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सुखद समाचार : उत्तराखंड में यहाँ दिल्ली की तरह बनेगा राजपथ, होगी स्वतंत्रता-गणतंत्र दिवस की भव्य परेड..

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दिल्ली का राजपथनवीन समाचार, देहरादून, 10 जुलाई 2019। उत्तराखंड के देहरादून में स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के तहत दिल्ली की तर्ज पर राजपथ बनाए जाने की कवायद चल रही है। यह शहर के परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को आपस में जोड़कर तैयार किया जाएगा। इसके लिए गांधी पार्क और परेड ग्राउंड को बांटने वाली सड़क बंद कर दी जाएगी। परेड ग्राउंड के बीच में बने वीआईपी स्टेज को उत्तरी छोर पर अगले एक साल में बड़ा बदलाव करते हुए वृहद और भव्य रूप दिया जाना है। इसमें मुख्य तौर पर गांधी पार्क तथा परेड ग्राउंड के बीच में जो सुभाष रोड है, उसे वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा और गांधी पार्क को परेड ग्राउंड से जोड़ दिया जायेगा। यह बिल्कुल राजपथ जैसा दिखेगा। स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर परेड ग्राउंड के चारों ओर सड़क पर परेड होगी। परेड वीआईपी स्टेज के सामने (दून क्लब की ओर) आकर सलामी देगी। जो भाग खाली बचा हुआ है, उसमें स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के तहत ग्राउंड का विकास किया जा रहा है। प्रॉजेक्ट की लागत 23.63 करोड़ रुपये होगी।

स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड से यह प्रॉजेक्ट पास हो गया है। अब इसे शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के तहत इस प्रॉजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे बोर्ड में स्वीकृत कर लिया गया है। परेड ग्राउंड के एक भाग में खेल विभाग का कार्यालय है जबकि उसके बगल में इंडोर स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। स्मार्ट सिटी से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इसका पूरा मानचित्र तैयार कर लिया गया है। ग्राउंड के एक भाग में दुकानों का निर्माण किया जायेगा। ग्राउंड में स्मार्ट टॉइलट के साथ ही वॉटर एटीएम भी लगाए जाने हैं। वाहनों के लिए बंद कर दी गई सुभाष रोड पर पैदल चलने का ट्रैक और अन्य साज-सज्जा के काम होंगे। इसके साथ ही परेड ग्राउंड को हरे भरे मैदान के रूप में विकसित करने के साथ ही इसमें साइकिल ट्रैक का निर्माण किया जाना है। इसके दोनों ओर बैठने के लिए बेंच और स्टैंड पोस्ट लगाए जाएंगे। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने बताया, ‘मेरे नगर निगम में मेयर के कार्यकाल के दौरान सबसे पहले 2008 में इसका पूरा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। अब स्मार्ट सिटी के तहत इसके होने की उम्मीद है।’

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-नारायणनगर के मोबाइल टावर हेतु पालिका ने भूमि की स्वीकृति
-भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया उनकी कोशिश हुई सफल
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2019। आखिर मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में बसे नगर के नारायण नगर वार्ड वासियों को आजादी की आधी सदी के बाद मोबाइल की घंटी सुनने की राह कुछ आसान हो गई हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा के आदेशों के बावजूद नारायण नगर के लिए बीएसएनएल का मोबाइल टावर काफी पहले स्वीकृत होने के बावजूद अब तक नहीं लग पाया है। लेकिन अब इसकी उम्मीद बन गई है। टावर के लिए नगर पालिका को बीएसएनएल को हांडी-बांडी क्षेत्र में महज 10 गुणा 10 यानी 100 वर्ग मीटर की भूमि आवंटित होनी थी इसके आदेश बृहस्पतिवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के स्तर से हो गये हैं। भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि इसके लिए वे काफी समय से प्रयासरत थे। आखिर पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पालिका के ईओ से वार्ता कर जमीन स्वीकृत करा दी है। उनकी बीएसएनएल के अधिकारियों से भी वार्ता हुई है। टावर का सामान आ चुका है। उम्मीद जताई कि अब अगले दो-तीन दिन में टावर लगाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। नगर पालिका द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार 100 वर्ग मीटर की भूमि एक लाख 20 हजार रुपए के वार्षिक किराये पर दी गयी है।
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में मनोज जोशी के साथ ही युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नितिन कार्की, नगर अध्यक्ष विकास जोशी, नगर महामंत्री मोहित साह, वरिष्ठ पार्टी नेता अरविंद पडियार, नगर मंडल उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट, पूर्व सभासद आनंद बिष्ट व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित रौतेला आदि पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2019। नैनीताल जनपद की मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भारती राणा ने दो वर्षों के बाल लिंगानुपात के आंकड़ों के विश्लेषण की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2017-18 में जनपद में प्रति हजार बालकों पर 903 बालिकाएं थीं, वही वर्ष 2018-19 में प्रति हजार बालकों पर 940 बालिकाएं हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में सर्वाधिक लिंगानुपात वाला ब्लॉक भीमताल है जिसका लिंगानुपात 1221 है तथा सबसे कम लिंगानुपात वाला ब्लॉक धारी है जिसका लिंगानुपात 799 है। अलबत्ता लिंगानुपात को 1000 करने यानी हर बालक के सापेक्ष एक बालिका होने की आदर्श स्थिति अभी देर है। क्योंकि अभी भी आधी यानी 50 फीसद नहीं बल्कि 47 फीसद ही महिलाएं हैं। तथा महिलाओं को वास्तव में जनपद में आधी आबादी का दर्जा हासिल हो पाएगा।

अल्ट्रासाउंड सेंटरों में भ्रूण परीक्षण पर नजर रखेंगे साइलेंट आब्जर्वर एवं ट्रेकिंग डिवाइस

