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फौजी की पत्नी ने भाजपा विधायक पर लगाया अपनी बेटी का पिता होने का आरोप, विधायक की पत्नी ने दर्ज कराया 5 करोड़ की रंगदारी का मुकदमा

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नवीन समाचार, देहरादून, 14 अगस्त 2020। द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी पर एक फौजी की व्याहता पत्नी ने एक वीडियो जारी करके विधायक से सबंध और उनसे बेटी होने का दावा किया है। उसका यहां तक कहना है कि उसकी बेटी का डीएनए उसके पति से नहीं मिला है। अब वह अपनी बेटी के पिता का पता लगाने के लिए डीएनए जांच की मांग करेगी। वहीं विधायक की पत्नी ने नेहरू कॉलोनी थाने में एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि ये लोग विधायक को दुष्कर्म में फंसाने और बेटे को जान से मारने की धमकी देकर पांच करोड़ मांग रहे थे। विधायक की पत्नी का कहना है कि, उनके पति राजनीति में होने के कारण अल्मोड़ा निवासी महिला और उसके परिजनों की मदद करते थे। पर आचरण सही नहीं होने पर महिला और उसके परिवार के लोगों का आना घर में बंद कर दिया था। आरोप है कि, 9 अगस्त को महिला ने फोन पर विधायक को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद घंटाघर स्थित एक होटल में महिला को बातचीत के लिए बुलाया तो उसने पांच करोड़ की मांग रखी। साथ ही व्हाट्सएप पर रुपये के लेनदेन की बात कही। रुपये नहीं देने पर विधायक के बेटे को मरवाने की धमकी दी गई। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि महिला, सेना में तैनात उसके पति, मां और भाभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 386 ओर 389 में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इधर, महिला का आरोप है कि विधायक के पिछले दो साल से उससे संबंध हैं। जिससे उसकी एक बेटी भी है। बेटी का डीएनए का मिलान उसके पति से नहीं हुआ है। अब वह कोर्ट के जरिए बेटी के डीएनए का मिलान विधायक से करवाएगी। मामले में विधायक नेगी का कहना है कि पिछले सात-आठ दिन से महिला मुझे और पत्नी को ब्लैकमेल कर रही है। मेरठ और मुजफ्फरनगर के कुछ लोगों के संगठित गिरोह के साथ महिला षड्यंत्र रच रही है। इन्होंने पांच करोड़ की रंगदारी मांगी है। मेरे पास सभी साक्ष्य हैं। महिला पहले यह बताए कि वह किसलिए ब्लैकमेलिंग कर रही है। महिला ने मेरी पत्नी को धमकी दी। इससे मेरी पत्नी की तबीयत खराब हुई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2020। तल्लीताल पुलिस थाने के हेड कांस्टेबल शिवराज राणा ने बीती सात जुलाई को तल्लीताल डांठ पर अकेले घूम रही एक 16 वर्ष की किशोरी को देखा था। बाद में एसडीएम के आदेशों पर किशोरी को विमर्श संस्था के माध्यम से सूखाताल स्थित संस्थागत एकांतवास केंद्र भेज दिया गया था। इधर सूचना दिये जाने के बाद दिल्ली पुलिस के जवान एवं किशोरी के पिता मुख्यालय पहुंचे और किशोरी को ऑपचारिकताएं पूरी कर अपने साथ ले गए।
बताया गया है कि किशोरी के साथ पूर्व में यौन उत्पीड़न का मामला हुआ था। इस कारण वह अवसाद में थी और 22 जून को अपने घर-सीमापुरी दिल्ली से भाग गई थी। सात जुलाई को उसके पिता की तहरीर पर दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत अज्ञात के खिलाफ उसे भगाने का मुकदमा दर्ज किया था। बताया गया है कि बीच के करीब 15 दिन वह इधर-उधर अपनी सहेलियों के पास रहती रही और सात को ही नैनीताल पहुंचकर नैनीताल पुलिस की नजर में आ गई थी।

