पहली बार राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चुने गए ‘उत्तराखंड के खिलाड़ी’, उत्तराखंड क्रिकेट को पूर्ण मान्यता पर फैसला भी जल्द

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नवीन समाचार 14 फरवरी 2019। उत्तराखंड के तीन युवा खिलाड़ियों को बीसीसीआइ के घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन करने का इनाम मिला है। उत्तराखंड के आर्य सेठी, सुमित जुयाल व अवनीश सुधा का चयन इंडिया अंडर-19 टीम के लिए हुआ है। इसके साथ ही उत्तराखंड क्रिकेट की मान्यता पर जल्द फैसला होने की उम्मीद भी बन गई है। 22 फरवरी को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति के चेयरमैन विनोद राय उत्तराखंड की चारों एसोसिएशनों के साथ बैठक करेंगे। इसमें राज्य को पूर्ण मान्यता देने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।

बीसीसीआइ के घरेलू सत्र में पहली बार खेलने उतरी उत्तराखंड टीम के खिलाड़ियों ने पहले सत्र में ही शानदार प्रदर्शन किया। इसके आधार पर बीसीसीआइ की चयन समिति ने पांच मार्च से तिरुवनंतपुरम में इंडिया, अफगानिस्तान व साउथ अफ्रीका के बीच चार टीमों की सीरीज के लिए उत्तराखंड के आर्य सेठी व सुमित जुयाल का चयन इंडिया बी टीम में हुआ है। अवनीश सुधा का चयन साउथ अफ्रीका के साथ होने वाली चार दिवसीय मैचों के लिए हुआ है।

इधर कमेटी का कार्यकाल पूरा होने से पहले सीओए विनोद राय ने चारों एसोसिएशन के साथ बैठक बुलाई है। बैठक 22 फरवरी को नई दिल्ली के होटल आइटीसी मौर्य में सुबह साढ़े ग्यारह बजे से होगी। इसमें सभी एसोसिएशन को अपने दो प्रतिनिधि लाने की अनुमति है। बैठक में चारों एसोसिएशन के कामकाज की समीक्षा होगी। बीसीसीआइ चारों एसोसिएशन को एक बार फिर एकजुट करने का प्रयास कर सकता है। हालांकि इस बैठक में उत्तराखंड को पूर्ण मान्यता मिलने की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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उत्तराखण्ड क्रिकेट में टीम के मैदान में उतरने से पहले ही 3 खिलाड़ी आउट हो गए हैं। वह भी केवल एक पारी के लिए नहीं, जैसा कि क्रिकेट में होता ही है, बल्कि पूरे 2 वर्ष के लिए। जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड की अंडर-19 क्रिकेट टीम की। इसके 3 खिलाड़ियों-प्रशांत कुमार, नितीश जोशी और लक्ष्य सिंह पंवार को फर्जी आयु प्रमाण पत्र देने की पुष्टि हो जाने के बाद 2 वर्ष तक घरेलू क्रिकेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

टीम के चयन प्रक्रिया शुरू से ही विवाद में रही। पहले सीनियर टीम के ट्रायल ओपन ना रखने वाल विवाद हुआ। उसके बाद अंडर-19 और अंडर-16 टीम के चयन पर सवाल उठाते हुए हल्द्वानी निवासी नंदन सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन, हरिद्वार जिला क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तराखंड क्रिकेट कंसेंसेस कमेटी को नोटिस जारी कर एक अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल राज्य की अंडर-16 टीम का चयन नहीं हुआ है और याचिकाकर्ता ने कैसे अंडर-16 टीम के चयन पर सवाल उठाया ये समझ से बाहर है।

वहीं अंडर-19 क्रिकेट टीम को तीन खिलाड़ियों पर उम्र का फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप लगा है। कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड क्रिकेट कन्सेंस कमेटी ने तीनों को दो साल के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रशांत कुमार, नितीश जोशी और लक्ष्य सिंह पंवार ने  चयनित होने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था और जांच के दौरान उन्होंने ये माना है। बता दें कि उत्तराखण्ड क्रिकेट कन्सेंस कमेटी के मार्गदर्शन में राज्य पहली बार घरेली क्रिकेट में भाग ले रहा है।

