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इसे कहते हैं बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, छोटे मियां सुब्हान अल्लाह, उत्तराखंड के शटलर चिराग सेन ने जीता बैडमिंटन एकल वर्ग का खिताब

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चिराग सेन

बरेली, 5 नवंबर 2018 । बड़े भाई के नक़्शे कदम पर चलते हुए  उत्तराखंड के शटलर चिराग सेन ने बरेली में आयोजित सीनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है। खिताबी मुकाबले में चिराग ने हरियाणा के कार्तिक जिंदल को मात दी। बरेली में 30 अक्टूबर से चार नवंबर तक आयोजित आल इंडिया सीनियर प्राइज मनी बैडमिंटन टूर्नामेंट में अल्मोड़ा के शटलर चिराग ने एकल वर्ग में फाइनल मुकाबला जीता।

चिराग ने कार्तिक को 21-19, 25-21, 25-23 से हराया। वहीं, चिराग ने सेमी फाइनल में आंध्र प्रदेश के डी जसवंत को सीधे सेटों में 21-16 व 21-14 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में चिराग ने गुजरात के एड्रिअन जॉर्ज को 19-21, 21-9, 21-8 से हराया। इसी टूर्नामेंट में अल्मोड़ा के बोधित जोशी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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रांची में चल रही 34वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तराखंड के खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण समेत पांच मेडल जीते हैं। उत्तराखंड की अंकिता ध्यानी ने बालिका अंडर-18 वर्ग की 1500 मी. दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। दो से पांच नवंबर तक रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में चल रही चैंपियनशिप में उत्तराखंड के एथलीटों का प्रदर्शन शानदार रहा। उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव केजेएस कलसी ने बताया कि बालिका अंडर-18 वर्ग की 1500 मी. दौड़ में अंकिता ध्यानी ने प्रथम स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

अंकिता ध्यानी अगस्त्यमुनि बालिका एथलेटिक्स छात्रावास की प्रशिक्षु है। बालिका अंडर-20 वर्ग की 1500 मी. दौड़ में राधा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। बालक अंडर-18 वर्ग की शॉटपुट स्पर्धा में आदिश घिल्डियाल ने 18.30 मी. गोल फेंकते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा बालक अंडर-20 वर्ग की 1500 मी. दौड़ में राकेश मंडल ने कांस्य और अंडर-16 वर्ग की 5000 मी. वॉक रेस में सचिन एस बोहरा ने द्वितीय स्थान हासिल करते हुए रजत पदक पर कब्जा किया। उन्होंने बताया कि चैंपियनशिप में उत्तराखंड को और पदक मिलने की उम्मीद है।

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नैनीताल, 2 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के निवासी अंतराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन अर्जेंटीना में होने वाले तीसरे यूथ ओलंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे 46 खिलाडियों, 22 कोच और ऑफीशियलों सहित 68 सदस्यीय भारतीय दल के साथ मंगलवार को अर्जेंटीना रवाना हो गए हैं। आगे वह अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में छह अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रहे युवा ओलंपिक खेलों में खेलेंगे, जिसमें भारत 13 खेलों में प्रतिभाग कर रहा है। हाल ही में शूटिंग में सबसे कम उम्र में विश्व चौंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाने वाली और एशियन चौंपियनशिप में पदक विजेता मनु भाकर (16 वर्ष) इन खेलों में भारतीय दल की ध्वज वाहक रहेंगी। वहीं, एशियन गेम्स के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक विजेता सौरभ चौधरी और एशियन जूनियर बैडमिंटन चौंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले प्रमुख खिलाड़ी हैं।
खिलाड़ियों के अर्जेंटीना रवाना होने से पहले आयोजित एक समारोह में खेल मंत्री राज्य वर्धन सिंह राठौर ने खिलाड़ियों को देश के एम्बेसडर बताते हुए उनसे अधिक से अधिक पदक जीतकर देश का सम्मान बढ़ाने की अपील की। वहीं भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा और महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

