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चंपावत में कांग्रेस के भाजपा को ‘वॉकओवर’ की चर्चाओं के बीच ब्लॉक प्रमुख, नपा अध्यक्ष सहित 4 दर्जन से अधिक कांग्रेसियों का भाजपा में पतझड़….

दल बदल कानून कब पारित हुआ? - Quora

नवीन समाचार, चंपावत, 7 मई 2022। विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस हाइकमान द्वारा निर्मला गहतोड़ी को टिकट देकर भाजपा को वॉक ओवर देने के आरोपों के बीच कांग्रेस में भगदड़ जैसी स्थिति नजर आ रही है। शनिवार को ब्लाक प्रमुख, नगर पालिका अध्यक्ष, कांग्रेस जिला महामंत्री सहित कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदों में रहे करीब 4 दर्जन पार्टी कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थाम लिया।

Champawat by election: भाजपा में शाामिल होने के बाद सभी ने मुख्यमंत्री को विजयी बनाने का संकल्प लिया।आज भाजपा में शामिल होने वालो में नगर पालिका अध्यक्ष व कांग्रेस के विभिन्न पदों में रहे विजय वर्मा, ब्लाक प्रमुख रेखा देवी, ज्येष्ठ प्रमुख मोनिका बोहरा, कनिष्ठ प्रमुख मोहन चंद्र राजपूत, नगर पालिका सभासद रेखा तिवारी, लक्ष्मी देवी, रोहित बिष्ट, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे और हाल ही में निर्दलीय विधान सभा चुनाव लड़े हिमेश कलखुडिया, कांग्रेस जिला महामंत्री विकास साह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मयूख चौधरी, तुषार वर्मा, प्रकाश पांडेय, अशोक चौधरी, नाथ सिंह रावत, दिनेश खर्कवाल सतीश जुकरिया सहित 34 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 30 ग्राम प्रधान शामिल हैं। उपचुनाव संयोजक एवं मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कैलाश गहतोड़ी के नेतृत्व में इन सभी को प्रभारी मंत्री चंदन राम दास व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा ने भाजपा में शामिल कराया। सभी ने उपचुनाव में मुख्यमंत्री को भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प लिया।

उल्लेखनीय है कि ब्लाक प्रमुख रेखा देवी सहित भाजपा में शामिल कई जनप्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत के समर्थक हैं। ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुई अनबन के बाद गोविंद सामंत ने भाजपा छोड़ी तो उनके साथ इन्होंने भी भाजपा को अलविदा कह दिया था। इधर गोविंद सामंत विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा में आ गए थे। अब शनिवार को दर्जनों जनप्रतिनिधि गोविंद सामंत की अगुवाई में फिर से भाजपा में आ गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी के उपचुनाव के लिए चंपावत का रुख करतेे ही असर दिखना शुरू ! कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल

नवीन समाचार, टनकपुर, 28 अप्रैल 2022। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नए राजनीतिक ठिकाने चम्पावत का रुख क्या शुरू किया, कांग्रेस पार्टी में उन्हें हराने नहीं, बल्कि उन्हें जिताने की होड़ दिखाई दी। पार्टी के दो बड़े और युवा नेताओं ने पार्टी से नाता तोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।

सेवा दल के प्रदेश महासचिव हरगोविंद बोहरा और यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी ने कांग्रेस को झटका देते हुए मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं का भाजपा में आने पर माल्यार्पण कर स्वागत किया।

इनके अलावा नरसिंह डांडा के ग्राम प्रधान मुकेश कुमार, सूखीढांग के पूर्व प्रधान स्वरूप राम, भगाना भंडारी के ग्राम प्रधान अनिल कुमार, फागपुर के यूथ कांग्रेस जिला महामंत्री सुरेंद्र सिंह, जिला सचिव नीरज पांडेय, पुष्कर लापड़, श्याम राम, जानकी पाठक, बीडी शर्मा, लक्ष्मी दत्त शर्मा, गोविंद जोशी, सुनील जोशी, प्रकाश जोशी, डा. जनक चंद, कमल बसेड़ा, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष स्व. उत्तम सिंह देऊ के पुत्र ललित देऊ, कराकेश कुमार, सुंदर राम, मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, आशीष गोयल, हेम जोशी, भरत राम, बनबसा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य उषा गुरुंग सहित तीन दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा से नाता जोड़ लिया।

