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कल भी 6 घंटे गुल रहेगी नैनीताल की बिजली

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2019। निकटवर्ती जंगलों में गत दिवस लगी आग का असर नैनीताल नगर की बिजली आपूर्ति पर जारी है। रविवार तड़के एक सूखा पेड़ सुबह तड़के करीब साढ़े चार बजे भवाली रोड पर पाइंस बिजली घर के समीप आग से जलने के बाद बिजली की 33 केवी की लाइन पर गिर गया था। इससे नैनीताल शहर की बिजली आपूर्ति करीब 6 घंटे के लिये बाधित हो गई। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति सुचारू की गई। इसके बाद सोमवार को लाइन की मरम्मत के लिए सुबह 12 से अपराह्न चार बजे तक के लिए आपूर्ति बाधित की गयी। लेकिन इसके बाद भी विद्युत वितरण खंड नैनीताल के ईई एसएस उस्मान ने बताया कि सोमवार 13 मई को आकाशीय बिजली एवं खराब मौसम के कारण कार्य पूरा नहीं किया जा सका, और विद्युत आपूर्ति यह कार्य पूरा किये बिना ही बहाल कर दी गयी। लेकिन अब मंगलवार 14 मई को यह कार्य किया जाएगा। इस हेतु नगर में सुबह 10 से शाम चार बजे तक के लिए आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की है।

यह भी पढ़ें : कुविवि के छात्रों के लिए जरूरी समाचार : 15 से परीक्षाएं और वेबसाइट ठप, इस साइट से करें प्रवेश पत्र डाउनलोड

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2019। कुमाऊं विवि की आधिकारिक वेबसाइट http://www.kunainital.ac.in/ आगामी 13 मई यानी सोमवार तक तकनीकी कारणों से सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पायेगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि इस दौरान परीक्षार्थी http://www.kuadmission.in/ के माध्यम से अपने आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं एवं परीक्षा से संबंधित जानकारियां ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने साफ किया हैं कि बिना आवेदन पत्र के परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा, इसलिये परीक्षार्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड जरूर कर लें।

उल्लेखनीय है कि इसके साथ ही विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि कुमाऊं विवि की आगामी 15 मई से आयोजित हो रही बीए, बीएससी, बी कॉम तथा एमए, एमएससी व एमकॉम की सम सेमेस्टरों की परीक्षाएं की मुख्य तथा बैक पेपर एवं वार्षिक पद्धति की परीक्षााओं के लिए विवि के प्रवेश पत्र जारी कर दिये हैं। परीक्षार्थी विवि की वेबसाइट से अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें। बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा नहीं देने दी जाएगी।

यह भी पढ़ें : नगर के सबसे पुराने सीआरएसटी इंटर कॉलजे का 5.1 लाख की छात्रवृत्ति के लिए एचईएफएस से करार

-मेधावी व जरूरतमंद बच्चों को छात्रवृत्ति के साथ ही पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाओं में भी मिलेगा लाभ
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। नगर के निवासी रहे रईस नर सिंह नारायण की दिल्ली में रहने वाली चौथी पीढ़ी के सदस्यों ने अपनी 1960 में स्थापित संस्था- ह्यूमिनिस्ट इंडोवमेंट फंड सोसाइटी (एचईएफएस) यानी मानवतावादी संघ ने नगर के सबसे पुराने 20 अगस्त 1958 में स्थापित चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज (सीआरएसटी) को हर वर्ष 5.1 लाख रुपये की हर वर्ष ‘नर सिंह नारायण स्मृति छात्रवृत्ति’ एवं ब्याज की धनराशि भी देने का करार किया है। इस धनराशि से विद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार कक्षा में प्रथम आने वाले मेधावी एवं जरूरतमंद बच्चों को छात्रवृत्तियां, विद्यालय के पुस्तकालय में सुधार सहित अन्य कार्य भी कर पायेगा। शनिवार को सीआरएसटी के प्रबंधक अनूप साह एवं मानवतावादी संघ के अध्यक्ष प्रकाश नारायण ने विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इस बाबत एक करार पर हस्ताक्षर किये। इस दौरान संस्था की ओर से विद्यालय को 5.1 लाख रुपये का चेक भेंट कर दिया गया, जबकि ब्याज की धनराशि आगे सीधे विद्यालय के बैंक खाते में जमा करने की बात कही गयी।
इस अवसर पर स्वर्गीय नर सिंह नारायण की पुत्री एवं संस्था की संस्थापक सदस्य चित्रा नारायण ने नगर मंे बिताये पुराने दिनों का भावपूर्ण स्मरण किया, वहीं उनकी चौथी पीढ़ी के सदस्यों ने संस्था द्वारा अक्सर गाये जाने वाले सीआरएसटी के ही पूर्व शिक्षक राम बिहारी टंडन की कविता-ऐसा हो संसार हमारा ऐसा हो संसार-जागृत हो जन-जन के मन में मानवता का प्यार’ एवं सुमित्रा नंदन पंत की कविता ‘गूंजे जय ध्वनि से आसमान, मानव-मानव सह हैं समान’ का गायन किया। संचालन करते हुए प्रवक्ता कमलेश पांडे ने विद्यालय की स्थापना से लेकर देश को तीन ओलंपियन सहित कई राजनीतिज्ञ व अन्य हस्तियां देने के इतिहास एवं विद्यालय के प्रबंधक पद्मश्री अनूप साह की पर्वतारोहण, फोटोग्राफी के साथ ही प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति ज्ञान एवं उन्हें प्राप्त 300 से अधिक पुरस्कारों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर शिक्षाविद नवीन चंद्र साह एवं प्रधानाचार्य मनोज पांडे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : शब ए बारात 20 अप्रैल को, लेकिन उत्तराखंड में छुट्टी नहीं…

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2019। शब ए बारात की छुट्टी 20 को होगी अथवा 21 को, इस बारे में लोगों में जानने में बड़ी उत्सुकता है। इस बारे में मुस्लिम धर्म के जानकारों ने बताया की शब ए बारात 20 अप्रैल को ही है। उल्लेखनीय है कि आज एक समाचार पत्र में 20 अप्रैल को शब ए बारात की छुट्टी होने की सूचना प्रकाशित हुई थी। हालांकि सूचना में यह भी कहा गया था कि अंतिम निर्णय जिला अधिकारी नैनीताल लेंगे। लेकिन इस बारे में उत्तराखंड शासन अथवा जिलाधिकारी नैनीताल की ओर से अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बारे में शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इस प्रकार साफ हो गया है किश ब ए बारात का अवकाश 20 अप्रैल को नहीं होगा। इस बारे में यदि आगे अवकाश संबंधी कोई निर्णय शासन-प्रशासन की ओर से लिया जाता है तो हमारी कोशिश होगी कि हम सबसे पहले अपने पाठकों को इस बारे में अवगत कराएं।

यह भी पढ़ें : तो भारत में हुई थी जापानी सुडोकू जैसे अंकों के खेल की शुरुआत, मिले 1059 वर्ष पुराने सबूत

सरोवरनगरी में भारत सरकार के राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण के लिए आये प्रशिक्षु का दावा