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-पत्नी ने ही करीब दो वर्ष पूर्व लगाया था बेटी के साथ 10 दिन से अधिक समय तक दुष्कर्म करने का आरोप, अब जांच के बाद हुई है गिरफ्तारी
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 19 जून 2020। हल्द्वानी के बड़े चिकित्सालयों में शामिल जगदम्बा नगर स्थित हॉस्पिटल के एमडी-मेडिसिन, डीएम-कार्डियोलॉजी यानी वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. यतीन्द्र मोहन बहुगुणा एवं उनके भाई को हल्द्वानी पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद बीती शाम न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। मामले में सबसे बड़ी शर्मनाक बात यह है कि चिकित्सक पर उनकी ही पत्नी ने अपनी ही सिर्फ सात वर्ष की नाबालिक मासूम बेटी के साथ 10 दिन तक शराब पीकर दुष्कर्म करने का घिनौना आरोप लगाया था। इसी मामले में डा. बहुगुणा की मुख्य आरोपी के तौर पर भाई की साथ देने के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला करीब दो वर्ष पहले तब से चल रहा है जब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में रेजीडेंट चिकित्सक के पद पर तैनात डा. बहुगुणा की पत्नी की तहरीर पर डा. बहुगुणा पर सात साल की मासूम बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए बनारस के लंका थाने में दुष्कर्म, मारपीट और पाक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया था। मामले का घटना स्थल हल्द्वानी बताया गया था, इसलिये जांच हल्द्वानी पुलिस के पास आ गयी थी। यहां महिला उप निरीक्षक गुरविंदर कौर इस मामले की जांच कर रही थीं। उन्होंने ही कल डा. बहुगुणा के साथ ही उनके भाई को उनका साथ देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों चिकित्सक भाइयों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2018 में मीडिया में आई डा. बहुगुणा की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गयी एफआईआर के अनुसार महिला बीएचयू में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर थीं। उनकी शादी हल्द्वानी के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. यतीन्द्र मोहन बहुगुणा से हुई थी। वह अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ बनारस में ही रहती थी, जबकि पति हल्द्वानी में रहता थे। गर्मी की छुट्टी होने पर 23 मार्च 2018 को महिला ने बेटी को पति के पास हल्द्वानी रहने के लिए भेजा। वहां पिता ने बेटी के सामने ही शराब पीने के बाद गलत हरकत शुरू कर दी। डॉक्टर दस दिनों से अधिक समय तक बेटी के साथ गंदी हरकत करता रहा। पिता के कृत्य से तंग बेटी एक दिन रोने लगी तो चिकित्सक ने फोन करके मां से बेटी को बनारस ले जाने कहा। इसके बाद मां हल्द्वानी पहुंची तो बेटी उससे लिपटकर रो पड़ी। इस पर एक दिन बाद महिला रेजीडेंट उसे लेकर बनारस चली आईं।
बनारस आने के बाद बेटी ने मां को आपबीती बताई, जिसको सुनकर वह अवाक रह गईं। बेटी ने बताया कि पापा अश्लील हरकत करते थे। एक दिन वह रोने लगी तो पापा ने उसे काफी पीटा। बेटी के अनुसार पापा कहते थे कि ऐसी लड़की से कौन शादी करेगा। पति को फोन करके जब महिला ने उनके कृत्य का विरोध किया तो पति उल्टे किसी से न बताने की बात कहकर धमकी देने लगा। तब महिला डॉक्टर ने लंका थाने पर पति के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 506 व 376 तथा 5/6 पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके सितंबर 2019 में जांच हल्द्वानी पुलिस को भेज दी।

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नवीन समाचार, शक्तिफार्म, 22 मई 2020। देवभूमि उत्तराखंड के शक्तिफार्म क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। यहां बंगाली मूल के एक अधेड़ के द्वारा कक्षा दो में पढ़ने वाली नौ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार करने की घटना प्रकाश में आई है। खास बात यह भी रही कि पहले पीड़िता के परिवार व समाज ने खुद ही कानून हाथ में लेकर और कानून से मामले को छुपाने का प्रयास भी किया। लेकिन बच्ची के अस्पताल पहुंचने पर मामला खुला। बाद में पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 व पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिये हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शक्तिफार्म के वैकुंठपुर गांव निवासी शंकर विश्वास पुत्र सतीश विश्वास ने पड़ोस मं रहने वाली नौ वर्षीय बच्ची को बहला फुसलाकर अपने घर में ले जाकर उसके साथ दुराचार किया। बच्ची ने अपनी मां को इसकी जानकारी दी। इस पर ग्रामीणों ने आरोपित की पिटाई कर दी। इस पर आरोपित ने सार्वजनिक तौर पर समाज और बच्ची के परिजनों से माफी मांगी। परिजनों ने भी लोकलाज के डर से पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की। किंतु शुक्रवार सुबह बच्ची को दर्द होने पर उसको शक्तिफार्म सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके आद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बच्ची के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।

