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देश के प्रतिष्ठित बोट हाउस क्लब के चुनाव का रोमांच शुरू, इस बार ‘वापसी’ के साथ परिवर्तन के स्वर भी….

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अक्टूबर 2014 में आयीं नई पाल नौकाएं डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2021। देश के प्रतिष्ठित, अपनी स्थापना के समय देश के शीर्ष पांच क्लबों में शामिल नैनीताल स्थित बोट हाउस क्लब की नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के चुनावों का रोमांच शुरू हो गया है। करीब पांच वर्षों से लगातार कमोबेश समान चेहरों के साथ आगे बढ़ रहे क्लब में कई वर्षों के बाद ‘परिवर्तन’ के स्वर सुनाई दे रहे हैं। हालांकि मौजूदा कार्यकारिणी सदस्य भी ‘वापसी’ के प्रति आश्वस्त हैं। ऐसा इसलिए भी कि इस वर्ष हालिया वर्षों के सर्वाधिक 19 प्रत्याशियों ने नामांकन करा दिया है, हालांकि प्रत्याशियों पर सही स्थिति आगामी 21 सितंबर को नाम वापसी व नामांकन पत्रों की जांच के बाद साफ होगी, और 25 सितंबर को चुनाव के बाद अगली 9 सदस्यीय कार्यकारिणी की तस्वीर साफ होगी।

उल्लेखनीय है कि देश की आजादी के साथ 1947 में बोट हाउस क्लब के नाम से मशहूर क्लब की स्थापना वास्तव में 1897 में ‘नैनीताल सेलिंग क्लब’ और 1910 में नैनीताल याट क्लब (एनटीवाईसी) के साथ ही हो गयी थी। क्लब का गौरवशाली इतिहास रहा है। कुमाऊं मंडलायुक्त क्लब के अध्यक्ष एवं डीएम उपाध्यक्ष होते हैं। वर्तमान में देश भर के 3492 लोग इस प्रतिष्ठित क्लब के सदस्य हैं। पिछले कई वर्षों से यहां चुनाव में सदस्यों के दो समूह जैसे बन गए हैं, और उनके बीच प्रतिस्पर्धा भी रहती है। अलबत्ता, एक समूह ही पिछले पांच वर्षों से बेहद मामूली बदलाव के साथ कार्यकारिणी में है। मुख्य चुनाव अधिकारी सैयद नदीम खुर्शीद ने बताया कि इधर 18 सितंबर को हुई नामांकन की प्रक्रिया के दौरान प्रो. अरुण कुमार शर्मा, जेएस सरना, नसीम ए खान, डीके शर्मा, विजय चंद्र साह, अखिल साह, अतुल साह, चौधरी धीर सिंह, इंद्र्रपाल सिंह, जेके शर्मा, एमसी पांडे, मुंकुंद प्रसाद, पंकज जायसवाल, राखी सिबल, राजेंद्र कुमार कर्नाटक, रमेश सदाना, शोएब अहमद, सुमित जेठी व विशाल विनायक यानी 19 सदस्यों ने नामांकन कराए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष केवल 10 सदस्यों ने ही नामांकन कराए थे, जिनमें से 9 सदस्य चुनाव जीत गए थे। इस प्रकार चुनाव चुनाव अधिक रोमांचक नहीं रहे थे।

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अक्टूबर 2014 में आयीं नई पाल नौकाएं
अक्टूबर 2014 में आयीं नई पाल नौकाएं
1899 नैनी झील में नौकाएं

नवीन जोशी, नैनीताल। सरोवरनगरी नैनीताल को यूं ही विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी का दर्जा नहीं मिला हुआ है। यहां ऐसी अनेक खाशियतें हैं, जो दुनिया में अन्यत्र नहीं मिलतीं। नगर की पहचान कही जाने वाली रंग-बिरंगी तितलियों सरीखी पाल नौकाओं की बात करें तो ऐसी नौकाएं दुनिया में केवल इंग्लेंड के शहर ससेक्स की झील में ही मिलती हैं। वहां इनका संचालन नॉरफॉक्स ब्रॉड याट क्लब ससेक्स इंग्लेंड के द्वारा किया जाता है। इसलिए यदि आप नैनीताल में पाल नौकायन का आनंद न ले पाए, तो फिर ऐसा आनंद लेने के लिए आपको इंग्लेंड के शहर ससेक्स ही जाना पड़ेगा।

