यह सामग्री कॉपी नहीं हो सकती है, फिर भी चाहिए तो व्हात्सएप से 8077566792 पर संपर्क करें..

वरिष्ठ अधिवक्ता से डीएम आवास के पास हुआ लूटपाट का प्रयास…

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

-अधिवक्ता के अनुसार 15-16 की उम्र के दो नाबालिगों ने बीती शाम मुंह ढककर किया गया प्रयास, उठाए डीएम आवास के पास ऐसी घटना होने पर सवाल
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 नवंबर 2019। जिला-मंडल मुख्यालय में जिलाधिकारी के आवास के पास बृहस्पति शाम करीब साढ़े सात बजे एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ दो लोगों के द्वारा लूटपाट का प्रयास किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता एमबी सिंह द्वारा जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कहा गया है कि 14 नवंबर की शाम रोज की तरह अपने चैंबर गांधी आश्रम तल्लीताल से घरेलू सामान लेकर अपने घर जॉय विला तल्लीताल को जा रहे थे। जैसे ही वे करीब सा़ढ़े सात बजे कॉनिस्टन कोठी के पास पहुंचे, तभी अचानक 15-16 वर्ष की उम्र के, मुंह पर मफलर लपेटे दो लड़के उनसे लूटपाट करने लगे। इसी बीच केबिल वाले मुन्ना जोशी को आता देखकर दोनों भाग गए। श्री सिंह का कहना है कि डीएम आवास के पास ही ऐसी घटना का होना अत्यंत सोचनीय विषय है। उन्होंने एसएसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश पारित करते हुए सुरक्षा की व्यवस्था करने का निवेदन भी किया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। इस विषय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं तल्लीताल थाना प्रभारी से उनके मोबाइल नंबर पर कई बार बात करने का प्रयास किया गया किंतु फोन नहीं उठा।

यह भी पढ़ें : दबंग नाबालिगों ने युवती का पुलिस चौकी के पास अपहरण का प्रयास किया, पुलिस कह रही बच्चे थे… छोड़ दिया

प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, काशीपुर, 12 नवंबर 2019। काशीपुर की बासफोड़ान पुलिस चौकी के पास बाइक सवार नाबालिगों ने ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली एक युवती से छेड़छाड़ करते हुए उसे अगवा करने का प्रयास किया। पीड़िता के अनुसार मामले की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में नाबालिग-बच्चे बताकर छोड़ दिया। इससे आहत पीड़िता ने आरोपितों पर कार्रवाई न होने पर आत्महत्या करने तक की बात कही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 6 सालों से शहर के एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह रविवार शाम ब्यूटी पार्लर में काम के बाद अपने घर लौट रही थी कि मंझरा रोड पर बाइक सवार तीन युवकों ने महाराणा प्रताप चौक से उस पर अश्लील कमेंट करते हुए उसका पीछा करना शुरू किया। जब वह बांसफोड़ान पुलिस चौकी के पास पहुंची तो उन्होंने उसे बाइक पर जबरन बैठाने की कोशिश की। जब उसने इसका विरोध किया तो उस पर चाकू से हमला कर दिया। किसी तरह से वह खुद को उनके चंगुल से बचा पाई। पीड़िता ने मामले की सूचना बासफोड़ान पुलिस चौकी में दी। पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद भी अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके मुताबिक पुलिस ने तीनों आरोपितों को पकड़ कर बाद में छोड़ दिया। पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी नहीं बोल रही है।

यह भी पढ़ें : 20 लाख की सुपारी देकर पति द्वारा कराई गई पत्नी की वाहन से कुचल कर हत्या, वाहन चालक को 5 माह बाद भी रहना पड़ेगा जेल में