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नवीन समाचार, देहरादून, 19 अप्रैल 2020। राजधानी के डालनवाला कोतवाली के आराघर चौकी क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक पत्नी ने पति पर साथ रह रही 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने और सास पर पति का साथ देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मां-बेटे को मुकदमा दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता चमोली गढ़वाल की रहने वाली है। आरोप लगाने वाली पीड़िता बच्ची की बुआ व दुष्कर्म करने वाला बच्ची का फूफा है।
डालनवाला कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि आरोपित टैक्सी चालक है। वह अपनी मां और पत्नी तथा पत्नी के के भाई की 10 वर्षीय बेटी के साथ रहता है। बच्ची कक्षा तीन की छात्रा है। बच्ची की बुआ ने पुलिस में तहरीर देकर कहा है कि 15 अप्रैल की सुबह वह सब्जी लेने बाजार गई थी। घर में बच्ची, पति और सास थे। तभी उसके पति ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने इसका विरोध किया और मदद की गुहार लगाई तो उसकी सास ने बच्ची को अपने बेटे से छुड़ाने की जगह बाहर से कमरे में कुंडी लगा दी। वहीं पति ने बच्ची को किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। धमकी से सहमी पीड़िता ने इधर 17 अप्रैल को पीड़िता बच्ची ने परिजनों को इस बारे में बताया। इसके बाद उसने पुलिस में तहरीर दी।

