मुख्यमंत्री के एक ट्वीट से छेड़छाड़ पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के ट्वीट से छेड़छाड़नवीन समाचार, देहरादून, 23 जनवरी 2020। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक ट्वीट से छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया है। ट्वीट से छेड़छाड़ का यह मामला संज्ञान में आने के बाद सीएम रावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने डीआईजी अरुण मोहन जोशी को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जबकि डीआईजी ने इस मामले में कैंट कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए है।

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हुआ यह है कि मुख्यमंत्री रावत ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर एक ट्वीट कर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को जन्म दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित किये थे, जिसकी जगह एडिट कर अभद्र एवं अशुद्ध शब्दों का प्रयोग करके मुख्यमंत्री एवं सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। डीआईजी जोशी ने कहा कि ट्वीट में छेड़छाड़ का यह गंभीर मामला है। विश्वास जताया कि साजिश में शामिल लोगों का जल्द पता लगा लिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सीधा संवाद करते छात्र-छात्राएं।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2020। रविवार को युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव’ के तहत प्रदेश भर के युवाओं से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान जिला कलक्ट्रेट से कुमाऊं विवि के एमबीए रूरल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रिनियोरशिव व बीकॉम ऑनर्स के 14 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से सीधा संवाद करने का मौका मिला।

इस दौरान छात्रा श्रृंजना त्रिपाठी ने स्वयं अपने पाठ्यक्रम के तहत पटवाडांगर के निकटवर्ती गांव आड़ूखान में फील्ड वर्क के तहत गांव में किये जा रहे सर्वे एवं वहां होम स्टे सुविधा विकसित करने की जानकारी देते हुए गांवों में होम स्टे विकसित करने में आ रही समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जहां होम स्टे को बढ़ावा देने की बात कर रही है, तथा प्रदेश में पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकने की क्षमता युक्त होम स्टे योजना जहां दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड की झांकी के रूप में पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीणों के पास खुद के नाम पर जमीन न होने एवं कम मात्रा में होने के कारण ऋण लेने में काफी समस्याएं आ रही हैं। उन्हें एक से दूसरे विभाग के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं। लिहाजा उन्होंने होम स्टे सुविधा को आगे बढ़ाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत समस्याओं का समाधान किये जाने की व्यवस्था विकसित किये जाने का सुझाव भी दिया। सीएम से संवाद में प्राची कांडपाल, अखिलेश बिष्ट, हर्षिता आदि छात्राओं तथा सहायक प्राध्यापक चमन कुमार व वैशाली बिष्ट भी शामिल रहे।

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कहा-अधिकारी-कर्मचारियों से बनती-बिगड़ती है सरकार की छवि
-बताया खुद को उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यशाला में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसंबर 2019। प्रदेश के मुख्यमंत्री उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिह रावत शनिवार को डा. रघुनंदन सिह टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल में लोक सेवकों के 14वां आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि राज्य बनने के बाद अकादमी में पहुंचने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं (उल्लेखनीय है कि पंडित नारायण दत्त तिवारी नैनीताल प्रवास के दौरान अकादमी में रहे थे)। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक नये शब्द का प्रयोग करते हुए उन्हें सरकार का ‘आवरण’ बताया। कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों से ही सरकार की छवि बनती व बिगड़ती है।

