EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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नैनीताल स्थित विद्यालय-शेरवुड कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर विद्यालय के चैपल में सुबह विद्यालय के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू की अगुवाई में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसके बाद विद्यालय के प्रांगण में काफी बड़ा केक काटा गया और सभी विद्यार्थियों को विद्यालय कर्मियों में वितरित किया गया। देखें वीडियो: इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘बर्थ डे सांग’ गाकर बधाई दी। जबकि प्रधानाचार्य संधू ने श्री बच्चन के विद्यालय से जुड़े प्रसंगों, उनके यहीं से सर्वप्रथम नाटकों में अभिनय करने और विद्यालय का प्रतिष्ठित कैंडल कप जीतने, विद्यालय के स्विमिंग पूल के निर्माण में पत्थरों को ढोने के श्रमदान तथा कभी भी नैनीताल का प्रसंग आने पर नैनीताल और शेरवुड कॉलेज में बिताए गए दिनों का खुलकर जिक्र करने आदि को याद किया तथा कहा कि उनकी तरह ऐसे बड़े-ऊंचे मुकाम पर पहुंचना विद्यालय के सभी कर्मियों के साथ बच्चों को भी खास तौर पर प्रोत्साहित करता है।बताया कि 1958 के दौर में तत्कालीन प्रधानाचार्य लेवलिन ने शेरवुड कॉलेज में नगर के दूसरे स्विमिंग पूल के निर्माण का बीड़ा उठाया था। तब विद्यालय के पास संसाधनों की कमी थी, ऐसे में अमिताभ सहित 1957-58 बैच के विद्यार्थियों ने अपने बैग्स में स्विमिंग पूल के निर्माण हेतु डायनामाइट से तोड़े जाने वाले पत्थरों को लेकर खड्ड में फेंककर आते थे। सर्वाधिक पत्थर फेंकने वाले बच्चों को इनाम के तौर पर बाजार घूमने का अधिक मौका मिलता था। उन्हें खुशी है कि विद्यालय को अमिताभ बच्चन जैसे सदी के महानायक की विरासत मिली है, जिसे यहां के बच्चे निरंतर आगे ले जा रहे हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के हेम चंद्र पांडे, एसडी पाठक, पूनम स्वामी, एपी सिंह व बर्सर बासु साह सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : शेरवुड कॉलेज में खास अंदाज में मनाया गया सदी के महानायक का जन्म दिनअमिताभ के 75वें जन्मदिन की झलकी भी देखें : यह भी पढ़ें : महानायक अमिताभ ने ‘कला की नगरी’ से सीखा था अभिनय का ककहराडंडे खाए और बनवाया स्विमिंग पूल…यह भी पढ़ें : अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पर गर्वित हुआ उन्हें पहला पुरस्कार देने वाला नैनीताल का यह कॉलेज…यह भी पढ़ें : अपने ‘सुपर-डुपर जूनियर’ के ‘जबरा फैन’ हुए सदी के महानायक, अपूर्व ने कुछ ‘अपूर्व’ कर बढ़ाया ‘गौरव’अमिताभ को भागकर फिल्म देखने से रोका, और सीख भी दी थी दुर्गा दत्त नेLike this:Relatedयह भी पढ़ें : शेरवुड कॉलेज में खास अंदाज में मनाया गया सदी के महानायक का जन्म दिन डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्टूबर 2021। अपने लाजवाब अभिनय से सदी के महानायक कहे जाने वाले बिग बी यानी अमिताभ बच्चन का सोमवार को 79वां जन्म दिन था। इस अवसर पर उनके विद्यालय, नैनीताल स्थित शेरवुड कॉलेज में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर हर वर्ष की तरह केक भी काटा गया। इस मौके पर विद्यालय के चैपल में प्रधानाचार्य अमनदीप संधू एवं समस्त शिक्षकों व कर्मियों के साथ छात्र-छात्राओं ने विशेष प्रार्थना सभा कर अमिताभ के स्वस्थ रहने एवं शतायु होने की कामना की। देखें अमिताभ बच्चन की नैनीताल से जुड़ी तस्वीरें और शेरवुड कॉलेज में मनाए गए उनके जन्म दिन की झलकी :यह भी पढ़ें : लक्सर नगर पालिका ने आरटीआई के जवाब में विकास कार्यों की जगह गोलगप्पों की रेट लिस्ट भेजी, सोशल मीडिया पर हुई वायरलउल्लेखनीय है कि अमिताभ बच्चन अपने छोटे भाई अजिताभ बच्चन के साथ शेरवुड कॉलेज के विद्यार्थी रहे, और कहा जाता है कि यहीं उन्होंने अपने जीवन में पहली बार अभिनय किया, और यहीं उन्होंने 1956 में शेक्सपियराना थियेटर ग्रुप के साथ निकोलोई गोगोल के नाटक ‘द इंस्पेक्टर जनरल’ में मुख्य भूमिका निभाकर अभिनय में पहला पुरस्कार-कैंडल कप के रूप में भी जीता। विगत वर्ष नैनीताल आगमन पर एवं विभिन्न मौकों पर अमिताभ शेरवुड कॉलेज और नैनीताल को याद भी करते रहते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।अमिताभ के 75वें जन्मदिन की झलकी भी देखें : यह भी पढ़ें : महानायक अमिताभ ने ‘कला की नगरी’ से सीखा था अभिनय का ककहरा-यहीं जीता था जीवन का पहला अभिनय के लिए कैंडिल कप -अभिनय के साथ ही बॉक्सिंग और फुटबॉल के भी अच्छे खिलाड़ी रहे, यहां श्रमदान भी किया -पिता से सीखा, ‘मन का हो तो अच्छा, ना हो तो और भी अच्छा’‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक 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नैनीताल। सदी के महानायक कहे जाने वाले बिग बी यानी अमिताभ बच्चन मंगलवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस दिन की खुशी उनके दिल के हमेशा करीब रही कला व थियेटर की नगरी भी कहे जाने वाले नैनीताल और यहां के शेरवुड कॉलेज में एक दिन पहले हर ओर नजर आ रही है। यही वह नगर है जहां से अमिताभ ने अभिनय का ककहरा सीखा, और अभिनय के लिये प्रतिष्ठित कैंडिल कप जीतकर भविष्य के संकेत भी दिये। यही नहीं अमिताभ यहां अभिनय के साथ ही बॉक्सिंग और फुटबाल के भी अच्छे खिलाड़ी रहे। खास बात यह भी थी कि खेल व अभिनय के दौरान भी साथ-साथ उन्हांने यहां जीवन के कुछ ऐसे फलसफे भी सीखे, जिन्हें आज भी वे कई मौकों पर इस नगर के शेरवुड कॉलेज का नाम लेकर उल्लेख करते हैं।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में नई समस्या बने नीले ड्रम, ‘देशी गीजर’ बनाकर हो रही बिजली चोरी, रुड़की ऊर्जा निगम की कार्रवाई में 148 नीले ड्रम बरामद...इस तरह नैनीताल से सीखा अभिनय का ककहराबताते हैं कि 1956 में अमिताभ जब शेरवुड कॉलेज में आए थे, तब उनका सपना अभिनय की दुनिया में जाने का नहीं, बल्कि अच्छी नौकरी करने भर का था। उनकी अभिनय के प्रति रुचि शेरवुड कॉलेज में आकर ही बढ़ी। इस दौरान इंग्लैंड में पैदा हुई अदाकारा ‘जेनीफर केंडल’ (Jennifer Kendall) का थिएटर ग्रुप ‘पृथ्वी’ हर वर्ष गर्मियों में शेरवुड कॉलेज आकर कॉलेज के ‘मिलमैन हॉल’ में नाटक करना सिखाता था। इसी थिएटर ग्रुप से प्रेरित होकर बालक अमिताभ ने अभिनय सीखना प्रारंभ किया। यहीं से अमिताभ की अभिनय कला इस तरह उभर कर आई कि शेरवुड में 1958 तक बिताए तीन सालों के दौरान हुए तीन वार्षिकोत्सवों में से दो बार उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ का ‘केंडल कप’ (Kendall Cup) पुरस्कार में मिला, और तीसरे वर्ष ‘मीजल्स’ यानी ‘छोटी माता’ होने के कारण उन्हें प्रधानाचार्य लू ने अभिनय करने से रोक दिया था। इसकी अलग कहानी है। 