बैन की प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी ने की पुष्टि

अंडर-19 टीम में उम्र का फर्जीवाड़ा कर कुछ ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हो गए, जो योग्य नहीं थे। इन खिलाड़ियों की उम्र 21 वर्ष से अधिक है, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अपनी उम्र कम बताने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। जिसके लिए उत्तराखंड की अंडर-19 टीम का चयन किया गया। लेकिन, अंडर-19 टीम में उम्र का फर्जीवाड़ा कर कुछ ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हो गए, जो योग्य नहीं थे।

इन खिलाड़ियों की उम्र 21 वर्ष से अधिक है, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अपनी उम्र कम बताने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। जिससे खिलाड़ी टीम में तो शामिल हो गए।इसकी शिकायत रत्नाकर शेट्टी से की गई। जिस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया।बीसीसीआइ ने तीनों खिलाड़ियों को दो-दो साल के लिए प्रतिबंधित किया है। ये तीनों उत्तराखंड व बीसीसीआइ के संबद्ध टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे।

यह है खिलाड़ियों की असली पहचान

– नितीश जोशी, जन्मतिथि: 05-05-1997, ऊधमसिंह नगर निवासी ने काशीपुर के राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से 2017-18 में बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा पास की है।

– प्रशांत कुमार, जन्मतिथि: 01-04-1997, रुड़की के सरस्वती विद्या मंदिर से 12वीं की पढ़ाई की है। फेल होने पर 10 जून 2014 को उन्होंने टीसी ली है।

लक्ष्य सिंह पंवार, जन्मतिथि: 03-10-1995, विकासनगर निवासी ने महाराणा प्रताप स्पो‌र्ट्स कॉलेज से प्रेक्टिस की है। (इनपुट हल्द्वानी लाइव. कॉम)

उत्तराखंड में अगले सत्र से आईपीएल मैच खिलाये जाने की तैयारी…

-अफगानिस्तान व बांग्लादेश के बीच 3 मई 2018 को खेले गए टी-30 मैच से बनी बुनियाद, मैच में अफगानिस्तान 45 रनों से जीता

नैनीताल, 3 जून 2018। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने रविवार को नैनीताल में कहा कि देहरादून के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच पहला क्रिकेट मुकाबला खेला जाना उत्तराखंड के लिये ऎतिहासिक अवसर है। इसके साथ उत्तराखंड का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र में पदार्पण हो गया है। इससे उत्तराखंड के क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी अपनी पहचान मिलने और राज्य में एक सर्वमान्य क्रिकेट संघ की स्थापना तथा उसे बीसीसीआई की मान्यता मिलना भी अब कुछ ही कदम दूर है। इसी कड़ी में उन्होंने उत्तराखंड में अगले सीजन में आइपीएल मैच खेले जाने की भविष्यवाणी भी की। कहा कि अगले सीजन में देहरादून के स्टेडियम में आइपीएल के मैच कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिये गए हैं। दावा किया कि दून स्टेडियम आइपीएल के सभी मानक पूरा करता है।