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मुख्यमंत्री रावत ने कहा, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से ही जनता में सरकार की छवि की पहचान होती है। अधिकारियों, कर्मचारियो के अच्छे कार्यो से जहां सरकार की छवि अच्छी होती है वही गलत कार्यो से सरकार की छवि धूमिल भी होती है इसलिए सभी लोक सेवक नैतिक मूल्यों व कर्तव्यों को समझे व अपने जीवन में उतारें। श्री रावत ने लोक सेवकों को अपने उत्तरदायित्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा कार्यो मे पारदर्शिता तथा जनसेवा के लिए मन में सकारात्मकता रखने को कहा। लोक सेवकों को जहां भी जो भी दायित्व मिले उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी व पारदर्शिता से हर तरह के लोगों से सामंजस्य बनाकर चलें। इससे पूर्व उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव मंडलायुक्त एवं अकादमी के निदेशक राजीव रौतेला ने मुख्यमत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर पहली बार अकादमी में पहुंचने पर स्वागत-अभिनंदन किया तथा रौतेला ने प्रशासन अकादमी के इतिहास एवं क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारी भी दी। उनके स्वागत के लिए छोलिया नर्तकों ने भी कुमाऊं के पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाए। इस मौके पर डीआईजी जगत राम जोशी, विधायक संजीव आर्य, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, मेहरबान बिष्ट, डीएम सविन बंसल, एसएसपी सुनील कुमार मीणा, केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा, कुमाउनी पुस्तकों के प्रकाशन के नोडल अधिकारी मंडलीय शिक्षा निदेशक डा. मुकुल सती, विवेक राय, डा. मंजू पांड, अपर आयुक्त संजय खेतवाल, एडीएम केएस टोलिया, प्रधानाचार्य पटवारी प्रशिक्षण संस्थान श्रीष कुमार, संयुक्त निदेशक अकादमी नवनीत पाण्डे, दीपक पालीवाल, उपनिदेशक रेखा कोहली, विवेक राय, एसडीएम विनोद कुमार, विजय नाथ शुक्ल, डा. ओम प्रकाश, उपनिदेशक सूचना योगेश मिश्रा, भाजपा के मनोज जोशी, मनोज साह, दया किशन पोखरिया, कुंदन बिष्ट सहित 14वां आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल राज्य सिविल सेवा के नये बैच के 47 प्रशिक्षु अधिकारी, अल्मोड़ा स्थित पटवारी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे नायब तहसीलदार तथा अकादमी में यौन शोषण पर चल रही एक अन्य कार्यशाला के प्रतिभागी भी मौजूद रहे।

झारखंड, महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों से उत्तराखंड में फर्क नहीं: रावत

-बोले-100 चीटियां हाथी का वध करने निकलीं, इसलिए नहीं आये झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में भाजपा के लिए अपेक्षित परिणाम
नैनीताल। उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए ‘राष्ट्रीय सहारा’ के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में भाजपा के लिए आये चुनाव परिणामों का उत्तराखंड में सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कहा कि हर राज्य की अलग-अलग परिस्थितियां, राजनीतिक सोच, सोशल इंजीनियरिंग आदि होती हैं। उत्तराखंड की तुलना हिमांचल प्रदेश जैसे राज्य से की जा सकती है। बोले कि झारखंड के वे प्रभारी रहे हैं। झारखंड की स्थिति सर्वथा अलग है। पिछले चुनाव के सापेक्ष वहां भाजपा को 2 फीसद अधिक मत मिलने के बावजूद 2 सीटें घट गईं। वहां के समीकरणों में जो ठीक बैठता है, वह चुनाव जीत सकता है। वहां की भाजपा ने बहुत विकास किया था। प्रधानमंत्री आवास योजना में 4.25 लाख आवास बनाए थे। पहले वहां 24 मंे से 19 जिले नक्सल प्रभावित थे, जबकि अब नक्सलिज्म वहां करीब-करीब समाप्त हो गया है। महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन वहां ‘100 चीटियों के मिलकर हाथी का वध करने’ जैसी स्थितियां हो गई थीं, जिस कारण ऐसे परिणाम आ गए।