नगर में पांडुलिपियों के संरक्षण का प्रशिक्षण प्राप्त करते देश भर के प्रतिभागी।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अप्रैल 2019। देश-दुनिया में काफी लोकप्रिय एवं देश के कमोबेश सभी समाचार पत्रों में प्रतिदिन प्रकाशित होने वाले जापानी मूल के सुडोकू खेल के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। सरोवरनगरी में भारत सरकार के राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत चल रहे पांडुलिपियों के संरक्षण के एक माह के प्रशिक्षण शिवर में केरल से आये एक प्रशिक्षु अनंत वासुदेव नंदन का दावा है कि वास्तव में यह खेल भारत में शुरू हुआ होगा। उन्होंने बताया कि उनके अर्नाकुलम कोचीन स्थित चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन शोध संस्थान में देवनागरी लिपि में संस्कृत भाषा में लिखित 1059 वर्ष पुरानी यानी 959 ईसवी सन की हस्तलिखित ‘क्रीड़ा चक्रम’ नाम की पांडुलिपि में सुडोकू जैसे ही खेल की पहेलियां है। खास बात यह भी है कि जहां सुडोकू नाम का अंक पहेली खेल केवल एक से नौ तक के केवल इकाई अंकों का एवं वर्गाकार होता है, वहीं क्रीड़ा चक्रम में पेड़, नाग, गरुण, हंस एवं मोर सहित अनेक अन्य आकृतियों में इस तरह की अंकीय पहेलियां दर्शाई गयी हैं एवं वे तीन अंकों की भी हैं यानी उनमें एक से नौ तक के अंक ही नहीं, बल्कि 101 से 999 तक के अंक भी हैं। यह अंकीय पहेलिया शून्य के आविष्कारक भारत के पुरातन गणितीय ज्ञान को भी प्रमाणित करने वाली हैं। उल्लेखनीय है कि विकीपीडिया के अनुसार सबसे पहले सुडोकू 1970 में न्यू यॉर्क में प्रकाशित हुआ था, यानी भारत में इससे कहीं पुराने इस खेल के सबूत मिले हैं।
नगर के मल्लीताल स्थित एक होटल में 2006 में स्थापित नगर की संस्था हिमसाको यानी हिमालयन सोसायटी फॉर हेरिटेज एंड आर्ट कंजर्वेशन के तत्वावधान में चल रही इस कार्यशाला में देश के 16 स्थानों से आये प्रीति कुमारी, शाह प्रिया मनोज, श्रुति गौतम, मधुकर बोंडने, पंकज शर्मा जैन, इमरान अली भट्ट, एस कोटियाल, चीतन कोटियाल, अनंत वासुदेव, मिरियाला सत्यनारायणा, सिम्मी लाहोन, मोनीडिपा गोगोल, पूजा श्रीवास्तव, रमा साह, नीरज नेगी, संहति अधिकारी, अनाली ए बरुवा, स्वर्णिमा साह, निहारिका उप्रेती, भुवन बिष्ट व सुरभि अय्यर आदि 21 प्रतिभागी इस दौरान ताड़पत्र, ताम्र पत्र, भोज पत्र, असम के हांसी पात, तुला पात, अगर पत्र, अगरू की खुशबूदार छाल, चंदन की छाल आदि पर सैकड़ों वर्ष पूर्व लिखी गयी जीर्ण-शीर्ण पांडुलिपियों के संरक्षण कार्यों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : लोक सभा चुनाव में ऐसा करें तो प्रशासन देगा 10 हजार रुपये तक का ईनाम

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2019। लोक सभा चुनाव में लोकतंत्र के महापर्व में अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा स्वीप कार्यक्रम के तहत अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में नैनीताल जिला प्रशासन ने मतदाता जागरूकता से संबंधित गीत व जिंगल तथा लघु फिल्में बनाने पर 10 हजार रुपये तक के पुरस्कारों की घोषणा की है।
जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि मतदाता जागरूकता के लिए स्वरचित गीत, जिंगल व लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इच्छुक प्रतिभागी 31 मार्च तक अपने दो से पांच मिनट के गीत, 30 सेकेंड से एक मिनट तक के जिंगल एवं 40 सेकेंड से 5 मिनट तक की स्वयं रचित लघु फिल्में नैनीताल जिला निर्वाचन कार्यालय को गीत व जिंगल एमपी-3 फॉर्मेट में तथा लघु फिल्म एमपी-4 फॉर्मेट में ईमेल- sveepntl@gmail.com पर अथवा डीवीडी या पेन ड्राइव के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय नैनीताल में भेज सकते हैं। पुरस्कार के तौर पर गीत व जिंगल के लिए क्रमशः 6, 4 व दो हजार रुपये के प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार एवं लघु फिल्म प्रतियोगिता के लिए 5, 7.5 व 10 हजार रुपये के पुरस्कार दिये जाएंगे।

यह भी पढ़ें : शादी के कार्ड में की मोदी को वोट देने की अपील, आचार संहिता की लटकी तलवार

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p style=”text-align: justify;”>हिमांशु गड़िया @ नवीन समाचार, बागेश्वर, 16 मार्च 2019। बागेश्वर जनपद के ग्राम जोशीखोला मटेना, गरुड़ निवासी जगदीश जोशी व देवकी जोशी के पुत्र जीवन की शादी आगामी 22 अप्रैल को किरन के साथ तय हुई है। शादी के कार्ड के बाहर ही शादी में आमंत्रित बारातियों से अपील की गयी है, ‘तोहफे मत लाना, किंतु वर वधु को आशीर्वाद देने से पहले 11 अप्रैल को राष्ट्र हित में मोदी जी को वोट जरूर कर आना।’ साथ में हैथटैग भी लगाया गया है और स्वच्छ भारत का गांधी जी के चश्मे वाला लोगो भी लगाया है, जिसमें एक कदम स्वच्छता की ओर का संदेश भी दिया गया है।
अब तक ऐसा अनेक लोग करते आये हैं। किंतु आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद यह आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बन गया है। बागेश्वर की डीएम ने इस कार्ड के संज्ञान में आने पर गरुड़ के एसडीएम से इस मामले में नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
यहां बता दें कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत किसी प्रत्याशी के लिए वोट देने की छपे हुए अथवा ऐसे माध्यम से अपील करना, जिसमें कोई धनराशि खर्च होती हो, आचार संहिता के उल्लंघन के तहत आ सकता है। इस मामले में छपे कार्डों का खर्चा आगे अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट के भाजपा प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जा सकता है। साथ ही ऐसी छपी अपीलों के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेने का भी प्राविधान है। लिहाजा, बिना अनुमति ऐसा छापे जाने पर भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि चुनाव आचार संहिता का हमेशा पालन करें और अकारण उल्लंघन करने से बचें।

यह भी पढ़ें : पाक सीमा पर तनाव के बीच इधर उत्तराखंड में नेपाल सीमा पर मिला 81 एमएम का मोर्टार, हड़कंप