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छठी सीड भारत के अल्मोड़ा उत्तराखंड निवासी लक्ष्य सेन ने रविवार 22 जुलाई 2018 को इतिहास रच दिया। उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले में थाइलैंड के कुनलावुत वितिदसरन को सीधे गेम में 21-19 और 21-18 से हरा दिया। वह यह खिताब जीतने वाले दूसरे पुरुष और ओवरऑल तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं।  पुरुष वर्ग में 53 साल पहले 1965 में गौतम ठक्कर ने गोल्ड मेडल जीता था। उनके बाद पीवी सिंधु ने 2012 में महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया था। उल्लेखनीय है कि लक्ष्य सेन खेल मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम (टॉप्स) योजना में भी शामिल है। उनका चयन 2020 ओलंपिक गेम्स की तैयारी के लिए पुरुष ओपन वर्ग में किया गया है। ओलंपिक गोल्डक्वेस्ट फाउंडेशन भी 13 साल से कम उम्र से ही लक्ष्य को ओलंपिक की तैयारी के लिए मदद कर रही है।
जकार्ता में खेले गए इस टूर्नमेंट के खिताबी मुकाबले में लक्ष्य ने पहला गेम 21-19 से जीता। दोनों ही खिलाड़ियों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय शटलर ने टॉप सीड कुनलावुत को हराने में सफलता हासिल कर ली। पहले की ही तरह दूसरा गेम भी कांटे भरा रहा। एक वक्त दोनों 14-14 से बराबर पर थे, लेकिन भारतीय स्टार ने 21-18 से गेम जीतते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले लक्ष्य ने सेमीफाइनल में चौथी सीड इंडोनेशिया के इखसान लियोनार्डो इमानुएल रुमबे को 21-7, 21-14 से हराया। दूसरी ओर, थाइलैंड के खिलाड़ी ने तीसरी सीड चीन के यूपेंग बेई को 21-14, 21-12 से मात दे फाइनल में प्रवेश किया था। यह दोनों ही खिलाड़ियों के बीच पहली भिड़ंत थी। 

कुहू ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता

कुहू ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता
लेगोस, नाइजीरिया में 18 से 21 जुलाई तक चले लेगोस बैडमिंटन इंटरनेशनल में कुहू गर्ग ने एक स्वर्ण व एक रजत पदक जीता। कुहू ने वुमन डबल्स के फाइनल में भारतीय जोड़ी करिश्मा वाडेकर व हरिका की जोड़ी को 21-10 व 21-18 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मिश्रित युगल के फाइनल में कुहू ने रोहन कपूर के साथ खेलते हुए भारतीय जोड़ी मनु अत्रि व मनीषा की जोड़ी को जबरदस्त टक्कर दी, लेकिन उनको 17-21 व 20-22 से हार का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी सहित सभी पदाधिकारियों व खेल प्रेमियों ने कुहू के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त की है।

कोहली, साइना व मैरीकॉम के क्लब में शामिल हुआ उत्तराखंड का यह युवा खिलाड़ी

उत्तराखंड के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर विराट कोहली तथा ओलंपियन साइना नेहवाल और मैरी कॉम के क्लब में शामिल हो गए हैं। देश के इन तीन दिग्गज खिलाड़ियों सहित 100 से अधिक विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को स्पांसर करने वाली न्यूट्रीशनल फूड प्रोडेक्ट बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी ‘हर्बल लाइफ’ ने लक्ष्य को अपने साथ जोड़ लिया है।

हर्बल लाइफ के मंच पर साइना नेहवाल व मैरीकॉम के साथ लक्ष्य सेन

उल्लेखनीय है कि बुल्गारिया ओपन व इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट के विजेता उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को ओलंपिक 2020 के लिए तैयार किया जा रहा है। ‘हर्बालाइफ न्यूट्रीशन’ कंपनी ने जून महीने से एक साल के लिए में लक्ष्य सेन के साथ करार किया है। जिसके तहत उन्हें अपने खेल के साथ कंपनी को भी कुछ समय देना होगा। बीती 9 जून को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कंपनी ने लक्ष्य का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने देश की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी ओलंपिक मेडलिस्ट सायना नेहवाल और ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सिंग खिलाड़ी मैरी कॉम के साथ मंच भी साझा किया। कार्यक्रम में लक्ष्य सेन का वीडियो प्रोमो भी चलाया गया, जिसमें लक्ष्य सेन के खेल और अभ्यास सत्र के दृश्य प्रदर्शित थे, साथ ही इस प्रोमो में लक्ष्य अपना परिचय देते भी नजर आए हैं। उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव बीएस मनकोटी ने लक्ष्य के नये करार की पुष्टि की है।

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51 करोड़ बढ़कर 1592 करोड़ हुआ देश में खेलों का बजट, साई व नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन का बजट भी बढ़ा