आशा कार्यकत्रियों ने लगाए मुख्यमंत्री व प्रशासन के खिलाफ अभद्र नारे

नैनीताल। शनिवार को आशा कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के लौटते ही उत्तराखंड प्रशासन अकादमी परिसर से बाहर निकलते हुए मुख्यमंत्री एवं प्रशासन के खिलाफ अभद्र नारे लगाए। एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल की अगुवाई में करीब आधा दर्जन कार्यकत्रियों ने ‘मुख्यमंत्री चोर है, मुंह छुपाकर भागता है’ व ‘मुख्यमंत्री-प्रशासन चूड़ियां पहनो’ सरीखे नारे लगाए। उनका कहना था कि वह मुख्यमंत्री का दो हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिये जाने पर अभिनंदन करने तथा साथ ही बंद की गई प्रोत्साहन राशि को फिर से लागू किये जाने की मांग करने आए थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलाया और मुख्यमंत्री बिना मिले ही चले गए। इस पर उन्होंने आगे मुख्यमंत्री के आने पर काले झंडे दिखाने और आगामी 30 दिसंबर को नैनीताल में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का ऐलान भी किया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 दिसंबर 2019। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 28 दिसंबर शनिवार कोएक दिवसीय भम्रण पर नैनीताल आ रहे है। जानकारी देते हुये डीएम सविन बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से प्रातः 10.45 बजे कैलाखान हैलीपेड नैनीताल पहुचेंगे। यहां से 11 बजे वे मुख्यालय स्थित एटीआई यानी उत्तराखंड प्रशासन अकादमी पहुंचेगे और यहां वे राज्य सिविल सेवा, पुलिस सेवा, वित्त सेवा, राज्य कर सेवा एवं अन्य सेवाओं केे अधिकारियों के 14वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेगे। आगे मुख्यमंत्री दोपहर बाद 12.30 बजे कैलाखान हैलीपेड के लिये लौट कर यहां से ऊधमसिंह नगर के लिए प्रस्थान करेगे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 25 सितंबर 2019। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि प्रदेश में डेंगू को लेकर कोई महामारी जैसी स्थिति नहीं है और पैरासिटामोल की 650 मिग्रा की खुराक खाने और आराम करने से यह बीमारी ठीक हो जाती है। कहा कि डेंगू को लेकर प्रदेश में भयावह स्थिति पेश की जा रही है जिससे जनता भी घबरा रही है और डेंगू की जांच करवाने को लेकर अस्पतालों के चक्कर लगा रही है, जो कि गलत है। उन्होंने दावा किया प्रदेश में इस साल प्रदेश में अब तक डेंगू से केवल छह मौतें हुई हैं जिनमें से चार देहरादून और दो हल्द्वानी शहर में हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुमाऊं रेंज के डीआईजी जगत राम जोशी सहित अनेकों लोग डेंगू की चपेट में हैं।
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कहा कि वह खुद सरकारी अस्पतालों में जाकर डेंगू के भर्ती मरीजों से मिले हैं, जिन्हें वहां दिये गये उपचार से लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि डेंगू के बुखार को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और पैरासिटामोल की 500 मिग्रा की खुराक की जगह अगर 650 मिग्रा की खुराक ली जाये और आराम किया जाये तो यह ठीक हो जाता है। साथ ही स्वाइन फलू के संबंध में उन्होंने कहा कि दुनिया भर के चिकित्सकों ने यह माना है कि यह एक सामान्य किस्म का एन्फलूएंजा है जिससे बार-बार हाथ धोकर, मास्क पहनकर और अन्य प्रकार से सावधानी बरतकर बचाव किया जा सकता है।

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हल्द्वानी में जगह-जगह लगे होर्डिग्स।

