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अब किस ओर फरकेंगे हरक ? भाजपा ने किया पार्टी से बर्खास्त

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Harak Singh Rawat resigns from cabinet | Dehradun News - Times of Indiaनवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2022। राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद अपनी कोटद्वार सीट से लड़ने से डर रहे, और बावजूद खुद के साथ बहु अनुकृति गुसाई के लिए भी टिकट मांगते हुए बार-बार भाजपा पर आंखें तरेर रहे डॉ. हरक सिंह रावत से आखिर भाजपा ने अपना पिंड छुड़ा लिया है। उन्हें बिना कोई मौका दिऐ भाजपा ने छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया है। अब जबकि अब तक हरक के लिए कांग्रेस व खासकर हरीश रावत ने पार्टी के दरवाजे नहीं खोले हैं, और भाजपा उनके लिए अपने दरवाजे बंद कर चुके हैं, ऐसे में स्थित यह हो गई है हरक फिलहाल राजनीतिक तौर पर सड़क पर आ गए हैं। इसकी शायद उन्होने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

हरक आज दिल्ली में थे और बताया जा रहा है कि अपनी बहु के साथ भाजपा के साथ ही कांग्रेस से भी दो टिकट लेने की जुगत भिड़ा रहे थे, लेकिन चुनाव व नामांकन का समय करीब आते हरक के लिए भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया था, यह एक दिन पूर्व शनिवार को ही तब साफ हो गया था जब पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में हरक के शामिल न होने की भाजपा ने परवाह नहीं की थी।

गौरतलब है कि हरक अपनी कोटद्वार सीट से इतर लैंसडौन, यमकेश्वर और केदारनाथ तीनों जगह से टिकट की मांग कर रहे थे। हरक रविवार को दिल्ली गए थे और उनके कांग्रेस में जाने की चर्चा चल रही थी। लेकिन गुरुवार देर रात को भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी के साथ ही मंत्रिमंडल से भी बर्खास्त कर दिया। ऐसे में फिलहाल वह किसी पद पर नहीं रह गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के हवाले से पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुशासनहीनता के कारण डॉ हरक सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में हरीश रावत पहले ही साफ कर चुके हैं कि उन्होंने लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा पाप किया है, इसलिए वह माफी मांगे बिना कांग्रेस में नहीं आ सकते हैं। हालांकि हरक जिस तरह की राजनीतिक नौटंकी के लिए जाने जाते हैं, उसमें वह माफी मांगने में भी एक क्षण नहीं लगाएंगे, ऐसा उनकी राजनीति को जानने वाले मानते हैं। भाजपा में रहते हुए भी पिछले दिनों एक बार हरीश रावत से ‘हाथ जोड़कर माफी मांग’ चुके हैं, हालांकि उनकी मांफी को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया गया।

हरक सिंह रावत पिछले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दौर से ही विभिन्न मंचों व मौकों पर भाजपा विरोधी रुख जाहिर करते रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के मौके पर भी वह नाराज हो गये थे। इस पर कई बार भाजपा ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। हालांकि गत दिनों आखिरी बार नाराज होने के बाद वह मुख्यमंत्री धामी को अपना छोटा भाई कहते हुए ठहाके लगाते दिखे थे। लेकिन इधर दिल्ली में पहुंचने के बाद गुरुवार देर रात को उन्हें भाजपा ने बर्खास्त कर दिया। बताया जा रहा कि वह अपने पुत्रवधू के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, जिस पर उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया।

उल्लेखनीय है कि हरक 2016 में 9 कांग्रेस विधायकों के साथ कांग्रेस तोड़/छोड़ कर भाजपा में आए थे। लेकिन इधर बताया गया है कि उनके करीबी बताए जाने वाले भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने खुद को भाजपा में समर्पित बताया है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि अब कौन से विधायक उनके साथ भाजपा छोड़ कांग्रेस में घर वापसी करते हैं, और कांग्रेस पार्टी किन शर्तों पर उन्हें वापस लेती है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल व लालकुआं सीट पर बड़े उलटफेर की तैयारी !