नवीन जोशी, नैनीताल। देश में पहली बार केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री विजय गोयल खेलों के प्रति इतने अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार की पहल पर भारतीय ओलंपिक संघ ने अभी से 2020 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू कर दी है। पहली बार ओलिंपिक खेलों का बजट एक बार में पिछले 120 करोड़ की जगह चार गुना से अधिक बढ़ाते हुए 500 करोड़ कर दिया है, वहीं देश में खेलों का कुल बजट भी पिछले वर्ष से 50.87 करोड़ बढ़ाकर 1592 करोड़ कर दिया गया है। इससे उत्तराखंड सहित अभी भी खेलों की मूलभूत ढांचागत सुविधाओं से वंचित एक दर्जन से अधिक राज्यों में खेल सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। बढ़े हुए खेल बजट से देश में खेल सुविधाएं बढ़ेंगी और आगे टोकियो ओलिंपिक में पदक कम से कम दहाई में पहुचेंगे। उत्तराखंड में 2018 में राष्ट्रीय खेल अपने नियत समय पर होंगे। इनके तहत नैनीताल की नैनी झील में देश की करीब एक दर्जन टीमों को शामिल कर सेलिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।

यह बात भारतीय ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने बुधवार को नैनीताल में बोट हाउस क्लब में एक विशेष भेंट में कही। कहा कि अभी भी 1947 में आजाद हुए सवा अरब से अधिक की जनसंख्या वाले भारत देश में करीब 20 लाख की जनसंख्या पर एक स्टेडियम है, जबकि हर एक लाख पर एक स्टेडियम होना चाहिए। वहीं देश में एस्ट्रोटर्फ युक्त मैदानों की संख्या केवल 117 है, जबकि एक-डेढ़ करोड़ की जनसंख्या वाले और भारत के साथ ही ही आजाद हुए हॉलेंड में 1200 एस्ट्रोटर्फ वाले मैदान हैं। यही स्थिति अर्जेटीना सहित अनेक देशों में है।

भारत में अब तक पूरे ओलंपिक खेलों का बजट 120 करोड़ था, जबकि इतना बजट तो विदेशों में प्रेक्टिस करने के लिये एक खेल के लिये जरूरी है। इन्ही समस्याओं की वजह से भारत को ओलंपिक में पदकों के लिये तरसना पड़ता है। बताया कि इधर केंद्र सरकार ने ओलंपिक के साथ ही स्पोर्ट्स एथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी साई का बजट भी 12 करोड़ बढ़ाकर 381 करोड़, नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन का 185 से बढ़ाकर 545.90 करोड़ कर दिया है, जिससे खेलों की तैयारियों व नीचे से खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद मिलेगी। कहा कि भारत को सुविधाओं में अन्य देशों के बराबर आना पड़ेगा, तभी उनकी तरह पदकों की उम्मीद की जा सकती है। भारत के साथ ही आजाद हुआ दक्षिण कोरिया 2017-18 में शीत ओलिंपिक करा रहा है, और आगे ओलिंपिक कराने की कोशिश में है, जबकि भारत अभी यह सोचने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने ओलंपिक में खेल मंत्री विजय गोयल के खेल एरीना में पहुंचने संबंधित विवाद में संबंधित खेल अधिकारियों की गलती बताई, वहीं पहलवान नर सिंह यादव के डोपिंग टेस्ट में फंसने के मामले में उम्मीद जताई कि मामले की जांच कर रही सीबीआई दूध का दूध-पानी का पानी करेगी।

भारत का ओलंपिक में अब तक प्रदर्शन

नैनीताल। भारत ने इस वर्ष रियो में हुए ओलंपिक खेलों में केवल एक स्वर्ण व एक रजत सहित कुल दो पदक जीते, जिसके साथ भारत के वर्ष 1900 से शुरू हुए ओलंपिक खेलों में नौ स्वर्ण पदकों सहित कुल 26 पदक हो गये। जबकि अमेरिका के एक दिग्गज खिलाड़ी तैराक माइकल फेल्प्स अकेले ही 25 पदक जीत चुके हैं। इससे पहले भारत ने वर्ष 2012 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुये दो रजत व चार कांश्य पदक सहित कुल छह पदक जीते थे,  जबकि इससे पूर्व 2008 के बीजिंग ओलंपिक में एक स्वर्ण व दो रजत सहित कुल तीन और 2004 में एथेंस ओलंपिक में केवल एक रजत पदक जीता था । वहीं ओलंपिक में भारत ने सर्वाधिक आठ स्वर्ण, एक रजत व दो कांश्य सहित सर्वाधिक 11 पदक हॉकी में जीते हैं।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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