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 5 जून 2019। यूं उत्तराखंड में हमेशा से मुख्यमंत्रियों को हटाये जाने जाने की मुहिमें चलती रही हैं। इसी कारण पं. एनडी तिवारी को छोड़कर राज्य का कोई भी मुख्यमंत्री पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ भी ऐसी मुहिमें कोई नई बात नहीं नहीं हैं। मौका मिलते ही कोई न कोई शिगूफा उनके खिलाफ खड़ा कर ही दिया जाता है। लेकिन जब रावत विरोधियों के ऐसे अनेक प्रयासों के बावजूद मुख्यमंत्री रहते अपनी पार्टी को लोक सभा चुनाव में पांचों सीटें जिताने का इतिहास रच चुके, तो माना जा रहा था कि इसके बाद शडयंत्र कुछ कम होंगे और विरोधी कुछ दिन तो पस्त होंगे। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। पहले राज्य में सत्ता परिवर्तन कर अनिल बलूनी के नये मुख्यमंत्री बनने की खबरें सोशल मीडिया में प्लांट की गयीं तो अब हल्द्वानी में लगे एक पोस्टर के जरिये जैसे जंग के जारी रहने के संकेत दे दिये गये हैं
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक को केंद्र में मानव संसाधन विकास मंत्री बनाए जाने के बाद उनके समर्थन में हल्द्वानी में जगह-जगह लगाये गये कुछ होर्डिंग्स से सीएम त्रिवेंद्र रावत का फोटो ही गायब है। निशंक को बधाई देते इन होर्डिंग्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी के फोटो तो छापे गए हैं लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री का फोटो गायब है। इसे कोई इत्तफाक नहीं बल्कि पार्टी की आंतरिक गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा हैं। माना जा रहा है कि इन होर्डिंग्स के जरिये त्रिवेंद्र रावत से इतर पहली बार उत्तराखंड से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री जैसा बड़ा ओहदा प्राप्त कर इतिहास रचने वाले डा. निशंक एवं अपनी उल्लेखनीय व ‘मीडिया फ्रेंडली’ पहलों के लिए मीडिया की सुर्खियां बनते रहे राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी का नया ध्रुव तैयार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि होर्डिंग में निशंक के कार्यकाल में दर्जा राज्य मंत्री बनाये गये भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी की भी प्रधानमंत्री व अन्य नेताओं से बड़ी तथा निशंक के बराबर फोटो लगाई गयी है।

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-कहा, देश में फिर बनेगी एनडीए की सरकार, मोदी बनेंगे पीएम: सीएम
नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मई 2019। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आईएएस पंकज पांडेय निलंबन वापसी के बावजूद जांच के दायरे में हैं। क्योंकि किसी अधिकारी को निर्धारित अवधि से अधिक निलंबित नहीं रखा जा सकता है, इसलिये उन्हें बहाल किया गया है। साथ ही एनएच-74 घोटाले पर बोले कि एसआईटी जांच से संतुष्ट हैं। कोई भी दोषी बचने नहीं पायेगा। वहीं देश पर बोलते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि देश को मोदी जैसे मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है, और वे ही एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
श्री रावत मंगलवार को अपनी पुत्री के साथ एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए निजी कार्यक्रम के तहत मुख्यालय आये थे। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह इस बीच 5-6 राज्यों का भ्रमण करके आये हैं। सभी जगह भाजपा और एनडीए के पक्ष में माहौल साफ नजर आ रहा है। वहीं प्रदेश व स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज से शुरू हो रही चार धाम यात्रा और अगले माह शुरू हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा को महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील बताते हुए इनकी तैयारियां पूरी करने एवं शेष बचे कार्यों में आचार संहिता के कारण खलल पड़ने की बात कही। साथ ही कहा कि आचार संहिता की वजह से रूके ऐसे जरूरी कार्यों के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेने के प्रयास किये जा रहे हैं। कहा कि नैनीताल में मेट्रोपोल होटल की शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेकर इस पर बहुमंजिला पार्किंग बनाने के प्रयास अंतिम चरण में हैं। मुख्यालय में एडीबी की पेयजल लाइनों के लगातार फटने के दृष्टिगत घोटाले की संभावना पर बोले, यह मामला संज्ञान में नहीं था। जांच कराएंगे। बलियानाले के भूस्खलन पर कहा कि जापान की जायका से बलियानाला के दीर्घकालीन समाधान के लिए सर्वेक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, गोपाल रावत, अरविंद पडियार, नितिन कार्की, भूपेंद्र बिष्ट, मोहित रौतेला, मोहित साह, हरीश राणा व पूरन मेहरा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जनवरी 2019। गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोप पर बैठकर उसी दिन बने विदेशी गठबंधन को आंखें तरेरी थीं। कुछ इसी तर्ज पर सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर भारतीय वायु सेना के मिग 21 लड़ाकू विमान की सवारी करते हुए दिखे। वायु सेना की ओर से इस संबंध में जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड राज्य में सशत्र बलों के कार्मिकों के योगदान को ध्यान में रखते हुए मध्य वायु कमान के वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी एयर मार्शल डीएस रावत के साथ भेंट की, एवं देहरादून में लड़ाकू वायुयान को स्थापित करने हेतु उपयुक्त स्थान निर्धारित करने के विषय में विचार विमर्श किया। उन्होंने इसके लिए अपनी सहमति प्रदान की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को लड़ाकू विमान के आवंटन हेतु वायु सेना मुख्याल्य के समक्ष तत्काल आवेदन प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने देहरादून में सुरक्षा बलों के लिए समर्पित स्मारक की स्थापना की इच्छा भी जताई। राज्य के मंत्री मदन कौशिक ने भी इसका समर्थन किया।