उल्लेखनीय है कि हरगोविंद बोहरा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। पिछले कई सालों से वह विधान सभा चुनावों में पार्टी की ओर से दावेदारी भी कर रहे थे। हालिया चुनाव में भी वह पार्टी के प्रमुख दावेदार थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया। बोहरा वर्ष 1989 में यूथ कांग्रेस कमेटी पिथौरागढ़ के उपाध्यक्ष रहे। 2002 में किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और 2003 में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी भी पार्टी के तेज तर्रार युवा नेता थे। सूत्रों के अनुसार दोनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल से काफी नाराज थे। पार्टी हाईकमान से शिकायत करने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई। इससे नाराज होकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: आप प्रत्याशी तीसरी बार दल बदल कर भाजपा में शामिल

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 4 फरवरी 2022। दल-बदल की चुनावी बेला में आम आदमी पार्टी के विधानसभा से प्रत्याशी बनाए गए डॉ. भुवन आर्य ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम दिया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने उन्हें हल्द्वानी में पार्टी में सदस्यता दिलाई। आप नेताओं ने बताया कि हाल ही में राजनीति में पदार्पण करने वाले डॉ. भुवन आर्य ने उत्तराखंड क्रांति दल से अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारंभ की थी।

लेकिन कुछ ही दिन के भीतर आआपा में शामिल हो गए और प्रत्याशी भी घोषित हो गए, किंतु आखिरी समय में पहले भाजपा, फिर निर्दलीय, फिर कंाग्रेस और इधर एक माह के भीतर कांग्रेस से भाजपा में होते हुए आआपा में आए हेम आर्य को प्रत्याशी घोषित कर दिए जाने के बाद आज भुवन ने आआपा से नाता तोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद डॉ. भुवन आर्य ने कहा कि पार्टी ने उनके स्थान पर बिना सूचना के हेम आर्य का टिकट दे दिया, जबकि एक दिन पूर्व 27 जनवरी को वह अधिकृत टिकट पर नामांकन कर चुके थे। इस घटना से वह स्वयं को काफी अपमानित महसूस कर रहे थे। नैनीताल विधानसभा में उन्होंने काफी समय से आम आदमी पार्टी को मजबूत करने का कार्य किया था। उन्होंने आआपा नेतृत्व पर भी कई गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी को जिताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, जिला महामंत्री प्रदीप जनौटी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भीमताल में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 3 फरवरी, 2022। विधानसभा चुनाव से पहले भीमताल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट के नेतृत्व में धारी के पूर्व कांग्रेस ब्लॉक प्रमुख कृपाल सिंह मेहरा, वरिष्ठ कांग्रेसी पुष्कर सिंह मेहरा, पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नौलिया सहित अनेक कांग्रेसियों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है।

इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख कृपाल सिंह मेहरा, वरिष्ठ कांग्रेसी पुष्कर सिंह मेहरा, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष भावना नौलिया ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम किया है। वह सालों से कांग्रेस को मजबूत करते आए लेकिन पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया जो 2017 के चुनाव में तीसरे नंबर पर रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। इसी विचारधारा से वह भाजपा में शामिल हुए हैं और अब भीमताल से भाजपा प्रत्याशी को जिताकर रहेंगे।

केंद्रीय गृह राज्य रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के उत्पीड़न से वरिष्ठ कांग्रेसियों का भाजपा में शामिल होना बताता है कि कांग्रेस में कार्यकर्ता कितना आहत हैं। भट्ट ने कहा कि भाजपा प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने के साथ भीमताल विधानसभा की सीट भी जीतने जा रही है। भाजपा प्रत्याशी राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मोदी और धामी के नेतृत्व में भाजपा बहुमत से जीत हासिल कर भीमताल सीट भी भारी मतों से जीतेगी। जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट व दुग्ध संघ अध्यक्ष ने भाजपा की जीत के लिए काम करने को कहा।