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उल्लखनीय है नैनीताल के याट क्लब को विश्व के सबसे ऊंचे याट क्लब का गौरव भी प्राप्त है। नैनीताल की पहचान पाल वाली नौकाओं यानी याट का इतिहास उस दौर का है, जब दुनिया में ऐसी नौकाओं को विकसित करने की प्रक्रिया ही चल रही थी। सर्वप्रथम नैनी झील में 1880 में मेरठ के तत्कालीन कमिश्नर आईसीएस अधिकारी फ्लीटवुड विलियम्स ने आज के दौर की ‘लिंटन होप हाफ रेटर’ प्रकार की नौकाओं से मिलती जुलती विशाल आकार की ‘स्कूनर’ प्रकार की नाव को क्रेन की मदद से सेंट असेफ्स (St. Asaphs) के पास से नैनी झील में उतारने की बात कही जाती है। आगे एक सैन्य अधिकारी कर्नल हेनरी ने ‘कैटेमेरन’ (Catamaran) प्रकार की दोहरे ढांचे (Double Hulled) युक्त ‘जैमिनी’ नाम की नाव का निर्माण किया। इसी दौर में खेलों के सामान बनाने वाली एक कंपनी ‘मरे एंड कम्पनी’ के द्वारा तीन ‘बेलफ़ास्ट लाफ’ (Belfast Laugh) प्रकार की ‘कोया’ (Coya), ‘डूडल्स’ (Doodles) और ‘डोरोथी’ (Dorothy) नाम की नावें किराये पर लेकर नैनी झील में चलाने की बात भी कही जाती है। लेकिन इसी वर्ष 18 नवम्बर 1880 को आये बड़े महाविनाशकारी भूस्खलन की वजह से यह प्रयास कमजोर पड़ गए।

इसके आगे 1890 में सफेद रंग की ‘कटर टाइप’ पाल नौकाएं औपचारिक तौर पर चलनी शुरू हुई। यह नौकाएं नैनी झील में पल-पल में दिशा बदलने वाली हवाओं के प्रभाव में अक्सर पलट जाया करती थीं, इसलिए लगातार इनकी इस कमी को दूर करने के प्रयास चलते रहे। इसी दौर में 1897 में नगर में ‘नैनीताल सेलिंग क्लब’ की स्थापना हुई। कहते हैं की इस क्लब के पास मशहूर ‘Wave Dee’ सहित ‘skimming Dish’ व ‘Soceres’ सहित अलग-अलग प्रकारों की करीब आधा दर्जन नावें थीं। आगे 1910 में सेना से सम्बंधित दो उद्यमी भाइयों-मेजर सी.डब्लू. कैरे व कैप्टन एफ. कैरे नैनी झील के लिए (One Design) प्रकार की नावों का विचार लेकर आये। उनकी पहल पर पहली तीन इंग्लैंड के कारीगरों के द्वारा ‘लिंटन होप’ प्रकार की नौकाओं का निर्माण हुआ। इस बात के रिकॉर्ड मौजूद हैं कि यह तीनों नावें पहले ही दिन तेज पश्चिमी ‘चीना’ हवाओं की वजह से क्षतिग्रस्त हो गयीं। इसके बाद भी अनेक सुधार होते रहे, और आखिर आज के दौर की ‘लिंटन होप हाफ रेटर’ प्रकार की नावें बन पायीं। कैरे भाइयों की पहल पर ही 1910 में नैनीताल याट क्लब (एनटीवाईसी) की स्थापना हुई। इसी वर्ष बनारस चेलेंज कप पाल नौका दौड़ प्रतियोगिता भी हुई, जो सबसे पुरानी है। तब एनटीवाईसी में मई से अक्टूबर तक सेलिंग यानी पाल नौकायन होता रहता था। जून माह में फेंसी ड्रेस डांस तथा अक्टूबर में सेलर्स डिनर आयोजित होता था। यह जानना भी दिलचस्प होगा कि तब भी यह नौकाएं रंग-बिरंगी नहीं थीं, वरन 1937 में सर्वप्रथम रंग-बिरंगी तितलियों सी नजर आने वाले आज के दौर की पाल नौकाएं झील में आईं।