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आईपीएल की तर्ज पर प्रस्तावित केपीएल के लिए हुआ डीएसबी के छात्रों का चयन
नैनीताल। जी हां, अब आईपीएल भूल जाइये, और केपीएल यानी कुमाऊं प्रीमियर लीग में देखिए नैनीताल टाइगर्स, अल्मोड़ा रॉयल्स, बागेश्वर डेविल्स, पिथौरागढ़ पैंथर्स के खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलते हुए। आईपीएल की तर्ज पर आयोजित होने जा रहे केपीएल के लिए कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के नौ खिलाड़ियों-विवेक बिष्ट, अभिषेक आर्या, प्रमोद कुमार, तरुण बिष्ट, सौरभ रावत, मोहित रावत, सचिन कन्नौजिया व वरुण जोशी को बकायदा आईपीएल की तरह ही खरीदा गया है, और अब ये खिलाड़ी में चौके-छक्के लगाने को तैयार हैं। डीएसबी के शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने बताया कि इन खिलाड़ियों की योग्यतानुसार बोली लगी, और उन्हें केपीएल की छह टीमों ने खरीदा।
इन टीमों के मालिक इमेनिटी स्कूल रुद्रपुर के सुभाष अरोड़ा, चंदोला मेडिकल कॉलेज के डा. किशोर चंदोला, चाइल्ड स्कूल के विकास बत्रा, बाली ग्रुप इंडस्ट्री, जय हिंद टाटा वंाइंडर के चेत राम बघेल व अशोक पाल हैं, जबकि टीमों के नाम ऊधमसिंह नगर वॉरियर्स, नैनीताल टाइगर्स, अल्मोड़ा रॉयल्स, बागेश्वर डेविल्स, पिथौरागढ़ पैंथर्स व चंपावत वेयर्स हैं। केपीएल के चेयरमैन कुमाऊं विवि के क्रीड़ाधिकारी डा. नागेंद्र शर्मा ने बताया कि केपीएल में अल्मोड़ा, नैनीताल व बागेश्वर तथा ऊधमसिंह नगर, चंपावत व पिथौरागढ़ की टीमें दो अलग ग्रुप्स में रखी गयी हैं। रुद्रपुर के एमेनिटी क्रिकेट एकेडमी में राष्ट्रीय स्तर की टर्फ विकेट पर खेली जाने वाली केपीएल में आगामी आठ मई को उद्घाटन मुकाबला उत्तराखंड के खेल मंत्री की मौजूदगी में नैनीताल व बागेश्वर के बीच खेला जाएगा। आगे दोनों ग्रुप्स की दो शीर्ष टीमें आपस में सेमीफाइनल में भिड़ेंगी। फाइनल मैच 13 मई को होगा, जिसमें केपीएल के ब्रांड एंबेसडर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल भी मौजूद रहेंगे। साथ ही भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता के भी उपस्थित होने की संभावना है।

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आईपीएल के 11वें  सीजन के लिए आईपीएल-2018 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी में उत्तराखंड मूल के युवा क्रिकेटरों पर लक्ष्मी जमकर मेहरबान हो रही है। खासकर बागेश्वर जनपद के दो खिलाड़ियों पर तो करोड़ों रुपये की बोली लगी है। मनीष पांडे ने जहां 11 करोड़ रुपये में सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों बिककर दुनिया के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी के साथ ही सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त किया है। वहीं अंडर-19 विश्व कप में शताब्दी से भी अधिक तेज गेंदबाजी से कहर बरपा चुके कमलेश नगरकोटी को शाहरुख खान की कोलकाता नाइटराइडर्स ने 3.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। इससे पहले आईपीएल 2016 में उत्तराखंड मूल के पवन नेगी ही साढ़े आठ करोड़ में बिककर सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बने थे।

मनीष पांडे:
10 सितंबर 1989 को नैनीताल में जन्मे मनीष पांडे मूल रूप से बागेश्वर जिले के भीड़ी गांव से ताल्लुक रखते हैं। कर्नाटक के लिए रणजी मैच खेलने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज मनीष को वनडे और टी-20 का विशेषज्ञ बल्लेबाज माना जाता है। खासकर टी-20 में मनीष की बल्लेबाजी का स्ट्राइक रेट 125.13 का है। वहीं, आईपीएल के 103 मैच की 96 पारियों में वे 120.12 के स्ट्राइक रेट से 2215 रन बना चुके हैं। मनीष की बेस कीमत 1 करोड़ थी। उनके लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने पहली बोली लगाई। मगर बाद में चेन्नई सुपरकिंग्स, किंग्स इलेवन पंजाब, मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच प्रतिस्पर्धा हुई, और बोली सनराइजर्स हैदराबाद के हाथ 11 करोड़ रुपये में लगी।