-मुकदमे की सुनवाई से पहले इस वर्ष 7 मई को सड़क किनारे पैदल चल रही महिला की वाहन से टक्कर मारकर की गई थी हत्या
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्टूबर 2019। इस वर्ष 7 मई को जनपद के हल्दूचौड़ कस्बे के पास शिवपुर कॉलोनी में रहने वाली कुलजीत कौर नाम की महिला की घर से चंद दूरी पर सड़क किनारे फुटपाथ पर बिना नंबर की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गयी थी। इस मामले में मृतका की बहन सुरजीत कौर निवासी कोरबा छत्तीसगढ़ ने लालकुआं पुलिस में अपने जीजा के विरुद्ध हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने महिला की वाहन से टक्कर मारकर हत्या करने के आरोपित वाहन चालक छिंदर सिंह उर्फ छिंदा पुत्र सुरजन सिंह निवासी सरकड़ी जिला ऊधमसिंह नगर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में जिला अदालत पहले ही महिला के आरोपित पति हरचरन सिंह उर्फ छोटू पुत्र भूपेंद्र सिंह चावला निवासी शिवालिक पुरम हल्दूचौड़ मूल निवासी चंदन नगर मुरादाबाद, सुपारी लेने वाले लक्ष्मण सिंह भाटिया पुत्र प्रेम सिंह निवासी आदर्श नगर कॉलोनी कंजाबाग खटीमा व घटना में प्रयुक्त वाहन के स्वामी नरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू निवासी ग्राम नगला नानकमत्ता की जमानत अर्जी को खारिज कर चुकी है।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि 7 मई को जनपद के हल्दूचौड़ कस्बे के पास शिवपुर कॉलोनी में रहने वाली कुलजीत कौर नाम की महिला की सड़क किनारे फुटपाथ पर वाहन की टक्कर से मौत हो गयी थी। इस मामले में मृतका की बहन सुरजीत कौर निवासी कोरबा छत्तीसगढ़ ने लालकुआं पुलिस में अपने जीजा के विरुद्ध हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि मृतका व उसके पति के बीच अनबन थी। मृतका अपने बेटे के साथ अलग रह रही थी, तथा दोनों के बीच हल्द्वानी न्यायालय में भरण-पोषण, तलाक एवं दहेज प्रताणना का मुकदमा चल रहा था। 8 मई को मुकदमे की तारीख से पहले ही सड़क किनारे चल रही उसकी बहन की उसके पति ने 20 लाख रुपए सुपारी देकर वाहन से टक्कर मारकर हत्या करवा दी थी। वाहन चालक को इसमें से 10 हजार रुपए मिले थे।

यह भी पढ़ें : अवैध संबंधों में आढ़े आने पर पति को कार में जिंदा जलाने वाली पत्नी को 4.5 माह बाद भी नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अक्टूबर 2019। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने भीमताल-रानीबाग रोड पर कार में जिंदा जला दिये गये व्यक्ति की हत्या के मामले में जेल में बंद उसकी पत्नी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मृतक अवतार सिंह की पत्नी नीलम पर आरोप है कि उसने अवैध संबंधों में आढ़े आने के कारण 16 मई 2019 को अपने प्रेमी मनीष से अपने पति अवतार सिंह पुत्र गुलजार सिंह निवासी सामिया लेक सिटी रुद्रपुर को बेहोश कर उसकी कार में जलाकर हत्या कर दी थी। पहले खुद ही अपने पति की गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने वाली नीलम को 22 मई को सर्विलांस आदि की मदद से गिरफ्तार किया गया था। इधर जिला न्यायालय में उसने करीब साढ़े चार माह बाद जमानत अर्जी लगाई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मृतक की पुत्री सहित कई गवाह पेश कर आरोपित नीलम के खिलाफ मजबूत साक्ष्य बताते हुए जमानत अर्जी का विरोध किया। इस पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : हद है ! हल्द्वानी के एक हॉस्पिटल के फर्जी नाम पर चल रहा नर्सिंग कॉलेज