भाजपा की सदस्यता लेने वालों में पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख रघु आर्या, हरेंद्र बर्गली, खुशाल संम्मल, सुरेश आर्य, दीवान राम, पूरन डंगवाल, नंदन मेहरा, भरत मेहरा, संजय कुमार व हरेंद्र मेहता आदि भी शामिल रहे। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज भट्ट, ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा, आशा रानी, कमला आर्या, कुंदन चिलवाल, समीर आर्या, खीमा शर्मा, प्रदीप पाठक, नितिन राणा, मोहन पाल, सुनीता पांडे, पंकज उप्रेती, अनिल चनौतिया, बीना देवड़ी, हेमा पढ़ालनी, मुक्ता खड़का, सरोज आर्या आदि मौजूद रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसरों ने की कांग्रेस में घर वापसी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 27 जनवरी 2022। कांग्रेस मुख्यालय स्वराज भवन कुमाऊं विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसरों ने कांग्रेस में घर वापसी कर ली। इनमें कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष तथा पूर्व में कांग्रेस के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रवक्ता रह चुके प्रो. ललित तिवारी, कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार व मंडलीय सचिव डॉ. ललित मोहन, बसपा के टिकट से अल्मोड़ा विधानसभा से विधायक का चुनाव लड़ चुके प्रो. संजय टम्टा, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, कूटा के उपसचिव डॉ प्रदीप कुमार शामिल हैं।

इनके अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के पूर्व सदस्य एवं उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदेश महासचिव व पूर्व में कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव लड़ चुके उक्रांद नेता डॉ. सुरेश डालाकोटी ने भी कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पूर्व मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्या एवं पार्टी की केंद्रीय सचिव एवं उत्तराखंड की सह प्रभारी सजरिता ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलायी।

प्रोफेसरों की कांग्रेस में वापसी को नगर कांग्रेस कमेटी के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। पूर्व मंत्री आर्य एवं अन्य नेताओं ने उम्मीद जताई कि इन विद्वतजनों के फिर से कांग्रेस में जुड़ने से पार्टी का बुद्धिजीवी वर्ग में प्रभाव बढ़ेगा।(डॉ.नवीन जोशी)आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : देहरादून से बड़ा समाचार: कांग्रेस का 40 साल का साथ छोड़ भाजपा के हुए किशोर, कांग्रेस में ब्राह्मण नेताओं का टोटा..

नवीन समाचार, देहरादून, 27 जनवरी 2022। कांग्रेस से छह वर्ष के लिए निष्कासित होने के बाद कमोबेश हरक सिंह रावत जैसी स्थिति में आए किशोर उपाध्याय को भाजपा ने इंतजार नहीं कराया, और सुबह-सुबह ही भाजपा की न केवल सदस्यता दिला दी, बल्कि टिहरी के लिए रवाना भी कर दिया है। हालांकि अभी उनके टिकट की घोषणा नहीं हुई है, पर माना जा रहा है कि टिहरी से उन्हें ही टिकट मिलेगा।

किशोर उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने पहले एनडी तिवारी, फिर विजय बहुगुणा व गत वर्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के बाद एक और ब्राह्मण नेता खो दिया है। इससे पार्टी को ब्राह्मण वोटों का बड़ा नुकसान और भाजपा को लाभ हो सकता है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों कांग्रेस ने बमुश्किल ब्राह्मण नेता की तलाश करते हुए गणेश गोदियाल को अपना प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, किंतु अभी वह राज्य में नेता के रूप में ठीक से स्थापित नहीं हुए हैं। उनका जनता से कोई सीधा संवाद भी नहीं है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: हरक ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली

Who Will the BJP Pick to Be the Next CM of Uttarakhand?नवीन समाचार, नई दिल्ली, 21 जनवरी, 2021। भाजपा से निष्कासित डॉ. हरक सिंह रावत ने आखिर पांचवे दिन कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उनके साथ उनकी बहु अनुकृति गुसांई ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। अलबत्ता अन्य कोई भी भाजपाई या विधायक उनके साथ कांग्रेस में शामिल नहीं हुए है। नरेंद्र नगर से ओमगोपाल रावत के भी भाजपा में शामिल होने की संभावना थी, उन्होंने आज भाजपा से टिकट न मिलने पर भाजपा में जाने की घोषणा की थी, परंतु अभी उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण नहीं की है।

इस मौके पर हरक ने कहा कि उन्होंने बिना शर्त कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की और राज्य में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने की बात कही। टिकट के प्रश्न पर उन्होंने कहा, वह कोई नये नेता नहीं हैं, जो टिकट की मांग करें। उन्होंने कहा, भाजपा को हराने के लिए काम करेंगे। उन्होंने हरीश रावत की माफी की शर्त पर माफी मांगने से भी इंकार किया। अलबत्ता कहा, हरीश रावत उनके बड़े भाई हैं। यह भी कहा कि उन्होंने जिस तरह कांग्रेस की सरकार गिराई, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। दोहराया कि भाजपा ने उन्हें अकारण पार्टी से बाहर किया। स्वीकार किया कि उन्होंने भाजपा से अपनी बहु के लिए टिकट मांगा था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरिता बोली दल नहीं दिल बदला है, भाजपाइयों ने शुरू की स्वागत की तैयारी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2022। भाजपा में शामिल होने के बाद अपने गृह क्षेत्र पहुंचीं सरिता आर्य ने खुद का दल बदल नहीं ‘दिल बदल’ होने की बात कही और यशपाल आर्य पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते पर नैनीताल में उनका और बाजपुर में सुनीता बाजवा टम्टा का टिकट कटवाने का बड़ा आरोप लगाया।

साथ ही कहा कि हरीश रावत ने उन्हें टिकट के लिए दो टूक मना कर महिलाओं का अपमान किया। उन्होंने बताया जल्द कांग्रेस के बहुत सारे लोग भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, शीघ्र भाजपा के सभी प्रत्याशियों से मुलाकात करेंगे और जिसे भी टिकट मिलेगा, उसकी जीत के लिए कार्य करेंगे।

इधर नगर में भाजपा की ओर से सरिता आर्य के स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट ने बताया कि बुधवार को मल्लीताल चीना बाबा मंदिर के पास शक्ति केंद्र की बैठक के दौरान सरिता आर्य का पार्टी में अभिनंदन किया जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: आखिर भाजपा में शामिल हुईं सरिता आर्य

Imageनवीन समाचार, देहरादून, 17 जनवरी 2022। आखिरकार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं नैनीताल से पूर्व विधायक सरिता आर्य ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सोमवार अपराह्न भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरिता आर्य को भाजपा की सदस्यता दिलाई। भाजपा में कैसे शामिल हुई और क्या बोली महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, देखें विडियो :

इससे पूर्व नैनीताल विधानसभा सीट से टिकट न दिए जाने पर नाराज सरिता आर्य ने महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ नैनीताल के तो नहीं, अलबत्ता महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रेखा बोरा गुप्ता व प्रदेश महामंत्री वंदना गुप्ता भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। इस मौके पर सरिता ने कहा कि वह बिना शर्त पार्टी में शामिल हो रही हैं। आगे पार्टी नेतृत्व तय करेगा कि उन्हें क्या दायित्व देना है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि एक ओर कांग्रेस पार्टी एक प्रदेश में महिलाओं को 40 प्रतिशत सीटों पर टिकट देने को कह रही है, वहीं दूसरे प्रदेश में 20 प्रतिशत सीटों पर भी टिकट नहीं दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सरिता आर्य ने गत दिवस भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी से उनके आवास पर बात करने के बाद कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में कहा था कि वह भाजपा में टिकट मिलने पर भाजपा में शामिल होंगी। अब बड़ा प्रश्न यह है कि क्या भाजपा उन्हें नैनीताल से टिकट देने जा रही है। यह सवाल इसलिए भी कि भाजपा प्रदेश की सभी सीटों के लिए पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज चुकी है, और नैनीताल में भाजपा का महिला मोर्चा और स्वयं सरिता के मूल निवास क्षेत्र का भवाली मंडल सरिता के भाजपा से प्रत्याशी घोषित किए जाने का विरोध कर चुका है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब किस ओर फरकेंगे हरक ? भाजपा ने किया पार्टी से बर्खास्त