2008 में कॉलेज में बातचीत में खुद अमिताभ ने इस बात को माना कि केंडल के थिएटर ग्रुप से प्रेरित होकर ही वे अभिनय की दुनिया में आए थे, और यहीं से उन्होंने अभिनय का ककहरा सीखा था।उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने उनके बारे में कई शेरवुड कॉलेज के दौर के अनेक उल्लेखनीय व अनुकरणीय वाकये सुनाये, और अमिताभ को शेरवुड कॉलेज के ताज का अनमोल कोहिनूर हीरा बताया। बताया कि अमिताभ शेरवुड के रोबिनहुड होस्टल में रहे। उन्होंने यहां 1956 में निकोलोई गोगोल के नाटक द गर्वर्नमेंट इंस्पेक्टर नाटक में मुख्य भूमिका निभाकर कॉलेज का प्रतिष्ठित ‘कैंडल कप’ जीता था। अगले वर्ष भी वह इस पुरस्कार के प्रमुख दावेदार थे। किंतु ठीक नाटक के मंचन के दौरान उन्हें ‘छोटी माता’ की बीमारी हो गयी, और वे कॉलेज के अस्पताल में भर्ती थे। यहीं उनके पिता प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन उनसे मिलने पहुंचे। वे रो रहे थे। पिता ने उन्हें ढांढस बधाते हुए कहा, ‘जो मन का हो तो अच्छा, और जो न हो तो और भी अच्छा’। पिता के इस संदेश को अमिताभ हमेशा जीवन मंत्र की तरह साथ लिये रहे। वे कॉलेज के बॉक्सिंग रिंग में बॉक्सिंग भी किया करते थे। अपने एक साक्षात्कार में अमिताभ ने खुलासा किया कि शेरवुड की बॉक्सिंग रिंग में उन्होंने सीखा कि बाहर चाहे आपके जितने मित्र व चाहने वाले हों, पर रिंग के भीतर आप हमेशा अकेले होते हैं, और वहां आपकों अपनी ताकत से ही लड़ना होता है।उनके जन्म दिन की पूर्व संध्या पर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र अपूर्व गौरव बिक्रम शाह ने अमिताभ के लिये स्वरचित अंग्रेजी कविता भी पेश की।यह भी पढ़ें : खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरूडंडे खाए और बनवाया स्विमिंग पूल…नैनीताल। श्री संधू ने बताया कि अमिताभ शेरवुड कॉलेज में आम बच्चों की तरह अक्सर बाल सुलभ शैतानियां भी किया करते थे। उन्हें तैराकी का भी शौक था, पर शेरवुड में तब स्विमिंग पूल नहीं था। इसलिए एक दिन वे तीन अन्य साथियों के साथ भागकर तैराकी करने के लिये नैनीताल राजभवन के स्विमिंग पूल चले गए। लौटने पर चारों को बेंत खाने के लिये अलग से बने कमरे-‘केनिंग रूम’ में चार-चार बेंतों की सजा मिली। अलबत्ता कॉलेज के प्रधानाचार्य ने इसी घटना के बाद कॉलेज में स्विमिंग पूल बनाने का भी निर्णय लिया। चट्टानों को डायनामाइट से ब्लास्ट करके स्विमिंग पूल का निर्माण शुरू किया गया। तब 11वीं कक्षा के छात्र रहे अमिताभ ने भी साथियों के साथ श्रमदान करके यहां से पत्थरों को उठाकर दूर खाई में फेंका था। 2008 में 50 वर्ष बाद शेरवुड कॉलेज आने पर भी शेरवुड कॉलेज को केनिंग रूम की यादें ताजा थीं। उन्होंने खास तौर पर इस रूप में जाने की इच्छा जताई और वहां गए भी।यह भी पढ़ें : अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पर गर्वित हुआ उन्हें पहला पुरस्कार देने वाला नैनीताल का यह कॉलेज…-अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की घोषणा पर शेरवुड में विशेष प्रार्थना सभा नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2019। अपने अभिनय से सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन को देश का सबसे बड़ा फिल्मी पुरस्कार-दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की घोषणा होने पर उनके विद्यालय, नगर स्थित शेरवुड कॉलेज में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय के चैपल में प्रधानाचार्य अमनदीप संधू एवं छात्र-छात्राओं ने विशेष प्रार्थना की।