-कॉलेज के निदेशक ने प्रबंधक दंपत्ति पर आरोप लगाते हुए जिले के एसएसपी से की है शिकायत
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2019। जनपद के ज्योलीकोट स्थित नैन्सी कान्वेंट के निदेशक निशिथ श्रीवास्तव ने कॉलेज के प्रबंधक आईपी सिंह व उनकी पत्नी मंजू सिंह पर फर्जी दस्तावेज बनाकर शडयंत्र के साथ नैन्सी कान्वेंट एजुकेशनल सोसायटी के सदस्यों का नाम बदलकर हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित हॉस्पिटल के स्वामी का नाम फर्जी तौर पर सोसायटी का सदस्य दिखाकर उनके अस्पताल को संस्था का दिखाकर नर्सिंज कॉलेज की मान्यता भ्रष्ट अधिकारियों से सांठगांठ कर प्राप्त करने का बड़ा आरोप लगाया है। इसके अलावा उनका कहना है कि संस्था के पंजीकरण का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। इससे कॉलेज में पढ़ रही सैकड़ों छात्राओं का भविष्य अधर में है। Image result for naincy convent jeolikote
निदेशक का यह भी कहना है कि प्रबंधक सिंह ने सोसायटी के तीन सदस्यों को गलत तरीके से उनके पते बदलकर सोसायटी से निकाला, ताकि उनके पतों पर भेजे पत्र न पहुंचें और बाद में उन्हें सोसायटी से निकाल दिया। साथ ही कई छात्राओं के आर्थिक शोषण का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि निशीथ को प्रबंधक अपने संस्थान से निलंबित व निष्कासित कर चुके हैं। हालांकि बाद में न्यायालय ने दिसंबर 2018 में उनके निलंबन-निष्कासन के आदेश को अवैध ठहराकर उन्हें कार्य पर बहाल कर दिया था। इसके बाद ही प्रबंधक उन्हें वेतन नहीं दे रहे हैं। इस पर अलग से न्यायालय की अवमानना का एक वाद भी चल रहा है। इधर बीती रात्रि भी निदेशक को कॉलेज में नहीं घुसने दिया गया। इसके बाद ज्योलीकोट चौकी पुलिस को सूचित करने पर पुलिस कर्मी भी आये। बाद में उन्हें रात अपनी कार में बितानी पड़ी। निदेशक ने यह भी कहा है कि इन आरोपों को लगाने के बाद उन्हें प्रबंधक से जान का खतरा भी है, लिहाजा एसएसपी से मामले में कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है।

यह भी पढ़ें : एनआई एक्ट में व्यवसायी गिरफ्तार

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2019। मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने मल्लीताल बड़ा बाजार दुकान नंबर 63 के स्वामी नरेंद्र सिंह करायत को पुलिस ने एनआई एक्ट यानी चेक बाउंस के मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से जारी गैर जमानती वारंट पर की गई। इसके बाद व्यवसायी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत भी मिल गई। कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपित ने इसी वर्ष सौरभ बिष्ट नाम के व्यवसायी को 1.3 लाख रुपए के लेनदेन एवं चेक बाउंस होने से संबंधित है। व्यवसायी को गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली मल्लीताल के उप निरीक्षक हरीश सिंह व मनोज जोशी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : दर्जी ने सेब मांगने पर कर दिया युवक पर हमला

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 सितंबर 2019। नगर में स्टाफ हाउस मल्लीताल निवासी एक युवक पर दर्जी ने चाकू से हमला कर दिया। गनीमत रही कि चाकू छोटा था, इससे युवक को अधिक चोट नहीं आई। पीड़ित ने रविवार को कोतवाली आकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने हमलावर को थाने बुलाया। पता चला कि हमला बहुत छोटे से चाकू से किया गया। हमलावर ने पीड़ित को उपचार का खर्च-हरजाना देने और भविष्य में ऐसी किसी घटना से तौबा की, इस पर पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी, और मामला निपट गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मल्लीताल बाजार में जूते की दुकान में काम करने वाले स्टाफ हाउस निवासी युवक ने पास सेब काटकर खा रहे दर्जी से सेब खाने को मांगा। इस पर दर्जी उत्तेजित हो गया और उसने चाकू से युवक पर हमला बोल दिया। घायल का बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में उपचार कराया गया। नगर कोतवाल अशोक कुंमार सिंह ने बताया कि चाकू बहुत छोटा था। मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट में कार्यरत पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व उसके भाई पर ‘पिस्टल तानने’ के बाद मुकदमा दर्ज…