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-अन्य की तलाश में जुटी पुलिस, राजस्व पुलिस से केस ट्रांसफर होने के बाद कि पुलिस ने कार्यवाही
दान सिंह लोधियाल, नवीन समाचार, धानाचूली (नैनीताल), 9 अप्रैल 2020। धारी तहसील के राजस्व क्षेत्र के एक गांव से गत दिनों गायब हुई एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामले में पॉस्को अधिनियम के साथ ही सामूहिक बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला राजस्व पुलिस ने रेगुलर पुलिस को सौप दिया गया है। पुलिस ने भी मामले की तत्काल जांच शुरू करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि कुछ अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
मुक्तेश्वर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पट्टी पटवारी सुंदरखाल में क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की के गायब होने पर करीब दो महीने गुमशुदगी दर्ज हुई थी। राजस्व पुलिस ने गुमशुदा लड़की को हल्द्वानी से बरामद कर लिया था। बाद में बयानों में लड़की द्वारा कई लोगांे द्वारा उसके साथ हल्द्वानी सहित कई स्थानों पर दुष्कर्म किये जाने की बाद बतायी गई। इस पर राजस्व पुलिस ने धारा 365 के तहत अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया। इधर जांच के बाद विवेचक राजस्व निरीक्षक ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 तथा 3/4 पॉक्सो अधिनियम भी जोड़ दिया और मामला जिला प्रशासन से एसएसपी नैनीताल के आदेशों पर मुक्तेश्वर पुलिस को हस्तांतरित किया गया। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि विवेचक एसआई लता खत्री के द्वारा विवेचना की गई और मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी व 5/6 पोक्सो अधिनियम की धाराओं में तरमीम कर आरोपित वीरेंद्र उर्फ गुड्डू उर्फ विजय पुत्र पनीराम निवासी मोहना गांव व चंद्रशेखर पुत्र नवीन चंद्र आर्य निवासी पदमपुरी को बुधवार की रात्रि दबिश देकर उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 13 फरवरी 2020। रुद्रपुर में बृहस्पतिवार को एक ऐसा मामला प्रकाश में आया, जिसमें एक जीजा ने रिश्तों को कलंकित करते हुए अपनी नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म कर डाला, और किसी को बताने पर अपनी पत्नी को छोड़ने की धमकी दी। अपनी बहन का घर बरबाद होने से बचाने के लिए नाबालिग चुप रही। अलबत्ता इधर बात खुलने पर पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर आरोपित जीजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के ट्रांजिट कैंप रवींद्र नगर निवासी की बड़ी पुत्री तिलहर शहजानपुर निवासी अंकुर पुत्र ब्रह्मस्वरूप से विवाहित है। अंकुर शहर के खेड़ा क्षेत्र में किराये के घर में रहता है और ससुराल आता रहता था, तथा अपनी नाबालिग साली पर कुदृष्टि रखता था। इधर बीती नौ फरवरी को उसने नाबालिग साली को अकेले में पाकर उसके साथ बलात्कार कर दिया और उसे बताने पर उसकी बहन को छोड़ देने की धमकी दी। इधर नाबालिग के गुमशुम रहने पर परिजनों ने उससे कारण पूछा तो उसने बमुश्किल घटना का खुलासा कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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नवीन समाचार, देहरादून, 4 फरवरी 2020। करीब डेढ़ साल पहले 14 अगस्त, 2018 को देहरादून के एक नामी बोर्डिंग स्कूल में पॉर्न विडियो दिखाकर स्कूल के ही चार छात्रों ने 16 साल की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप किया था। बाद में स्कूल प्रबंधन ने मामले को छुपाते हुए पीड़िता के परिजनों को बताए बिना उसका गर्भपात तक करवा दिया है। स्थिति यह थी कि मीडिया में मामला आने तक पीड़िता के घरवाले भी उसके साथ हुए जघन्य अपराध से अनजान थे। इस मामले में गैंगरेप की शिकार हुई छात्रा को आखिरकार स्पेशल पॉक्सो कोर्ट से न्याय मिल गया है। देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में पिछले साल अगस्त महीने में हुई शर्मनाक घटना में सोमवार को दोषी छात्र सरबजीत को 20 साल की सजा सुनाई है। मामले में स्कूल के चार छात्रों और स्कूल प्रबंधन को मामले को छिपाने के लिए साजिश करने का दोषी भी पाया गया है। दोषी छात्रों में से 3 नाबालिग हैं, उन्हें तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने सरकारी गवाह बन गई आया को बरी कर दिया है। विशेष पॉक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने स्कूल की डायरेक्टर लता गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक, उनकी पत्नी तनु को अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देते हुए सभी को 9-9 साल की सजा सुनाई। प्रिसिंपल जितेंद्र शर्मा को भी ढाई साल की सजा सुनाई गई है। उसे कोर्ट से जमानत भी मिल गई है। स्कूल प्रबंधन को सबूत छिपाने, साजिश और गर्भपात कराने में दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 लाख का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की इस राशि को पीड़िता को दिया जाएगा। इस मामले में दोषी तीनों नाबालिग छात्रों पिछले साल किशोर न्याय बोर्ड ने बरी कर दिया था। सोमवार को पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद तीन दिन के अंदर तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं।
मालूम हो कि बोर्डिंग स्कूल में सितंबर 2018 में यह मामला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। इस गैंगरेप की शिकायत पीड़ित छात्रा ने स्कूल प्रबंधन से की थी, लेकिन प्रबंधन ने न सिर्फ इसे छिपाया बल्कि छात्रा पर भी चुप रहने का दबाव डाला। मामले के सरकारी वकील जेपी रतूड़ी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से जहां पीड़िता को इंसाफ मिलेगा वहीं, ऐसे स्कूलों के लिए भी यह सबक बनेगा।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 23 जनवरी 2020। हल्द्वानी में नाबालिग किशोरी से शादी का झांसा देकर एक युवक द्वारा दुष्कर्म दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि इस मामले में उसकी मां से शिकायत करने पर मॉ और बहन ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। वनभूलपुरा पुलिस ने युवक के साथ उसके परिवार के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया इस मामले में शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया है कि किशोरी परिजनों को बताए बगैर कहीं चली जाती थी। 21 जनवरी को किशोरी के गायब होने पर उसे लाइन नंबर 12 में एक लड़के के साथ घूमते हुए पकड़ लिया। पूछने पर किशोरी ने परिजनों को बताया कि कब्रिस्तान गेट निवासी केशव सागर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया है। आरोपी उसको घर से पैसे लाने के लिए दबाव बनाता है। इस मामले में किशोरी की ताई ने पुलिस से लिखित शिकायत की। पुलिस ने इसी आधार पर कबिस्तान गेट वनभूलपुरा निवासी दिनेश सागर के खिलाफ धारा 376, 3/4 पाक्सो एक्ट और आरोपी की मां मीरा के साथ उसकी बहन कविता के खिलाफ धारा 506 के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले में बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।