नैनीताल। डीएम विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में पीसीपीएनडीटी समिति की बैठक हुई। बैठक में डीएम श्री सुमन ने अधिनियम का सख्ती से अनुपालन कराने और गैर पंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों को तत्काल सीज करने के निर्देश दिये। साथ ही पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों एवं अस्पतालों से पीसीपीएनडीटी एक्ट का शतप्रतिशत अनुपालन कराने एवं भ्रूण परीक्षण की निगरानी हेतु सभी मशीनों में साइलेंट आब्जर्वर एवं ट्रेकिंग डिवाइस लगाने को भी कहा। साथ ही बताया कि लिंग परिक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रूपये का इनाम दिया जाएगा।
इस दौरान जिले की मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. भारती राणा ने बताया कि जनपद की समस्त निजी चिकित्सालयों की क्रियाशील 49 एवं सभी राजकीय चिकित्सालयों की 7 अल्ट्रा साउंड मशीनों पर साइलेंट आब्जर्वर स्थापित किये जा चुके हैं। बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत लिंग परिक्षण किये जाने एवं पकड़े जाने पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना तथा 3 से 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। बैठक में सीडीओ विनीत कुमार, एसीएमओ डॉ.रश्मि पन्त सहित केके गुप्ता, अनुलेखा बिष्ट, अंजना गुप्ता, अतुल प्रताप सिंह, विमर्श संस्था से कंचन भंडारी व मोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के प्रचार की 10 फीसद राशि वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता में होगी खर्च

नैनीताल। डीएम विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ टास्क फोर्स समिति की बैठक में तय हुआ कि चिकित्सा, शिक्षा तथा बाल विकास विभाग को प्रचार मद हेतु प्राप्त धनराशि में से 10 प्रतिशत धनराशि का उपयोग बालिकाओं के मध्य वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता पर खर्च किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : पहाड़ प्रेमियों के लिए खुशखबरी: अब छाएंगे पहाड़ी ‘ढिनाई डेरी’ व ‘पहाड़ी सिल पिसी लूंण’

-राज्यपाल ने किया पहाड़ी ‘ढिनाई डेरी’ व ‘पहाड़ी सिल पिसी लूंण’ उत्पादन केंद्र का उद्घाटन
-कहा कि गौ उत्पाद पर आधारित बिजनेस मॉडल को बेरोजगारी व पलायन उन्मूलन के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप में लोगों के समक्ष रखा जा सकता है
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जून 2019। जनपद में उद्यमी स्थानीय विशिष्ट उत्पादनों के साथ ही अपनी लोक संस्कृति से जुड़े नामों को भी आगे बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के बेतालघाट में बेतालेश्वर सेवा समिति द्वारा 60 पहाड़ी गायों की गौशाला ‘ढिनाई डेरी’ एवं स्थानीय ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूह ने पहाड़वासियों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले सिल-बट्टे से पीसकर मिर्च, धनिया, लहसुन, धुंआर, जखिया व तिमूर आदि के ‘सिल पिसी लूंण’ आदि उत्पाद शुरू किये हैं। बुधवार को प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बेतालघाट पहुंचकर बेतालेश्वर सेवा समिति द्वारा स्थापित ढिनाई डेरी एवं पहाड़ी पिसी लूूण के उत्पादन केंद्र का औपचारिक शुभारम्भ किया। साथ ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेतालघाट का निरीक्षण भी किया तथा चिकित्सकों व कार्मिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने राज्यपाल को क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि कुमाऊं में पशुधन के लिए सामान्यतया धिनाई एवं कहीं ढिनाई शब्द का प्रयोग किया जाता है।
इस दौरान कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड की प्रमुख पलायन की समस्या के समाधान के लिये गावों को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय युवाओं और महिलाओं के हाथों में रोजगार देने की आवश्यकता है। उन्होंने पशु पालकों को बेहतर नस्ल के पशुओं की जानकारी के साथ-साथ उनके रख-रखाव के बारे में जानकारी दिये जाने तथा गाय के गोबर से जैविक खाद, धूप, अगरबत्ती, गोमूत्र अर्क समेत विभिन्न लाभकारी उत्पादों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाने पर बल दिया। कहा कि गौ उत्पाद पर आधारित बिजनेस मॉडल को बेरोजगारी व पलायन उन्मूलन के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप लोगों के समक्ष रखा जा सकता है। इस अवसर पर विधायक श्री संजीव आर्य, बेतालेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष श्री राहुल अरोरा, संस्था के कार्यकारी सदस्य व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: अच्छी खबर : सैलानियों के स्वागत को सज-संवर रहा भीमताल का एक्वेरियम

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मई 2019। पिछले दो-ढाई वर्षों के बुरे दौर के बाद भीमताल की झील के बीच में स्थित टापू पर बने एक्वेरियम के दिन जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह की पहल पर बहुरने शुरू हो गये हैं। एक्वेरियम में देश भर से रंग-बिरंगी व बेहद खूबसूरत मछलियां पहुंचनी शुरू हो गयी हैं, वहीं एक्वेरियम में रंग-रोगन, नई खूबसूरत लाइटें लगाने के साथ ही एक्वेरियम के बगल में स्थित व्यू प्वॉइंट पर हरी कृत्रिम ‘एस्ट्रोटर्फ’ सी घास मंगलवार को लगाई गयी तो यह बेहद खूबसूरत नजर आ रही थी। क्षेत्रीय लोग भी इन पहलों की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले दो-ढाई वर्षों से एक्वेरियम की हालत बेहद खराब थी। सैलानी यहां नहीं आ रहे थे, और जो धोखे से टिकट लेकर जा भी रहे थे, लौट कर टिकट काउंटर के कर्मियों पर झल्लाकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। इससे सैलानियों को स्थानीय नौका चालकों का काम तो प्रभावित हो ही रहा था, पूरे भीमताल नगर का पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा था। वहीं इधर प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह ने बताया कि कोलकाता, महाराष्ट्र, केरल व दिल्ली से मछलियां आ गयी हैं। ‘एस्ट्रोटर्फ’ घास लगने के बाद एक्वेरियम अगले एक-दो दिन में ही सैलानियों के लिये खुलने जा रहा है।
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महज 17.84 करोड़ रुपये खर्च कर उत्तराखंड के हर घर को मिला ‘सौभाग्य’