-आरोपित फरार, जान से मारने की धमकी के साथ ही जाति सूचक शब्दो के प्रयोग सहित अन्य मामलों में लगाए गये हैं आरोपित
-पूर्व में एक दिवंगत स्मैक तस्कर की शादी में भी गोलीकांड को अंजाम दे चुका है आरोपितनवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2019।
मुख्यालय में मंगलवार देर रात्रि हुई ‘पिस्टल तानने’ की घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने डीएसबी परिसर के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुंदर मेहरा व उनके भाई देवेंद्र मेहरा के खिलाफ जान से मारने व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने सहित अन्य आरोपो में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस सरगर्मी से आरोपितों की तलाश में जुट गयी है, वहीं आरोपितों के नेपाल भागने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के भाई ने लोगों पर तानी पिस्टल, पुलिस को चकमा दे भागा…

मामले में नगर के मेट्रोपोल कंपाउंड मल्लीताल निवासी पंकज जाटव पुत्र किशन लाल जाटव में बुधवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गयी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार तहरीर में कहा गया है कि पंकज बीमार था और रात्रि करीब साढ़े नौ बजे अपने भतीजे को लेकर मोहन-को चौराहे पर घूम रहा था। तभी चीना बाबा मंदिर की ओर से स्कॉर्पियो कार संख्या यूके06एए-3335 बहुत तेजी से आयी, इसकी चपेट में आने से उसने अपने भतीजे को बमुश्किल बचाया। गाड़ी में हाईकोर्ट में कार्यरत सुंदर मेहरा बैठा था और उसका भाई देवेंद्र मेहरा चला रहा था। तेज गाड़ी चलाने को कहे जाने पर उसने पंकज के लिए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए वापस आने की बात कह कर चला गया। थोड़ी देर में जब पंकज अपने भतीजे को घर छोड़ कर यहीं आया तो करीब 10 बजे देवेंद्र गलत-उल्टी दिशा से वापस आया। तब तक वहां पुलिस दरोगा सत्येंद्र गंगोला व एक अन्य सिपाही भी आ गये थे। उसने गाड़ी से उतरकर अपनी पिस्टल लोड कर पंकज की ओर जान से मारने की नीयत से तान दी। इस पर पुलिस दरोगा ने उसे पकड़ने का प्रयाय किया, तो वह कार में मौजूद अपने भाई सुंदर मेहरा के साथ वाहन को मौके पर ही छोड़कर अंडा मार्केट की ओर भाग गया। बाद में पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा किया, किंतु नयना देवी मंदिर तक भागने के बाद वह पुलिस कर्मियों की आंखों से ओझल हो गया। मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 504 व 506 तथा 3(1)एक्स अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। इधर क्षेत्र के पवन जाटव, नितिन जाटव, अनीस कुमार, राहुल कांडपाल, सरफराज अहमद, शंभू जाटव, निकुल जाटव, हिमांशु आर्या, योगेश डंगवाल, भाष्कर भट्ट, गौरव, अमित व गोविंद आदि ने अपराह्न में पुलिस कोतवाली पहुंचकर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।

यह भी पढ़ें : फॉलो अप हाईप्रोफाइल मामला: पूर्व आईजी पुत्र द्वारा लगाये आरोपों पर बिल्डर जोशी को हाईकोर्ट से मिली राहत