Harak Singh Rawat resigns from cabinet | Dehradun News - Times of Indiaनवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2022। राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद अपनी कोटद्वार सीट से लड़ने से डर रहे, और बावजूद खुद के साथ बहु अनुकृति गुसाई के लिए भी टिकट मांगते हुए बार-बार भाजपा पर आंखें तरेर रहे डॉ. हरक सिंह रावत से आखिर भाजपा ने अपना पिंड छुड़ा लिया है। उन्हें बिना कोई मौका दिऐ भाजपा ने छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया है। अब जबकि अब तक हरक के लिए कांग्रेस व खासकर हरीश रावत ने पार्टी के दरवाजे नहीं खोले हैं, और भाजपा उनके लिए अपने दरवाजे बंद कर चुके हैं, ऐसे में स्थित यह हो गई है हरक फिलहाल राजनीतिक तौर पर सड़क पर आ गए हैं। इसकी शायद उन्होने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

हरक आज दिल्ली में थे और बताया जा रहा है कि अपनी बहु के साथ भाजपा के साथ ही कांग्रेस से भी दो टिकट लेने की जुगत भिड़ा रहे थे, लेकिन चुनाव व नामांकन का समय करीब आते हरक के लिए भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया था, यह एक दिन पूर्व शनिवार को ही तब साफ हो गया था जब पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में हरक के शामिल न होने की भाजपा ने परवाह नहीं की थी।

गौरतलब है कि हरक अपनी कोटद्वार सीट से इतर लैंसडौन, यमकेश्वर और केदारनाथ तीनों जगह से टिकट की मांग कर रहे थे। हरक रविवार को दिल्ली गए थे और उनके कांग्रेस में जाने की चर्चा चल रही थी। लेकिन गुरुवार देर रात को भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी के साथ ही मंत्रिमंडल से भी बर्खास्त कर दिया। ऐसे में फिलहाल वह किसी पद पर नहीं रह गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के हवाले से पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुशासनहीनता के कारण डॉ हरक सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में हरीश रावत पहले ही साफ कर चुके हैं कि उन्होंने लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा पाप किया है, इसलिए वह माफी मांगे बिना कांग्रेस में नहीं आ सकते हैं। हालांकि हरक जिस तरह की राजनीतिक नौटंकी के लिए जाने जाते हैं, उसमें वह माफी मांगने में भी एक क्षण नहीं लगाएंगे, ऐसा उनकी राजनीति को जानने वाले मानते हैं। भाजपा में रहते हुए भी पिछले दिनों एक बार हरीश रावत से ‘हाथ जोड़कर माफी मांग’ चुके हैं, हालांकि उनकी मांफी को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया गया।

हरक सिंह रावत पिछले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दौर से ही विभिन्न मंचों व मौकों पर भाजपा विरोधी रुख जाहिर करते रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के मौके पर भी वह नाराज हो गये थे। इस पर कई बार भाजपा ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। हालांकि गत दिनों आखिरी बार नाराज होने के बाद वह मुख्यमंत्री धामी को अपना छोटा भाई कहते हुए ठहाके लगाते दिखे थे। लेकिन इधर दिल्ली में पहुंचने के बाद गुरुवार देर रात को उन्हें भाजपा ने बर्खास्त कर दिया। बताया जा रहा कि वह अपने पुत्रवधू के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, जिस पर उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया।

उल्लेखनीय है कि हरक 2016 में 9 कांग्रेस विधायकों के साथ कांग्रेस तोड़/छोड़ कर भाजपा में आए थे। लेकिन इधर बताया गया है कि उनके करीबी बताए जाने वाले भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने खुद को भाजपा में समर्पित बताया है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि अब कौन से विधायक उनके साथ भाजपा छोड़ कांग्रेस में घर वापसी करते हैं, और कांग्रेस पार्टी किन शर्तों पर उन्हें वापस लेती है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल व लालकुआं सीट पर बड़े उलटफेर की तैयारी !