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2019। भारत व पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखंड के कस्बे बनबसा में एक मोर्टार मिलने की सनसनीखेज खबर आई है। बताया गया है कि यहां कबाड़ बीनते वक्त एक कबाड़ी को झाड़ियों में मोर्टार मिला, इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस कबाड़ी को मोर्टार के साथ थाने ले आई और कबाड़ी से पूछताछ की। बताया कि आर्मी की सूचना विंग ने पुष्टि की है कि ये 81 एमएम का मोर्टार है। मोर्टार चालू है या डिफ्यूज, यह कह पाना मुश्किल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह भारतीय मोर्टार बताया जा रहा है। पुलिस ने इसकी जांच के लिए सेना को पत्र लिखा है। सेना के आने तक एहतियातन मोर्टार को पुलिस ने सुरक्षित तरीके से रखवा लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बनबसा के नई बस्ती इलाके के रहने वाले भौरन नाम के कबाड़ी को शुक्रवार को कबाड़ बीनते स्टेडियम के पास की झाड़ी में अजीब से वस्तु दिखाई दी। हैरानी से देखते हुए उसने उसे उठाकर अपने थैले में डाल लिया और बाजार आकर लोगों को दिखाने लगा। जिसे देख लोग भी चौंक गए और घटना की सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस भी कबाड़ी के पास पहुंच गई और उसे थाने ले आई।
अलबत्ता सेना के अधिकारियों का कहना है कि बनबसा क्या चंपावत-पिथौरागढ़ जिले में आज तक मोर्टार का परीक्षण नहीं किया गया। अब बनबसा में यह मोर्टार कहां से आया या फिर कौन लेकर आया। यह सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल है। भारत पाक के बीच चल रहे तनाव के बीच क्षेत्र में मोर्टार का इस तरह मिलना और चिंतनीय है।

यह भी पढ़ें :  फॉलोअप-अपडेट : नैनीताल-भवाली में इन्कम टैक्स के छापों में यह हुआ

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p style=”text-align: justify;”>-टैक्स चोरी में नैनीताल-भवाली के चारों प्रतिष्ठान स्वामियों को सम्मन
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2019। जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल के तीन एवं एवं निकटवर्ती भवाली कस्बे के एक यानी कुल प्रतिष्ठानों में बृहस्पतिवार को आयकर विभाग के द्वारा छापेमारी की गई थी। इस मामले में आयकर विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के स्वामियों को सम्मन जारी कर दिये हैं, एवं चारों को मंगलवार को पत्रावलियों के साथ तलब किया है। जानकारी देते हुए वरिष्ठ कर अधीक्षक नंदन सिंह धौनी ने बताया कि सभी प्रतिष्ठानों द्वारा कर चोरी किये जाने की संभावना है। मंगलवार को उनके द्वारा जवाब दाखिल किये जाने के बाद स्थिति साफ होगी कि कितनी धनराशि की कर चोरी की गयी है।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को मल्लीताल बाजार में स्थित हिमानी मेडिकोज, वसी फुटवेयर व अमित साह आढ़ती तथा भवाली में एक बिल्डर विनीत बोहरा के प्रतिष्ठान पर आयकर विभाग के द्वारा छापेमारी कर ‘सर्वे’ किया गया था। सूत्रों के अनुसार सभी प्रतिष्ठानों से मिलकर करीब एक करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़े जाने का भी अनुमान लगाया गया है। बताया गया कि इनमें से प्रतिष्ठान स्वामी पहले से ही आयकर विभाग के रडार पर था, जबकि अन्य ने हाल में विदेश यात्रा की है तथा संपत्तियां खरीदी हैं।

पूर्व समाचार  : नैनीताल के तीन प्रतिष्ठानों में इनकम टैक्स के छापे

-संबंधितों के द्वारा हाल में विदेश यात्रा एवं संपत्तियां खरीदे जाने के बाद छापेमारी किये जाने की चर्चा
-छापेमारी की प्रक्रिया के दौरान ‘सर्च’ की जगह ‘सर्वे’ किया गया

मल्लीताल बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिस बल।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2019। जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल के तीन एवं एवं निकटवर्ती भवाली कस्बे के एक यानी कुल प्रतिष्ठानों में बृहस्पतिवार को आयकर विभाग के द्वारा छापेमारी की गई। छापेमारी नैनीताल, हल्द्वानी एवं रामनगर की टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से की गयी। तीनों प्रतिष्ठान मल्लीताल बाजार में स्थित हैं। इनमें से एक हिमानी मेडिकल स्टोर, एक अमित साह की सब्जी की आढ़त तथा एक जूतों की बड़ी दुकान वसी फुटवेयर हैं। बताया जा रहा है कि तीनों प्रतिष्ठानों की ओर से आयकर विवरणिका में आय से कम कमाई दिखाई जाने के कारण यह छापेमारी की जा रही है। छापेमारी सुबह करीब 11 बजे प्रारंभ हो गयी थी और देर शाम तक जारी रही। छापेमारी को हालांकि विभागीय अधिकारियों ने ‘सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा’ बताया है, किंतु सूत्रों के अनुसार इस दौरान ‘सर्च’ की जगह ‘सर्वे’ की प्रक्रिया अपनायी जा रही है। यानी संबंधितों के घर एवं अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर तथ्य खंगालने के बजाय केवल प्रतिष्ठानों में उपलब्ध ‘स्टॉक’ के बिलों व बिक्री से मिलान तथा प्रतिदिन की आय के आंकड़ों से वर्ष भर के आंकड़ों की गणना आदि कर वार्षिक आय की गणना व कर चोरी पता की जा रही है। सभी प्रतिष्ठानों से मिलकर करीब एक करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़े जाने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। बताया गया कि इनमें से प्रतिष्ठान स्वामी पहले से ही आयकर विभाग के रडार पर था, जबकि अन्य ने हाल में विदेश यात्रा की है तथा संपत्तियां खरीदी हैं।
बताया गया है कि छापेमारी की कार्रवाई संयुक्त आयकर आयुक्त गगन सूद के आदेशों पर की गयी तथा इसमें सहायक आयकर आयुक्त अरुणव सरकार, वरिष्ठ कर अधीक्षक नंदन सिंह धौनी, कर निरीक्षक अजय नायक, विवेक भल्ला सहित अन्य अधिकारी एवं विभागीय कर्मी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी की सभा में गया युवक तीन दिन से गायब

गुमशुदा युवक

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 फरवरी 2019। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत 14 फरवरी को रुद्रपुर में आयोजित जनसभा में गया एक 19 वर्षीय युवक तीन दिन से घर नहीं लौटा है। बिड़ला इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डा. हेम चंद्र पांडे ने बताया गुमशुदा युवक उनका चचेरा भाई है। वह 14 फरवरी की सुबह हल्द्वानी से रुद्रपुर प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में शामिल होने के लिये गया था। समस्या यह है कि वह न ही बोल सकता है और न ही लिख या पढ़ सकता है। डा. पांडे को लगता है कि प्रधानमंत्री के न पहुंचने पर जनसभा की समाप्ति पर वापस लौटने की भगदड़ में वह संभवतया किसी गलत बस में बैठ गया होगा। लिहाजा वह जनसभा में जहां-जहां से बसें आयी थीं, उनमें से कहीं भटककर चला गया होगा। लिहाजा उन्होंने अपील की है कि उसके बारे में कोई भी सूचना मिलने पर उनके फोन न. 9412996069 पर सूचित करें।

यह भी पढ़ें : इधर शादी तय हुई उधर गायब हुई युवती, सप्ताह भर से कोई अता-पता नहीं

गुमशुदा मनीशा।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 1 फरवरी 2019। नगर के बल्दियाखान के निकटवर्ती ग्राम सौलिया निवासी 19 वर्षीय युवती मनीशा पुत्री पूरन सिंह बीती 23 जनवरी से गायब है। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी थाना तल्लीताल में दर्ज करा दी है। उसके पिता पूरन सिंह ने बताया कि मनीशा तीन बहनों व एक भाई में दूसरे नंबर की है। 23 जनवरी को वह अपनी शादीशुदा सहेली को अस्पताल दिखाने की बात कह कर मुख्यालय आयी थी। अपराह्न दो बजे उसने फोन पर तीन बजे की बस से घर आने और मोबाइल की बैटरी कमजोर होने के कारण बंद होने की बात कही थी, किंतु इसके बाद से उसका कोई पता नहीं लग पा रहा है। बताया कि वह इंटर पास थी और इधर उसकी सहमति से ही अप्रैल माह के लिए उसकी शादी भी तय हो गयी थी, किंतु तिथि तय नहीं हुई थी। परिजन उसे हर जगह तलाश कर परेशान हो गये हैं, और उसके लौटने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
गुमशुदा मनीशा।