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2022। चुनावी दौर में आसन्न विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत नैैनीताल जनपद की नैनीताल और लालकुआं सीटों पर बड़े उलटफेर की संभावना बन गई है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 21 वर्ष के बाद सत्ता में लौटाने वाली महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सरिता आर्य के आज ही भाजपा में शामिल होने की जोरों से चर्चाएं हैं। स्वयं सरिता आर्य ने इन चर्चाओं का खंडन नहीं किया है। उनके लिए भाजपा अब अस्पृश्य नहीं रहीं।

पहली बार उन्होंने भाजपा में जाने को लेकर दो टूक टिप्पणी की है, यदि भाजपा उन्हें (नैनीताल सीट से विधानसभा का) टिकट देती है तो वह भाजपा में शामिल होंगी, अन्यथा नहीं। उधर लालकुआं में भाजपा ने भाजपा मूल के ही परंतु बीच में निर्दलीय लड़कर जिला पंचायत सदस्य बने मोहन बिष्ट को भाजपा में वापस शामिल कर लिया है, और माना जा रहा है कि मोहन बिष्ट ही भाजपा के लालकुआं से प्रत्याशी होंगे।

सरिता आर्य के भाजपा में शामिल होने को लेकर चर्चाएं शुक्रवार रात्रि भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी के आवास पर नजर आने से शुरू हुईं। बताया गया कि इस दौरान सरिता की श्री जोशी से करीब एक घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशक’ की मौजूदगी में बैठक हुई। अलबत्ता सरिता इस मुलाकात से इंकार कर रही हैं। उनका कहना है कि वह उसी भवन में अपने एक रिश्तेदार से मिलने गई थीं, उनकी प्रह्लाद जोशी से कोई मुलाकात नहीं हुई।

इधर भाजपा से जुड़ सूत्र बता रहे हैं कि सरिता टिकट पर अड़ी हैं, जबकि भाजपा उन्हें बिना शर्त पार्टी में शामिल होने और भविष्य में सम्मानजनक पद देने को कह रही है। यह भी है कि सरिता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अधिक बड़े समूह के साथ भाजपा मंे शामिल नहीं हो पा रही हैं, इसलिए भाजपा उन्हें टिकट देने पर जीत के प्रति सुनिश्चित नहीं है। उनके आने से भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में रोष होने की भी संभावना है। हालांकि उनकी पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते राजनीतिक प्रोफाइल को देखकर भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल कराकर मनोवैज्ञानिक लाभ लेना भी चाहती है।

हालांकि सरिता की आज की भाजपा में टिकट मिलने पर जाने का बयान उनके राजनीतिक कॅरियर के लिए बड़ी भूल भी साबित हो सकता है। खासकर तब, जब भाजपा उनकी मांग को अस्वीकार कर देती है, और जैसा लग भी रहा है। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि इस तरह सरिता अपनी कांग्रेस पार्टी पर कितना दबाव बना पाती हैं। यदि वह ऐसा कर पाती हैं जो ठीक, अन्यथा उनके लिए भविष्य की राजनीति का रास्ता कठिनाई भरा हो सकता है। उन्हें समय आने के साथ राजनीति से अलग-थलग भी किया जा सकता है।

उधर दूसरी लालकुआं में मोहन बिष्ट के बारे में बताया जा रहा है कि वह पार्टी के सर्वेक्षण में जीत की सर्वाधिक संभावनाओं वाले उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं। वह पिछले वर्षों में लगातार सक्रिय भी रहे हैं। यह बातें उन्हें वर्तमान विधायक नवीन दुम्का, पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट व पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हेमंत द्विवेदी पर तरजीह देकर भाजपा का टिकट दिला सकती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग-उत्तराखंड: कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेेश अध्यक्ष सभी पदों से हटाए गए

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2022। उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी खबर है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से बुधवार को जारी पत्र में कहा गया है कि जब उत्तराखंड राज्य वासी राज्य में बदलाव चाह रहे हैं, और ऐसे में वह यानी किशोर उपाध्याय भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों से नजदीकी बढ़ा रहे हैं।