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-मुख्यमंत्री रावत ने दिये संकेत, कहा उत्तराखंड ‘एक देश-एक चुनाव’ के लिये तैयार

नवीन समाचार, देहरादून, 9 दिसंबर 2018। ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ देशहित में है। सभी राज्य सरकारों को पार्टी हित छोड़ राष्ट्रहित में एक राय बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से इसकी पक्षधर है और इस बार प्रदेश के कॉलेज व विश्वविद्यालयों में एक दिन चुनावों का आयोजन भी इसी का प्रयोग था, जो पूरी तरह सफल रहा।

पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से शनिवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए आज से नहीं, बल्कि 1990 से प्रयास जारी हैं, लेकिन हर प्रदेश सरकार सहमति देने में हिचकती हैं। सभी को सोचना होगा कि इससे न सिर्फ देश पर चुनावों के नाम पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा, बल्कि सरकारें निर्णय लेने में भी सक्षम होंगी। अलग-अलग चुनावों के अनुसार उन्हें निर्णय संबंधी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।  इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल, एचआइएचटी के वाइस चांसलर डॉ. विजय धस्माना, पीआरएसआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक, दिलीप चौहान, निवेदिता बनर्जी, विमल डबराल समेत कई अन्य उपस्थित रहे।

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा, मैं हरीश रावत नहीं, जानें क्यों ?

उच्च स्तर के बाद अपने निचले स्तर की इस बीमारी पर करेगी त्रिवेंद्र सरकार प्रहार
सीएम ने कहा-उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार रुका, अब निचले स्तर पर भी भ्रष्टाचार मुक्त होगी व्यवस्था

नैनीताल, 26 नवंबर 2018। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिछली हरीश रावत सरकार पर तल्फ टिप्पणी करते हुए कहा वे हरीश रावत नहीं है। उन्होंने यह टिप्पणी नयी योजनाओं की घोषणाओं के संदर्भ में पूछे गये सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि हरीश रावत की सरकार ने 4200 करोड़ रुपये की घोषणाएं कर दी थीं, जबकि उनकी जेब में मात्र 400 करोड़ रुपये थे। वे ऐसी घोषणाएं नहीं करते, जिन्हें पूरी कर सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने पारदर्शी सरकार देने का प्रयास किया है। साथ ही उनकी कोशिश है कि योजनाएं भ्रष्टाचार के बिना समयसीमा के भीतर पूरी हों। सरकार में उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार रुका है, और अब निचले स्तर पर भी भ्रष्टाचार रोकने की योजना है। इस कोशिश में प्रदेश का कॉल सेंटर शीघ्र शुरू हो रहा है, जिसमें आने वाली शिकायतों का निश्चित समयसीमा के भीतर निवारण होगा। सेवा का अधिकार में भी 162 नयी सेवाओं को शामिल कर लिया गया है। अब 312 सेवाएं सेवा के अधिकार में शामिल हो गयी हैं। आगे और भी सेवाओं को इसमें जोड़ेंगे। समस्या का समाधान तभी माना जायेगा तथा समस्या बताने वाला व्यक्ति संतुष्ट हो जाए। महीने में एक बार वह स्वयं आने वाली शिकायतों को देखेंगे। उम्मीद की कि इसके बाद जनता को अपनी समस्याओं के लिए जनप्रतिनिधियों से सिफारिश नहीं लगानी पड़ेंगी और कार्य हो जाएगा।