यह भी पढ़ें : एक ऐसा अपहर्ता भी : अपनी बेटी नहीं थी इसलिए बच्चियों का अपहरण करता है यह शख्स

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 29 जनवरी 2019। अपराध से जुड़ी होने के बावजूद यह खबर सोचनीय है। दिल्ली में वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 8 साल की एक मासूम को किडनैप करने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने जो दावा किया उसे सुनकर एक बार जरूर आप चौंक जाएंगे। उसने पुलिस को बताया कि उसकी कोई बेटी नहीं है, इसीलिए वह बच्ची को उठाकर ले गया था, लेकिन जब उसे पता चला कि मामला पुलिस तक पहुंच गया है, तो अगले दिन वह खुद ही बच्ची को उसके घर के पास छोड़ गया था। पुलिस को अभी उसके इस दावे पर यकीन नहीं है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पिछले साल अक्टूबर में हरि नगर इलाके से भी वह इसी तरह एक बच्ची को उठाकर ले गया था और तीन दिन तक उस बच्ची को अपने साथ रखने के बाद उसे भी इसी तरह से घर के पास छोड़ गया था। हालांकि उस केस में वह पकड़ा नहीं गया था। पुलिस ने आरोपी की मेडिकल जांच भी करवाई, लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि एक हफ्ते तक उसके बर्ताव की जांच करने के बाद ही वे कुछ कह पाएंगे। फिलहाल उसे जुडिशल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। डीसीपी (वेस्ट डिस्ट्रिक्ट) मोनिका भारद्वाज के मुताबिक, आरोपी की पहचान राजौरी गार्डन इलाके के रहने वाले किशन दत्त तिवारी (40) के रूप में हुई। उसके दो बेटे भी हैं, लेकिन कोई बेटी नहीं है। जांच में पता चला है कि पिछले साल अक्टूबर में वेस्ट दिल्ली के ही हरि नगर थाने में दर्ज किडनैपिंग के एक अन्य केस में भी वही आरोपी था, लेकिन तब उसे पकड़ा नहीं जा सका था। डीसीपी ने बताया कि 25 जनवरी को कीर्ति नगर के जवाहर कैंप में रहने वाले डी. पाल नाम के शख्स ने कीर्ति नगर थाने में अपनी 8 साल की बच्ची की किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया। पुलिस की दो-तीन टीमें बच्ची का पता लगाने में जुट गई। इसी बीच अगली सुबह यानि 26 जनवरी को बच्ची खुद ही अपने घर पहुंच गई। परिजनों ने पूछा, तो बच्ची ने बताया कि टॉयलेट के पास उसे एक अंकल मिले थे, जो उसे अपने साथ अपने घर ले गए थे। सुबह वही अंकल बाइक से छोड़कर चले गए। बच्ची ने यह भी साफ किया कि उन अंकल ने उसके साथ किसी तरह की कोई गंदी हरकत नहीं की। पुलिस ने जब जांच की, तो पता चला कि आरोपी बच्ची को राजौरी गार्डन इलाके की तरफ रिंग रोड के पास एक जगह पर छोड़ गया था। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में काले रंग की बाइक का सुराग लगा। पुलिस ने मिलते-जुलते नंबरों वाली करीब 200 बाइक्स का वेरिफिकेशन किया और अंत में जांच किशन दत्त पर जाकर रुकी।

यह भी पढ़ें : बूढ़ी विधवा पर टूटा दुःख का पहाड़, घर के साथ भी दब कर मरी, मदद की गुहार…

-बेतालघाट विकास खंड की मल्लागांव की घटना, मकान ढहने से 6 बकरियां दब कर मरीं

बेतालघाट के मल्ला गांव में घर दबने से मरी बकरियों को देखकर सुबकती वृद्ध विधवा।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2019। जनपद के दूरस्थ बेतालघाट विकास खंड के मल्लागांव में एक वृद्ध विधवा में बीती रात कहर बनकर टूटी। यहां रहने वाली खष्टी देवी पत्नी स्वर्गीय धर्मानंद की आजीविका का साधन छह बकरियां मकान टूटकर दब कर मर गयीं। बकरियों को बचाने में खष्टी देवी की जान भी बाल-बाल बची। मकान धंसने और छह बकरियों के मरने से वृद्ध विधवा का रोते-रोते बुरा हाल है। उसकी आजीविका का साधन भी हाथ से चला गया है।
बताया गया कि शनिवार रात्रि ग्राम पंचायत मल्लागांव निवासी विधवा महिला खष्टी देवी रोज की तरह दिन भर अपनी बकरियों को जंगल से चुगाकर घर लायी थी, और उन्हें घर के निचले तल-गोठ में सभी बकरियों को बांध कर अन्य कार्यों में जुटी थी। तभी शाम लगभग सात बजे के आसपास ही अचानक जोरदार आवाज के साथ उसका मकान धंस गया। जाकर देखा कि उसका आधा मकान टूट गया था, और निचले तल में बंधी बकरियां दब गयी थी। उन्हें बचाने की कोशिश में एक बची हुई दीवार भी ढह गयी, जिसमें वह स्वयं दबते हुए बची, परंतु बकरियों को नही बचा पायी। रात्रि का समय होने के कारण गांव के लोग भी उसकी मदद नही कर पाये। इधर रविवार सुबह जानकारी मिलने पर जिला पंचायत सदस्य पीसी गोरखा, ग्राम प्रधान दीपा कांडपाल, पट्टी पटवारी प्रवीण ह्यांकी, आनंद सिंह बोहरा, गणेश दत्त आदि मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों की मदद से दबी हुई छह बकरियां बाहर निकाली गईं। उल्लेखनीय है कि खष्टीदेवी के पति का कई वर्ष पूर्व देहान्त हो गया था, और वह बकरियां पाल कर किसी तरह अपना पेट पाल रही थी। विधायक संजीव आर्य ने कहा कि गरीब महिला की मदद करने का आश्वासन दिया है।

यह भी पढ़ें : इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं हो पाएंगे 20 बहादुर बच्चे !