Former Uttarakhand Congress chief Kishore Upadhyay met Union Minister  Pralhad Joshi in Dehradun last night May Be Join BJP - पूर्व उत्तराखंड  कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की प्रह्लाद जोशी से ...इस बारे में पूर्व में दी गई कई चेतावनियों के बावजूद किशोर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इसलिए उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि किशोर कांग्रेस से अलग होने का कोई राजनीतिक निर्णय ले चुके हैं, अलबत्ता वह इससे इंकार करते रहे हैं। ऐसा भांपकर ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया है।

उल्लेखनीय है कि किशोर हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते प्रदेश अध्यक्ष थे। दोनों के बीच काफी मधुर संबंध भी रहे। पूर्व में उत्तराखंड आंदोलन के दौर में जब हरीश रावत राज्य विरोधी माने जाते थे और राज्य की मुख्य धारा की राजनीति से दूर हो रहे थे, तब किशोर को ही उन्हें राज्य समर्थक के रूप में पेशकर मुख्य धारा की राजनीति में लाने का श्रेय लाया जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में किशोर के हारने और बाद में राज्यसभा का टिकट न दिए जाने के बाद से दोनों नेताओं के बीच काफी खटास आ गई थी। अब प्रदेश प्रभारी द्वारा उन्हें सभी पदों से निष्काशित किए जाने को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि जहां तक कांग्रेसी नेताओं के भाजपा नेताओं से मिलने का प्रश्न है, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह सहित कई नेता भाजपा नेताओं से मिलते रहे हैं। चर्चा है कि आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन किशोर उपाध्याय भाजपा में शामिल कर सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कांग्रेस से दावेदार हेम आर्या ने भाजपा में की घर वापसी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जनवरी 2022। नैनीताल विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से दावेदार हेम आर्य ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा से एक दावेदार मोहन पाल के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल एवं प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार आदि की मौजूदगी में हेम ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

‘नवीन समाचार’ से बात करते हुए हेम आर्य ने कहा कि उन्होंने घर वापसी कर ली है। अब एक कार्यकर्ता की तरह भाजपा में जिसे भी टिकट मिलेगा, उसके लिए कार्य करेंगे। यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हल्द्वानी में रैली के बाद भाजपा के पक्ष में माहौल बन गया है। दूसरी ओर हरीश रावत ने केवल खुद के लिए कार्य कर रहे हैं, इस कारण अन्य नेता बुरी तरह से क्षुब्ध हैं। देखें भाजपा में ‘घर वापसी’ के ऐसे बदले कांग्रेस नेता हेम आर्य के स्वर… :

उल्लेखनीय है कि हेम मूलतः भाजपा के ही नेता थे। भाजपा से 2012 में विधानसभा का चुनाव भी लड़े। किंतु भाजपा से टिकट न मिलने पर हेम ने 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़े और फिर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इधर उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य पर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया था। इधर शनिवार को मीडिया में नैनीताल से संजीव आर्य का कांग्रेस से टिकट पक्का होने की आई खबरों के अगले दिन ही उन्होंने भाजपा में घर वापसी कर ली है।

हेम के भाजपा में शामिल होने पर गत दिनों यशपाल आर्य व संजीव आर्य के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने पर उनके साथ ही एक मंच से अपनी पार्टी के विरुद्ध मुखर हुईं कांग्रेस की पूर्व विधायक-महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या ने कहा कि इससे कांग्रेस को नुकसान होगा, वहीं भाजपा में हेम के आने पर अपेक्षित उत्साह नहीं दिखाई दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फिर दलबदल की चर्चाएं: ठोकर खाने के बाद नैनीताल में फिर पुरानी गलती दोहराने की ओर भाजपा हाइकमान

दल बदल कानून कब पारित हुआ? - Quora

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसंबर 2021। भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व में 2017 के विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के दिन कांग्रेस के बड़े नेता यशपाल आर्य व उनके पुत्र संजीव आर्य को न केवल भाजपा में शामिल किया, वरन उन्हें टिकट भी दे दिया। यशपाल व संजीव चुनाव जीते भी लेकिन 2022 के अगले चुनाव आने से पूर्व ही दोनों वापस कांग्रेस में चले गए।