श्री रावत ने यह बातें सोमवार को मुख्यालय में नैनीताल क्लब स्थित शैले हॉल में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के आने तक राज्य में 2.34 लाख परिवारों को बिजली उपलब्ध नहीं थी, जबकि अभी केवल 8790 परिवारों को भी बिजली नहीं मिल रही है। इधी 10 दिसंबर तक इन सभी परिवारों को भी बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। आज ही पौड़ी एवं ऊधमसिंह नगर एवं 28 नवंबर को नैनीताल जिले को पूर्ण विद्युत आच्छादित घोषित कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं पर कहा कि दूरस्थ जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को ‘मेरा सामाजिक दायित्व’ योजना के तहत सहयोग लेकर हेली सेवा से ले जाकर एवं टेली मेडीसन के जरिये चिकित्सा सुविधाएं एवं एयर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध करायी जाएगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, दीवान बिष्ट व नवीन दुम्का, हल्द्वानी के नवनिर्वाचित मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला, भवाली के पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा, मनोज साह, दिनेश आर्य, अनिल डब्बू, चंदन बिष्ट, अरविंद पडियार, गोपाल रावत, कुंदन बिष्ट, पूरन मेहरा, मनोज जोशी, डा. जेडए वारसी, नीतू बोहरा, कैलाश रौतेला सहित अनेक लोग मौजूद रहे। संचालन राकेश नैनवाल ने किया।

वरदान साबित होगा चीड़, 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

नैनीताल। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दावा किया कि प्रदेश में अनेक समस्याओं का कारण बनने वाला चीड़ शीघ्र राज्य वासियों के लिए वरदान साबित होगा। राज्य में 3 से 4 रुपये प्रति किग्रा के भाव से पिरूल खरीदा जाएगा और इससे 150 मेगावाट बिजली के साथ ही रेजिन, वार्निश, बिरोजा व कोलतार आदि उत्पाद तैयार किये जाएंगे। 5 नाली भूमि पर कोई भी व्यक्ति भी उद्योग लगा सकेंगे। कुल मिलाकर चीड़ से 50 हजार लोगों  को रोजगार मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री रावत ने पिछली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार नैनीताल आगमन पर करीब 15 मिनट केवल 20 रुपये में तैयार होने वाली बोतल से देहरादून की रिस्पना सहित नैनीताल के गंदगी युक्त नालों को महका सकने वाला उत्पाद बनाने पर अपना संबोधन दिया था, लेकिन अब तक न तो यह उत्पाद ही कहीं नजर आया है, न नालों या नैनी झील की स्थिति में ही कोई खास फर्क आया है। 

अपनी तीनों पूर्व घोषणाओं पर भी ठोस जवाब नहीं दे पाये सीएम

मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत कर भाजपा कार्यकर्ता।

नैनीताल। बैठक में स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने मुख्यमंत्री की पूर्व में नगर के लिये तीन घोषणाओं, नगर के 60 करोड़ रुपये से नारायणनगर में पार्किंग निर्माण एवं नगर के आधार बलियानाला एवं माल रोड के सुदृढ़ीकरण कार्यों को याद दिलाया, किंतु अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केवल पार्किंग पर बात की और अन्य दो विषयों को छुवा भी नहीं। पार्किंग पर भी कहा कि मामला भूमि हस्तांतरण के लिये नोडल अधिकारी के स्तर पर लंबित है। बाद में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर भी फिर केवल बलियानाला के विषय पर इतना भर कहा कि जायका के तहत इस योजना का प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि पार्किंग पर स्थिति करीब-करीब पार्किंग के नारायणनगर में न बन पाने की बनी हुई है। वहीं बरसात के करीब तीन माह गुजर जाने के बावजूद बलियानाला के संरक्षण कार्यों में कहने भर के लिए भी कार्य नहीं हुआ है, जबकि माल रोड भी कामचलाऊ तरीके से ही चालू की गयी है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष बीरभट्टी के पास अल्मोड़ा एनएच पर ध्वस्त हुए अंग्रेजों के जमाने के पुल की जगह भी अब तक वैली ब्रिज से काम चलाया जा रहा है। नये पुल के बारे में भी कोई बात नहीं कही जा रही है।