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अगस्त 2019। यूपी के सेवानिवृत्त आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की तहरीर पर गत दिवस मल्लीताल कोतवाली में नगर के बिल्डर प्रकाश जोशी पर 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने यह कहते हुए जोशी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है कि मामला आपराधिक नहीं बल्कि केवल आपसी लेन-देन का विवाद लग रहा है। मामले में बुधवार को पीठ के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पंकज चौहान ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि गत 2 अगस्त को यूपी के पूर्व आईजी यानी पुलिस महानिरीक्षक, नगर के नील कॉटेज, वियना लॉज एल्पाइन क्लब अयारपाटा निवासी पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की तहरीर पर मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर के अनुसार उन्होंने वर्ष 2015 में नगर के प्लेन व्यू व मूलतः लखनपुर रामनगर निवासी प्रकाश जोशी पुत्र प्रयाग दत्त जोशी को रानीखेत में कॉटेज निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिये थे, जिन्हें जल्द लौटाने की बात हुई थी, किंतु केवल 5 लाख रुपए ही लौटाए। इस पर पुलिस ने मामले में जोशी के खिलाफ अमानत में खयानत के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।

वहीं प्रकाश जोशी के अनुसार पूर्व आईजी श्रीवास्तव से उनके 10 वर्ष पुराने संबंध अच्छे संबंध रहे हैं। इधर 2015 में श्री श्रीवास्तव ने जोशी ने रानीखेत में एक कॉटेज बनाकर देने के लिए 50 लाख रुपए में सौदा किया, और इसकी एवज में 10-10 लाख रुपए के दो चेक दिये और शेष धनराषि धीरे-धीरे देने की बात की। लेकिन नवंबर 2016 में नोट बंदी हो जाने के बाद कहा कि अब वह कॉटेज लेने के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि इसकी जगह केवल प्लॉट ही दे दें। प्लॉट की कीमत 15 लाख रुपए तय हुई। जोशी का दावा है कि श्री श्रीवास्तव को शेष बचे 5 लाख रुपए उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से लौटा भी दिये, और प्लॉट की रजिस्ट्री कराने को कहा, किंतु श्री श्रीवास्तव का कहना था कि वह इस प्लॉट को बेच देंगे। लिहाजा सीधे ही इसे खरीदने वाले के नाम पर रजिस्ट्री करा देंगे। यह भी कहा कि जोशी ही इसे किसी को बेच दें। किंतु प्लॉट अब तक बिक नहीं पाया। जोशी का दावा है कि इसके बाद उनसे उन्हें दी गयी 15 लाख की जगह दोगुनी धनराशि मांगी जाने लगी, जो कि वे देने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि इसमें उनका कोई दोष नहीं है। इस प्रकार विवाद 50 लाख का नहीं, बल्कि 15 लाख की धनराशि को ही अथवा इसकी दोगुनी धनराशि वापस लौटाने का है। जोशी 15 लाख तो लौटाने को तैयार हैं, परंतु दोगुनी धनराशि नहीं। इस मामले में श्री श्रीवास्तव से भी बात करने की कोशिश की गई, परंतु उनका फोन मिल नहीं पाया। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

शिकायत कर्ता अमेरिका में !

नैनीताल। आरोपित प्रकाश जोशी का कहना है कि वास्तव में पुलिस में शिकायतकर्ता निखिल रंजन श्रीवास्तव से उनकी कभी मुलाकात भी नहीं हुई है, और सभी बातें उनके पिता पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव से हुई हैं। उन्हें बताया गया है कि शिकायतकर्ता अमेरिका में कार्यरत हैं। ऐसे में वह स्वयं शिकायत करने कैसे आ सकते हैं। ऐसे में पूर्व आईजी द्वारा अपने पुत्र के नाम से पुत्र के हस्ताक्षर खुद करने के भी आरोप लगाये जा रहे हैं। मामले में दोनों पक्षों के अपने तर्क हैं, बहरहाल, जांच में पूरी स्थिति साफ होगी।