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p style=”text-align: justify;”>-केवल 12-13 माह में ही और महज 17.84 करोड़ रुपये खर्च कर 2.17 लाख से अधिक घरों को दिये गये बिजली के संयोजन
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2019। यदि दृढ इच्छा शक्ति हो तो कैसा भी कठिन लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। केंद्र सरकार की हर घर को बिजली से रोशन करने की ‘सौभाग्य’ योजना का उत्तराखंड में क्रियान्वयन इसका प्रतिमान है। अब तक उलाहना दी जाती थी कि उत्तराखंड में घर बेहद दुर्गम इलाकों में एवं दूर-दूर छितरे हुए हैं। इसलिए सबको बिजली से रोशन किया जाना संभव नहीं है। किंतु केवल 12-13 माह के अल्प अंतराल में ही और महज 17.84 करोड़ रुपये खर्च कर 2.17 लाख से अधिक घरों को बिजली के संयोजन का ‘सौभाग्य’ दे दिया गया है।

जनपद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता को उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन से मिली जानकारी में बताया गया है कि राज्य में 10 अक्टूबर 2017 को बिजली के संयोजनों से वंचित घरों की संख्या दो लाख 17 हजार 292 थी। इनमें सर्वाधिक बिजली के संयोजनों से वंचित 46392 घर ऊधमसिंह नगर में, 41048 घर हरिद्वार जिले में, 37727 घर देहरादून में, 20134 नैनीताल, 11121 उत्तरकाशी, 11208 टिहरी, 9650 पिथौरागढ़, 9429 पौड़ी गढ़वाल, 9284 अल्मोड़ा, 7767 चमोली, 6857 चंपावत व 3343 घर रुद्रप्रयाग जिले में थे। इनमें से दो लाख 37 घरों को 30 नवंबर 2018 तक एवं शेष 17255 घरों को अगले एक माह में यानी 31 दिसंबर 2018 तक रोशन करने का दावा किया गया है। दावा किया गया है कि इसके बाद प्रदेश में कोई भी घर बिजली के संयोजन से वंचित नहीं है।

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-सूखाताल व पाइंस पावर हाउसों की लाइनें आपस में जोड़ीं, अब खराबी होने पर दूसरे पावर हाउस की लाइन से हो सकेगी वैकल्पिक आपूर्ति
नवीन जोशी, नैनीताल, 23 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में अक्सर आधे शहर तल्लीताल अथवा मल्लीताल क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित रहती है। इधर फरवरी माह में आंधी-तूफान व ओलावृष्अि के बाद तो अक्सर मल्लीताल के क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति घंटों बाधित रही है। इधर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता सैयद शिराज उस्मान ने दावा किया है कि इस समस्या का समाधान कर लिया गया है। सूखाताल एवं पाइंस के 33 केवी के बिजलीघरों की लाइनों को आपस में जोड़ दिया गया है, जिसके बाद किसी एक बिजलीघर में समस्या आने पर दूसरे से पूरे शहर को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी। इसके अलावा लंबे समय से लंबित इन दोनों बिजलीघरों की लाइनों को बदलने का कार्य भी अब नगर में बिना आपूर्ति बाधित किये हो सकेगा।
श्री शिराज ने बताया कि इस माह आठ फरवरी को मेहरागांव से सूखाताल बिजलीघर को आने वाली लाइन पर हुए बड़े ब्रेकडाउन के बाद यह लाइन कई स्थानों पर कमजोर पड़ती चली गयी, जिस कारण लगातार इस पर समस्या आती रही। इधर इसे दुरुस्त कर लिया गया है, जिसके बाद जल्दी ऐसी समस्या नहीं आने की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति 1990 में बने पाइंस और मल्लीताल की आपूर्ति 1977 में बने सूखाताल बिजलीघर से होती है। अब तक इन दोनों लाइनों को वैकल्पिक तौर पर जोड़ने की व्यवस्था नहीं थी, जो कि अब कर ली गयी है। इसके बाद दोनों में से किसी भी एक लाइन में बड़ी समस्या आने पर दूसरी से वैकल्पिक तौर पर विद्युत आपूर्ति करने का विकल्प उपलब्ध हो गया है। इसके अलावा यह दोनों लाइनें काफी पुरानी हो गयी हैं, और अब तक कोई वैकल्पिक प्रबंध न होने के कारण इन लाइनों को बदलना संभव नहीं था, जो कि अब संभव हो गया है। इसके लिये प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय से स्वीकृति ली जाएगी।

मेहरागांव से अंडरग्राउंड केबल के लिए 340 करोड़ का प्रस्ताव

नैनीताल। मुख्यालय को विद्युत आपूर्ति मेहरागांव से सूखाताल व पाइंस बिजलीघरों को आने वाली लाइनों के जरिये होती है। यह दोनों लाइनें जंगलों से गुजरती हैं, जहां आंधी-तूफान में लाइनों पर पेड़-टहनियां गिरने से आपूर्ति बाधित होती रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व में करीब एक दशक पहले भी तत्कालीन अधिशासी अभियंता एचके गुरुरानी के द्वारा जिला योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हुआ। इधर अधिशासी अभियंता श्री उस्मान ने बताया कि पुनः करीब 340 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। बताया कि नैनीताल के साथ देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व काशीपुर के लिए भी अंडरग्राउंड केबल के प्रस्ताव गये थे, परंतु यह कार्य काफी महंगा होने के कारण केवल हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र के लिए ही प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। वहीं नगर में ओवरहेड केबल डालने के लिए केवल 50 लाख रुपये मिले थे, जिससे नगर के अयारपाटा, सात नंबर सहित जहां लाइनों पर पेड़ गिरने अथवा बंदरों के कूदने की संभावना थी वहां ओवरहेड केबल डाली जा चुकी है।