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2022। चुनावी दौर में आसन्न विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत नैैनीताल जनपद की नैनीताल और लालकुआं सीटों पर बड़े उलटफेर की संभावना बन गई है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 21 वर्ष के बाद सत्ता में लौटाने वाली महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सरिता आर्य के आज ही भाजपा में शामिल होने की जोरों से चर्चाएं हैं। स्वयं सरिता आर्य ने इन चर्चाओं का खंडन नहीं किया है। उनके लिए भाजपा अब अस्पृश्य नहीं रहीं।

पहली बार उन्होंने भाजपा में जाने को लेकर दो टूक टिप्पणी की है, यदि भाजपा उन्हें (नैनीताल सीट से विधानसभा का) टिकट देती है तो वह भाजपा में शामिल होंगी, अन्यथा नहीं। उधर लालकुआं में भाजपा ने भाजपा मूल के ही परंतु बीच में निर्दलीय लड़कर जिला पंचायत सदस्य बने मोहन बिष्ट को भाजपा में वापस शामिल कर लिया है, और माना जा रहा है कि मोहन बिष्ट ही भाजपा के लालकुआं से प्रत्याशी होंगे।

सरिता आर्य के भाजपा में शामिल होने को लेकर चर्चाएं शुक्रवार रात्रि भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी के आवास पर नजर आने से शुरू हुईं। बताया गया कि इस दौरान सरिता की श्री जोशी से करीब एक घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशक’ की मौजूदगी में बैठक हुई। अलबत्ता सरिता इस मुलाकात से इंकार कर रही हैं। उनका कहना है कि वह उसी भवन में अपने एक रिश्तेदार से मिलने गई थीं, उनकी प्रह्लाद जोशी से कोई मुलाकात नहीं हुई।

इधर भाजपा से जुड़ सूत्र बता रहे हैं कि सरिता टिकट पर अड़ी हैं, जबकि भाजपा उन्हें बिना शर्त पार्टी में शामिल होने और भविष्य में सम्मानजनक पद देने को कह रही है। यह भी है कि सरिता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अधिक बड़े समूह के साथ भाजपा मंे शामिल नहीं हो पा रही हैं, इसलिए भाजपा उन्हें टिकट देने पर जीत के प्रति सुनिश्चित नहीं है। उनके आने से भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में रोष होने की भी संभावना है। हालांकि उनकी पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते राजनीतिक प्रोफाइल को देखकर भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल कराकर मनोवैज्ञानिक लाभ लेना भी चाहती है।

हालांकि सरिता की आज की भाजपा में टिकट मिलने पर जाने का बयान उनके राजनीतिक कॅरियर के लिए बड़ी भूल भी साबित हो सकता है। खासकर तब, जब भाजपा उनकी मांग को अस्वीकार कर देती है, और जैसा लग भी रहा है। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि इस तरह सरिता अपनी कांग्रेस पार्टी पर कितना दबाव बना पाती हैं। यदि वह ऐसा कर पाती हैं जो ठीक, अन्यथा उनके लिए भविष्य की राजनीति का रास्ता कठिनाई भरा हो सकता है। उन्हें समय आने के साथ राजनीति से अलग-थलग भी किया जा सकता है।

उधर दूसरी लालकुआं में मोहन बिष्ट के बारे में बताया जा रहा है कि वह पार्टी के सर्वेक्षण में जीत की सर्वाधिक संभावनाओं वाले उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं। वह पिछले वर्षों में लगातार सक्रिय भी रहे हैं। यह बातें उन्हें वर्तमान विधायक नवीन दुम्का, पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट व पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हेमंत द्विवेदी पर तरजीह देकर भाजपा का टिकट दिला सकती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग-उत्तराखंड: कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेेश अध्यक्ष सभी पदों से हटाए गए

