान रजत भाटिया सहित अन्य 6 बल्लेबाज दहाई के अंकों से नीचे और इनमें से 2 सौरभ रावत और स्टार खिलाड़ी कहे जा रहे ‘बाहरी’ खिलाड़ी मलोलन रंगराजन शून्य पर आउट हुए।

वहीं जवाब में बिहार ने बेहद आसानी से 12.3 ओवर शेष रहते 5 विकेट के अंतर से मैच जीत लिया। बिहार की जीत में विकेटकीपर बल्लेबाज विकास रंजन ने बड़ी भूमिका निभाई। वहीं केशव कुमार ने 33 रनों का योगदान दिया। उत्तराखंड के लिए वैभव भट्ट ने एक खिलाड़ी को रन आउट व एक को मयंक मिश्रा की गैंद पर कैच आउट किया। मिश्रा ने भी एक खिलाड़ी को रन आउट किया। वहीं सनी की गैंद पर विकेटकीपर सौरभ रावत ने एक खिलाड़ी को स्टंप आउट किया। स्टार खिलाड़ी बताये जा रहे तमिलनाडु के मलोलन भी 1 विकेट ही ले पाये।

मैच का स्कोर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

पहली बार उत्तराखंड की टीम बीसीसीआई के किसी टूर्नामेंट में खेलने उतरी है। उत्तराखंड की टीम में देश के तीन सीनियर क्रिकेटर- दिल्ली के पूर्व स्टार ऑलराउंडर और IPL में कई टीमों से अपना जौहर दिखा चुके टीम के कप्तान रजत भाटिया, गोवा के विनीत सक्सेना और चेन्नई के मलोलन रंगराजन भी शामिल हैं। इसके अलावा बीसीसीआई ने भास्कर पिल्लई को उत्तराखंड का कोच और प्रशांत पुजारा को ट्रेनर नियुक्त किया है वहीं डैनी परेरा को फिजियोथेरेपिस्ट और दीपक मेहरा को टीम मैनेजर बनाया गया है।

उत्तराखंड की टीम—

रजत भाटिया(कप्तान), विनीत सक्सेना, मलोलन रंगराजन, वैभव भट्ट, करणवीर कौशल, मयंक मिश्रा, वैभव पंवार, सनी राणा, धनराज शर्मा, सौरभ रावत, शुभम नौटियाल, दीपक धपोला, सौरभ चौहान, विजय जेठी, आर्य सेठी।