हल्द्वानी: अनुसूचित जाति की महिला की शिकायत पर पुलिस क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी के विरुद्ध अभियोग दर्ज करने दूसरे जनपद के एसएसपी से जांच कराने के आदेश

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 जून, 2024 (Court order to file case against Police Officers)। शहर में अनुसूचित जाति की महिला से घर में घुस कर मारपीट करने के मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं, और न्यायालय ने आरोपित के साथ तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी और मुखानी थानाध्यक्ष के विरुद्ध अभियोग दर्ज करने के आदेश दे दिये हैं।

जमीन में निवेश करने पर छह माह में रकम दो गुनी होने का दिया था झांसा (Court order to file case against Police Officers)

मामले के अनुसार शहर के पनियाली कठघरिया क्षेत्र निवासी प्रमिला देवी ने इस मामले में न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश से शिकायत की थी। मामले में प्रमिला की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जफर सिद्दीकी ने बताया कि प्रमिला अपने दो बेटों के साथ रहती है। गिरीश चंद्र तिवारी ने उसके बेटे पंकज को एक जमीन में निवेश करने पर छह माह में रकम दो गुनी होने का झांसा देकर पैसे ऐंठे और ब्लैंक चेक ले लिया। ठगी का एहसास होने पर पंकज ने गिरीश के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया, जो न्यायालय में विचाराधीन है।

घर में घुस कर बाल पकड़ कर घसीटा-गालियां दी (Court order to file case against Police Officers)

आरोप है कि इसी वाद को वापस लेने के लिए दबाव बनाने को गिरीश इस वर्ष 4 जनवरी 2023 को प्रमिला के घर में घुस आया। उस समय प्रमिला के दोनों बेटे घर पर नहीं थे। गिरीश ने प्रमिला को बालों से पकड़ कर घसीटा, गालियां दी और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। प्रमिला शिकायत लेकर मुखानी पुलिस के पास पहुंची। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी ने मामले की जांच की, लेकिन मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। (Court order to file case against Police Officers)

(Court order to file case against Police Officers)इसके बाद महिला ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने गिरीश चंद्र तिवारी पर अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 452, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि तत्कालीन मुखानी थानाध्यक्ष और तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी ने अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया। इसलिये इनके विरुद्ध भी एससी-एसटी अधिनियम की धारा 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाये। साथ ही यह भी कहा है कि पूरे मामले की जांच किसी तरह से प्रभावित न हो, इसलिए दूसरे जनपद के एसएसपी इस मामले की जांच करेंगे।

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