(Nagar Palika Nainital) नगर निकाय कर्मचारी महासंघ के कार्यकारिणी के सभी 4 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन

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Nagar Palika Nainital

‘पेपरलेस’ होने की ओर बढ़ा देश, सभी राज्य विधानसभाएं होंगी ‘पेपरलेस’

कुमाऊं विश्वविद्यालय ‘ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया’ के जरिये हर वर्ष बचायेगा 1785 से अधिक पेड़, परीक्षार्थियों के बचेंगे 2.6 करोड़ रुपये

New Doc 2017-07-17_1_Kumaon University Paperless-विवि ने पहली बार मांगे थे ऑनलाइन आवेदन, 24 राज्यों से 48 हजार ने किये ऑनलाइन आवेदन, गत वर्ष के मुकाबले आठ हजार अधिक आये आवेदन
-आवेदनों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले करीब आठ हजार और पिछली बार हो पाये प्रवेशों से करीब 18 हजार अधिक, लिहाजा प्रवेश के लिये होगी अधिक मारामारी
नवीन जोशी, नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करने के बाद देश भर में अपनी पहचान बनाने में सफलता पाई है। अब तक उत्तराखंड सहित कुछ ही प्रदेशों के छात्रों को अपने यहां प्रवेश के लिये आकर्षित कर पाने वाले राज्य सरकार के इस इकलौते विवि में इस बार देश के 24 राज्यों से 48 हजार 41 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के लिये आवेदन किये हैं। खास बात यह भी है कि इस बार आये आवेदन पिछले वर्ष के आवेदनों से करीब आठ हजार और पिछली बार हो पाये प्रवेशों से करीब 18 हजार अधिक हैं। इसलिये सभी प्रवेशार्थियों को प्रवेश मिल पायेगा, इस बात की संभावना कम है, साथ ही आगे प्रवेश के लिये होने वाली काउंसिलिंग की प्रक्रिया में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

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अब बनाइये ऐसे बंबू हट, जिन पर गोली, आग व भूकंप का भी असर न होगा

Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट
Interior of Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट का इंटीरियर

-नैनीताल स्थित चिड़ियाघर में ऐसा ही एक बंबू हट, जो है पूरी तरह ईको फ्रेंडली तथा बारिश, सर्दी-गर्मी व बारिश के प्रभावों से भी सुरक्षित
नवीन जोशी, नैनीताल। पहाड़ों पर सीमेंट, सरिया की जगह हल्की संरचना के, पारिस्थितिकी के अनुकूल यानी ईको-फ्रेंडली घर बनाने की जरूरत तो बहुत जतायी जाती है, और इसके लिये बंबू हट यानी बांश के बनों घरों का विकल्प सुझाया भी जाता है, लेकिन बंबू हट एक सुरक्षित घरों की जरूरतों को पूरा नहीं करते। उनमें जल्द बारिश-नमी की वजह से फफूंद लग जाती है। बांश की लकड़ी को दीपक भी कुछ वर्षों के भीतर चट कर जाती है, और बांश की खपच्चियों के बीच से सर्द हवायें भीतर आकर बाहर जैसी ही ठंड कर देती हैं। वहीं ऐसे घरों में आग लगने, हल्के धक्कों में भी इसकी दीवारों को तोड़कर किसी के भी भीतर घुस जाने जैसे अन्य तमाम खतरे भी बने रहते हैं। लेकिन अब आप चाहें तो बांश से ही पूरी तरह ईको फ्रेंडली के साथ ही पूरी तरह सुरक्षित बंबू हट बनाने की अपनी ख्वाहिश आम घरों से कम कीमत में पूरी कर सकते हैं। ऐसा ही एक बंबू हट मुख्यालय स्थित नैनीताल जू में रिसेप्सन, टिकट काउंटर व सोविनियर शॉप के लिये इन दिनों निर्मित किया जा रहा है।

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