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2022। उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी खबर है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से बुधवार को जारी पत्र में कहा गया है कि जब उत्तराखंड राज्य वासी राज्य में बदलाव चाह रहे हैं, और ऐसे में वह यानी किशोर उपाध्याय भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों से नजदीकी बढ़ा रहे हैं।

Former Uttarakhand Congress chief Kishore Upadhyay met Union Minister  Pralhad Joshi in Dehradun last night May Be Join BJP - पूर्व उत्तराखंड  कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की प्रह्लाद जोशी से ...इस बारे में पूर्व में दी गई कई चेतावनियों के बावजूद किशोर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इसलिए उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि किशोर कांग्रेस से अलग होने का कोई राजनीतिक निर्णय ले चुके हैं, अलबत्ता वह इससे इंकार करते रहे हैं। ऐसा भांपकर ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया है।

उल्लेखनीय है कि किशोर हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते प्रदेश अध्यक्ष थे। दोनों के बीच काफी मधुर संबंध भी रहे। पूर्व में उत्तराखंड आंदोलन के दौर में जब हरीश रावत राज्य विरोधी माने जाते थे और राज्य की मुख्य धारा की राजनीति से दूर हो रहे थे, तब किशोर को ही उन्हें राज्य समर्थक के रूप में पेशकर मुख्य धारा की राजनीति में लाने का श्रेय लाया जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में किशोर के हारने और बाद में राज्यसभा का टिकट न दिए जाने के बाद से दोनों नेताओं के बीच काफी खटास आ गई थी। अब प्रदेश प्रभारी द्वारा उन्हें सभी पदों से निष्काशित किए जाने को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि जहां तक कांग्रेसी नेताओं के भाजपा नेताओं से मिलने का प्रश्न है, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह सहित कई नेता भाजपा नेताओं से मिलते रहे हैं। चर्चा है कि आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन किशोर उपाध्याय भाजपा में शामिल कर सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कांग्रेस से दावेदार हेम आर्या ने भाजपा में की घर वापसी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जनवरी 2022। नैनीताल विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से दावेदार हेम आर्य ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा से एक दावेदार मोहन पाल के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल एवं प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार आदि की मौजूदगी में हेम ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

‘नवीन समाचार’ से बात करते हुए हेम आर्य ने कहा कि उन्होंने घर वापसी कर ली है। अब एक कार्यकर्ता की तरह भाजपा में जिसे भी टिकट मिलेगा, उसके लिए कार्य करेंगे। यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हल्द्वानी में रैली के बाद भाजपा के पक्ष में माहौल बन गया है। दूसरी ओर हरीश रावत ने केवल खुद के लिए कार्य कर रहे हैं, इस कारण अन्य नेता बुरी तरह से क्षुब्ध हैं। देखें भाजपा में ‘घर वापसी’ के ऐसे बदले कांग्रेस नेता हेम आर्य के स्वर… :

उल्लेखनीय है कि हेम मूलतः भाजपा के ही नेता थे। भाजपा से 2012 में विधानसभा का चुनाव भी लड़े। किंतु भाजपा से टिकट न मिलने पर हेम ने 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़े और फिर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इधर उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य पर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया था। इधर शनिवार को मीडिया में नैनीताल से संजीव आर्य का कांग्रेस से टिकट पक्का होने की आई खबरों के अगले दिन ही उन्होंने भाजपा में घर वापसी कर ली है।

हेम के भाजपा में शामिल होने पर गत दिनों यशपाल आर्य व संजीव आर्य के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने पर उनके साथ ही एक मंच से अपनी पार्टी के विरुद्ध मुखर हुईं कांग्रेस की पूर्व विधायक-महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या ने कहा कि इससे कांग्रेस को नुकसान होगा, वहीं भाजपा में हेम के आने पर अपेक्षित उत्साह नहीं दिखाई दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फिर दलबदल की चर्चाएं: ठोकर खाने के बाद नैनीताल में फिर पुरानी गलती दोहराने की ओर भाजपा हाइकमान

