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बड़ा बयान : कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है, पर पहले से कमजोर रहेगी

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-कुमाऊं विश्वविद्यालय के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के वेबिनार में एम्स नई दिल्ली के कोरोना केअर सेंटर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. राकेश गर्ग ने किया दावा
-कहा, अभी कोरोना का कोई निश्चित इलाज नहीं है, इसलिए हर्ड इम्यूनिटी आने तक रोकथाम के लिए सावधानियां ही कोरोना का इलाज है
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2021। ‘कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है लेकिन यह पहले के मुकाबले कमजोर रहेगी, लेकिन बच्चों को टीकाकरण तक ज्यादा एहतियात जरूरी है। इसके लिए अभिभावकों को सजग रहना होगा।’ यह बात कुमाऊं विश्वविद्यालय के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के तत्वाधान में ‘कोरोना के प्रभाव और बचाव’ विषय पर आयोजित वेबिनार में एम्स नई दिल्ली के कोरोना केअर सेंटर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. राकेश गर्ग ने कही। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोरोना से बचाव का सबसे कारगर तरीका सामाजिक दूरी बरतना, मास्क पहनना, सैनेटाइजेशन करना और टीका लगाना ही है। उन्होंने साफ तौर पर यह भी कहा कि कोरोना का कोई निश्चित इलाज नहीं है। सभी दवाइयां परीक्षण के ही दौर में हैं। इसलिए हर्ड इम्यूनिटी आने तक इसकी रोकथाम के लिए सावधानियां ही इलाज हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना विषाणु के म्यूटेशन के चलते नए-नए स्ट्रेन आ रहे हैं। इनका अध्ययन करने में समय लगेगा।
कार्यक्रम के आयोजक पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वेबिनार के बारे में जानकारी दी। वेबिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी के डा. गर्ग से ब्लैक फंगस के कारण और बचाव पर किए गए प्रश्न पर डा. गर्ग ने कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह के खासकर एस्टेरोइड लेना व रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना इसके प्रमुख कारण है। एम्स नई दिल्ली के पीआरओ आदित्य कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण अधिक सावधानी अपेक्षित है। वेबिनार में सुशीला तिवारी अस्पताल के डा. परमजीत, सीओ प्रमोद साह सहित प्रो. ललित तिवारी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. चंद्रकला रावत, प्रो. नीरजा टंडन, डा. नागेंद्र शर्मा, डा. महेंद्र राणा, डा. कुमुद उपाध्याय, चंदन राम, डा. राकेश रयाल, कंचन वर्मा, गीता जोशी, दीप भट्ट, दिव्या साह, डा. केतकी तारा कुमइयां, डा. डीएन भट्ट, अंचल पंत, सुयश पंत, डीडी जोशी सहित लगभग 100 प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का तकनीकी संचालन शोध विद्यार्थी आदर्श कुमार सिंह ने और संचालन प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : पत्रकारिता विभाग ने लांच की अपनी वेबसाइट, मिला विश्वविद्यालय को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने का जिम्मा

नवीन समाचार, नैनीताल, 03 जून 2020। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र की वेबसाइट https://bit.ly/2yRs04m शुरू हो गई है। विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने इसका शुभारंभ किया। यह कुमाऊं विवि के किसी विभाग की पहली वेबसाइट बताई गई है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एनके जोशी व पूर्व कुलपति प्रो.केएस राना ने इस पहल के लिए विभाग की सराहना की है। वहीं कुलपति प्रो. जोशी ने इसे गौरव की बात बताते हुए पत्रकारिता विभाग को विवि के सोशल मीडिया प्लेटफार्म विकसित करने का जिम्मा भी सौंप दिया है।
इस अवसर पर प्रो. तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता विभाग के गठन एवं विकास यात्रा का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में डीएसबी परिसर के हिन्दी विभाग के अंतर्गत इसकी स्थापना की गई। हिंदी विभाग की तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. नीरजा टंडन की इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही। शुरुआत में केवल प्रयोगशाला सहायक चंदन राम के साथ सेल्फ फाइनेंस से डिप्लोमा कोर्स के साथ इसका ढांचा खड़ा करने की कोशिश की गई। 2011 में प्रदेश सरकार की मान्यता के बाद पत्रकारिता विभाग स्वतन्त्र तौर पर स्थापित हुआ और सहायक प्रोफेसर के रूप में पूनम बिष्ट की नियुक्ति हुई। इसके बाद से डिप्लोमा रेगुलर व डिग्री कोर्स सेल्फ फाइनेंस में चलने लगा। वर्ष 2016 से विभाग में शोध की सुविधा भी प्रारंभ हुई। इसमें वर्तमान में 8 विद्यार्थी शोध कर रहे हैं। विभाग की वेबसाइट का निर्माण शोधार्थी किशन ने किया है। प्रो. तिवारी ने बताया कि वर्तमान में विभाग में डिजिटल लैब व लाइब्रेरी, वीडियो एडिटिंग की जानकारी देने के अलावा लघु फिल्म बनाने का प्रशिक्षण देने जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं हैं। मीडिया जगत से जुड़े विशेषज्ञों के अलावा अन्य विभागों के जानकार भी समय-समय पर यहां प्रशिक्षणार्थियों का मार्ग दर्शन के लिए उपलब्ध रहते हैं। प्रशिक्षणार्थियों को प्लेसमेंट सेल के माध्यम से नौकरी दिलाने की पहल भी की गई है। विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित अखबारों के साथ ही टीवी व रेडियो में रोजगार मिल चुका है।

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