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फॉलो अप हाईप्रोफाइल मामला: पूर्व आईजी पुत्र द्वारा लगाये आरोपों पर बिल्डर जोशी को हाईकोर्ट से मिली राहत

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नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अगस्त 2019। यूपी के सेवानिवृत्त आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की तहरीर पर गत दिवस मल्लीताल कोतवाली में नगर के बिल्डर प्रकाश जोशी पर 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने यह कहते हुए जोशी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है कि मामला आपराधिक नहीं बल्कि केवल आपसी लेन-देन का विवाद लग रहा है। मामले में बुधवार को पीठ के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पंकज चौहान ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि गत 2 अगस्त को यूपी के पूर्व आईजी यानी पुलिस महानिरीक्षक, नगर के नील कॉटेज, वियना लॉज एल्पाइन क्लब अयारपाटा निवासी पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की तहरीर पर मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर के अनुसार उन्होंने वर्ष 2015 में नगर के प्लेन व्यू व मूलतः लखनपुर रामनगर निवासी प्रकाश जोशी पुत्र प्रयाग दत्त जोशी को रानीखेत में कॉटेज निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिये थे, जिन्हें जल्द लौटाने की बात हुई थी, किंतु केवल 5 लाख रुपए ही लौटाए। इस पर पुलिस ने मामले में जोशी के खिलाफ अमानत में खयानत के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।

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वहीं प्रकाश जोशी के अनुसार पूर्व आईजी श्रीवास्तव से उनके 10 वर्ष पुराने संबंध अच्छे संबंध रहे हैं। इधर 2015 में श्री श्रीवास्तव ने जोशी ने रानीखेत में एक कॉटेज बनाकर देने के लिए 50 लाख रुपए में सौदा किया, और इसकी एवज में 10-10 लाख रुपए के दो चेक दिये और शेष धनराषि धीरे-धीरे देने की बात की। लेकिन नवंबर 2016 में नोट बंदी हो जाने के बाद कहा कि अब वह कॉटेज लेने के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि इसकी जगह केवल प्लॉट ही दे दें। प्लॉट की कीमत 15 लाख रुपए तय हुई। जोशी का दावा है कि श्री श्रीवास्तव को शेष बचे 5 लाख रुपए उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से लौटा भी दिये, और प्लॉट की रजिस्ट्री कराने को कहा, किंतु श्री श्रीवास्तव का कहना था कि वह इस प्लॉट को बेच देंगे। लिहाजा सीधे ही इसे खरीदने वाले के नाम पर रजिस्ट्री करा देंगे। यह भी कहा कि जोशी ही इसे किसी को बेच दें। किंतु प्लॉट अब तक बिक नहीं पाया। जोशी का दावा है कि इसके बाद उनसे उन्हें दी गयी 15 लाख की जगह दोगुनी धनराशि मांगी जाने लगी, जो कि वे देने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि इसमें उनका कोई दोष नहीं है। इस प्रकार विवाद 50 लाख का नहीं, बल्कि 15 लाख की धनराशि को ही अथवा इसकी दोगुनी धनराशि वापस लौटाने का है। जोशी 15 लाख तो लौटाने को तैयार हैं, परंतु दोगुनी धनराशि नहीं। इस मामले में श्री श्रीवास्तव से भी बात करने की कोशिश की गई, परंतु उनका फोन मिल नहीं पाया। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

शिकायत कर्ता अमेरिका में !

नैनीताल। आरोपित प्रकाश जोशी का कहना है कि वास्तव में पुलिस में शिकायतकर्ता निखिल रंजन श्रीवास्तव से उनकी कभी मुलाकात भी नहीं हुई है, और सभी बातें उनके पिता पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव से हुई हैं। उन्हें बताया गया है कि शिकायतकर्ता अमेरिका में कार्यरत हैं। ऐसे में वह स्वयं शिकायत करने कैसे आ सकते हैं। ऐसे में पूर्व आईजी द्वारा अपने पुत्र के नाम से पुत्र के हस्ताक्षर खुद करने के भी आरोप लगाये जा रहे हैं। मामले में दोनों पक्षों के अपने तर्क हैं, बहरहाल, जांच में पूरी स्थिति साफ होगी।

यह भी पढ़ें : पूर्व आईजी के पुत्र से 20 लाख की अमानत में खयानत का मुकदमा

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2019। एक पूर्व आईजी यानी पुलिस महानिरीक्षक के पुत्र की तहरीर पर मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है। नगर के नील कॉटेज, वियना लॉज एल्पाइन क्लब अयारपाटा निवासी पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की ओर से लिखाई गयी तहरीर के अनुसार उन्होंने वर्ष 2015 में नगर के प्लेन व्यू व मूलतः लखनपुर रामनगर निवासी प्रकाश जोशी पुत्र प्रयाग दत्त जोशी को रानीखेत में कॉटेज निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिये थे, जिन्हें जल्द लौटाने की बात हुई थी, किंतु केवल 5 लाख रुपए ही लौटाए। पुलिस ने मामले में जोशी के खिलाफ अमानत में खयानत के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। 

यह भी पढ़ें : सीबीआई के फर्जी आईजी सहित दो गिरफ्तार, पर एक बड़ा सवाल !

-सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाने का है आरोप
-पुलिस ने न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी सीबीआई का आरोपित व सह आरोपित।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। नैनीताल की मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने देश की महत्वपूर्ण संस्था सीबीआई के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाने के आरोप में स्वयं को सीबीआई का आईजी स्तर का अधिकारी बताने वाले एक युवक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक मूलतः यूपी के साहपुर डसर जिला मुरादाबाद का निवासी है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
शनिवार को मल्लीताल कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नगर के चार्टन लॉज पापुलर कंपाउंड में स्वयं को सीबीआई का आईजी बताने वाले युवक ने पुलिस को उसैद पासा पुत्र मोहम्मद अकरम के नाम के कस्टम विभाग व सीबीआई से संबंधित दस्तावेज दिखाए। पुलिस का दावा है कि बाद में उसने खुद का सीबीआई से न होने और सीबीआई के बारे में कुछ न जानने तथा दस्तावेज अपने रिश्ते के मामा, गृह स्वामी मो. आसिफ पुत्र मो. यासिन द्वारा बनवाये जाने की बात कही। उसके पास से एक नकली वॉकी-टॉकी तथा उसैद पासा के नाम के सीबीआई व अन्य विभागों से संबंधित पांच फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाई थी। मामले में कोतवाली में उसैद पासा आदि के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 419, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अशोक कुमार, उप निरीक्षक दीपक बिष्ट, एचसीपी सत्येंद्र गंगोला, आरक्षी मनोज जोशी व रूबी चौहान शामिल रहीं।

कुमाऊं आयुक्त से खुद मिलने गये थे व आयुक्त ने सोंपा था नैनी झील व नजदीकी पहाड़ियों के सर्वेक्षण का कार्य

नैनीताल। नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में यह भी बताया कि आरोपित दो दिन पूर्व कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से मिलने गये थे। वार्ता में उनके द्वारा बताया गया कि आरोपित मो. आसिफ ने उसैद पासा को कम्प्यूटर-मोबाइल सॉफ्टवेयर का अच्छा जानकार बताया था, और कहा था कि वह सैटेलाइट के माध्यम से नैनी झील एवं आसपास की पहाड़ियों का सर्वेक्षण कर सकते हैं। इस पर कथित तौर पर उन्हें आयुक्त ने नैनी झील एवं आसपास की पहाड़ियों के सर्वेक्षण का कार्य सांेप भी दिया था। ऐसे में बताया जा रहा है कि सह आरोपित को उसैद पासा के फर्जी होने की जानकारी नहीं थी। अन्यथा वह उसे कुमाऊं आयुक्त से मिलाने क्यों ले जाता, जबकि फर्जी होने की स्थिति में वहां से कार्रवाई होनी तय थी। कोतवाली प्रभारी श्री सिंह के द्वारा मामले में कुमाऊं आयुक्त द्वारा कोई शिकायत किये जाने से भी इंकार किया गया है। जबकि उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित कम पढ़े-लिखे तबके के साथ ही ठगी करने की स्थिति में थे। सवाल उठता है कि फिर कैसे वह कुमाऊं आयुक्त को भी अपने प्रस्ताव से संतुष्ट करने में सफल रहे।

यह भी पढ़ें : पति ने सुपारी देकर वाहन से कुचलवाकर कराई भी पत्नी की हत्या, हत्यारोपी वाहन मालिक को 2 माह बाद भी नहीं मिली जमानत…

-इसी वर्ष 7 मई को हल्दूचौड़ के पास महिला की सड़क से दूर फुटपाथ पर वाहन से टक्कर मार कर हत्या करने का है आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जुलाई 2019। इस वर्ष 7 मई को जनपद के हल्दूचौड़ कस्बे के पास शिवपुर कॉलोनी में रहने वाली कुलजीत कौर नाम की महिला की सड़क किनारे फुटपाथ पर वाहन की टक्कर से मौत हो गयी थी। इस मामले में मृतका की बहन सुरजीत कौर निवासी कोरबा छत्तीसगढ़ ने लालकुआं पुलिस में अपने जीजा के विरुद्ध हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। बाद में मामले में वाहन के मालिक नरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू पुत्र कुलवंत सिंह निवासी ग्राम नगला नानकमत्ता जिला ऊधमसिंह नगर व चालक छिंदर सिंह पुत्र सुरजन सिंह निवासी सरकड़ी ऊधमसिंह नगर गिरफ्तार हुए। इधर उसने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव खुल्बे की अदालत में वाहन मालिक ने जमानत का प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय से बुधवार को सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतका के पति हरचरण सिंह के द्वारा लक्ष्मण सिंह भाटिया पुत्र प्रेम सिंह निवासी आदर्श नगर कॉलोजी कंजाबाग खटीमा को अपनी पत्नी की हत्या करने के लिए तीन लाख 20 हजार रुपए की सुपारी एडवांश में दी थी। लक्ष्मण ंिसंह ने दुर्घटना करने वाले वाहन के स्वामी नरेंद्र सिंह को इसमें से 10 हजार रुपए देकर हत्या करवाई और हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की। इस पर न्यायालय ने वाहन मालिक की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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