-स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा, पर विपक्ष ने बताई ‘राजनीतिक रणनीति’, उत्तराखंड में नैनीताल दौरे के दौरान भी अचानक बिगड़ी थी तबीयत
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2025 (Questions by Harish Rawat on Jagdeep Dhankhar)। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं और अटकलों को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को अपना इस्तीफा देने का आधार बताया, वहीं विपक्षी दल इसे केवल ‘औपचारिक कारण’ बता रहे हैं और इसके पीछे गहरे राजनीतिक समीकरण देख रहे हैं।
धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे त्यागपत्र में लिखा है, “सेहत और चिकित्सकीय सलाह को ध्यान में रखते हुए, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं,” जैसा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67(ए) में उल्लिखित है।
कहा था – अगस्त 2027 में रिटायर होऊंगा
हालांकि महज दस दिन पहले ही 10 जुलाई को जेएनयू में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि, “मैं सही समय पर, अगस्त 2027 में रिटायर होऊंगा, बशर्ते भगवान की कृपा रहे।” यह बयान ऐसे समय आया था जब उनकी सेहत को लेकर कोई गंभीर चिंता सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं की गई थी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि केवल दस दिनों के भीतर ऐसी क्या स्थिति बन गई कि उन्होंने अपना कार्यकाल अधूरा छोड़ने का फैसला लिया।
नैनीताल दौरे पर भी तबीयत बिगड़ी थी
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने के लिए धनखड़ 25 जून को नैनीताल आये थे। समारोह के अंत में मंच से उतरते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और वह पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र सिंह पाल के कंधे पर झुक गए थे। इस दौरान उन्हें तत्काल राजभवन ले जाया गया था, जहां कुछ समय बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ। अगले दिन उन्होंने शेरवुड स्कूल सहित अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा भी लिया था।
इससे पहले भी इस वर्ष बजट सत्र के दौरान उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में हृदय से जुड़ी बीमारी के कारण भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद वह पुनः सक्रिय हुए और राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन भी किया।
कांग्रेस ने बिहार चुनाव से जोड़ा
धनखड़ के त्यागपत्र को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेताओं ने इसे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि, “बिहार के एक नेता को राजनीतिक रूप से ‘समायोजित’ करने के लिए जगदीप धनखड़ से इस्तीफा लिया गया है।” देखें संबंधित वीडिओ :
रावत ने कहा, “इस्तीफे की आकस्मिकता चौंकाने वाली है और इसके पीछे गहरी राजनीति नजर आ रही है। जिन नामों की चर्चा अब उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रही है, वे अधिकांश रूप से बिहार से संबंधित हैं। यह भी कहा जा रहा है कि वहां भाजपा का गठबंधन एक विशेष व्यक्ति के कारण असहज हो गया है। उसे ‘समायोजित’ करने के लिए धनखड़ को संकेत दिया गया कि अब उतर जाइए।”
उन्होंने कहा कि भाजपा में यह शैली आम है, जहां इशारा मिलते ही इस्तीफे दे दिए जाते हैं।
विपक्ष का सरकार पर सवाल (Questions by Harish Rawat on Jagdeep Dhankhar)
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अब केंद्र सरकार से इस त्यागपत्र की “असली पृष्ठभूमि” स्पष्ट करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि अगर वास्तव में स्वास्थ्य कारण थे, तो इसकी पारदर्शी जानकारी पहले से क्यों नहीं दी गई?
उधर भाजपा व सरकार समर्थक खेमे ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उपराष्ट्रपति ने यह निर्णय स्वयं की इच्छा और चिकित्सकीय सलाह पर लिया है।
अब सभी की निगाहें नए उपराष्ट्रपति के नाम पर टिक गई हैं, जिसमें बिहार की राजनीति और वहां के समीकरणों की गूंज साफ सुनाई दे रही है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