देश आजाद होने पर कोचीन जाने से इस तरह बची पाल नौकाएं

नैनीताल। अंग्रेजों के दौर में एनटीवाईसी की सदस्यता केवल अंग्रेजों को ही मिल पाती थी। नगर के मौजूदा बोट हाहस क्लब के 1947 में स्थापित होने की कहानी भी कम दिलचस्प नीं है। इसकी स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाने वाले साहनपुर स्टेट (जिला बिजनौर) के राजकुमार गिरिराज सिंह को अंग्रेजों ने नैनीताल याट क्लब की सदस्यता का फार्म देने में ही आनाकानी की थी। तब गिने चुने भारतीय ही इस क्लब के सदस्य होते थे। लेकिन सिंह ने 1945 में किसी तरह सदस्यता हासिल कर ली। बोट हाउस क्लब पर कॉफी टेबल बुक लिखने वाले कमोडोर वीर श्रीवास्तव और राजकुमार सिंह के पुत्र शशि राज सिंह के अनुसार 1947 में देश के आजाद होने के समय नैनीताल याट क्लब की समस्त संपत्ति का सौदा कोचीन के बोट हाउस क्लब से हो गया था, लेकिन राजकुमार गिरिराज सिंह ने क्लब की समस्त संपत्ति खुद खरीद ली, और अंग्रेजों के जाने के बाद इसे क्लब को वापस बिना कोई धनराशि लिए दान कर दिया। साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री जवार लाल नेहरू से संपर्क कर क्लब को नगर पालिका से जमीन लीज पर दिलवा कर इस पह वर्तमान बोट हाहस क्लब स्थापित किया गया़।

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-बोट हाउस क्लब में लगातार चौथी बार जीते सदस्य, नौ सदस्यीय कार्यकारिणी में केवल एक सदस्य ही नये होंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसम्बर 2020। देश के प्रतिष्ठित, अपनी स्थापना के समय देश के शीर्ष पांच क्लबों में शामिल नैनीताल स्थित बोट हाउस क्लब की नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए शनिवार को हुए मतदान का परिणाम घोषित हो गया है। नवनिर्वाचित कार्यकारणी में पिछली कार्यकारिणी के दीप साह को छोड़कर अन्य सभी पुराने ही सदस्य हैं। केवल प्रो. अरुण कुमार शर्मा नए सदस्य के रूप में शामिल हुए है। इस पर इसी कार्यकारिणी का लगातार चौथा कार्यकाल मिल गया है। चुनाव परिणाम के उपरांत नवनिर्वाचित कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में डीके सचिव को सचिव, नसीम ए खान को उपाध्यक्ष तथा प्रो. अरुण कुमार शर्मा व विजय साह को सचिव चुना गया।

घोषित परिणामों के अनुसार डीके शर्मा सर्वाधिक 313, जेएस सरना ‘शम्मी’ 298, नसीम ए खान 297, राखी सिबल 285, पंकज जायसवाल 266, प्रो. अरुण कुमार शर्मा 258, विजय साह 245, आरके कर्नाटक 244 व जेके शर्मा 238 मत्र प्राप्त कर कुल 10 प्रत्याशियों में शीर्ष नौ पर रहकर कार्यकारिणी के लिए चुने गए। वहीं पराजित प्रत्याशी अखिल कुमार साह को 184 मत मिले।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को चुनाव में क्लब के 3405 सदस्यों में मात्र 424 यानी 12.45 फीसद सदस्यों ने ही मतदान किया था। नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए पिछली कार्यकारिणी के दो सदस्यों दीप साह व वीर श्रीवास्तव को छोड़कर शेष 8 मौजूदा कार्यकारिणी सदस्यों नसीम ए खान, डीके शर्मा, जेएस सरना, आरके कर्नाटक, विजय साह, राखी सिबल, पंकज जायसवाल, जेके शर्मा के अलावा प्रो. अरुण कुमार शर्मा व अखिल कुमार साह इस बार नए प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे। इनमें से पहली बार चुनाव लड़ रहे अखिल कुमार साह पराजित हुए। यानी पुरानी कार्यकारिणी ही लगातार चौथी बार विजयी रही। चुनाव एवं मतदान की प्रक्रिया में क्लब के प्रशासनिक अधिकारी गोविंद बल्लभ जोशी, मुख्य चुनाव अधिकारी सैयद नदीम मून व मतदान अधिकारी ललित शर्मा सहित अन्य लोगों ने योगदान दिया। बताया गया है कि पूर्व में चुनाव लड़ने वाला सदस्यों का दूसरा वर्ग पिछले चार वर्षों से चुनाव में सक्रिय भागेदारी नहीं कर रहा है।