यह भी पढ़ें : अपने ‘सुपर-डुपर जूनियर’ के ‘जबरा फैन’ हुए सदी के महानायक, अपूर्व ने कुछ ‘अपूर्व’ कर बढ़ाया ‘गौरव’नैनीताल-कुमाऊं में फिल्माई गई फिल्में‘कला की नगरी’ नैनीताल में नाटक परंपरा का इतिहास नैनीताल लवर्स के लिए : नैनीताल क्या नहीं, क्या-क्या नहीं, सब कुछ, यानी सचमुच स्वर्ग‘लू’ ज चैप‘ ने कहा ’हैप्पी बर्थ डे बिग बी‘अमिताभ को भागकर फिल्म देखने से रोका, और सीख भी दी थी दुर्गा दत्त नेनैनीताल। 70 के दशक में फिल्में देखने के शौकीन बालक अमिताभ को शेरवुड कालेज के एक कर्मचारी ने रात्रि नौ से 12 का शो देखने के लिये भागने के दौरान रंगे हाथों पकड़ लिया था, तब अमिताभ उस शख्स को देखकर साथियों से फुसफुसाये थे, ‘लू’ज चैप’ यानी विद्यालय के प्रधानाचार्य रैवरन लेवलिन का चपरासी! और मुंह को दुशाले से ढक लिया। सहसा दुर्गा दत्त पांडे नाम का वह शख्स उन पर झपटा और चीखा, ‘गो अप’। अमिताभ मिन्नतें करने लगे, आज जाने दो। उसने कहा, अभी साहब को बताता हूं। अमिताभ डर गये, वह जानते थे, प्रिंसिपल रैवरन लेवलिन जिन्हें बच्चे शैतानी में ‘लू’ कहा करते थे, खुद कालेज के गेट पर पहरेदारी करते हैं। वह जरूर पूछेंगे और पकड़े जाएंगे। दुर्गा दत्त ने तसल्ली दी, साहब से नहीं कहूंगा, जब जाना हो पूछ के जाया करो। अमिताभ साथियों सहित वापस लौट आये। स्कूल गेट पर पहुंचे तो सचमुच प्रिंसिपल लेवलिन गेट पर मौजूद थे। दुर्गा ने उन्हें अम्तुल्स की ओर से भीतर प्रवेश करा दिया। सदी के महानायक अमिताभ के लिए वह दिन हमेशा अविस्मरणीय रहा, जब एक शक्श ने उन्हें न केवल फिल्म देखने से रोका था, वरन अनुशाशन का पाठ भी पढ़ाया था। तभी तो विगत वर्ष 2008 में जब अमिताभ अपना स्कूल शेरवुड छोड़ने के 50 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर नैनीताल आये तो जीवन के नौवें दशक में पहुंचे बूढ़े ‘लू’ज चैप’ को न केवल आसानी से पहचान लिया वरन गले भी लगा लिया। उन्होंने अपने ब्लॉग पर भी एक बार लिखा था, शेरवुड में मिली अनुशासन की सीख ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।शेरवुड में पढ़ी नामचीन हस्तियांफील्ड मार्शल एसएचएफजे मानेकशॉ, परमवीरचक्र शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा, पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वीएन शर्मा, एनके किदवई पर्व राज्यपाल विहार, न्यायमूर्ति रवि धवन पूर्व मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट पटना, पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर, राजस्थान के मुख्य सचिव इंद्रजीत खन्ना। सिने कलाकार अमिताभ बच्चन, कबीर वेदी, दिलीप ताहिल, राम कपूर व विवेक मुशरान।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationपिता को हजारों में महंगा पड़ा नाबालिग बेटे को स्कूटी चलाने देना बिग ब्रेकिंग : नैनीताल-हल्द्वानी रोड पर चटका पहाड़, नैनीताल आ रही स्कूटी आई चपेट में, यातायात अवरुद्ध
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