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसंबर 2021। भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व में 2017 के विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के दिन कांग्रेस के बड़े नेता यशपाल आर्य व उनके पुत्र संजीव आर्य को न केवल भाजपा में शामिल किया, वरन उन्हें टिकट भी दे दिया। यशपाल व संजीव चुनाव जीते भी लेकिन 2022 के अगले चुनाव आने से पूर्व ही दोनों वापस कांग्रेस में चले गए।

अब भाजपा हाईकमान एक बार ठोकर खाने के बावजूद नैनीताल के लिए यही इतिहास दोहराने की राह पर लग रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के एक पूर्व विधायक उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी बताए जाने वाले राष्ट्रीय नेता के माध्यम से नई दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं, ताकि उन्हें भाजपा से प्रत्याशी घोषित कर दिया जाए।

नैनीताल भाजपा के कार्यकर्ताओं में इसे लेकर अभी से गहरी नाराजगी नजर आ रही है। भाजपा के नगर मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यदि ऐसा होता है तो पार्टी कार्यकर्ता केवल कहने भर को चुनाव में होंगे और वास्तविक तौर पर अपने प्रत्याशी का कोई प्रचार नहीं करेंगे। वहीं पूर्व विधायक की एक करीबी ने भी बताया कि पूर्व विधायक चुनाव लड़ने पर आमादा हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस के एक अन्य प्रत्याशी के भी विभिन्न दलों से टिकट के लिए संपर्क किए जाने की चर्चाएं हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी कल उत्तराखंड में अपनी पहली राजनीतिक रैली में ले सकते हैं कांग्रेस का एक बड़ा विकेट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 दिसंबर 2021। कल चार नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड आगमन के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता सहित कुछ अन्य लोग भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसके संकेत न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस के खेमे से भी मिल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि चुनावी दल-बदल के मौसम में कांग्रेस के नेता लंबे समय से भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के शिगूफे छोड़ते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल तो करीब एक माह पहले एक सप्ताह में आधा दर्जन भाजपाइयों के कांग्रेस में शामिल होने के दावे करते रहे। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी जब-तब भाजपा नेताओं से मिलकर भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को हवा देते रहे।

इधर दो दिन पूर्व फिर कांग्रेसी खेमे से खबरें उड़ती हुईं मीडिया के एक वर्ग में छायीं कि कबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत दो दिन के भीतर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इस पर पहली बार हरक ने मीडिया में इसका खंडन किया। लेकिन अब उत्तराखंड आंदोलन के दौर में उत्तराखंड राज्य की जगह केंद्र शासित प्रदेश की मांग करने के कारण राज्य की राजनीति से तिरस्कृत हरीश रावत को मुख्यधारा में लाने वाले कांग्रेस के संगठन में रहे और कभी अत्यंत करीब रहे वरिष्ठ नेता के चार दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर भाजपा की सदस्यता लेने की चर्चा है।

इस पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मथुरादत्त जोशी का बयान भी सामने आया है, जिसके निहितार्थों को समझा जा सकता है। जोशी ने कहा है कि दलबदल उत्तराखंड के लिए घातक है। जो अपने दल का नहीं है वो औरों का क्या होगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका यह बयान बयां कर रहा है कि कांग्रेस को भी इस बात का संदेह है कि अभी भी उनके दल में सेंधमारी हो सकती है। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि कांग्रेस की वह कौन सी कच्ची कड़ियां हैं जो इस बार टूट कर बिखर सकती हैं। जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर कोई नेता दूसरे दल से भाजपा की रीति-नीति में विश्वास कर आना चाहता है तो नेतृत्व उस पर विचार कर सकता है। 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय 2017 की हार का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत को निशाने पर लिए हुए हैं। हरीश रावत ने किशोर की टिप्पणी पर नसीहत और चेतावनी भी दी थी। लेकिन किशोर इस पर भी कटाक्ष करने से नहीं चूके। किशोर के तेवरों उनके भाजपा में जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि संपर्क करने पर किशोर ने सीधे तौर पर न इसका खंडन किया और न ही समर्थन। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड को लेकर अपने एजेंडे पर आगे बढ़ रहे हैं। उधर, भाजपा संगठन भी इस पर सीधी टिप्पणी से बच रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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