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नीरज बब्बर @ नवीन समाचार, काशीपुर, 8 दिसंबर 2019। एक किशोर ने काशीपुर पुलिस को तहरीर देकर एक युवक पर करीब एक डेढ साल से उसे व उसकी छोटी बहन को परेशान करने, अश्लील फब्तियां कसने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शहर के रेलवे कालौनी निवासी एक किशोर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि ग्राम खड़कपुर देवीपुरा निवासी दीप चन्द्र पुत्र दयाराम स्कूल आने-जाने के दौरान उसका व उसकी छोटी बहन का पीछा कर अश्लील फब्तियां कसता है तथा विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौच करता है। आरोप है कि वह धमकी भी देता है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित के खिलाफ धारा 354घ, 504 आईपीसी के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें : इसे कहते हैं कुदरत का न्याय: दुष्कर्मियों को अब कुदरत देगी सजा: भुगतेंगे तीन दुष्कर्मी अधेड़, जिस युवक से कुकर्म किया-उसे था एड्स

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 2 दिसंबर 2019। रविवार को हल्द्वानी में रानीखेत एक्सप्रेस में गुजरात निवासी जो युवक दुष्कर्म के बाद बेहद बुरी-मलाशय से जबर्दस्त रक्तश्राव होने की स्थिति में और बेहोश मिला था, उसकी मेडिकल जांच में उसे एड्स होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में अब उसके साथ दुष्कर्म करने वाले चार अधेड़ों को कुदरत से न्याय मिलना भी निश्चित लगता है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को हल्द्वानी पहुंची रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन की बर्थ पर बेहोशी की हालत में एवं शरीर से रक्तस्राव होने की स्थिति में मिले युवक का अभी भी डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। युवक द्वारा होश में आने पर बताई गई कहानी के अनुसार गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाला यह युवक किसी काम से राजस्थान के जयपुर गया था। जहां उससे 50-55 साल के तीन अधेड़ों ने चाय में नशीला पदार्थ खिलाकर कुकर्म किया और दूसरी ट्रेन में डाल दिया। इधर मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश नेगी ने पत्रकारों को बताया कि एसटीएच में जब चिकित्सकों से उसका मेडिकल परीक्षण कराया तो उसमें युवक को एड्स होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि युवक का मोबाइल फोन आरोपियों द्वारा लूट लिये जाने के चलते किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। युवक अभी इस स्थिति में नहीं है कि उससे अधिक पूछताछ की जा सके। युवक द्वारा बताये गये नाम-पते के आधार पर अहमदाबाद पुलिस से संपर्क कर उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बहरहाल इस मामले में अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं सौंपी गई है। वहीं एसआई कश्मीर सिंह का कहना है कि चूंकि घटनास्थल जयपुर का होना बताया गया है। इसलिए पीड़ित को जयपुर पुलिस में ही तहरीर देनी होगी। बहरहाल, यदि उसे एड्स है तो उसके दुष्कर्मियों को न्यायिक व्यवस्था से भले जो सजा मिले, लेकिन कुदरत से सजा मिलना तय लगता है।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 1 दिसंबर। हद है। अब हवशियों से युवक भी सुरक्षित नहीं रहे। गुजरात के अहमदाबाद से जयपुर किसी काम से गए एक 29 वर्षीय युवक से जयपुर में तीन अधेड़ हवश में अंधों ने नशीला पदार्थ खिलाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसके साथ मारपीट व लूटपाट करने के बाद उसे स्टेशन पर खड़ी रानीखेत एक्सप्रेस में डाल कर फरार हो गए। रविवार सुबह युवक लगभग बेहोशी की हालत में हल्द्वानी स्टेशन पर पहुंचा। उसे पहले बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया लेकिन उसकी हालत लगातार खराब होती देख चिकित्सकों ने उसे एसटीएच के लिए रेफर कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसान उसके शरीर से रक्तस्राव थम नहीं रहा है। हालांकि युवक को अब होश आ गया है।