यह भी पढ़ें : आठ में से एक सदस्य भी नहीं दे पाया वोट और हो गया देश के शुरुआती पांच क्लबों में से एक की कार्यकारिणी का चुनाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 दिसम्बर 2020। शनिवार को नैनीताल ही देश के प्रतिष्ठित, अपनी स्थापना के समय देश के शीर्ष पांच क्लबों में शामिल बोट हाउस क्लब की नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए मतदान हुआ। खास बात यह रही कि चुनाव में क्लब के 3405 सदस्यों में मात्र 424 यानी 12.45 फीसद ही मतदान हुआ। यानी हर आठ में से औसतन एक सदस्य भी मतदान नहीं कर पाया। यह भी उल्लेखनीय रहा कि नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 10 सदस्य चुनाव मैदान में थे। इनमें से केवल दो सदस्यों अखिल कुमार साह व वीर श्रीवास्तव को छोड़कर शेष 8 मौजूदा कार्यकारिणी सदस्यों सहित नसीम ए खान, डीके शर्मा, जेएस सरना, आरके कर्नाटक, विजय साह, राखी सिबल, पंकज जायसवाल, जेके शर्मा, प्रो.अरुण कुमार शर्मा और अखिल कुमार साह चुनाव मैदान में हैं।
गौरतलब है कि चुनाव से पूर्व हुई एजीएम यानी वार्षिक साधारण सभा की बैठक में कुछ सदस्यों ने ई-वोटिंग की मांग रखी। उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व क्लब के 21 सदस्यों ने भी इस विषय पर सवाल उठाए थे। इस पर कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी सदस्यों के ई-मेल पते लेकर आगे सार्थक प्रयास करने एवं क्लब में साफ-सफाई एवं अन्य प्रबंधों के साथ क्लब की गरिमा को बरकरार रखने का संकल्प जताया। बताया कि चुनाव गर्मियों में होते रहे हैं। किंतु इस वर्ष कोविद-19 की वजह से चुनाव कराने की बाध्यता की वजह से अभी चुनाव कराने पड़े। इस दौरान वर्ष भर का लेखा जोखा रखा गया तथा पिछली बैठक के निर्णयों का अनुमोदन भी किया गया। साथ ही बीते वर्ष दिवंगत हुए सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। चुनाव की प्रक्रिया में क्लब के प्रशासनिक अधिकारी गोविंद बल्लभ जोशी व सैयद नदीम मून सहित अन्य लोग पूरे दिन जुटे रहे। बताया गया कि मतगणना रविवार को सुबह 11 बजे से प्रारंभ की जाएगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 दिसम्बर 2020। देश दुनिया में प्रसिद्ध, 1890 में स्थापित नगर के प्रतिष्ठित बोट हाउस क्लब के आगामी 12 दिसंबर को प्रस्तावित चुनाव पर क्लब के 21 सदस्यों ने सवाल उठाए हैं, और प्रस्तावित चुनाव को कंपनी अधिनियम 2013 के प्राविधान का उल्लंघन होने का आरोप लगाते हुए गैरकानूनी बताया है। साथ ही चुनाव न लड़ने का भी ऐलान किया है। उल्लेखनीय है कि बोट हाउस क्लब के चुनाव अनौपचारिक तौर पर सदस्यों के दो समूहों के द्वारा लड़े जाते हैं। गत वर्ष भी एक समूह से चुनाव में प्रतिभाग नहीं किया था, जिस कारण बोट हाउस क्लब के करीब सवा सौ वर्ष के इतिहास में गत वर्ष भी नौ सदस्यीय कार्यकारिणी का कमोबेश लगातार ‘तीसरी बार’ चुनाव निर्विरोध हो गया था। क्योंकि नौ सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए केवल 11 लोगों ने नामांकन कराए थे, और इनमें से दो सदस्यों के नामांकन निरस्त हो गया था। ऐसे में इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति आ जाए और मौजूदा कार्यकारिणी ही थोड़े-बहुत परिवर्तन के साथ दुबारा आ जाए तो आश्चर्य न होगा। विदित हो कि इससे पूर्व के वर्षों में बोट हाउस क्लब के चुनाव के दौरान गजब की गहमागहमी रहती थी और चुनाव के बाद पूरी रात मतगणना होने जैसी स्थिति भी रहती थी। यह भी उल्लेखनीय है कि बोट हाउस क्लब के पदेन अध्यक्ष कुमाऊं कमिश्नर और उपाध्यक्ष नैनीताल के जिलाधिकारी होते हैं।
इधर बोट हाउस क्लब के महासचिव के माध्यम से सभी कार्यकारिणी सदस्यों को भेजे गए क्लब के 21 सदस्यों के पत्र में कहा गया है कि कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 101 के तहत चुनाव का नोटिस सभी सदस्यों को लिखित या इलेक्ट्रॉनिक मोड में दिया जाना चाहिए, लेकिन यह नोटिस डाक से नहीं भेजा गया है। वहीं कंपनी अधिनियम 2014 के तहत एक हजार से अधिक शेयर धारकों वाली कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मतदान करने की सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक सदस्य घर बैठे मतदान कर सकें। बोट हाउस क्लब के 4117 सदस्य हैं। कोरोना की वैश्विक महामारी के वर्तमान दौर में हर सदस्य का नैनीताल में उपस्थित होकर वोट डाल पाना असंभव है, इसलिए ई-वोटिंग जरूरी है। ई-वोटिंग के लिए सदस्य पहले भी कई बार अनुरोध कर चुके हैं। यह भी आरोप लगाया है कि क्लब जो कि मूलतः एक कंपनी है, की बैलेंस शीट व आय-व्यय के ब्यौरे, निदेशक मंडल और लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट कभी भी किसी भी सदस्य के साथ साझा नहीं की गई है। पत्र में मुकुंद प्रसाद, प्रवीण कुमार, सईद मुस्तफा, विशाल खन्ना, विभास प्रसाद, रघुवंेद्र साह, गोपाल कृष्ण वर्मा, साद शेरवानी, सलीम इकबाल शेरवानी, पीआई बांगा, तारा कुमार शाह, राहुल जेठी, प्रदीप कुमार जेठी, अमित जोशी, आशुतोष शाह, दिनेश साह, ईश्वरा कोहली, कवीश नंदा, आशीष नंदा, कार्तिक नंदा व कवि नंदा के नाम शामिल हैं। पत्र लिखने में शामिल प्रवीण कुमार शर्मा ने दावा किया कि सदस्य चुनाव नहीं लड़ेंगे।

