नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2026 (How to Survive Attack by Dogs)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद में आवारा कुत्तों (Street Dogs) के हमलों की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को कुत्तों के झुंड ने काटकर घायल कर दिया, वहीं देश के पुणे (Pune) में हुई एक दर्दनाक घटना में एक महिला की कुत्तों के हमले में मृत्यु हो गयी। ऐसे मामलों ने यह समझना आवश्यक बना दिया है कि आखिर कुत्तों का झुंड कब आक्रामक होता है और ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपनी जान कैसे बचा सकता है।
कुत्तों के व्यवहार को समझना और सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय
पशु व्यवहार विज्ञान (Animal Behavior Science) के अनुसार कुत्तों का हमला अक्सर अचानक नहीं होता, बल्कि उसके पीछे कई कारण होते हैं। हर कुत्ता अपने क्षेत्र (Territory) को सुरक्षित रखने की प्रवृत्ति रखता है। जब कोई बाहरी व्यक्ति उस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो कुत्ते उसे खतरे के रूप में देख सकते हैं। इसके अलावा भूख, भय, पूर्व में हुए दुर्व्यवहार या भोजन को लेकर असुरक्षा की भावना भी कुत्तों को आक्रामक बना सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार कई बार कुत्ते आत्मरक्षा (Self Defense) में भी हमला कर देते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि उन्हें यह महसूस हो कि सामने वाला व्यक्ति उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है, तो वे पहले ही आक्रामक हो जाते हैं। यही कारण है कि कुत्तों के व्यवहार का पूर्वानुमान लगाना सामान्य व्यक्ति के लिए कठिन होता है।
हमले की स्थिति में क्या करें
ऐसी स्थिति में घबराहट सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार निम्नलिखित सावधानियां जीवन बचाने में सहायक हो सकती हैं:
भागें नहीं, शांत रहें: कुत्तों के सामने दौड़ने से उनका पीछा करने का स्वभाव सक्रिय हो जाता है। बेहतर है कि व्यक्ति शांत रहे, धीरे-धीरे चले और खुद को गैर-खतरनाक दिखाए।
दूरी बनाए रखें: झुंड के बहुत करीब जाने से उनका आक्रामक व्यवहार बढ़ सकता है। सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
हाव-भाव नियंत्रित रखें: आंखों में सीधे देखना, हाथ-पैर तेजी से हिलाना या चिल्लाना कुत्तों को उत्तेजित कर सकता है। सामान्य और शांत मुद्रा बनाए रखें।
कुत्तों के संकेत पहचानें: यदि कुत्ता जम्हाई ले रहा हो, होंठ चाट रहा हो या नजरें हटा रहा हो, तो यह संकेत हो सकता है कि तनाव कम हो रहा है।
वस्तु का उपयोग करें: आपात स्थिति में अपने और कुत्ते के बीच बैग, जैकेट या कोई वस्तु रखकर धीरे-धीरे पीछे हटें।
क्या न करें
कुत्तों को मारने, लात मारने या अचानक तेज गति से भागने की कोशिश स्थिति को और गंभीर बना सकती है। क्या यह समझदारी नहीं होगी कि हम स्थिति को शांत करने की कोशिश करें बजाय उसे और उकसाने के?
काटने की स्थिति में जरूरी कदम
यदि कुत्ता काट ले, तो तत्काल प्राथमिक उपचार बेहद आवश्यक है। घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी चिकित्सालय (Hospital) जाकर चिकित्सक (Doctor) से परामर्श लेना चाहिए। रेबीज (Rabies) और अन्य संक्रमण का खतरा गंभीर होता है, इसलिए समय पर उपचार जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
प्रशासन और समाज के लिए चुनौती
नैनीताल सहित कई शहरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या शहरी प्रबंधन (Urban Management) और सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) के लिए चुनौती बनती जा रही है। नसबंदी कार्यक्रम, टीकाकरण और कचरा प्रबंधन जैसी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बिन्दुवार समझें कुत्ते हमला क्यों करते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार कुत्तों का व्यवहार उनके वातावरण और अनुभव पर निर्भर करता है।
वे अपने इलाके (टेरिटरी) की रक्षा करते हैं
डर, भूख या खतरे की आशंका में आक्रामक हो सकते हैं
पहले हुए दुर्व्यवहार के कारण भी प्रतिक्रिया दे सकते हैं
झुंड में होने पर उनका व्यवहार अधिक आक्रामक हो जाता है
हमले की स्थिति में क्या करें
1. भागें नहीं, शांत रहें
कुत्तों के सामने दौड़ना उनके पीछा करने की प्रवृत्ति को बढ़ा देता है।
घबराएं नहीं
वहीं रुक जाएं या धीरे-धीरे पीछे हटें
खुद को शांत और नियंत्रित रखें
2. दूरी बनाए रखें
झुंड के बीच जाने से बचें।
सुरक्षित दूरी बनाए रखें
बहुत करीब जाने से कुत्ते आक्रामक हो सकते हैं
3. हाव-भाव पर नियंत्रण रखें
कुत्ते इंसान की बॉडी लैंग्वेज यानी शरीर की भाषा को समझते हैं।
कुत्तों की आंखों में सीधे न देखें
अचानक हरकत या चिल्लाने से बचें
सामान्य और शांत मुद्रा रखें
4. कुत्तों के संकेत पहचानें
यदि कुत्ता—
जम्हाई ले रहा है
होंठ चाट रहा है
नजरें हटा रहा है
- पूंछ हिला रहा है
तो यह संकेत हो सकता है कि वह शांत हो रहा है। ऐसे में स्थिति संभल सकती है।
5. जरूरत पड़ने पर वस्तु का सहारा लें
अगर कुत्ता ज्यादा आक्रामक हो जाए—
अपने और कुत्ते के बीच बैग, जैकेट या कोई वस्तु रखें
धीरे-धीरे पीछे हटें
कुत्ते को मारने या लात मारने से बचें
अगर कुत्ता काट ले तो क्या करें
घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं
बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं
रेबीज और संक्रमण से बचाव के लिए समय पर इलाज जरूरी है
मानवीय और सामाजिक पहलू
कुत्तों के हमलों की घटनाएं केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन और पशु देखभाल का भी मुद्दा हैं।
बंध्याकरण और टीकाकरण कार्यक्रम
कचरा प्रबंधन
जनजागरूकता
इन सब पर ध्यान देना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कुत्तों के हमले की स्थिति में घबराहट सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। संयम, समझदारी और सही व्यवहार से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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