अब भाजपा हाईकमान एक बार ठोकर खाने के बावजूद नैनीताल के लिए यही इतिहास दोहराने की राह पर लग रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के एक पूर्व विधायक उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी बताए जाने वाले राष्ट्रीय नेता के माध्यम से नई दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं, ताकि उन्हें भाजपा से प्रत्याशी घोषित कर दिया जाए।

नैनीताल भाजपा के कार्यकर्ताओं में इसे लेकर अभी से गहरी नाराजगी नजर आ रही है। भाजपा के नगर मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यदि ऐसा होता है तो पार्टी कार्यकर्ता केवल कहने भर को चुनाव में होंगे और वास्तविक तौर पर अपने प्रत्याशी का कोई प्रचार नहीं करेंगे। वहीं पूर्व विधायक की एक करीबी ने भी बताया कि पूर्व विधायक चुनाव लड़ने पर आमादा हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस के एक अन्य प्रत्याशी के भी विभिन्न दलों से टिकट के लिए संपर्क किए जाने की चर्चाएं हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी कल उत्तराखंड में अपनी पहली राजनीतिक रैली में ले सकते हैं कांग्रेस का एक बड़ा विकेट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 दिसंबर 2021। कल चार नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड आगमन के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता सहित कुछ अन्य लोग भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसके संकेत न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस के खेमे से भी मिल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि चुनावी दल-बदल के मौसम में कांग्रेस के नेता लंबे समय से भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के शिगूफे छोड़ते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल तो करीब एक माह पहले एक सप्ताह में आधा दर्जन भाजपाइयों के कांग्रेस में शामिल होने के दावे करते रहे। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी जब-तब भाजपा नेताओं से मिलकर भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को हवा देते रहे।

इधर दो दिन पूर्व फिर कांग्रेसी खेमे से खबरें उड़ती हुईं मीडिया के एक वर्ग में छायीं कि कबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत दो दिन के भीतर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इस पर पहली बार हरक ने मीडिया में इसका खंडन किया। लेकिन अब उत्तराखंड आंदोलन के दौर में उत्तराखंड राज्य की जगह केंद्र शासित प्रदेश की मांग करने के कारण राज्य की राजनीति से तिरस्कृत हरीश रावत को मुख्यधारा में लाने वाले कांग्रेस के संगठन में रहे और कभी अत्यंत करीब रहे वरिष्ठ नेता के चार दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर भाजपा की सदस्यता लेने की चर्चा है।

इस पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मथुरादत्त जोशी का बयान भी सामने आया है, जिसके निहितार्थों को समझा जा सकता है। जोशी ने कहा है कि दलबदल उत्तराखंड के लिए घातक है। जो अपने दल का नहीं है वो औरों का क्या होगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका यह बयान बयां कर रहा है कि कांग्रेस को भी इस बात का संदेह है कि अभी भी उनके दल में सेंधमारी हो सकती है। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि कांग्रेस की वह कौन सी कच्ची कड़ियां हैं जो इस बार टूट कर बिखर सकती हैं। जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर कोई नेता दूसरे दल से भाजपा की रीति-नीति में विश्वास कर आना चाहता है तो नेतृत्व उस पर विचार कर सकता है। 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय 2017 की हार का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत को निशाने पर लिए हुए हैं। हरीश रावत ने किशोर की टिप्पणी पर नसीहत और चेतावनी भी दी थी। लेकिन किशोर इस पर भी कटाक्ष करने से नहीं चूके। किशोर के तेवरों उनके भाजपा में जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि संपर्क करने पर किशोर ने सीधे तौर पर न इसका खंडन किया और न ही समर्थन। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड को लेकर अपने एजेंडे पर आगे बढ़ रहे हैं। उधर, भाजपा संगठन भी इस पर सीधी टिप्पणी से बच रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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