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tulip garden

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जनवरी 2019 (भाषा)। उत्तराखंड सरकार को प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन ‘मिनी कश्मीर’ कहे जाने वाले पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में विकसित करने के लिये केंद्र सरकार से  मंजूरी मिल गयी है । प्रदेश के वित्त मंत्री और स्थानीय विधायक प्रकाश पंत ने कहा कि प्रस्तावित ट्यूलिप गार्डन चंडाक पर्वत शिखर के पास 50 हेक्टेअर से अधिक वन भूमि पर ओएनजीसी द्वारा कारपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत विकसित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जम्मू—कश्मीर में श्रीनगर स्थित इंदिरा गाँधी स्मृति ट्यूलिप गार्डन (क्षेत्रफल 30 हेक्टेयर) के बाद यह देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन होगा और इसका आकार श्रीनगर के गार्डन से भी बड़ा होगा। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन होगा। पंत ने बताया कि चंडाक पर्वत शिखर के पास माड गांव में बनने वाले इस बगीचे पर 50 करोड रूपये की लागत आयेगी।

पिथौरागढ़ शहर

उन्होंने कहा कि इस स्थान का चयन राज्य सरकार की ’13 जिले—13 नये पयर्टक स्थल’ योजना के तहत किया गया है जिससे जिले में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके । इस संबंध में दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान से मुलाकात के बाद पंत ने बताया, ‘‘ केंद्रीय मंत्री द्वारा परियोजना को अनुमति दिये जाने के बाद हमें ओएनजीसी से पूरी मदद मिलने की अपेक्षा है।” वहीं उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से जुडे एक सेवानिवृत्त अधिकारी आइए खान ने बताया कि ट्यूलिप को पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही मैदानी इलाकों  में भी उगाया जा सकता है। हांलांकि मैदानी इलाकों में इस फूल के बल्ब नहीं बन पाते हैं जो गार्डन के विस्तार के लिए जरूरी होते हैं । हालैंड का फूल ट्यूलिप मार्च से मई के बीच खिलता है । पिथौरागढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी और गार्डन के परियोजना अधिकारी विनय भार्गव ने बताया कि चंडाक पर्वत शिखर के पास 1950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चयनित स्थल ट्यूलिप के लिये आदर्श स्थान है क्योंकि यहां वर्ष भर धूप रहने के साथ ही ठंडक भी बनी रहती है।

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जिले में 1000 बेटों पर हो गयीं 950 बेटियां, बेतालघाट में 1298

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2019। नैनीताल जनपद में लिंगानुपात को लेकर सुखद समाचार है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर आगे बढ़ते हुए अप्रैल 2018 से दिसंबर 2018 के लिंगानुपात के आंकड़ों के अनुसार जनपद में एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या 950 हो गई हैै, जबकि पहले यह आंकड़ा 902 का था। इन आंकड़ों को सुधारने में सबसे बड़ी भूमिका बेतालघाट, फिर भीमताल और ओखलकांडा विकास खंडों ने निभाई है, जबकि मैदानी जिलों व खासकर धारी ब्लॉक के आंकड़े ंिचंताजनक हैं। बेतालघाट में एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या 1298 पहुंच गई है, जबकि धारी में एक हजार बेटों पर केवल 792 बेटियां ही हैं।
पीसीपीएनडीटी कार्यक्रम के समन्वयक अनूप बमोला ने हेल्थ मैनेजमेंट इन्फारमेशन सिस्टम पर आधारित ताजा रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में 2017-18 में एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या 902 थी, जो कि अब 950 हो गई है।

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p style=”text-align: justify;”>ब्लॉक प्रति एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या
बेतालघाट    1298
भीमताल     1010
ओखलकांडा 1000
रामनगर       982
रामगढ़         982
हल्द्वानी      940
धारी            792
नैनीताल जिला औसत 950

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नवीन समाचार, देहरादून, 9 जनवरी 2018। उत्तराखंड राज्य मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में राज्यकर्मियों के भक्तों को बढ़ा दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अब राज्य में 5400 ग्रेड पे से नीचे के कर्मचारियों को भी यात्रा भत्ता मिलेगा। कर्मचारियों को अब 250 रुपये रहने और 250 रुपये यात्रा भत्ता मिलेगा। राज्य कर्मचारियों के ट्रांसफर यात्रा भत्ता एवं किराए भत्ता में भी बढ़ोत्तरी गई है। कैबिनेट की बैठक में कुल 9 बिंदुओं पर चर्चा हुई। विधानसभा के चौथे बजट सत्र की तिथि भी निर्धारित कर दी गई चौथा बजट सत्र 11 व 12 फरवरी को देहरादून में आयोजित होगा। इसके अलावा राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण गृह में रहने वाले अनाथ बच्चों को सरकारी नौकरी में 5 प्रतिशत आरक्षण पर भी मुहर लग गई है। एरियर और भत्तों पर करीब 450 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले : 
-11 से 22 फरवरी 2019 को देहरादून में बजट सत्र होगा।
– उत्तराखंड सरकार अनाथ बच्चों को सरकारी सेवा में 5 प्रतिशत आरक्षण देगी।
– राज्यों में भेड़ों की नस्ल सुधारने को सरकार ऑस्ट्रेलिया से 240 भेड़ें खरीदेगी।
– ज्योग्राफी चैनल केदारनाथ पर डॉक्यूमेंट्री बनाएगा। जिसमें 1.50 करोड़ का खर्च आएगा।
– कैबिनेट द्वारा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुपरस्पेशलिस्ट के 46 पदों को मंजूरी दी गई है।
– कर्मचारियों का यात्रा और आवास भत्ता भी बढ़ाया जाएगा।

