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पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव परिणामों की अंतिम स्थिति

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मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस, तेलंगाना में टीआरएस व मिजोरम में एमएनएफ की सरकार तय :

अंतिम चुनाव परिणाम : 

मध्य प्रदेश कुल सीटें 230: कांग्रेस 114, भाजपा 109, बसपा 2, सपा 1, निर्दलीय 4। 

राजस्थान कुल सीटें 200, चुनाव हुए 199 पर: कांग्रेस 99, भाजपा 73, बसपा 6, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 3, सीपीआई-एम 2, भारतीय ट्राइबल पार्टी 2, राष्ट्रीय लोक दल 1, निर्दलीय 13।  कांग्रेस को बहुमत के लिए 2 सीटों की जरूरत 

तेलंगाना कुल सीटें 119: तेलंगाना राष्ट्र समिति 88, कांग्रेस 19, एआईएमईआईएम 7, तेलगू देशम 2, भाजपा 1, बसपा 1, फॉरवर्ड ब्लॉक 1, निर्दलीय 1। तेलंगाना राष्ट्र समिति को बहुमत। 

छत्तीसगढ़ कुल सीटें 90: कांग्रेस 67, भाजपा 15, जनता दल छत्तीसगढ़ 5 व बसपा 2। कांग्रेस को बहुमत। 
मिजोरम कुल सीटें 40ः मिजो नेशनल फ्रंट 26, कांग्रेस 5, भाजपा 1, निर्दलीय 8। मिजो नेशनल फ्रंट को बहुमत। 

(ताज़ा स्थिति जानने के लिये लगातार रिफ्रेश करते रहें)

टिप्पणियां : 

  1. भाजपा मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ की सत्ता खो रही है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बड़ी जीत के साथ सत्तासीन हो रही है, वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान में कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से दूर। त्रिशंकु सी स्थिति।
  2. छत्तीसगढ़ में टीआरएस फिर से सत्ता में लौट रही है। यहां कांग्रेस-टीडीपी का महागठबंधन फेल हो गया है।
  3. मिजोरम 7 पूर्वोत्तर राज्यों में एकलौता राज्य था, जहां कांग्रेस सत्ता में। इस प्रकार कांग्रेस मिजोरम के साथ पूरे पूर्वोत्तर की सत्ता से बाहर हो गयी है, और 10 वर्ष के बाद एमएनएफ सत्ता में लौट रही है।
  4. तेलंगाना में टीआरएस व मिजोरम में एमएनएफ की जीत को भाजपा अपने पक्ष में मान रही है।

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 दिसंबर 2018। मध्य प्रदेश में मंगलवार को सुबह 8 बजे से श्ुारू हुई मतगणना के बावजूद रात्रि 11 बजे तक भी जीतने व अगली सरकार बनाने वाली पार्टी पर स्थिति साफ नहीं हुई है। अभी भी यहां भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे का संघर्ष बना हुआ है, अलबत्ता कांग्रेस अभी भी आगे नजर आ रही है। लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि यहां अभी भी 82 सीटों पर निर्णय नहीं आया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट से प्राप्त वास्तविक आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश की 230 सीटों में से रात्रि 11 बजे तक 148 सीटों के ही परिणाम आये हैं। इनमें से सर्वाधिक 73 सीटें कांग्रेस एवं 72 सीटें भाजपा के खाते में गयी हैं, जबकि भाजपा 37 व कांग्रेस 41 सीटों पर आगे चल रही हैं। यदि यही रुझान परिणामों में बदलता होता है तो भाजपा को 109 व कांग्रेस को 114 सीटें हासिल हो सकती हैं, तथा इस स्थिति में भी भाजपा बहुमत से 7 एवं कांग्रेस 2 सीटों से पीछे रह सकती है। इनके अतिरिक्त अब तक निर्दलीय 3 सीटें जीत चुके हैं, और एक पर आगे चल रहे हैं, जबकि बसपा व सपा ने अभी तक कोई सीट जीती नहीं है, अलबत्ता बसपा 2 व सपा एक सीट पर आगे चल रही है। ऐसे में यदि बसपा व सपा दोनों कांग्रेस को समर्थन दे देती हैं तो कांग्रेस के लिए सरकार बनने की राह साफ हो सकती है, और भाजपा सभी निर्दलीयों का साथ लेने के बावजूद केवल 2 सीट के अंतर से पीछे रह सकती है।