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नई दिल्ली, 19 जनवरी 2019। गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम पर इस बार एक विवाद भी जुड़ गया है। इस बार 20 बहादुर बच्चे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। केंद्र सरकार ने 1957 से 20 बहादुर बच्चों को सम्मानित करने वाली एनजीओ इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर (आईसीसीडब्लू) से खुद को अलग कर लिया है। इसी एनजीओ की ओर से हर साल 20 साहसी बच्चों को सम्मानित किया जाता है। महिला और बाल विकास मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा कि एनजीओ पर कुछ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं और दिल्ली हाई कोर्ट में इसकी जांच चल रही है। मंत्रालय की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार ने अपने नए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार अवॉर्ड शुरू किए गए हैं, जिसके लिए पहले से ही 26 बच्चे चुने जा चुके हैं।
एनजीओ की तरफ से जिन बच्चों को अवॉर्ड मिल रहा है, वो इस बार गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। इन बच्चों को इसकी काफी निराशा भी है। एनजीओ के पास भी इस बात की कोई योजना नहीं है कि इन बच्चों को कैसे सम्मानित किया जाएगा। आईसीसीडब्लू की प्रेजिडेंट गीता सिद्धार्थ ने बताया, ‘केंद्र सरकार इस बार अपने अवॉर्ड खुद ही देने जा रही है। हमने गृह मंत्रालय और पीएमओ को कई पत्र लिखे, लेकिन हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।’ हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे केस पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। गीता सिद्धार्थ ने बच्चों के परेड में शामिल नहीं हो पाने पर निराशा जताते हुए कहा, ‘ये अवॉर्ड दशकों से हमारी संस्था की तरफ से दिए जा रहे हैं। देश भर से 20 साहसी बच्चों को चुनने के लिए हम काफी मेहनत करते हैं, लेकिन मंत्रालय के रवैये से हमें काफी दुख पहुंचा है। हमने बच्चों के पैरंट्स और बच्चों से बात की है और कहा है कि कोई नई सूचना होगी तो हम उन्हें देंगे।’

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-20 सूत्री कार्यक्रम की सभी जिलों और ब्लॉकों की जिला स्तरीय अनुश्रवण समितियों के कुल 108 उपाध्यक्षों और हर जिले व ब्लॉक में 20-20 सदस्यों की सूची को हरी झंडी 

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2019। प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले 2268 भाजपा कार्यकर्ताओं को दायित्व देकर खुश करने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 20 सूत्री कार्यक्रम की सभी जिलों और ब्लॉकों की जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति व ब्लाक स्तरीय समिति के कुल 108 उपाध्यक्षों और हर जिले व ब्लॉक में 20-20 सदस्यों की सूची को हरी झंडी दे दी है। इस तरह सरकार ने 2268 भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं तो बीस सूत्री कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंप दी है। जिला स्तरीय अनुश्रवण समितियों में बागेश्वर में देवकीनंदन जोशी , रुद्रप्रयाग में शकुंतला जगवान, देहरादून में दीवान सिंह रावत, उत्तरकाशी में रामानंद भट्ट, पिथौरागढ़ में किशन खड़ायत, चंपावत में सुभाष थपलियाल, ऊध्रमसिंह नगर में राम मल्होत्रा , चमोली में सुधा बिष्ट , नैनीताल देवेंद्र सिंह ढेैला, टिहरी में दिनेश डोभाल, अल्मोड़ा में मदन सिंह मेहरा, पौड़ी में दिनेश सिंह रावत और हरिद्वार में डॉ. विजेंद्र सिंह को उपाध्यक्ष नामित किया है। इन सभी जिलों में उपायक्षों के अलावा 20 सदस्यों को अनुश्रवण समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। इनके अलावा इन सभी जिलों के 95 ब्लॉकों में भी एक एक उपाध्यक्ष और 20 -20 सदस्यों को नामित किया गया है। बता दे कि हाल में सरकार ने भाजपा प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल को बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन परिषद का उपाध्यक्ष नामित किया था। इस परिषद के अध्यक्ष पदेन मुख्यमंत्री होते हैं। जिला स्तर पर जिलाधिकारी और ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी अनुश्रवण समितियों के पदेन अध्यक्ष होते हैं। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जनवरी 2019। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 2018 के बीतते गैर विधायकोंं को दायित्वों का बंटवारा करने बंटवार के बाद अब नए वर्ष मेंं 2 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करके नए साल का  तोहफा दे सकते हैं। राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त दो पदों पर जल्द विधायकों की ताजपोशी तथा कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल हो सकता है, ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में इसका लाभ दिया जा सके। साथ ही 1 अथवा दोनों राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की भी तैयारी चल रही है। हालांकि एक वर्ग का यह भी मानना है मंत्रिमंडल में किसी भी तरह का बदलाव मई 2019 यानी लोकसभा चुनाव तक लटकाया भी जा सकता है, ताकि पद प्राप्ति की अभिलाषा में लोक सभा चुनाव के लिये मंत्री पद के सभी दावेदार पूरा जोर लगा कर अपनी उपयोगिता सिद्ध करें।  जिन नामों के जिन नामों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है उनमें मुन्ना सिंह चौहान, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल व बलवंत सिंह  भौंर्याल के नाम प्रमुख हैंं।

उल्लेखनीय है कि 18 मार्च 2017 को गठित त्रिवेंद्र सरकार में मंत्रिमंडल का आकार अधिकतम 12 सदस्यीय हो सकता है, लेकिन 21 महीने गुजरने के बाद भी मुख्यमंत्री समेत कुल 10 मंत्री ही हैं।  इसके लिए तमाम तरह के संतुलन साधने के साथ ही तजुर्बे को भी तरजीह दिए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि भाजपा के विधानसभा में 57 विधायक हैं। मंत्रिमंडल के 10 सदस्य और विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के अलावा शेष 45 विधायक बिना जिम्मेदारी के हैं। दिलचस्प बात यह भी कि इनमें पांच पूर्व मंत्री और 20 से ज्यादा विधायक दो या दो से ज्यादा बार विधायक रह चुके हैं। इस लिहाज से इनमें से मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए दो विधायकों का चयन खासा मुश्किल काम है।

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उत्तराखंड में बंदरों के आतंक की समस्या पीएमओ पहुंची, प्रधानमंत्री मोदी से बंदरों से निजात दिलाने के लिये ‘नमो एप’ पर लगायी गुहार

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p style=”text-align: justify;”>रवीन्द्र देवलियाल, नैनीताल, 29 सितम्बर। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बंदरों व वन्य जीवों का आतंक एक बड़ी चुनौती बन गयी है। पहाड़ सी जिदंगी के आगे उत्तराखंड के लोग पहले ही पस्त थे लेकिन वन्य जीवों व बंदरों की इस समस्या ने जनता को झकझोर कर रख दिया है। वन्य जीवों के आतंक के चलते पहाड़ की कृषि तबाह हो गयी व हरे भरे रहने वाले खेत बंजर पड़ गये हैं। लोग बेकार व बेरोजगार हो गये हैं। इससे प्रदेश में तेजी से पलायन बढ़ रहा है। पहाड़ खाली हो रहे हैं।
इस पहाड़ सी समस्या का न तो प्रदेश सरकार व न ही वन विभाग के पास कोई समाधान दिखायी दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में चुनावों में अब विकास मुद्दा नहीं रहा बल्कि वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने का मुद्दा पहले नम्बर पर रहा है लेकिन हासिल सिफर है। अब हार झक मार कर लोग इस समस्या से निजात दिलाने के लिये केन्द्र सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
बंदरों की इसी समस्या से निजात दिलाने के लिये प्रदेश की गैर सरकारी संस्था देवभूमि जनसेवा समिति ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का दरवाजा खटखटाया है। संस्था के संचालक अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट ब्लॉक के देवलधार तोक निवासी किसान व सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह नेगी ने नमो एप पर प्रधानमंत्री को संबोधित एक शिकायत भेजी है। नमो एप पर नेगी की इस शिकायत को पंजीकृत भी कर लिया गया है। इस शिकायत का पंजीकरण संख्या पीएमओ/ई/2018/0453790 है।

