नवीन समाचार, नैनीताल/पौड़ी, 3 अप्रैल 2026 (Nainital-Pauri- Woman 4-Yr Child Died)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के पर्वतीय जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार को नैनीताल (Nainital) और पौड़ी (Pauri) जिलों से आई दो हृदयविदारक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जहाँ नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में घास लेने गई एक प्रौढ़ महिला को गुलदार ने मार डाला, वहीं पौड़ी के चौबट्टाखाल में घर के आंगन से 4 साल की मासूम बच्ची को उठाकर अपना निवाला बना लिया। इन घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
नैनीताल: भुजियाघाट में महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद, घटना से दहशत
जनपद नैनीताल के समीपवर्ती ज्योलीकोट (Jeolikote) भुजियाघाट क्षेत्र के सूर्यागांव (Suryagaon) में शुक्रवार की प्रातः एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। 54 वर्षीय हंसा देवी (Hansa Devi) पत्नी लाल सिंह अपने मवेशियों के लिए चारा लेने समीपवर्ती जंगल गई थीं। सायं तक घर न लौटने पर जब ग्रामीणों ने खोजबीन की, तो जंगल में उनका क्षत-विक्षत शव (Mutilated Body) बरामद हुआ। हिंसक जीव ने महिला के शरीर के निचले हिस्से को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था।
नैनीताल के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) आकाश गंगवार (Akash Gangwar) और उनकी टीम ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया। अधिकारियों ने मृतका के परिजनों को नियमानुसार 10 लाख रुपये की सहायता राशि (Compensation) देने की विधिक प्रक्रिया (Legal Procedure) शुरू कर दी है। वन क्षेत्राधिकारी (Range Officer) नितिन पंत ने बताया कि हमलावर गुलदार है या बाघ, इसकी पुष्टि अन्वेषण (Investigation) के बाद होगी। क्षेत्र में तत्काल पिंजरा (Cage) लगा दिया गया है, किंतु ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि भीमताल (Bhimtal) और धारी (Dhari) जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे हमलों के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
पौड़ी: चौबट्टाखाल में 4 साल की मासूम को आंगन से उठा ले गया गुलदार
पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भतकोट (Bhatkot) में गुरुवार की रात एक और भयावह कांड हुआ। यहाँ हरेंद्र सिंह की 4 वर्षीय पुत्री दृष्टि (Drishti) रात लगभग 9 बजे खाना खाने के बाद दरवाजे के पास हाथ धो रही थी, तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया। पिता ने साहस दिखाते हुए अंधेरे में गुलदार का पीछा भी किया, लेकिन हिंसक जीव बच्ची को लेकर घने अंधेरे में ओझल हो गया।
ग्रामीणों को घर से करीब एक किलोमीटर दूर छिटला गधेरे में मासूम दृष्टि का शव मिला। घटना से उपजे भारी आक्रोश के कारण ग्रामीणों ने रात भर शव को उठने नहीं दिया और अधिकारियों का घेराव किया। शुक्रवार सुबह प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) महातिम यादव (Mahatim Yadav) के मौके पर पहुँचने और गुलदार को आदमखोर (Maneater) घोषित कर मारने के आदेश का आश्वासन देने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता
इन दोनों दुर्घटनाओं ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों और पर्यटकों (Tourists) को सलाह (Advisory) दी है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और रात्रि के समय बच्चों को घर के भीतर सुरक्षित रखें। वन विभाग अब उन आदमखोर जीवों को चिन्हित करने हेतु विशेष टीम तैनात कर रहा है जो आबादी वाले क्षेत्रों के अभ्यस्त हो चुके हैं।
उम्मीद की जा रही है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की अनदेखी और हिंसक वन्य जीवों पर प्रशासन की यह सक्रियता भविष्य में ऐसी जनहानि रोकने में सफल होगी। न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र को अब केवल मुआवजे तक सीमित न रहकर मानव-वन्यजीव संघर्ष के स्थायी समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना (Plan) पर कार्य करना होगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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