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मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह हल्द्वानी स्टेशन पर पहुंची रानीखेत एक्सप्रेस में एक बर्थ पर पड़े पाए गए युवक को आपात सेवा 108 के माध्यम से बेस चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां से स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने हल्द्वानी कोतवाली को मामले की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक बेहोश था। काफी देर बाद युवक को होश आया तो उसने जो कहानी सुनाई वह हैरान कर देने वाली थी। युवक के अनुसार वह गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है और किसी काम से राजस्थान के जयपुर गया था। जहां उसे 50-55 साल के तीन अधेड़ मिले जिन्होंने उसे चाय पीने को दी। इसके बाद उसे बेहोशी छाने लगी। इस बीच तीनों अधेड़ उसे जयपुर स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन में लेकर गए। जहां उससे मारपीट कर उसका मोबाइल फोन व अन्य सामान छीन लिया। बाद में तीनों से बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी देर तक दुष्कर्म करने के बाद तीनों उसे दूसरी ट्रेन में बिठाकर भाग गए। युवक के अनुसार वह पीड़ा-रक्तस्राव व नशीली दवा के प्रभाव की वजह पूरी तरह से बेहोश हो गया। अब जब उसे होश आया तो वह चिकित्सालय में है। चिकित्सकों ने बेस चिकित्सालय में उसका प्राथमिक उपचार किया और हालत में सुधार न होते देख उसे एसटीएच के लिए रेफर कर दिया है।

यह भी पढ़ें : बेटी से बलात्कार कर वोट देने गढ़वाल स्थित गांव चला गया था आरोपित पिता, हुआ गिरफ्तार

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अक्टूबर 2019। भीमताल थाना पुलिस ने अपनी पुत्री से बलात्कार करने के आरोपित पिता को उसके गढ़वाल स्थित गृह स्थान से गिरफ्तार कर लिया है। मालूम हो कि गत 25 सितंबर की रात नगर के ब्लॉक कार्यालय क्षेत्र में रहने वाली एक 11 साल की बच्ची के साथ उसके पिता ने बलात्कार किया था। 26 सितंबर को आरोपी के खिलाफ थाने में पॉस्को अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। घटना के बाद आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आरोपी गढ़वाल क्षेत्र का होने के चलते पुलिस उसके गांव में भी नजर बनाये हुए थी। पुलिस ने अपने मुखबिरों को भी इस संबंध में सूचना देने को कहा था। बीते बुधवार को आरोपी गांव में वोट देने पहुंचा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के साथ वहां पहुंची और उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। एसओ कैलाश जोशी ने बताया कि आरोपी कल अदालत में पेश किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : बिन ब्याही मां बनी किशोरी ने कहा, ‘जो बच्ची को अपनायेगा, उसी से करूंगी शादी..’

नवीन समाचार, बरेली, 2 अक्तूबर 2019। अपने करीबी रिश्तेदार द्वारा दुष्कर्म किये जाने के बाद बिन ब्याहे ही मां बनी किशोरी ने बाल कल्याण समिति के समक्ष अपनी नवजात बिटिया को किसी को देने से साफ इंकार कर दिया। साथ ही यह ऐलान करके बाल कल्याण समिति के सदस्यों को भी चौंका दिया कि वह बच्ची को खुद पालेगी और उस व्यक्ति के शादी करेगी जो उसकी बच्ची को अपनाने को तैयार होगा।
बताया गया है कि पिछले सप्ताह ही फरीदपुर सीएचसी में एक ग्रामीण किशोरी ने दुष्कर्म के बाद बेटी को जन्म दिया था। बेटी की परवरिश को लेकर उसे उसकी बड़ी बहन और पिता सोमवार को बाल कल्याण समिति में लाये थे। यहां उसने साफ कहा, ‘जो मेरी बेटी को अपनाएगा, मैं उसी युवक के साथ शादी करूंगी।’ उसके परिवार वालों ने भी बच्ची की परवरिश करने की इच्छा जताई। इस पर नवजात बच्ची बिन ब्याही मां को सौंप दी गई। काउंसलिंग के दौरान बाल कल्याण समिति की मजिस्ट्रेट डीएन शर्मा ने किशोरी से बच्ची का नाम पूछा। किशोरी ने मजिस्ट्रेट से ही बच्ची का नाम रखने को कहा। मजिस्ट्रेट ने नवजात का नाम दुर्गा रख दिया। बाल कल्याण समिति ने नवजात बच्ची को सरकार की कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिलाने के आदेश दिए हैं। टीकाकरण से लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने तक बिटिया सरकार को आर्थिक मदद देगी। वहीं दुष्कर्म करने वाले के नाम पर किशोरी ने परिवार टूटने का डर बताते हुएचुप्पी साध ली। अलबत्ता आंसुओं के साथ किसी करीबी रिश्तेदार की ओर इशारा किया।

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