कमलेश नगरकोटी:
अंडर-19 विश्व कप में अपनी तेज गेंदबाजी से दिग्गजों को प्रभावित करने वाले कमलेश नगरकोटी भी मूल रूप से बागेश्वर जिले के गांव भरसीला के निवासी हैं। राजस्थान के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके 18 साल के तेज गेंदबाज कमलेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप में 146.9 किमी की रफ्तार से दूसरी सबसे तेज गेंद फेंककर दिग्गजों को अपना मुरीद बना लिया था। पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने भी ट्विटर पर उनकी तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय टीम का भविष्य बताया। साथ ही वे यूथ टेस्ट 2017 में इंग्लैंड में एक मैच में 10 विकेट चटकाने और विजय हजारे ट्रॉफी में हैट्रिक लगाने का कारनामा भी कर चुके हैं। गेंदबाजी के साथ ही तेजी से रन बनाने में भी माहिर और कमाल के फील्डर कमलेश की बेस प्राइस 20 लाख रुपये तय थी। कोलकाता नाइटराइडर्स ने पहली बोली लगाई। इसमें कोलकाता, किंग्स इलेवन पंजाब, और हैदराबाद के बीच 3.20 करोड़ रुपये तक प्रतिस्पर्धा हुई, और आखिरी बाजी कोलकाता के हाथ लगी। कमलेश के पिता लक्ष्मण नगरकोटी कुछ दिनों पहले ही सेना से रिटायर हुए हैं और इस समय राजस्थान में परिवार के साथ रहते हैं। गांव में कमलेश की दादी और चाचा-चाची अपने परिवार के साथ रहते हैं।

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आईपीएल- 2016 की नीलामी में सबसे महंगे साढ़े आठ करोड़ रुपये में बिके भारतीय खिलाड़ी पवन नेगी को इस बार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इस खिलाड़ी को खरीदा है। उत्तराखंड के द्वाराहाट के तुमड़ी गांव के मूल निवासी हरफनमौला क्रिकेटर पवन नेगी के लिए दिल्ली और मुंबई ने बोली लगानी शुरू की। नेगी का बेस प्राइस 50 लाख रुपए है। मुंबई इंडियंस ने नेगी को एक करोड़ रुपए में खरीदा। मगर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने RTM यानी ‘राईट टू मैच’ का इस्तेमाल करके नेगी को हासिल कर लिया। पवन बाएँ हाथ से धीमी गति की गेंदबाजी तथा बाएँ हाथ से ही बल्लेबाजी भी करते हैं। वे दिल्ली की ओर रणजी ट्रॉफी खेलते हैं। इन्होंने 2011 में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से और 2016 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग में खेले। वे उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन-टू में उत्तराखंड के एक अन्य भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत के साथ फ्रेंचाइजी टीम टिहरी टाइटंस की ओर से देहरादून में भी खेले।

उत्तराखंड में क्रिकेट का ढांचा बदले : पवन नेगी
उत्तराखंड से मूलत: ताल्लुक रखने वाले पवन ने कहा कि वह चाहते हैं कि यहां भी क्रिकेट का ढांचा बदले, क्योंकि वहां से कई खिलाड़ी निकलकर आए हैं। उन्होंने कहा कि टीम को मान्यता भी मिले तो यह और बेहतरीन रहेगा।

उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई से मान्यता न होने की वजह से उत्तराखंड के खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलने को मजबूर हैं, और दीगर बात है कि उत्तराखंड मूल के होते हुए भी भारतीय टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धौनी सरीखे खिलाड़ी कभी भूलकर भी स्वयं के उत्तराखंडी मूल का होने की बात सार्वजनिक तौर पर नहीं कहते हैं।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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