इस बारे में पूछे जाने पर बोट हाउस क्लब के प्रशासनिक अधिकारी गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि बोट हाउस क्लब कंपनी अधिनियम के तहत ही चलता है। कंपनी अधिनियम के अनुसार 1000 तक शेयर होल्डर होने पर ई-मतदान जरूरी है। बोट हाउस क्लब में 3400 सदस्य हैं। पर इनमें से कोई भी शेयर होल्डर नहीं हैं। इसलिए ई-वोटिंग की आवश्यकता नहीं है। ई-वोटिंग के लिए सभी सदस्यों के ईमेल उपलब्ध होने चाहिए। किंतु कई बार मांगने के बावजूद सदस्यों ने ईमेल उपलब्ध नहीं कराए हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाना सदस्यों का संवैधानिक अधिकार है, जिनका जवाब दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : बोट हाउस की मौजूदा कार्यकारिणी को लगातार ‘तीसरा’ कार्यकाल तय, पर ये एक सदस्य हुए अंदर और ये एक बाहर…

-नयी कार्यकारिणी में केवल एक बदलाव, एमसी पांडे की जगह होंगे पूर्व सभासद जेके शर्मा, चुनाव से पहले नामांकन से ही निर्विरोध नामांकन तय, 22 को एजीएम में होगी नई कार्यकारिणी की घोषणा
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2019। देश दुनिया में प्रसिद्ध 1890 में स्थापित नगर के प्रतिष्ठित बोट हाउस क्लब की मौजूदा कार्यकारिणी को केवल एक बदलाव के साथ एक वर्ष का एक और कार्यकाल मिलना तय हो गया है। नई कार्यकारिणी के लिए आगामी 22 जून को चुनाव होने थे, किंतु शनिवार देर शाम तक चली नामांकन प्रक्रिया में नामांकन करने वाले 11 में से दो सदस्यों के नामांकन निरस्त हो जाने के बाद शेष बचे सभी नौ नामांकनकर्ता सदस्यों का 9 सदस्यीय कार्यकारिणी में नामांकन तय हो गया। क्लब के करीब सवा सौ वर्ष के इतिहास में इस तरह निर्विरोध निर्वाचन का यह दूसरा मौका बताया जा रहा है। क्लब के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गोविंद बल्लभ जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव परिणाम की घोषणा आगामी 22 जून को क्लब की एजीएम यानी वार्षिक साधारण सभा की बैठक के दिन ही की जाएगी। इसके बाद कार्यकारिणी के सदस्य सचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व संयुक्त सचिव पद का चुनाव करेंगे। उल्लेखनीय है कि नैनीताल के डीएम क्लब के पदेन अध्यक्ष एवं कुमाऊं आयुक्त संरक्षक होते हैं।
इधर शनिवार देर रात्रि तक आयोजित हुई नामांकन की प्रक्रिया में प्रबंध समिति के नौ सदस्य पदों के लिए 11 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें से नसीम ए खान, डीके शर्मा, विजय साह, आरके कर्नाटक, दीप साह, राखी सिब्बल, जेएस सरना, पंकज जायसवाल, जेके शर्मा आदि के नामांकन पत्र सही पाए गए, जबकि डा. पीएस रौतेला व वेद प्रकाश बंसल के नामांकन नियत प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण निरस्त हो गए। उल्लेखनीय है कि क्लब की नई कार्यकारिणी में पूर्व सभासद जेके शर्मा नये होंगे, जबकि शेष सदस्य वर्तमान में भी क्लब की कार्रकारिणी में हैं। मौजूदा कार्यकारिणी के केवल एक सदस्य अधिवक्ता एमसी पांडे ही नयी कार्यकारिणी में नहीं होंगे।