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नवीन समाचार, देहरादून, 21 दिसंबर 2018। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के मुनस्यारी थाने को देश के टॉप 10 थानों में जगह मिली है। हालांकि पिछले साल ऋषिकेश सहित दो थानों को देश के टॉप 10 थानों में शामिल किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय हर साल देशभर के थानों की रिपोर्ट मंगाता है। उसके बाद टॉप 10 थानों की एक सूची बनाई जाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के 20 से ज्यादा मानक होते हैं जो भी थाने इन मानकों को पूरा करते हैं, उन्हीं को टॉप 10 में शामिल किया जाता है। इस क्रम में ही मुनस्यारी का नाम इस साल देश के टॉप 10 थानों में शामिल किया गया है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय हर साल पूरे देश से टॉप 10 थानों का चयन करता है। इस क्रम में ही इस साल मुनस्यारी थाने का चयन किया गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में खुला मुख्यमंत्री का सचिवालय, यहीं हो सकेगा शासन संबंधी समस्याओं का समाधान

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p style=”text-align: justify;”>-शासन एवं विभागों के निर्णय लेने में सक्षम उच्चाधिकारियों की बैठकें भी नैनीताल में कराने के होंगे प्रयास
नैनीताल, 30 नवंबर 2018। मुख्यमंत्री के सचिव पद पर नियुक्ति के बाद कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने कहा कि सरकार एवं शासन की कोशिश आम जनता को संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य से उनकी शासन के सचिव के रूप में तैनाती की है। ताकि मंडल के सुदूर क्षेत्रों की जनता के आम लोग व जनप्रतिनिधि, विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे समूह व संगठन शासन स्तर पर कार्रवाई चाहने वाले विषयों पर अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे विषयों पर यहां से तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही जिलों, मंडल व प्रदेश मुख्यालयों के बीच की बड़ी भौतिक दूरी को देखते हुए शासन एवं विभिन्न विभागों के निर्णय लेने में सक्षम उच्चाधिकारियों की बैठकें भी कराए जाने के प्रयास किये जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने गत दिवस प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के पंतनगर हवाई अड्डे पर अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के हवाले से बताया कि पंतनगर से दिल्ली के बीच चलने वाली हवाई सेवा से देहरादून भी शीघ्र जुड़ जाएंगे। एयर इंडिया को 90 दिन के भीतर यह सेवा शुरू करनी है, किंतु इससे पूर्व ही यह सेवा शुरू होने की उम्मीद है। कहा कि इससे देहरादून की यात्रा केवल 30 मिनट में हो सकेगी। साथ ही विश्वास जताया कि दिसंबर-जनवरी माह में पिथौरागढ़ पंतनगर व देहरादून से हवाई सेवा से जुड़ जाएगा।

कुमाऊंवासियों व कर्मचारियों के लिये खुशखबरी, नैनीताल में खुलेगा मुख्यमंत्री सचिवालय

    • नैनीताल में खुलेगा सीएम का कैंप ऑफिस रौतेला देखेंगे काम
  • कामकाज में तेजी लाने, जनसमस्याओं के निस्तारण को सरकार की पहल

देहरादून, 30 नवंबर 2018। सरकारी कामकाज में तेजी लाने व जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल की है। कुमाऊं मंडल के लोगों को अपने कार्यों के लिए दून में मुख्यमंत्री कार्यालय व सचिवालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसको देखते हुए नैनीताल में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके तहत ही विगत दिन शासन ने आयुक्त कुमाऊं राजीव रौतेला को सचिव मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। यही नहीं कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके इसको देखते हुए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को मुख्यमंत्री कार्यालय लाया गया है। 

उल्लेखनीय है कि 28 नवंबर को शासन ने प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल किया। इसमें कुछ अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियां नौकरशाहों से लेकर मीडिया व आमजन के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इनमें मुख्य रूप से आयुक्त कुमाऊं को वर्तमान पद के साथ सचिव मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को वर्तमान दायित्वों के साथ अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री बनाया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा था। सवाल उठ रहा था कि आयुक्त कुमाऊं कैसे देहरादून व नैनीताल में एक साथ कार्य कर सकेंगे। वहीं पहले से ही मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की तैनाती के बावजूद राधा रतूड़ी की तैनाती के कई मायने निकाले जा रहे थे। इन सभी सवालों पर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के खुलासे के बाद स्थिति साफ हो गई है। मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक दर्शन सिंह रावत ने बताया कि सरकार की मंशा समस्याओं के त्वरित निस्तारण की है। इसको देखते हुए नैनीताल में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय खोला जा रहा है। इसका कामकाज आयुक्त कुमाऊं राजीव रौतेला देखेंगे। वहीं राधा रतूड़ी को अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। वर्तमान में राधा रतूड़ी के पास कई विभाग है उन्हें नियोजन दिया गया है। कर्मचारियों से संबंधित जिन प्रकरणों पर मुख्यमंत्री स्तर से ही निर्णय होना होता है। राधा रतूड़ी को मुख्यमंत्री कार्यालय में यह जिम्मेदारी दी गई है। 

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : नैनी झील में होगी ‘विंड सर्फिंग’

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p style=”text-align: justify;”>-एनसीसी की नेवल यूनिट राष्ट्रीय प्रतियोगिता की विजेता बनने पर पुरस्कृत
नैनीताल। नैनी झील में जल्द एनसीसी के 5 यूके नेवल यूनिट के कैडेट विदेशों की तरह विदेशी उपकरणों पर विंड सर्फिंग करते हुए नजर आएंगे, और नगरवासी तथा सैलानी इसका आनंद उठा पाएंगे। नैनीताल की 5 यूके नेवल यूनिट ने अपनी 1962 में स्थापना के बाद से पहली बार वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर उत्तराखंड की छोटी यूनिटों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के तोहफे के तौर उन्हें यह सुविधा शीघ्र मिल सकती है।