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p style=”text-align: justify;”>नेगी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बंदरों के आतंक की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। पहाड़ की जनता बेरोजगार हो गयी है। बंदर खेती को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कृषि व वानिकी पूरी तरह से तबाह हो गयी है। खेत बंजर हो गये हैं। बंदर फसल को होने से पहले ही तबाह कर दे रहे हैं। ऐसे में पहाड़ की पूरी आर्थिकी बिगड़ गयी है। लोगों की बाजार पर निर्भरता बढ़ गयी है।
प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में कहा गया है कि पहले पहाड़ों में किसान खेतीबाड़ी पर निर्भर रहता था।काश्तकार फल, साग-सब्जी के साथ साथ परंपरागत खेती करता रहता था लेकिन अब वन्य जीवों के चलते कुछ नहीं कर पा रहा है। शिकायत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की गयी है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि काश्तकारों को इस समस्या के बदले किसी प्रकार का मुआवजा भी नहीं मिलता है। वन विभाग के सर्वे के अनुसार राज्य में बंदरों की आबादी 1.46 लाख व लंगूरों की संख्या 54800 है। बंदरों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।

राजेंद्र नेगी ने बताया कि पीएमओ के शिकायत दर्ज करने के बाद प्रधानमंत्री के ट्विटर पर भी ट्वीट कर इस बड़ी समस्या को सामने रखा गया। 2015 से चल रही बंदरों के बधियाकरण की योजना प्रदेश में वर्ष 2015 में बंदर बधियाकरण योजना शुरू तो की गई, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी हैं कि बंदरों की आबादी नियंत्रित नहीं हो पा रही। हरिद्वार के चिड़ियापुर में दो करोड़ की लागत से राज्य के पहले बधियाकरण सेंटर का निर्माण किया गया। जबकि हल्द्वानी के गौलापार में वन विभाग की भूमि पर तकरीबन चालीस हजार बंदरों को रखने की क्षमता वाला बंदरबाड़ा अभी तैयार होना है। इसके अलावा कुमाऊं में अल्मोड़ा, रानीबाग और नैनीताल जू में बंदरों का बधियाकरण किया जा रहा है, लेकिन स्टाफ की कमी और संसाधनों के अभाव में यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही।

वन प्रभागों में बंदरों संख्या :

प्रभाग=संख्या

तराई पूर्वी=9963

तराई पूर्वी=9963

अल्मोड़ा=9477

रामनगर=8400

नैनीताल=7500

तराई पश्चिम=7100

टिहरी=7020

कालसी=6900

रामनगर=6000

हल्द्वानी=5300

देहरादून=4900

राजाजी पार्क=4600

बंदरबाड़ा बनने के बाद काम में तेजी आएगी

वनाधिकारियों के अनुसार बंदरों के बधियाकरण के लिए नैनीताल जू में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है। तराई-पूर्वी वन प्रभाग में भी कार्य किया जा रहा है। बंदरबाड़ा बनने के बाद इस काम में तेजी आएगी।

यह भी पढ़ें : वन विभाग ने आखिर ढूंढ लिया बंदरों की समस्या का इलाज, प्रमुख वन संरक्षक ने किया खुलासा

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p style=”text-align: justify;”>-अल्मोड़ा व रानीबाग में होगी बंदरों की नसबंदी, कुमाऊँ व गढ़वाल में बनाये जाएंगे 3-4 हजार की संख्या में रखने के दो बाड़े 
-वन रक्षकों के 1200 पदों पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया 
नैनीताल। प्रदेश में बंदरों की समस्या के समाधान के लिए चिड़ियापुर की तरह अल्मोड़ा व रानीबाग में बंध्याकरण केंद्र को जल्द शुरू किया जाएंगे।

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p style=”text-align: justify;”>इस प्रकार वन विभाग अब तक केवल चिड़ियाघर में ही बंदरों पर चल पा रही कार्रवाई को विभाग तीन गुना बढ़ाएगा। इसके अलावा बंदरों को एक बार में 3-4 हजार की संख्या में रखने के दो बाड़े कुमाऊँ व गढ़वाल में बनाये जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा आगामी वर्षाकाल में वनों में जल संरक्षण के भी कार्य किये जाएंगे।
कुमाऊं के दौरे पर आये प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने शनिवार को नैनीताल चिड़ियाघर में एक भेंट में कहा कि वे 12-13 दिन के दौरे पर यहां आये हैं। प्रदेश में वनाग्नि की बड़ी समस्या इन दिनों मुंहबांये खड़ी है। विभाग आग बुझाने में पूरी ताकत लगाए हुए है। अल्मोड़ा में स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार भी लगाया जा रहा है। वन रक्षकों की 1400 पद खाली हैं, इनमें से 1200 से अधिक पदों का विज्ञापन निकल चुका है, इससे अधिकांश पद भर जाएंगे। इस दौरान नैनीताल जू का निरीक्षण भी किया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में एक माह में 256 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा, नगर में आवारा कुत्तों के झुंड वाले 16 स्थान चिन्हित

नैनीताल, 28 मई 2018। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के बीच जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल में आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। सोमवार को जिला अस्पताल में सात लोग जबकि 28 अप्रैल से 27 मई के बीच एक माह में शहर के 256 लोगों को आवारा कुत्तों के द्वारा काटे जापे के बाद जिला अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन लगाये गये। इधर नगर पालिका क्षेत्र में कुत्तों के झुण्ड रहने के 16 स्थानों को चिन्हित किया गया है। अब यहां डीएम के आदेशों के बाद प्राथमिकता से कटखने कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण किया जाएगा। इधर 2017 में ह्यूमन सोसायटी के माध्यम से नगर में 836 कुत्तों का बधियाकरण कराने का दावा किया गया है, वहीं नगर पालिका क्षेत्र में मात्र 30 पालतू कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन कुत्ता पालकों द्वारा कराया गया है, जबकि शहर के 30 फीसद लोगों के द्वारा कुत्ते पाले जाते हैं।

हाईकोर्ट के जजों के आवास भी आवारा कुत्तों से सुरक्षित नहीं, 9 वर्षीय बच्चे को नोंचा

-जिला अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं, बाहर से मंगाये गये

बुधवार को जिला अस्पताल में बालक के घाव की सिलाई करते स्वास्थ्य कर्मी।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। आवारा कुत्तों के आतंक से नगर का कोई भी क्षेत्र सुरक्षित नहीं। मंगलवार सुबह तो आवारा कुत्तों ने एक तरह से चुनौती देते हुए नगर के वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले ओकपार्क क्षेत्र में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के आवासों के पास सुबह सवा आठ बजे के करीब एक नौ वर्षीय बच्चे आयुष बिष्ट पर करीब 8-9 कुत्तों का झुंड झपट पड़ा। सुबह की सैर पर निकली एक महिला ने उसे बमुश्किल कुत्तों के चंगुल से बचाया। उसके बांये पैर में कुत्तों ने करीब तीन इंच तक गहरा व पांच इंच तक चौड़ा घाव कर दिया। उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसके पैर में एक दर्जन से अधिक टांके लगाने पड़े। वहीं अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन न दिये जाने पर लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी भी जताई।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस आवारा कुत्तों ने नगर की सूखाताल झील में घास चर रही एक बकरी को जान से मार दिया था। इसके साथ ही जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार यहां हर रोज करीब आधा दर्जन लोग कुत्तों के काटे जाने के बाद उपचार कराने पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी अयारपाटा के एक अन्य बालक तथा स्नो व्यू क्षेत्र के एक पिता व बेटी सहित आधा दर्जन लोग आवारा कुत्तों के काटे जाने के बाद अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में रैबीज के करीब 200 इंजेक्शन इसी माह आये हैं। लेकिन यह पीड़ितों को क्यों नहीं दिये जा रहे यह बड़ा सवाल है। बताया जा रहा है कि रैबीज के इंजेक्शन बाजार में भी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। वहीं उपचार कराने में योगदान देने वाले नगर के समाजसेवी मनोज साह जगाती ने कहा कि यदि जिला अस्पताल मरीजों को रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराने का अपना रवैया नहीं बदलता है, तो मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