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नैनीताल। मुख्यालय के प्रतिष्ठित 1890 में स्थापित देश के प्राचीनतम क्लबों में शुमार बोट हाउस क्लब की नयी नौ सदस्यीय  प्रबंध कार्यकारिणी पूरी तरह से नयी बोतल में पुरानी शराब की तरह कमोबेश पूरी तरह से पुरानी ही होगी। डीके शर्मा को फिर से प्रबंध कार्यकारिणी का सचिव एवं नसीम ए खान को फिर से उपाध्यक्ष तथा विजय साह को संयुक्त सचिव चुना गया है। शर्मा हाईकोर्ट बार एसोएिशन व उत्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष तथा राज्य के अपर महाधिवक्ता भी रह चुके हैं, जबकि खान पूर्व में बरेली नगर निगम के मेयर रहे हैं, तथा पिछले 35 वर्षों से बोट हाउस की प्रबंध कार्यकारिणी में एवं 12 वर्षों से उपाध्यक्ष हैं। वहीं नयी कार्यकारिणी में नौ के नौ यानी सभी सदस्य नसीम खान, डीके शर्मा, विजय शाह, जेएस सरना, आरके कर्नाटक, दीप साह, मोहन चंद्र पांडे, राखी विर्क, पंकज जायसवाल वर्तमान में भी कार्यकारिणी में हैं। मालूम हो कि कुमाऊं मंडलायुक्त क्लब के अध्यक्ष एवं डीएम उपाध्यक्ष होते हैं। जबकि कार्यकारिणी में आने की कोशिश कर रहे तीन अन्य दावेदार डा. टीएस रौतेला, डा. गणेश मिश्रा व पूजा बांगा को हार का मुंह देखना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि एक अन्य दावेदार पीएल बांगा ने नामांकन कराने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था।
इससे पूर्व रविवार को हुई मतगणना में निर्वाचित हुए शीर्ष नौ सदस्यों-नसीम ए खान को सर्वाधिक 348, डीके शर्मा को 344, जेएस सरना को 324, विजय साह को 300, लगाार दूसरे वर्ष निर्वाचि हुई एकमात्र महिला सदस्य राखी विर्क को 295, दीप साह को 284, आरके कर्नाटक को 280, मोहन चंद्र पांडे को 267, पंकज जायसवाल को 259 तथा हार चुके डा. रौतेला को 231, पूजा बांगा को 175 व डा. गणेश मिश्रा को 65 वोट मिले। उल्लेखनीय है कि शनिवार को हुए चुनाव में कुल करीब 3500 मतदाता सदस्यों में से केवल 493 यानी करीब 14 फीसद ही मतदान हुआ था। इनमें से भी 27 मत अवैध पाये गये। चुनाव संपन्न कराने में मुख्य चुनाव अधिकारी हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश चंद्र कांडपाल व सहायक चुनाव अधिकारी ललित शर्मा आदि ने योगदान दिया।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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