राष्ट्रीय सहारा, 26 मई 2018

उल्लेखनीय है कि 5 यूके नेवल यूनिट उत्तराखंड बनने के बाद से पहली बार राष्ट्रीय नौसैनिक शिविर में शीर्ष 10 में, नौवें स्थान पर रही। साथ ही ऑल इंडिया सेलिंग रिगाटा में देश भर में दूसरे बोट पुलिस व लाइन एरिया में भी स्वर्ण पदक सहित कुल 17 स्वर्ण पदक एवं एक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक प्राप्त किये। खास बात यह भी रही कि इनमें से 14 पदक अकेले डीएसबी परिसर के कैडेटों ने जीते थे। इसके अलावा रानीबाग में आयोजित हुए शिविर में इस यूनिट को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, तथा राजपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में भी यहां के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। इस बेहतरीन प्रदर्शन पर 5 यूके नेवल यूनिट को उत्तराखंड राज्य डायरक्टरेट में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

5 यूके नेवल यूनिट को ट्रॉफी प्रदान करते अपर महानिदेशक मेजर जनरल सी मणि।

शुक्रवार को इस उपलब्धि पर उत्तराखंड नेवल डायरक्टरेट के अपर महानिदेशक मेजर जनरल सी मणि ने शुक्रवार को यूनिट को ट्रॉफी प्रदान की। इस उपलब्धि के तोहफे के रूप में यहां नेवल कैडेटों को नैनी झील में पहली बार नैनी झील में विंड सर्फिंग करने के लिए विदेश से उपकरण एवं नई नौकाएं तथा अन्य उपकरण दिये जाने की मेजर जनरल मणि ने घोषणा की। इस अवसर पर सीओ ले. भुवन राणा, पूर्व सीओ विकास धस्माना, रीतेश साह, राकेश थपलियाल, शैलेंद्र चौधरी, सीपीएस नेगी, शिवशंकर व राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कैडेट मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन के केन्द्र के रूप में विकसित होगा ज्योलीकोट

-सीएम ने की है घोषणा, प्रशिक्षण के लिए पंजाब व अन्य प्रांतों में भेजे जायेंगे यहां के कृषक

शहद के लिये प्रसिद्ध फूलो का गांव - ज्योलीकोट
शहद के लिये प्रसिद्ध फूलो का गांव – ज्योलीकोट

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। जनपद के सीडीओ प्रकाश चन्द्र ने जनपद के ज्योलीकोट को मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन का केन्द्र विकसित किये जाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। बताया कि क्षेत्र के मौन पालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिये जाने के लिये पंजाब व अन्य प्रांतों में भेजा जायेगा, ताकि वे मधुमक्खी पालन की आधुनिकतम तकनीकी का ज्ञान हासिल कर सकें। उन्होंने बताया कि बीती 20 मई को राजधानी देहरादून में विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस संबंध में घोषणा की है। इसी संबंध में उन्होंने बुधवार को ज्योलीकोट में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की, एवं उनकी समस्याएं सुनने के साथ उन्हें इस क्षेत्र में बेहतर अवसरों की जानकारी भी दी। साथ ही वरिष्ठ कीटविद् एससी तिवारी को सभी मौन पालकों का बायोडाटा तैयार करने और खादी ग्रामोद्योग आयोग के प्रतिनिधि को मौनपालकों को आधुनिकतम प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ ही सभी मौन पालक को 10-10 बक्से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ज्योलीकोट के आस-पास लगभग 500 मौन पालक हैं। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के आर्थिक विकास के साथ ही उनकी आय को दुगुना करने में मौन पालन महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। कहा कि मौन पालन का विस्तार वन पंचातयों एवं महिला स्वयंसहायता समूह के माध्यम से भी किया जायेगा। इसके साथ ही मौनपालकों को वित्तीय सहायता मनरेगा के माध्यम से भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने मौनपालकों से कहा कि अपने क्षेत्र के लोगों के विकास खंड से जॉब कार्ड बनवा लें तथा गांव वासियों को भी मौन पालन से जोड़ें ताकि गांव वालों को भी मौनपालक के जरिये वर्षभर रोजगार मिल सके। इसके अलावा उन्होंने उद्यान विभाग एवं मौनपालन केन्द्र के प्रभारी को सभी मौनपालकों केा अनिवार्य रूप से परिचय पत्र उपलब्ध कराने कहा। वहीं अपनी ओर से विपरीत मौसम में मौन पालकों को चीनी आवंटन के लिये आयुक्त गन्ना विकास से वार्ता तथा मौन पालन के बक्सों को जंगलों में रखे जाने की अनुमति के लिये वन महकमे के अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य डा. हरीश बिष्ट ने स्थानीय शहद की ब्रांडिंग करने एवं शहद का उत्पादन बढ़ाने के लिये लीची, जामुन, शहतूत व अन्य फलदार पौंधों का रोपण युद्धस्तर पर करने तथा मौनपालकों को आधुनिकतम प्रशिक्षण दिलाये जाने गोष्ठी में परियोजना निदेशक बालकृष्ण, डीडीओ रमा गोस्वामी, उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, एपीडी संगीता आर्या के साथ ही बड़ी संख्या में काश्तकार एवं मौनपालक उपस्थित रहे।

30 के दशक में अल्मोड़ा के शीतलाखेत में हुई थी मौन पालन की शुरुआत
नैनीताल। बैठक में सीडीओ ने बताया कि वर्ष 1935-36 में स्व. पं. राजेन्द्र नाथ मुट्टू ने जनपद अल्मोड़ा के शीतलाखेत में मौन पालन का कार्य प्रारम्भ किया था। बाद में उन्होंने ही नैनीताल मेें रामगढ़ में भूपेन्द्र एपियरी नाम से मौनालय स्थापित किया। आगे 1938 में जनपद नैनीताल के ज्योलीकोट में मौन पालन केन्द्र की और 1939 में अखिल भारतीय मौन पालन संघ की स्थापना की गयी थी। ज्योलीकोट की भौगौलिक परिस्थितियों के अनुरूप श्री मुट्टू ने ही यहां भारतीय मौन के लिये एक मौन गृह विकसित किया, जिसे ज्योलीकोट बिलेजर मौनगृह के नाम से जाना जाता है। उत्तराखंड में व्यवसायिक स्तर पर भारतीय एवं इटेलियन मौन वंशों का पालन किया जा रहा है।