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-आज से शुरू हो रहे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों की सुरक्षा पर सवाल, आवारा कुत्ते हुए खूंखार, बकरी को मार डाला, पिछले वर्ष राजस्थान की एक सैलानी बच्ची की कुत्तों के हमले से हुई थी मौत

सूखाताल झील में मरी बकरी (लाल घेरे में) को देखती बकरी पालक महिलाएं।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। सरोवरनगरी में जहां ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के ऑपचारिक तौर पर एक दिन बाद ही यानी 15 मई से शुरू होने जा रहा है। वहीं सीजन शुरू होने के ठीक एक दिन पूर्व नगर के सूखाताल क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने एक बकरी को नोंच-नोंच कर मार डाला। ऐसे में नगर में आवारा कुत्तों के बने हुए आतंक से सैलानियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गये हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष गुजरात की एक सैलानी बालिका की नगर के तल्लीताल में कुत्तों के पीछे पड़ने के कारण मृत्यु हो गयी थी।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे सूखाताल झील क्षेत्र में पास ही में रहने वाले एक व्यक्ति की बकरी हमेशा की तरह घास चर रही थी, तभी आवारा कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया, जिस कारण उसने दम तोड़ दिया। बात बकरी से संबंधित होने के कारण छोटी लग सकती है, परंतु यह इस लिहाज से भयावह है कि एक दिन बाद ही नगर में सीजन शुरू हो रहा है। इस तरह खूंखार हुए आवारा कुत्ते नगर वासियों को भी नहीं बख्श रहे। हर रोज जिला चिकित्सालय में करीब आधा से एक दर्जन लोग आवारा कुत्तों के काटे जाने का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सुबह के समय ‘राष्ट्रीय सहारा’ सहित कई समाचार पत्रों के हॉकरों को पिछले एक-दो दिन में आवारा कुत्ते काट चुके हैं। यह स्थिति तब है जबकि नगर पालिका लाखों रुपए से निर्मित एबीसी यानी एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में 80 फीसद कुत्तों का बंध्याकरण करने का दावा कर रही है, बावजूद कुत्तों के नये बच्चे होने का सिलसिला नहीं थमने के आरोप भी आम हैं।

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p style=”text-align: justify;”>बकरियों ने चर दिये नये पौधे
नैनीताल। उल्लेखनीय है कि सूखाताल झील नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता है। यहां जल संरक्षण के उद्देश्य से पिछले एक-दो वर्षों में वन सहित कई विभागों व स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ ही निजी तौर पर कई लोगों ने सैकड़ों की संख्या में पेड़-पौधों का रोपण किया है। लेकिन इधर हाल में क्षेत्र में कई लोग झील को खाली घास का मैदान मान कर यहां बकरी पालन कर रहे हैं। इन बकरियों ने यहां लगाए गये लगभग सभी पौधे चर दिये हैं। सोमवार को जो बकरी मिली, वह भी इन्हीं बकरी पालकों की थी। लगाये गये पौधों के संरक्षण पर संबंधित संस्थाओं-विभागों को ध्यान देने की आवश्यकता है।
चित्र परिचयः 14एनटीएल-4ः नैनीताल। सूखाताल झील में मरी बकरी (लाल घेरे में) को देखती बकरी पालक महिलाएं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में बन्दर, लंगूर, कुत्तों के हमले से तीसरी मौत

  • बीते जुलाई माह में इसी तरह की घटना में कुत्तों के भय से गिरकर राजस्थान निवासी पर्यटक बच्ची की और दो वर्ष पूर्व तल्लीताल में एक अन्य बच्चे की भी हो गयी थी मौत
  • विधायक संजीव आर्य व डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने परिजनों को ढांढस बधाने के साथ दिया मदद का भरोसा
साक्षी की फाइल फोटो

नवीन जोशी, नैनीताल। जिला व कुमाऊँ मंडल के मुख्यालय, पर्यटन नगरी नैनीताल में लंगूर के हमले से एक बच्ची के सीढ़ियों से गिरने से मौत हो गयी। उल्लेखनीय है कि इसी तरह की एक अन्य घटना में बीते जुलाई माह में राजस्थान निवासी एक पर्यटक बच्ची की कुत्तों के भय से गिरकर और दो वर्ष पूर्व तल्लीताल में एक अन्य बच्चे की बन्दर के भय से छत से गिरकर मौत हो गई थी। घटना के बाद लोगों में स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध बंदर-लंगूरों व आवारा कुत्तों का भय बरकरार रहने से गहरी नाराजगी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जल संस्थान कर्मी दीवान सिंह राणा की कक्षा पांच में पढ़ने वाली 12 वर्षीया पुत्री साक्षी दोपहर में स्कूल से घर आने के बाद घर की छत पर खेलने के लिए गई थी। बताया गया है कि इस दौरान एक लंगूर ने उसे धक्का दे दिया। उससे बचने की कोशिश में वह घबराकर छत की सीढ़ियों से नीचे गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल अपराह्न दो बजे के करीब बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उच्च केंद्र के लिए रेफर कर दिया। इस दोरान हल्द्वानी ले जाते वक्त उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

घटना के बाद स्थानीय विधायक संजीव आर्य व प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल धर्म सिंह मीणा लंगूर के हमले के कारण जान गंवाने वाली बालिका साक्षी के घर पहुंचे, और उसके माता-पिता व परिजनों को ढांढस बधाने के साथ मदद का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि बच्ची की मौत की किसी भी तरह भरपाई नहीं की जा सकती है, परंतु फिर भी वे मुख्यमंत्री से मिलकर राहत कोष से अधिकाधिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। वहीं डीएफओ मीणा ने भी वन्य जीवों की वजह से होने वाली मौत से संबंधित कोष से अधिकाधिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।

कुमाऊं विवि कर्मचारियों को प्रोन्नति, 24 प्राध्यापकों को नियमितीकरण का तोहफा

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p style=”text-align: justify;”>-30 महाविद्यालयों को विवि से संबद्ध करने का भी हुआ अनुमोदन
-40 शोध छात्रों को शोध उपाधियां स्वीकृत
-कुमाऊं विवि की कार्य परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय
नैनीताल। कुमाऊं विवि की कार्य परिषद ने पिछले दिनों हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सबसे प्रमुख प्रोन्नति संबंधी मांग को स्वीकार करने का रास्ता लिया है, साथ ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय से मिले आदेशों के अनुपालन में चार संविदा कर्मचारियों को भी नियमित करने का निर्णय लिया गया है।इसके अलावा विवि के परिसरों में वर्षाें से संविदा व कॉन्टेक्ट आदि पर छह से दस वर्ष की सेवा दे चुके 24 प्राध्यापकों के विनियमितीकरण के मार्ग में आ रही उलझनों को भी दूर कर लिया है। राज्य कैबिनेट भी इस पर मुहर लगा चुकी है। अब इन प्राध्यापकों का संबंधित शासनादेशों एवं उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप नियमितीकरण किया जाएगा। इसके अलावा विवि में करीब 30 नए महाविद्यालयों को संबद्ध करने को भी कार्य परिषद ने अनुमोदित कर दिया है। अब ये सभी अनुमोदन विवि के कुलाधिपति यानी प्रदेश के राज्यपाल के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे।

