नवीन समाचार, गैरसैंण, 28 अक्टूबर 2026 (Speaker Confirms Umeshs Resignation)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे और कांग्रेस या भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अपनी मुलाकातों को लेकर उठ रही अटकलों पर भी उन्होंने सफाई दी। दूसरी ओर, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उनके इस्तीफे को राजनीतिक दिखावा बताते हुए इस्तीफा देने के समय को लेकर सवाल उठाये हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पुष्टि
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि उन्हें उमेश कुमार की ओर से इस्तीफे संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र को आगे की प्रक्रिया के लिए विधानसभा सचिवालय भेज दिया गया है। अब सचिवालय स्तर पर संबंधित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार इसकी जांच की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
इसलिए फिलहाल इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि हुई है। इसे स्वीकार किये जाने की औपचारिक स्थिति सचिवालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कांग्रेस नेताओं से मुलाकात को बताया सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया
उमेश कुमार ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से अपनी मुलाकातों को कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी के रूप में देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपनी पार्टी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में जाने वाले हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक राह अलग रहेगी और वह जन निर्माण पार्टी के माध्यम से जनता के बीच जायेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में स्वयं मैदान में उतरने की उनकी घोषणा को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारने के बाद अब स्वयं विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने की बात उन्होंने कही है।
हरीश रावत से वर्ष 2016 से चली आ रही तल्खी का किया उल्लेख
उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ अपनी पुरानी राजनीतिक तल्खी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से चली आ रही टीस अब तक समाप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाये और जिनकी सरकार को संकट में डालने का काम किया, उनके समर्थन में नारे लगाना उनके लिए संभव नहीं है। उनके इस बयान को कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज करने और अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस्तीफे के पीछे विपक्ष से समर्थन नहीं मिलने की बात कही
उमेश कुमार ने अपने इस्तीफे के पीछे विधानसभा में पिछले साढ़े चार वर्षों के अनुभवों का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि जब भी उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दे उठाये, उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने किसानों की समस्याओं, आपदा प्रभावित लोगों की परेशानियों और बिजली-पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज उठाने के बावजूद अकेले संघर्ष करना पड़ने की बात कही। किसानों की फसलों को हुए नुकसान के मुद्दे पर भी उन्होंने समर्थन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी।
प्रणव सिंह चैंपियन ने इस्तीफे को बताया राजनीतिक दिखावा
उमेश कुमार के इस्तीफे पर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने सवाल उठाये। उन्होंने इसे नाटकीय कदम बताते हुए कहा कि जब विधानसभा के कार्यकाल में केवल लगभग दो महीने शेष रह गये हैं, तब इस्तीफा देने का क्या औचित्य है।
चैंपियन ने युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को राजनीतिक दिखावे और बयानबाजी के बजाय विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिमाओं की स्थापना, मंदिरों और विवाह समारोहों जैसे आयोजनों के स्थान पर युवाओं के भविष्य तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक संकेत
उमेश कुमार का इस्तीफा, जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की घोषणा और कांग्रेस में जाने की अटकलों पर उनका स्पष्टीकरण आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनके राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने वाला घटनाक्रम है। वहीं, चैंपियन की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है।
हालांकि, इस्तीफे की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया और विधानसभा सचिवालय की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनके विधायक पद को लेकर औपचारिक स्थिति क्या बनती है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Speaker Confirms Umeshs Resignation, Umesh Kumar Resignation, Khanpur MLA Uttarakhand, Jan Nirman Party, Kunwar Pranav Singh Champion, Harish Rawat, Uttarakhand Assembly Politics, Uttarakhand Election 2027, खानपुर विधायक उमेश कुमार, उमेश कुमार इस्तीफा, जन निर्माण पार्टी, प्रणव सिंह चैंपियन की प्रतिक्रिया, उत्तराखंड विधानसभा, #UttarakhandPolitics #UmeshKumar #Khanpur #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। 