नैनीताल के बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में राज्य सरकार ने रचा इतिहास: इतिहास में पहली बार जिला चिकित्सालय में स्वीकृत पदों से अधिक चिकित्सक

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p style=”text-align: justify;”>-सभी 24 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 25 चिकित्सक हुए तैनात, इनमें से दो अनुपस्थित, लिहाजा 23 चिकित्सक हुए कार्यरत
-बिना पद के निष्चेतक के अन्य पद पर मनोचिकित्सक भी हुए तैनात, एक नये पैथोलॉजिस्ट ने भी किया कार्यभार ग्रहण
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड में हमेशा से अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी का रोना रोया जाता है। लेकिन आज 15 मई का दिन जिला व मंडल मुख्यालय स्थिति बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के इतिहास में बहुत ही खास और हमेशा के लिये याद रखने वाला रहेगा, जब यहां चिकित्सकों के स्वीकृत 24 पदों के सापेक्ष एक अतिरिक्त यानी 25 चिकित्सक तैनात हो गये हैं। यह अलग बात है कि इनमें से दो चिकित्सक तैनाती के बावजूद कार्य नहीं कर रहे हैं, फिर भी 24 पदों पर 23 चिकित्सकों का कार्य करना भी ऐतिहासिक है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में लम्बे समय के बाद चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के तहत चयनित 421 डॉक्टरों को तैनाती दी गई है।
जिला चिकित्सालय ने दो चिकित्सकों, मनोचिकित्सक डा. गिरीश चंद्र पांडे एवं पैथोलॉजिस्ट डा. प्रियांशु श्रीवास्तव ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में मनोचिकित्सक का पद स्वीकृत ही नहीं है, लिहाजा उन्हें निष्चेतक के पद के सापेक्ष भेजा गया है। जबकि निष्चेतक के पद पर चिकित्सालय में अभी संविदा पर डा. एससी भट्ट कार्यरत हैं, जो कि स्वीकृत पद पर नियमित नियुक्त हो जाने के बाद से एक तरह से अतिरिक्त हो गये हैं, अलबत्ता उनके पद की आवश्यकता भी चिकित्सालय में सर्जरी-ऑपरेशन आदि के समय जरूरी है। वहीं मनोचिकित्सक पद पर चिकित्सक की तैनाती की गंभीरता को इस बात से समझा जा सकता है कि प्रदेश में इस दक्षता के गिने-चुने ही चिकित्सक उपलब्ध हैं। नयी नियुक्तियों में राज्य को केवल दो मनोचिकित्सक मिले हैं, जिनमें से एक की नियुक्ति देहरादून एवं दूसरे की नैनीताल में की गयी है।

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p style=”text-align: justify;”>राज्य बनने के बाद बढ़े हैं चिकित्सकों के तीन पद
नैनीताल। जिला चिकित्सालय के स्वीकृत पदों की बात करें तो राज्य बनने से पूर्व यहां चिकित्सकों के 21 पद थे। राज्य बनने के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन एवं सर्जन के एक-एक यानी कुल तीन बढ़कर 24 पद हो गये हैं। इन पदों के सापेक्ष अब तक जिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत निश्चेतक सहित 23 चिकित्सक नियुक्त थे, अलबत्ता हृदय रोग विशेषज्ञ के एक स्वीकृत पद पर नियुक्त डा. जोशी कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत लंबे अवकाश पर चले गये हैं। बताया गया है कि उन्होंने वीआरएस के लिए भी शासन से अनुरोध किया था, जिसे स्वीकारा नहीं गया है, बावजूद वे अवकाश पर हैं, वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पर नियुक्त चिकित्सक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। स्वीकृत से अधिक पदों पर चिकित्सकों की तैनाती पर जिला चिकित्सालय के प्रभारी पीएमएस डा. राजेश साह ने कहा कि ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है। दो नये चिकित्सकों के आने के बाद अब चिकित्सालय में पैथोलॉजिस्ट के दोनों पद भर गये हैं, वहीं मनोचिकित्सक के अन्य पद पर नियुक्त होने से अवसाद, तनाव आदि के मौजूदा दौर में पूरे कुमाऊं मंडल वासियों को इस पद का लाभ मिलने की उम्मीद है।

अच्छी खबर : केंद्र सरकार नैनीताल जिले में खोलेगी एक वृद्धाश्रम

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p style=”text-align: justify;”>-केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अधिकारियों को दिये प्रस्ताव तैयार भेजने के निर्देश
नैनीताल। नैनीताल जनपद में शीघ्र ही एक वृद्धाश्रम खोला जाएगा। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को मुख्यालय स्थित नैनीताल क्लब में डीएम, पुलिस व समाज कल्याण अधिकारी के साथ बैठक करते हुए जनपद में वृद्धाश्रम खोलने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही उन्होंने बैठक में भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति हेतु संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की, और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुये अधिनियम के अन्तर्गत वादों में शीघ्रता से एफआईआर दर्ज करते हुये पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता हेतु शीघ्र प्रपत्र संबंधित अधिकारी को भेजने के निर्देश दिये।

यह भी पढ़ें : ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम की भांति प्रारम्भिक जांचें भी करेंगी आशा बहनें