शनिवार को कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में पूरे दिन चली विवि की 135वीं कार्य परिषद की बैठक के उपरांत देर शाम जानकारी देते हुए विवि के कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी ने बताया कि इसके अलावा 21 में से 17 कार्य परिषद सदस्यों की उपस्थिति में हुई बैठक में गहन विचार-विमर्श के उपरांत विभिन्न विषयों में दी गई पीएचडी का अनुमोदन किया गया। इसमें समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, हिंदी में तीन-तीन, प्रबंधन, भूगर्भ विज्ञान, रसायन विज्ञान में चार-चार, भूगोल में पांच, इतिहास में छह, बायोटेक में सात, वनस्पति विज्ञान में 11, संस्कृत, अंग्रेजी, जन्तु विज्ञान में दो-दो, गृह विज्ञान, ड्राइंग एंड पेंटिंग, मनोविज्ञान, फार्मेसी, फोरेस्ट्री, गणित व शिक्षाशास्त्र में एक-एक पीएचडी शामिल है।  बैठक में कार्य परिषद के सदस्य अरविंद पडियार, सुरेश डालाकोटी, जगदीश बुधानी, बहादुर पाल, कुल सचिव सुधीर बुड़ाकोटी, वित्त अधिकारी अनीता आर्या, प्रो. भगवान सिंह बिष्ट, डीके भट्ट, उसा मित्तल, एमसी पांडे, आरपी पंत आदि मौजूद रहे।

साइलेंस जोन घोषित हुआ उच्च न्यायालय क्षेत्र

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आसपास के सूखाताल से चीना बाबा तिराहा तक के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित कर दिया है। शनिवार को इस आदेश के बाद मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र में वाहन चालकों को इस क्षेत्र में हॉर्न न बजाने को लेकर जागरूक किया। अनुरोध व अपील की गयी है कि कोई भी वाहन चालक इस क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग न करें।

केवल आधा दर्जन साहित्यकारों ने ही वास्तव में लौटाए पुरस्कार

Brajendra
डा. बृजेंद्र त्रिपाठी

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p style=”text-align: justify;”>-इनसे से भी आधों ने ही लौटाई पुरस्कार की राशि
नैनीताल। पिछले दिनों साहित्य अकादमी के पुरस्कार लौटाने की खूब चर्चाएं रहीं, और अनेक साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाने की खबरें मीडिया में आर्इं। लेकिन सच्चाई यह है कि मुश्किल से आधा दर्जन साहित्यकारों ने ही साहित्य अकादमी को औपचारिक तौर पर अपने पुरस्कार लौटाने के पत्र भेजे, वहीं इनमें से भी करीब आधों ने ही साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ मिली एक लाख रुपए की धनराशि लौटाने की हिम्मत दिखाई।

यह दावा बीते माह ही सेवानिवृत्त हुए साहित्य अकादमी में हिंदी विभाग देखने वाले पूर्व उपसचिव डा. बृजेंद्र त्रिपाठी ने सोमवार को मुख्यालय में कही। वह यहां महादेवी सृजन पीठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने यह टिप्पणी भी कि पुरस्कार लौटाने वाले साहित्यकारों ने वास्तव में अकादमी अथवा सरकार नहीं वरन साहित्यकारों की गरिमा को ही ठेस पहुंचाई है, और उल्टे सरकार को साहित्य अकादमी पर हस्तक्षेप करने का मौका दे दिया है। क्योंकि साहित्य अकादमी सरकारी संस्था नहीं है। वास्तव में यह साहित्यकारों की संस्था है। इस संस्था की पुरस्कार देने वाली ज्यूरी और पैनल में सरकार के लोग नहीं वरन साहित्यकार ही होते हैं, इस प्रकार यह पुरस्कार सरकार नहीं देती है। सरकार से संस्था का संबंध केवल अनुदान देने का होता है। बिहार के विस चुनावों के बाद इस मुद्दे पर पुरस्कार लौटाने वाले साहित्यकारों की चुप्पी को इंगित करते हुए उन्होंने इस मुद्दे के राजनीति से प्रेरित होने की ओर भी इशारा किया।

अब हेलीकॉप्टर से करिए नैनीताल व जिले की अन्य झीलों के दर्शन

नैनीताल। झीलों के जनपद नैनीताल की सरोवरनगरी सहित सातताल, नौकुचियाताल व भीमताल आदि झीलों के दर्शन अब सैलानी बिना किसी जाम की समस्या के हेलीकॉप्टर से कर सकेंगे। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने इसके लिए ‘‘झील दर्शन’ योजना की शुरुआत की है। केएमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मतरेलिया ने बताया कि योजना के तहत 19 दिसम्बर से 15 फरवरी के बीच सप्ताहांत यानी शनिवार व रविवार को हेलीकॉप्टर की हर दिन चार उड़ानों के जरिए अधिकतम 20 सैलानियों को जनपद की झीलों के दर्शन कराए जाएंगे। करीब 20 मिनट की इस यात्रा पर प्रति व्यक्ति किराया करों सहित 4125 रुपये होगा। बताया गया है कि 19 से ही गढ़वाल मंडल में हिमालय दर्शन की योजना भी शुरू हो रही है।

नैनीताल में 39 गेंदों में लगा नाबाद शतक-(101* रन)

नैनीताल के फ्लैट्स मैदान में बुधवार 25 नवम्बर 2015 को बना 1843 में स्थपित नैनीताल जिमखाना के 172 वर्ष के इतिहास में सर्वाधिक तेज शतक का रिकार्ड.. किशनगंज जिमखाना दिल्ली के आलराउंडर खिलाडी यशपाल डागर ने पैराडाइज क्लब मेरठ के खिलाफ 39 गेंदों में 9 चौकों और 9 छक्कों की पारी के साथ बनाया नाबाद शतक-(101* रन)

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अधिकारों में नहीं कर्तव्यों में निहित है संविधान की आत्मा IMG_20151127_140337

पी चिदंबरम ने भाजपा को बताया उदारवादी पार्टी, पता है क्यों ?

अब पता चला कि क्यों वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गत 26 नवंबर को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार की शराब नीति के खिलाफ उतरने के साथ ही नैनीताल में क्यों केंद्र सरकार के खिलाफ जहर नहीं उगला, वरन पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई के साथ भाजपा को भी लिबरल यानी उदारवादी पार्टी करार दिया। और अगले दिन दिल्ली में सलमान रश्दी की किताब को बैन करने को राजीव गांधी की गलती बताने वाला बयान दिया।
लेकिन लगता है वास्तव में केंद्र की मौजूदा भाजपानीत सरकार उदारवादी नहीं है। यदि होती तो इतने से पिघल ही गई होती और आज पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम की कई फर्मों पर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी न हुई होती।
और हमें अपनी अक्ल पर तरस आ रहा है कि हम चिदंबरम के बदले रुख व बयान पर शंका जताने के बावजूद उनकी घाघ राजनीति का सही अंदाजा क्यों नहीं लगा पाए….. देखें नवभारत टाइम्स की खबर 

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड