👉🌿 बरसात के साथ नैनी झील में 2 दशक बाद लौटी हरी काई, झील के पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा !

(Old Man Take off Life Jacket-Jumped in NainiLake

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2025 (Green Algae returned to Naini Lake after 2Decade)। विश्वप्रसिद्ध नैनी झील में एक बार फिर लगभग दो दशक पुरानी काई की समस्या लौट आयी है। झील की सतह पर अगस्त माह से ही हरे रंग की एल्गी यानी काई की परतें स्पष्ट रूप से नजर आ रही हैं। यह … Read more

‘नैनीताल-तितली या पतंगा’ विषय के माध्यम से हुई नैनीताल की मूल समस्याओं पर चर्चा…

(Nainital-Encroachments Over 62British-Era Drains (Nainital-Investigation of encroachment on Drains

नवीन समाचार, 1 मार्च नैनीताल, 2025 (Nainital-Butterfly or Moth-Basic Problems Discus)। नैनीताल में सफाई के प्रति जागरूकता के लिये चले ‘मिशन बटरफ्लाइ’ अभियान पर आगे उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्णय में नैनीताल को ‘कैटरपिलर’ यानी ‘इल्ली’ कहा गया, जो या तो ‘तितली’ बन सकता है या ‘मौथ’ यानी ‘पतंगा’। इसी विषय पर शनिवार को देश … Read more

अधिवक्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल, एरीज में निःशुल्क ग्रहों व तारामंडलों को देख सकेंगे आम लोग, ‘नैनीताल-तितली या पतंगा?’ विषय पर संगोष्ठी

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अधिवक्ताओं ने न्यायालयी कार्य ऑनलाइन किये जाने के विरुद्ध शुरू की अनिश्चितकालीन हड़तालनवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2025 (Nainital News Today 27 February 25 NavinSamachar)। सरकार द्वारा बैनामा, वसीयत, विवाह पंजीकरण, दाखिल खारिज सहित अन्य दस्तावेजी कार्यों को पूरी तरह ऑनलाइन किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं ने गुरुवार से राजस्व न्यायालयों और उपभोक्ता प्रतितोष … Read more

(Wild Life) घोड़ाखाल के बाद अब भीमताल में मंदिर के बाहर से गुजरते दिखे दो गुलदार…

Wild Life

(Nagar Palika Nainital) नगर निकाय कर्मचारी महासंघ के कार्यकारिणी के सभी 4 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन

(Nagar Palika Nainital) 

Nagar Palika Nainital

वन्य प्राणी सप्ताह-Zoo: 250 बच्चों ने भरे अपनी कल्पनाओं में रंग…

Zoo

नैनीताल में जाम और पार्किंग के हल्ले से घटी नैनीताल आने वाले सैलानियों की संख्या, नैनीताल के पर्यटन की वास्तविक स्थिति पर देखें रिपोर्ट (Nainital-Crises)

Nainital-Crises, The number of tourists visiting Nainital has significantly decreased due to traffic congestion and parking issues, as reported by ‘Naveen Samachar.’ In an effort to provide an accurate assessment of the city’s tourism and traffic situation, the media outlet conducted on-ground reporting over the weekend. Several factors, such as diverted routes for vehicles, road repairs, and inconvenient parking arrangements, have contributed to the decline in tourist arrivals. The report also highlights concerns regarding online hotel bookings, illegal hotels, and the impact on traditional establishments. Furthermore, the closure of Delhi-Nainital bus services and the challenges faced by older hotels in renovating themselves have further affected the tourism industry in Nainital. Digvijay Bisht, President of the Nainital Hotel and Restaurant Association, suggests allowing vehicles with octroi stickers to enter the city directly and utilizing vacant parking spaces to alleviate congestion. Nainital tourism, Nainital tourism problems,
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नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व सीएम के एक ड्रीम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, नैनी झील के संरक्षण के लिए बड़ा फैसला

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 नवंबर 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक ड्रीम प्रोजेक्ट-नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता सूखाताल झील के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के कार्यों पर रोक लगा दी है। साथ ही सूखाताल झील के पास चिन्हित अतिक्रमणों को पुलिस की सुरक्षा में हटाने के आदेश दिए हैं। … Read more

नैनीताल को ‘कमजोर’ नगर बताना कितना सही ?

  डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अगस्त 2022। (श्री नंदा स्मारिका 2015 में प्रकाशित पूर्व आलेख के आधार पर) भूगर्भीय नहीं भूकंपीय दृष्टिकोण से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के साथ जोन-चार में रखे गए नैनीताल नगर की भूगर्भीय व भूसतहीय कमजोरी के बात खूब बढ़-चढ़ कर कही जाती है। राष्ट्रीय चैनल नगर … Read more

नैनीताल के निकटवर्ती पहाड़ी गांव-देवीधूरा तक चढ़ आया हाथियों का झुंड

-पूर्व में भी सूखाताल एवं नैनी झील के पास हाथियों के पहुंचने हैं प्रमाण डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जनवरी, 2021। जी हां, आश्चर्य होगा। किंतु यह सच है। पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल के निकटवर्ती पर्वतीय गांव देवीधूरा में हाथियों का झुंड देखा गया है। इससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। … Read more

ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में नैनीताल, हल्द्वानी, काठगोदाम, झारखंड व उड़ीसा के बच्चे छाये…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जून 2021। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राणी उद्यान नैनीताल द्वारा आयोजित कराई गई ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए हैं। घोषित किए गए परिणामों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल हुए करीब 250 प्रतिभागियों में से कक्षा दो से पांच से ग्रुप 1 में आर्यमान बिड़ला हल्द्वानी के प्रबल रौतेला को प्रथम, सिंथिया स्कूल हल्द्वानी के पंकज सिंह को द्वितीय, संजना सोरागी को तृतीय व बीएसएसवी मल्लीताल के हर्षित अधिकारी को सांत्वना, कक्षा 6 से 8 से ग्रुप 2 में निर्मला कॉन्वेंट काठगोदाम की रिद्धि जोशी को प्रथम, सेंट मेरी नैनीताल की संस्कृति पांडे को द्वितीय, यूनिवर्सल स्कूल हल्द्वानी की सिमरन को तृतीय व डीएवी पब्लिक स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा को संात्वना तथा कक्षा 9 से 12 के ग्रुप 3 के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल जमशेदपुर झारखंड के आयुष कुमार झा को प्रथम, बुवी जगबंधु स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा की आइशा पांडा को द्वितीय, सिंथिया पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की अंजली ढैला को तृतीय व सेंट मेरी नैनीताल की पावनी शर्मा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : अब ‘आधी गोद’ भी लिये जा सकेंगे नैनीताल जू के पशु-पक्षी, रेड पांडा के विदेशी संबंध बनाने की योजना…

Nainital Zooनवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। नैनीताल प्राणी उद्यान में रहने वाले पशु-पक्षिओं को अब उनके नियत अंगीकरण शुल्क की आधा धनराशि जमा करके आधा भी अंगीकृत किया जा सकेगा। शुक्रवार को चिड़ियाघर प्रबंधन सोसाइटी की आईएएस अधिकारी आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में वन्य जन्तु अंगीकरण योजना में परिवर्तन कर अब यह प्रावधान किया गया। बताया गया है कि अंगीकरण शुल्क अधिक होने के कारण कई लोग चाहकर भी पशु-पक्षियों को अंगीकृत नहीं कर पाते थे, इसलिए प्राविधान में परिवर्तन किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद अधिक लोग पशु-पक्षिओं को अंगीकृत करने क अलए आगे आएंगे और नैनीताल प्राणि उद्यान की आय में वृद्धि होगी व पशु-पक्षियों की बेहतर देखभाल हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त बैठक मे ‘जू सोसाइटी’ में प्राप्त आय व व्यय में सामंजस्य रखने को कहा गया। नैनीताल जू में निर्माणाधीन इण्टरप्रिटेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। महत्वपूर्ण वन्य जीव जैसे रेड पाण्डा के अर्न्तराष्ट्रीय विनिमय विधिवत अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् किया जा सकता है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा लिये गये निर्णयों पर सहमति दी गयी। अंत में अध्यक्ष ने प्राणी उद्यान का भ्रमण किया, तथा प्राणी उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव एवं सफाई व्यवस्था, जू कर्मचारियों के कठिन परिश्रम की प्रशंसा की। इसके साथ ही हल्द्वानी स्थित अंतर्राष्ट्रीय जू की शासकीय निकाय की वार्षिक बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठकों में डा. विवेक पांडे, डा. तेजस्विनी अरविंद पाटिल, डा. पराग मधुकर धकाते, नितीश मणि त्रिपाठी, बीजू लाल टीआर, सुनील कुमार मीणा, एसएस जंगपांगी, दिनेश चंद्र साह, पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी व ममता चंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

रेड पांडा के दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनिमय पर भी हुई चर्चा

red panda
बड़े हो गए हें रेड पांडा के बच्चे (04.10.2015)

नैनीताल। बैठक में बताया गया है कि नैनीताल जू में रेड पांडा के जोड़े दो-तीन बार प्रजनन कर चुके हैं, तथा उनकी पर्याप्त संख्या हो गयी है। आगे इनके दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन के लिए इन्हें बाहरी साथी उपलब्ध कराने जरूरी हैं, क्योंकि भारत में नैनीताल के अलावा दार्जिलिंग के चिड़ियाघर में ही दार्जिलिंग में ही रेड पांडा हैं एवं यहां दार्जिलिंग से ही इन्हें लाया गया है, इस प्रकार दोनों जगह मौजूद रेड पांडा एक ही रक्त संबंध के हैं। लिहाजा कहा गया कि विधिवत अनुमति प्राप्त करके ही इनका अंतर्राष्ट्रीय विनिमय किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : वन विभाग ने पथरीले पहाड़ पर उगाया ‘हिमालयन बॉटनिकल गार्डन’

तत्कालीन वन वर्धनिक उत्तराखंड मनोज चंद्रन ने 350 हेक्टेयर क्षेत्रफल को केवल 90.5 लाख रुपए से किया सबसे बड़े जीवंत जैव संग्रहालय के रूप में
नवीन जोशी, नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में बीते एक दशक में एक ऐसा नया पर्यटन स्थल विकसित हो गया है, जो कभी पथरीला पहाड़ हुआ करता है, और यहां के मजबूत पत्थरों से नगर में अंग्रेजी दौर में घरों-बंगलों का निर्माण किया जाता था। इस पथरीले पहाड़ पर वन विभाग ने बीते करीब 12-13 वर्षों में प्रदेश का अपनी तरह का इकलौता व अनूठा जीवंत जैव विविधता से समृद्ध संग्रहालय-हरबेरियम ‘उगा’ दिया है, जिसमें इतनी अधिक खाशियतें हैं कि नगर के दूर होने के बावजूद इन्हें देखने के लिए हर वर्ष लाखों सैलानी भी यहां आ रहे हैं।

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ब्रेकिंग: इतिहास में पहली बार जुलाई माह में 10.9 फिट स्तर होने के बाद आज नैनी झील से छोड़ दिया गया पानी

-इससे पहले 29 जुलाई 2011 को झील का जल स्तर 8.7 फीट पहुंचने पर गेट खोले गए थे-2018 के बाद से नहीं खोले गए हैं नैनी झील के गेट नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2020। जी हां, इतिहास में पहली बार जुलाई माह में 10.9 फिट स्तर होने के बाद आज ठीक सुबह साढ़े नौ … Read more

पक्षी-तितली प्रेमियों का सर्वश्रेष्ठ गंतव्य है पवलगढ़ रिजर्व

उत्तराखंड का नैनीताल जनपद में रामनगर वन प्रभाग स्थित पवलगढ़ रिजर्व पक्षी प्रेमियों के लिए बेहतरीन गंतव्य है। दिल्ली से सड़क और रेल मार्ग से करीब 260 किमी तथा नजदीकी हवाई अड्डे पंतनगर से करीब 87 किमी दूर रामनगर के जिम कार्बेट नेशनल पार्क से कोसी नदी के दूसरी-पूर्वी छोर से सटा 5824 हैक्टेयर में फैला प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधिता से लबरेज पवलगढ रिजर्व, पक्षियों को देखने यानी बर्ड वाचिंग के शौकीनों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान है। यहां अब तक करीब 365 प्रजातियों के पक्षी देखे और पहचाने जा चुके हैं। साथ ही यहां मिलती करीब 83 तरह की तितलियां और 100 प्रकार के मॉथ यानी तितलियों की ही दूसरी प्रजातियां भी मिलती हैं।

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📅🌧️🏔️🕯️18 सितम्बर : नैनीताल के साथ पूरे उत्तराखंड वासियों वालों के लिए सबक लेने का दिन

(Nainital-Encroachments Over 62British-Era Drains (Nainital-Investigation of encroachment on Drains

18 सितंबर पर विशेष: आज का दिन याद कर कांपती है रूह, पर याद नहीं किये सबक-कमजोर भूगर्भीय संरचना के शहर के सुरक्षित बचे रहने में है बड़ी भूमिकाडॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2025 (18 September 1880)। 18 की तिथि सरोवरनगरी के लिये बेहद महत्वपूर्ण है। 18 नवंबर 1841 को ही इस … Read more

अब बनाइये ऐसे बंबू हट, जिन पर गोली, आग व भूकंप का भी असर न होगा

Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट
Interior of Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट का इंटीरियर

-नैनीताल स्थित चिड़ियाघर में ऐसा ही एक बंबू हट, जो है पूरी तरह ईको फ्रेंडली तथा बारिश, सर्दी-गर्मी व बारिश के प्रभावों से भी सुरक्षित
नवीन जोशी, नैनीताल। पहाड़ों पर सीमेंट, सरिया की जगह हल्की संरचना के, पारिस्थितिकी के अनुकूल यानी ईको-फ्रेंडली घर बनाने की जरूरत तो बहुत जतायी जाती है, और इसके लिये बंबू हट यानी बांश के बनों घरों का विकल्प सुझाया भी जाता है, लेकिन बंबू हट एक सुरक्षित घरों की जरूरतों को पूरा नहीं करते। उनमें जल्द बारिश-नमी की वजह से फफूंद लग जाती है। बांश की लकड़ी को दीपक भी कुछ वर्षों के भीतर चट कर जाती है, और बांश की खपच्चियों के बीच से सर्द हवायें भीतर आकर बाहर जैसी ही ठंड कर देती हैं। वहीं ऐसे घरों में आग लगने, हल्के धक्कों में भी इसकी दीवारों को तोड़कर किसी के भी भीतर घुस जाने जैसे अन्य तमाम खतरे भी बने रहते हैं। लेकिन अब आप चाहें तो बांश से ही पूरी तरह ईको फ्रेंडली के साथ ही पूरी तरह सुरक्षित बंबू हट बनाने की अपनी ख्वाहिश आम घरों से कम कीमत में पूरी कर सकते हैं। ऐसा ही एक बंबू हट मुख्यालय स्थित नैनीताल जू में रिसेप्सन, टिकट काउंटर व सोविनियर शॉप के लिये इन दिनों निर्मित किया जा रहा है।

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