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p style=”text-align: justify;”>-दिये जाएंगे आवश्यक प्रशिक्षण एवं उपकरण
नैनीताल। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आशा कार्यकत्रियां आगे से एएनएम की तरह कार्य करेंगी। इस हेतु उन्हें ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हिमोग्लोबिन तथा बुखार आदि की प्रारम्भिक जांचें करने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण तथा उपकरण दिये जायेंगे। डीएम विनोद कुमार सुमन ने मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य महकमे की बैठक लेते हुए इस बाबत आवश्यक निर्देश दिये।
इसके साथ ही उन्होंने बैठक में आगामी गर्मी व बरसात के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मलेरिया, व डेंगू की संभावनाओं के मद्देनजर मच्छरों के लारवा को नष्ट करने के लिये जून माह से आवश्यक रसायनों का छिड़काव करने, गरीबों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने, चिकित्साधिकारियों से कम से कम पांच गांवों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के साथ ही आशाओं एवं एएनएम के कार्यो की समीक्षा करने, कन्या भ्रूण हत्या की संभावनाओं के मद्देनजर अल्ट्रासाउन्ड केन्द्रों की नियमित जांच करने, गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने आदि के निर्देश भी दिए। उन्होंने धारी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र को प्रदेश में प्रथम स्थान पाने पर बधाई दी। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जनपद में 102 कुष्ठरोगी चिन्हित किये गये है। डीएम ने जनपद में संचालित कुष्ठ आश्रमों में स्वास्थ विभाग की टीमों से जाकर उनका स्वास्थ परीक्षण करने और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने को भी कहा। बैठक में सीएमओ डा. एमएम तिवारी, एसीएमओ डा. टीके टम्टा, डीपीएम मदन मेहरा, डीओओ अरूण जोशी, डीईओ देवेश तिवारी, सतीश सिंह, अंजू बुडलाकोटी, जगदीश पांडे, पंकज पंत, डीएएम डीएस कालाकोटी, बीएलए महेश गोस्वामी, बीपीएम रामगढ़ दिनेश कुमार, बीएएम पंकज आर्या, डीईओ बेतालघाट विजयपाल सिंह, बीएएम लक्ष्मीकांत, विजेन्द्र सिंह, बीपीएम बीएम पाठक, जीसी पांडे, विनय जोशी, शशि कान्डपाल, बीएएम रितेश पांडे, विजेन्द्र सिंह सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

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p style=”text-align: justify;”>स्वच्छता एप में नैनीताल प्रदेश में तीसरा, देश में 537वां
नैनीताल। स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के तहत ‘स्वच्छता ऐप’ को नगर वासियों द्वारा डाउनलोड कर इसका उपयोग करने एवं इसमें दर्ज शिकायतों के निस्तारण के मामले में नैनीताल बृहस्पतिवार तक उत्तराखंड के शहरों में तीसरे और देश में 537वें स्थान पर है। नगर पालिका ईओ रोहिताश शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में नैनीताल से पहले चंबा पहले और मुनि की रेती दूसरे स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि इस सर्वेक्षण में देश के 4041 शहर प्रतिभाग कर रहे हैं। बीती चार जनवरी से केंद्रीय टीम भी नगर की व्यवस्थाओं का सर्वेक्षण कर गयी है। जिसके आधार पर आगे रैंकिंग की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 2017 के स्वच्छता सर्वेक्षण में नैनीताल देश के 434 शहरों में 330वें पायदान पर रहा था।

स्वच्छता एप को यहाँ से डाउनलोड करें.

आउटसोर्सिंग से नियमानुसार नियुक्त कर्मियों को नियमित करना होगा बाध्यकारी

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p style=”text-align: justify;”>-ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में उपनल आदि के माध्यम से नियुक्त संविदा कर्मियों के बाबत औद्योगिक न्यायाधिकरण ने दिया फैसला, करीब चार हजार उपनल कर्मचारियों को दीपावली से पहले मिल सकती है पक्की नौकरी  
-सर्वोच्च न्यायालय के बहुचर्चित उमा देवी प्रकरण के मामले में नजीर बन सकता है यह फैसला
नैनीताल। औद्योगिक न्यायाधिकरण ने ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में उपनल आदि के माध्यम से नियुक्त संविदा कर्मियों के बाबत महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि यदि ऐसे कर्मचारी विनियमितीकरण नियमावली 2011 के अंतर्गत नियमितीकरण की श्रेणी में नहीं आते हैं, तो निगम इन पदों के सापेक्ष संगत सेवा नियमों के अंतर्गत नियमित चयन प्रक्रिया की कार्यवाही में लाए जाने पर इन कर्मचारियों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का विधिक रूप से बाध्य हैं। साथ ही यदि इनमें से कुछ कर्मचारी प्रतियोगी परीक्षा में प्रतिभाग करने के लिये आयु के कारण अनर्ह हो गए हैं तो उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के उमा देवी व स्टील अथौरिटी ऑफ इंडिया के प्रकरणों की तरह आयु सीमा में व तकनीकी पदों को छोड़कर शैक्षिक योग्यता में छूट देने के लिये भी विधिक रूप से बाध्य हैं। यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी विनियमितीकरण नियमावली की परिधि में नहीं आते हैं, वे इन निममों के ही दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, और इस कारण वे उमा देवी व अन्य के प्रकरण में दिये गए दृष्टांत कके तहत बराबर वेतन वृद्धि, वेतन व डीए आदि लाभ प्राप्त करने के भी अधिकारी हैं।
बताया गया है कि ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के कर्मचारी अपने यहां उपनल आदि के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों को रखने के खिलाफ उत्तराखंड उच्च न्यायालय की शरण में गए थे। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने इस मामले में वर्ष 2013 में इनके पक्ष में फैसला सुनाया था। जिसे सरकार ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने मामले को औद्योगिक न्यायाधिकरण का बताते हुए न्यायाधिकरण से मामले को जल्द निपटाने के निर्देश दिये थे। इसी मामले में आज न्यायाधिकरण का यह फैसला आया है। फैसले को संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के लिहाज से उमा देवी व अन्य के मामले के आलोक में भविष्य के लिहाज से दूरगामी व ऐतिहासिक फैसला तथा ठीक दीवाली से पूर्व तोहफे की तरह माना जा रहा है।

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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