यह भी पढ़ें : पूर्व आईजी के पुत्र से 20 लाख की अमानत में खयानत का मुकदमा

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2019। एक पूर्व आईजी यानी पुलिस महानिरीक्षक के पुत्र की तहरीर पर मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने 20 लाख रुपए की अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है। नगर के नील कॉटेज, वियना लॉज एल्पाइन क्लब अयारपाटा निवासी पूर्व आईजी राकेश कुमार श्रीवास्तव के पुत्र निखिल रंजन श्रीवास्तव की ओर से लिखाई गयी तहरीर के अनुसार उन्होंने वर्ष 2015 में नगर के प्लेन व्यू व मूलतः लखनपुर रामनगर निवासी प्रकाश जोशी पुत्र प्रयाग दत्त जोशी को रानीखेत में कॉटेज निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिये थे, जिन्हें जल्द लौटाने की बात हुई थी, किंतु केवल 5 लाख रुपए ही लौटाए। पुलिस ने मामले में जोशी के खिलाफ अमानत में खयानत के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। 

यह भी पढ़ें : सीबीआई के फर्जी आईजी सहित दो गिरफ्तार, पर एक बड़ा सवाल !

-सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाने का है आरोप
-पुलिस ने न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी सीबीआई का आरोपित व सह आरोपित।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। नैनीताल की मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने देश की महत्वपूर्ण संस्था सीबीआई के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाने के आरोप में स्वयं को सीबीआई का आईजी स्तर का अधिकारी बताने वाले एक युवक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक मूलतः यूपी के साहपुर डसर जिला मुरादाबाद का निवासी है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
शनिवार को मल्लीताल कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नगर के चार्टन लॉज पापुलर कंपाउंड में स्वयं को सीबीआई का आईजी बताने वाले युवक ने पुलिस को उसैद पासा पुत्र मोहम्मद अकरम के नाम के कस्टम विभाग व सीबीआई से संबंधित दस्तावेज दिखाए। पुलिस का दावा है कि बाद में उसने खुद का सीबीआई से न होने और सीबीआई के बारे में कुछ न जानने तथा दस्तावेज अपने रिश्ते के मामा, गृह स्वामी मो. आसिफ पुत्र मो. यासिन द्वारा बनवाये जाने की बात कही। उसके पास से एक नकली वॉकी-टॉकी तथा उसैद पासा के नाम के सीबीआई व अन्य विभागों से संबंधित पांच फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की योजना बनाई थी। मामले में कोतवाली में उसैद पासा आदि के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 419, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अशोक कुमार, उप निरीक्षक दीपक बिष्ट, एचसीपी सत्येंद्र गंगोला, आरक्षी मनोज जोशी व रूबी चौहान शामिल रहीं।

कुमाऊं आयुक्त से खुद मिलने गये थे व आयुक्त ने सोंपा था नैनी झील व नजदीकी पहाड़ियों के सर्वेक्षण का कार्य

नैनीताल। नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में यह भी बताया कि आरोपित दो दिन पूर्व कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से मिलने गये थे। वार्ता में उनके द्वारा बताया गया कि आरोपित मो. आसिफ ने उसैद पासा को कम्प्यूटर-मोबाइल सॉफ्टवेयर का अच्छा जानकार बताया था, और कहा था कि वह सैटेलाइट के माध्यम से नैनी झील एवं आसपास की पहाड़ियों का सर्वेक्षण कर सकते हैं। इस पर कथित तौर पर उन्हें आयुक्त ने नैनी झील एवं आसपास की पहाड़ियों के सर्वेक्षण का कार्य सांेप भी दिया था। ऐसे में बताया जा रहा है कि सह आरोपित को उसैद पासा के फर्जी होने की जानकारी नहीं थी। अन्यथा वह उसे कुमाऊं आयुक्त से मिलाने क्यों ले जाता, जबकि फर्जी होने की स्थिति में वहां से कार्रवाई होनी तय थी। कोतवाली प्रभारी श्री सिंह के द्वारा मामले में कुमाऊं आयुक्त द्वारा कोई शिकायत किये जाने से भी इंकार किया गया है। जबकि उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित कम पढ़े-लिखे तबके के साथ ही ठगी करने की स्थिति में थे। सवाल उठता है कि फिर कैसे वह कुमाऊं आयुक्त को भी अपने प्रस्ताव से संतुष्ट करने में सफल रहे।

 

Leave a Reply

Loading...
loading...