कार्यकर्ता बैठक या जनता दर्शन पर भ्रमपूर्ण रही स्थिति

मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में ज्ञापन सोंपते टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी।

नैनीताल। मुख्यमंत्री के औपचारिक कार्यक्रम में पहले कार्यक्रम को कार्यकर्ता बैठक बताया गया, जबकि बाद में इसे जनता दर्शन बताया गया। यह कार्यक्रम हुआ भी तो मंच पर भी कार्यकर्ता बैठक ही लिखा गया था, लेकिन इस दौरान आम लोगों  के ज्ञापन भी लिये गये। अलबत्ता ज्ञापन देने वालों में भाजपा के कार्यकर्ताओं की संख्या ही अधिक रही। नगर के पर्यावरण मित्रों, टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन, कूटा, आशा कार्यकत्रियों, राज्य आंदोलनकारियों आदि की ओर से भी ज्ञापन दिये गये।

रिलायंस के जरिये 2019 तक हर गांव को ओएफसी, हर स्कूल-अस्पताल को मिलेगी फ्री वाई-फाई सुविधा

नैनीताल। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिलायंस कंपनी के जरिये वर्ष 2019 तक राज्य के हर गांव को इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए ओएफसी केबल से जोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में उनही रिलायंस के प्रमुख मुकेश अंबानी से बात हुई है। इस कार्य हेतु उन्होंने कुछ सहूलियतों की अपेक्षा की हैं, जो उन्हें उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस सुविधा के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों व अस्पतालों को मुफ्त वाईफाई सुविधा भी मिलेगी, जिसके जरिये वहां तक इंटरनेट के माध्यम से रोगियों को विशेषज्ञों की सलाह पर उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा।

चुनाव में कम सक्रिय लोग रहे स्वागत में अधिक सक्रिय

नैनीताल। मुख्यमंत्री के स्वागत में नैनीताल व भवाली में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में कम सक्रिय रहे पार्टी कार्यकर्ता अधिक सक्रिय दिखाई दिये। वहीं युवाओं की संख्या भी कम दिखाई दी। इसके अलावा पार्टी द्वारा निकाय चुनावों में सभासद पद के लिए जिन प्रत्याशियों को टिकट दिये गये थे, वे भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

यह भी पढ़ें : सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने किया विडियो ट्वीट, सबके लिए जानना है जरूरी

1 अगस्त से जहां उत्तराखंड में दोपहिया वाहनों पर दूसरी सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है, वहीं 1 अगस्त से पोलीथिन बैन होने जा रही है। हाई कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तराखंडके मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने आज राज्य के लोगों से पॉलीथिन का इस्तेमाल न करने की अपील करते हुए 50 माइक्रोन तक की रंगबिरंगी पॉलीथिन के उपयोग करते पाए जाने पर जुर्माने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए कहा है कि पॉलीथिन प्रयोग करते पाए जाने पर दुकानदारों पर 5000, ठेली वालों पर 2000 और ग्राहकों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलीथिन के प्रयोग से पर्यावरण दूषित होता है और खेती, पशु, पक्षियों को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए राज्य सरकार ने एक अगस्त से पॉलीथिन के प्रयोग पर सख्ती करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री का विडियो ट्वीट :

आज से होगी छापेमारी: मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आज से पूरे प्रदेश में पॉलीथिन के खिलाफ छापेमारी की जाएगी। देहरादून में आठ, रुड़की और हल्द्वानी में एक-एक टीम पॉलीथिन के खिलाफ छापेमारी करेंगी। देहरादून नगर निगम के नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि देहरादून में आठ टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम को बीस चालान का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही नगर निगम एक फोन नंबर जारी करेगा। इसमें लोग शिकायत करने के साथ अपनी बात भी रख सकेंगे।

बार्डर पर कड़ी चौकसी के निर्देश:हरिद्वार के डीएम दीपक रावत ने कहा है कि बार्डर पर पुलिस को चौकस रहने को कहा गया है ताकि बाहर से पॉलीथिन राज्य में न लाई जा सके। रावत ने कहा कि बीस पॉलीथिन मिलने पर सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

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