इससे पूर्व कर्नाटक में यह रही थी स्थिति

कर्नाटक में माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के बाद भी कांग्रेस और जेडीएस के बीच अचानक बने इस गठबंधन से विधायकों में बेचैनी है। कांग्रेस में सबसे ज्यादा 16 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं वहीं, वोक्कालिगा समुदाय से 11 विधायक हैं। कुमारस्वामी वोक्कालिगा हैं। वहीं बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा के बाद भी बात पूरी तरह खत्म नहीं मानी जानी चाहिए। कर्नाटक में बाजी तो अभी शुरू हुई है। इस खेल से राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव आएगा।’ बीजेपी चीफ शाह ने सोमवार को कहा था, ‘जनादेश कांग्रेस के खिलाफ था। बीजेपी को रोकने के लिए ये दल एक हो गए हैं और सरकार बना रहे हैं। लेकिन यह कोशिश बैकफायर करेगी क्योंकि उन्हें जनता का समर्थन नहीं है।’
कांग्रेस को भी डर है कि बीजेपी उसके सरकार गठन में खलल डाल सकती है और उसने डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी शुरू कर दी है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद, डी के शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया विधायकों को समझा रहे हैं कि वे बीजेपी की साजिश में नहीं फंसे। कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि कर्नाटक ऐसी जगह है जहां शाह और उनकी चाणक्य पॉलिटिक्स को दक्षिण में झटका दिया जा सकता है। सुबह तक बहुमत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे बीएस येदुरप्पा ने सदन में बहुमत साबित करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। वे तीसरी बार भी सीएम बनने के बावजूद कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।इस दौरान सदन में अपने संबोधन में येदुरप्पा ने कहा कि फिर जनता के बीच जाएंगे व लोकसभा चुनाव में भाजपा को 28 में से पूरी 28 दिलाएंगे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का उन्हें मुख्यमंत्री घोषित करने के लिये आभार भी जताया।

कर्नाटक में भाजपा की येदियुरप्पा सरकार ढाई दिन बाद गिर गई है। राज्य विधानसभा में बीजेपी के मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा का बहुमत परीक्षण होना था और इससे पहले एक बेहद भावुक भाषण के बाद येदियुरप्पा ने विधानसभा में अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि में बहुमत परीक्षण को आगे नहीं बढ़ाते हुए इस्तीफा देता हूं और राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दूंगा। उनके इस्तीफे के बाद अब राज्य में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रुझान व परिणामों को हम उपलब्ध करा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त ‘पुष्ट’ जानकारी के अनुसार अभी तक के रुझान व परिणाम निम्नवत हैं :

भाजपा : 104

कांग्रेस : 78

जनता दल (एस) : 37

बसपा : 1

कर्नाटक प्रग्न्यावन्ता जनता पार्टी : 1

निर्दलीय : 1

कुल सीटें : 224 (222 पर चनाव हुआ), जीत के लिये जरूरी सीटें : 113 (फिलहाल 112)

पिछली बार (2014) की स्थिति : भाजपा : 40 कांग्रेस : 122 जनता दल (एस) : 40, सपा : 1, अन्य : 21

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की यह हार चुनाव प्रचार के दौरान स्वयं को ‘प्रधानमंत्री पद के लिये तैयार’ बताने वाले उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार यह तीसरी हार है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के सभी एग्जिट पोल्स का निचोड़ :

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वोटिंग खत्म होने के बाद अब सारे एग्जिट पोल्ट के फाइनल रिजल्ट आ गए हैं। इन एग्जिट पोल्स का निचोड़ कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि ‘पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स’ के आंकड़ों की मानें तो बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी तथा पूर्व पीएम देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस किंगमेकर बन सकती है।

टाइम्स नाउ-चाणक्य एग्जिट पोल, BJP नंबर 1 : कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस, तीनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। चुनाव पूर्व हुए तमाम सर्वे में से अधिकतर ने कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान जताते हुए कहा था कि जेडीएस किंगमेकर बन सकती है। यह बात दूसरी है कि अपने चुनावी अभियान में कांग्रेस, बीजेपी के साथ-साथ जेडीएस ने भी इन सर्वे को खारिज करते हुए बहुमत पाने का दावा किया था। अब जबकि एग्जिट पोल्स के नतीजे सामने आ चुके हैं इसलिए यह कहा जा सकता है कि कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है।

टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में बीजेपी को 120 सीटें, कांग्रेस को 73, जेटीएस प्लस 26 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। आपको बता दें कि कर्नाटक में 224 में से 222 सीटों के लिए वोटिंग संपन्न हो चुकी है। ऐसे में बची हुई 2 सीटों को अगर दरकिनार कर दें तो भी इस एग्जिट पोल के मुताबिक कर्नाटक में अगली सरकार बीजेपी की बन सकती है।
टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी और कांग्रेस को सीटों के अनुमान में मार्जिन ऑफ एरर 11 सीटों का हो सकता है। वहीं जेडीएस के लिए मार्जिन ऑफ एरर 7 और अन्य के लिए 3 सीटों का हो सकता है। इस एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 39 फीसदी, कांग्रेस को 36 फीसदी, जेडीएस प्लस को 18 फीसदी और अन्य को 7 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।
वोट शेयर में मार्जिन ऑफ एरर 3 फीसदी का रखा गया है। हालांकि अन्य दूसरे टॉप एग्जिट पोल्स की कहानी अलग है। इनमें किसी में कांग्रेस तो किसी में बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान तो जताया गया है लेकिन बहुमत के आंकड़े से दोनों दूर बताई जा रहीं हैं। बाकी एग्जिट पोल्स के मुताबिक अगर अंतिम परिणाम रहे तो कर्नाटक में जेडीएस किंगमेकर बन सकती है।

यहां एक बार और स्पष्ट कर दें कि अभी एग्जिट पोल्स की बात हो रही है और अंतिम परिणाम इसके उलट भी हो सकते हैं। आपको बता दें कि 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में 222 सीटों के लिए वोटिंग हुई है। अगर फुल बेंच की बात करें तो कर्नाटक में बहुमत का आंकड़ा 113 सीटों का है। आइए सबसे पहले तमाम बड़े एग्जिट पोल्स पर एक नजर डालते हैं ताकि आपके सामने पूरी तस्वीर साफ हो सके। सबसे पहले बात करते हैं टाइम्स नाउ और सहयोगियों के एग्जिट पोल्स की। चैनल टाइम्स नाउ ने दो एग्जिट पोल्स किए हैं। एक वीएमआर के साथ और दूसरा टुडेज चाणक्य के साथ। इन दोनों एग्जिट पोल्स के आंकड़ों में खासा फर्क है। टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल में कांग्रेस को 97, बीजेपी को 94, जेडीएस को 28 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यानी यहां मामलू अंतर से कांग्रेस बीजेपी से आगे है। अगर अंतिम आंकड़े ऐसे ही रहे तो जेडीएस की मदद के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा। टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में बीजेपी को अकेले दम पर बहुमत का अनुमान जताया गया है। इसके मुताबिक बीजेपी को 120, कांग्रेस को 73, जेडीएस को 26 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

वहीं, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। इस एग्जिट पोल में कांग्रेस को 106 से 118, बीजेपी को 79 से 82, जेडीएस को 22 से 30 और अन्य को 1 से 4 सीटों का अनुमान जताया गया है। न्यूज एक्स-सीएनएक्स के एग्जिट पोल में बीजेपी कांग्रेस पर बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। हालांकि इस एग्जिट पोल में भी हंग असेंबली ही बनती दिख रही है। इसके मुताबिक कांग्रेस को 72 से 78, बीजेपी को 102 से 110, जेडीएस को 35 से 39 और अन्य को 3 से 5 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

एबीपी-सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है लेकिन बहुमत से दूर रहेगी। इसके मुताबिक कांग्रेस को 88, बीजेपी को 107, जेडीएस को 25 और अन्य को 4 सीटों का अनुमान जताया गया है। जन की बात एग्जिट बोल की बात करें तो यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी और जेडीएस किंगमेकर बनती दिख रही है। इसके मुताबिक बीजेपी को 105, कांग्रेस को 78, जेडीएस को 37 व अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। न्यूज नेशन के एग्जिट पोल में भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन बहुमत से दूर दिख रही है।

न्यूज नेशन के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 107, कांग्रेस को 73, जेडीएस को 38 और अन्य को 4 सीटें मिलती दिख रहीं हैं। ऐसे में अगर हम पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स (सारे एग्जिट पोल्स का औसत) की बात करें तो बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने के आसार नजर आ रहे हैं। पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक बीजेपी को 103, कांग्रेस को 86, जेडीएस को 31 और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। साफ है कि 15 मई को वोटों की गिनती के बाद अगर अंतिम आंकड़े भी कुछ ऐसे ही रहे तो जेडीएस के बिना किसी की सरकार नहीं बनेगी।

कर्नाटक में पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स में हंग असेंबली के आसार।

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