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अकेले 21000 करोड़ का कर्ज थोप उत्तराखंड को 44000 करोड़ के कर्ज में डुबो गए हरीश रावत

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पत्रकार वार्ता करते काबीना मंत्री प्रकाश पंत।

-पूर्व सीएम रावत के सरकार को वित्तीय स्थिति सामने रखने की चुनौती पर राज्य के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दिया जवाब
-कहा सरकार राज्य की राजधानी पर किसी भी प्रस्ताव पर सदन में विचार करने को है तैयार
नैनीताल। उत्तराखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर राज्य का वित्तीय संतुलन बिगाड़ने और राज्य पर पांच वर्षों में 21000 करोड़ रुपए का कर्ज थोपने का आरोप भी लगाया।

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नैनीताल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य के सबसे मजबूत काबीना मंत्री कहे जाने वाले पंत ने पूर्व सीएम हरीश रावत के सरकार को वित्तीय स्थिति सामने रखने की चुनौती पर पूछे गए सवाल के जवाब में सिलसिलेवार तरीके से राज्य की वित्तीय स्थिति को सामने रखा। बताया कि 2002-03 में राज्य पर कर्ज 6002 करोड़ का व राज्य की वृद्धि दर 33.78 फीसद थी। किंतु भाजपा को जब 2006-07 में पहली बार सरकार बनाने का मौका मिला तब कर्ज दोगुने से अधिक 13,033 करोड़ और विकास दर 11.26 फीसद रह गई थी। भाजपा ने 2011-12 में 23,609 करोड़ के कर्ज व वृद्धि दर 15.2 फीसद के साथ सत्ता छोड़ी। इसके बाद कांग्रेस शासन में 2015-16 में कर्ज 39000 करोड़ व वृद्धि दर 9.31 फीसद थी, जिसे हरीश रावत ने जाते-जाते 2016-17 में 44000 करोड़ और वृद्धि दर वापस 9.2 फीसद करके छोड़ा है। बताया कि सरकार अपने दृष्टिकोण पत्र के अनुसार कार्य कर रही है। इस वर्ष 1557 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा गया है, और इसमें से अब तक 9400 करोड़ रुपए प्राप्त कर लिए गए हैं। बताया कि राज्य का पूरा बजट 31550 करोड़ का है, जिसमें से 16087 करोड़ रुपए विभिन्न योजनाओं में स्वीकृत भी कर दिए हैं। कहा कि वित्तीय वर्ष में आखिरी समय में खर्च करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए दिसंबर माह से व्यय की सीमा को नियंत्रित किया जाएगा। कर्मचारियों के आंदोलन पर बोले कि बिना कहे ही उत्तराखंड सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारियों को करीब 3000 करोड़ की वेतन स्वीकृतियां, करीब 6000 करोड़ रुपए का एरियर करीब 130 करोड़ का बोनस दे दिया। फिर भी कोई विसंगतियां हैं तो इन्हें वेतन विसंगति समिति के समक्ष रखा जा सकता है। एसीपी जैसी मांगें अंतहीन हैं। कर्मचारी हड़ताल न करें व राज्य की हड़ताली प्रदेश की छवि को तोड़ें। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, शांति मेहरा, गोपाल रावत, बालम मेहरा, दयाकिशन पोखरिया आदि भी मौजूद रहे।

13 जिलों का उत्तराखंड, 3 राजधानियां, अभी भी नहीं यह गुत्थी सुलझने की उम्मीद

नैनीताल। 17 वर्ष के किशोर हो चुके 13 जिलों के छोटे से राज्य उत्तराखंड राज्य की राजधानी के कार्य अस्थाई राजधानी बताये जाने वाले देहरादून से चलते हैं, जबकि 1994 के राज्य निर्माण आंदोलन से भी पूर्व से गैरसैण को राजधानी बनाये जाने की मांग रही है। इधर पिछली कांग्रेस सरकार गैरसैण की जगह गैरसैण से 22 किमी दूर भराड़ीसैण में राजधानी के साथ देहरादून के पास रायपुर में भी विधानसभा का निर्माण करा रही है। इन 3 राजधानियों की गुत्थी के सुलझने की उम्मीद लम्बे समय से की जा रही है। हालांकि अब भी उत्तराखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि इस सम्बन्ध में कोई प्रस्ताव नहीं है। अलबत्ता उनका कहना है कि गैरसेंण (भराड़ीसेंण) में आगामी सात से 13 दिसंबर तक आयोजित होने जा रहे शीतकालीन सत्र में यदि राज्य की राजधानी के विषय में कोई प्रस्ताव आता है तो सरकार इस पर विचार करने के लिए तैयार है। कहा कि राज्य की राजधानी कहां हो, यह तय करने का कार्य विधानसभा सदन का है, और यह कार्य वहीं तय होगा।

हरदा के साथ ‘हरदा ब्रांड’ की शराब का जनाधार भी 100 गुना घटा 

नैनीताल। बतौर आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि ‘हरदा ब्रांड’ के रूप में प्रचारित डेनिस स्पेशल ह्विस्की राज्य की जनता पर पिछली सरकार द्वारा जबरन थोपी जा रही है। इसका प्रमाण यह है कि यह ब्रांड 2015-16 में 2,73,393 पेटी बेची गयी, जबकि 2016-17 में राष्ट्रपति शासन व चुनाव आचार संहिता के बीच करीब आठ सक्रिय महीनों में केवल 40,520 पेटी और इधर इस वर्ष करीब 100 गुना कम केवल 2,800 पेटी ही बिकी है। वहीं इसके साथ सरकार द्वारा जनता को उपलब्ध कराई जा रही 43 ब्रांडों की शराब 7.8 लाख पेटी बेची गयी है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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